प्रतापगढ़ जनपद के हिसामपुर गांव में सरकारी समिति की जमीन पर कब्जे का एक मामला सामने आया है। ग्राम प्रतिनिधि मुन्ना पटेल ने आरोप लगाया है कि गांव के ही एक पड़ोसी द्वारा इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इस मामले की शिकायत एसडीएम, तहसीलदार और जिलाधिकारी समेत अन्य आला अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन ग्राम प्रतिनिधि का कहना है कि प्रशासन के आदेश होने के बावजूद अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता मुन्ना पटेल ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत इस सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने, पूरे मामले की जांच कराने और अपने लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं, गांव के ग्रामीणों का भी कहना है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जे के इस मामले में प्रशासन को जल्द से जल्द संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे विवाद में संबंधित पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान मिलना अभी बाकी है।
प्रतापगढ़ जनपद के हिसामपुर गांव में सरकारी समिति की जमीन पर कब्जे का एक मामला सामने आया है। ग्राम प्रतिनिधि मुन्ना पटेल ने आरोप लगाया है कि गांव के ही एक पड़ोसी द्वारा इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इस मामले
की शिकायत एसडीएम, तहसीलदार और जिलाधिकारी समेत अन्य आला अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन ग्राम प्रतिनिधि का कहना है कि प्रशासन के आदेश होने के बावजूद अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता मुन्ना पटेल ने यह गंभीर
आरोप भी लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत इस सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने, पूरे मामले की जांच कराने और अपने लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं,
गांव के ग्रामीणों का भी कहना है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जे के इस मामले में प्रशासन को जल्द से जल्द संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे विवाद में संबंधित पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान मिलना अभी बाकी है।
- प्रतापगढ़ जनपद के हिसामपुर गांव में सरकारी समिति की जमीन पर कब्जे का एक मामला सामने आया है। ग्राम प्रतिनिधि मुन्ना पटेल ने आरोप लगाया है कि गांव के ही एक पड़ोसी द्वारा इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इस मामले की शिकायत एसडीएम, तहसीलदार और जिलाधिकारी समेत अन्य आला अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन ग्राम प्रतिनिधि का कहना है कि प्रशासन के आदेश होने के बावजूद अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता मुन्ना पटेल ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत इस सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने, पूरे मामले की जांच कराने और अपने लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं, गांव के ग्रामीणों का भी कहना है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जे के इस मामले में प्रशासन को जल्द से जल्द संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे विवाद में संबंधित पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान मिलना अभी बाकी है।4
- कौशाम्बी के विकासखंड कड़ा की ग्राम पंचायत गनपा से मजरा चकिया को जोड़ने वाले मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा वर्षों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार गनपा से चकिया तक जाने वाला यह मार्ग लगभग आधा किलोमीटर लंबा है, जिसमें से करीब 200 मीटर तक ही इंटरलॉकिंग सड़क बनी है। इस कच्चे मार्ग के कारण बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कौशांबी के टेवा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे यातायात जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी यातायात भैया संतोष कुमार सिंह, यातायात निरीक्षक प्रमोद कुमार राम और उपनिरीक्षक शशिकांत यादव ने छात्र-छात्राओं को हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करने, ओवरस्पीड से बचने तथा यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करने का महत्व बताया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षित सड़क उपयोग का संकल्प भी दिलाया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद त्रिपाठी, विद्यालय स्टाफ, यातायात पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सांप के डसने के बाद एक युवक को अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस में न तो ऑक्सीजन मिली और न ही उसका एसी काम कर रहा था। सही समय पर सही इलाज और ऑक्सीजन न मिलने के कारण आखिरकार युवक ने तड़प-तड़प कर रास्ते में ही दम तोड़ दिया। यह दर्दनाक मामला मानिकपुर थाना अंतर्गत शाहाबाद उत्तरी गांव का है। यहाँ रहने वाले छोटेलाल प्रजापति का बेटा राजेश प्रजापति रात में मोबाइल चार्जिंग पर लगाने के लिए उठा था, तभी अचानक उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए राजेश को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कालाकांकर में भर्ती कराया, जहाँ CHC अधीक्षक डॉक्टर राजीव द्विवेदी ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन मरीज की हालत लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। लापरवाही का असली खेल इसके बाद शुरू हुआ जब मरीज को ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस को बुलाया गया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि इस तथाकथित 'जीवनदायिनी' एंबुलेंस में ऑक्सीजन का सिलेंडर खाली या खराब था और भीषण गर्मी के बीच इसका एसी भी बंद पड़ा था। इसके अलावा एंबुलेंस की रफ्तार इतनी धीमी थी कि वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी। सफर के दौरान साथ में मौजूद लोगों ने इस पूरी बदहाली का वीडियो भी बनाया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक जिंदगी सांसों के लिए जद्दोजहद कर रही थी और सरकारी सिस्टम तमाशबीन बना हुआ था। राजेश की मौत की खबर शाहाबाद मानिकपुर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया है और ग्रामीणों में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। इस घटना ने दावों और विज्ञापनों में चमकने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस गंभीर लापरवाही और युवक की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है और परिजनों के आरोपों के बाद प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।1