Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव में छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर नेहा बोरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेहा बोरा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि यह छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो बिहार में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। बोरा ने कहा, 'छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे।' उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस ले और उनकी मांगों पर गौर करे। बोरा ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
BHOLA KUMAR
बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव में छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर नेहा बोरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेहा बोरा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि यह छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो बिहार में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। बोरा ने कहा, 'छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे।' उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस ले और उनकी मांगों पर गौर करे। बोरा ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
More news from बिहार and nearby areas
- अब तक की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ में, आरक्षण हटाओ आंदोलन ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली है। इस आंदोलन में पिछले 24 घंटों के भीतर 50 लाख लोग जुड़ चुके हैं। आंदोलन की शुरुआत जंतर-मंतर से हुई है। इस अवसर पर 'इंकलाब ज़िंदाबाद' और 'हिंदुस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगाए गए। इस आंदोलन का नेतृत्व मगही शेर अभिषेक रंजन कर रहे हैं, जिन्होंने जनता के साथ सच की आवाज उठाने का आह्वान किया है। आंदोलन की गति और समर्थन को देखकर लग रहा है कि यह एक बड़े स्तर पर फैल रहा है।1
- बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव में छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर नेहा बोरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेहा बोरा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि यह छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो बिहार में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। बोरा ने कहा, 'छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे।' उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस ले और उनकी मांगों पर गौर करे। बोरा ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।1
- बिहार के भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र के सीलन खजुरिया गांव में एक शादीशुदा महिला ने अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई है। महिला का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से सुलतानगंज थाना क्षेत्र के कमरगंज निवासी 22 वर्षीय अखिलेश कुमार के संपर्क में थी। फोन पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। महिला का दावा है कि वह अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं थी, इसलिए अब वह अपने प्रेमी के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती है और पति के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहती। इसी सिलसिले में वह अपने ससुराल पहुंचकर तलाक के कागजात की मांग कर रही है। वहीं पति का कहना है कि करीब 16 वर्ष पहले गोराडीह थाना क्षेत्र के दामोचक गांव निवासी चांदनी कुमारी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसकी शादी हुई थी। शुरुआती वर्षों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य था और उनके एक 9 वर्षीय बेटी और एक 4 वर्षीय बेटा भी हैं। पति का आरोप है कि एक रिश्तेदार के यहां भोज के दौरान उसकी पत्नी की मुलाकात एक युवक से हुई जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया। बाद में पत्नी उसके साथ दिल्ली भी गई, लेकिन प्रेमी से बातचीत जारी रही। इसके बाद केवाईसी कराने के बहाने मायके जाने के बाद वह घर नहीं लौटी और करीब दो वर्षों तक प्रेमी के साथ रही। पति ने बताया कि अब उसकी पत्नी गांव लौटकर तलाक की मांग कर रही है। उसने इस मामले में गोराडीह थाना और न्यायालय में लिखित आवेदन देकर अपने दोनों बच्चों को वापस दिलाने की मांग की है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा में एक प्रेमी जोड़े की कथित तौर पर जबरन शादी कराए जाने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस घटना के दौरान महिला का पूर्व पति भी मौके पर ही मौजूद रहा।1
- बिहार में गोपामऊ के विधायक के एक बयान को लेकर काफी बवाल मच गया है। इस बयान को आस्था का अपमान या फिर चापलूसी की हद तक बताया जा रहा है। इस मामले ने राज्य में गरमागरम बहस छेड़ दी है। विधायक के बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। कई लोग इसे आस्था का अपमान बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे चापलूसी की हद तक मान रहे हैं। इस बयान के बाद से ही विधायक की आलोचना और समर्थन दोनों हो रहे हैं। इस बीच, लोगों से सच को आवाज देने और जनता के साथ खड़े होने की अपील की जा रही है। मगही शेर अभिषेक रंजन का नाम भी इस आंदोलन से जुड़ा हुआ है।1
- बिहार के शिवसागर जिले में आई बाढ़ को पिछले 50 वर्षों की सबसे भयानक बाढ़ बताया गया है. इस बाढ़ ने लगभग 4 लाख लोगों को प्रभावित किया है. 30 लोगों की इस बाढ़ में मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं. कई गांव डूब गए हैं और घर उजड़ गए हैं. यह बाढ़ अपने विनाशकारी प्रभाव के कारण पिछले पांच दशकों में सबसे भयानक मानी जा रही है. इससे बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो गए हैं और उन्हें राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन बाढ़ का प्रकोप अभी भी जारी है.1