वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के विरोध में बिजली कर्मियों का उबाल, 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान संतकबीरनगर । पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग नीति के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मियों में आक्रोश गहराता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, संतकबीरनगर ने अयोध्या में 52 संविदा कर्मियों की छंटनी और मेरठ में अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों के निलंबन को दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ, अयोध्या, मेरठ सहित कई शहरों में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके बावजूद प्रबंधन अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहा है। समिति के अनुसार अयोध्या में एक आदेश के तहत 52 अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया, जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं मेरठ में ट्रांसफार्मर क्षति के नाम पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, जिसका पहले से ही विरोध किया जा रहा था। संघर्ष समिति ने आशंका जताई कि आगामी गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की मंशा से यह कार्रवाई की जा रही है। समिति ने प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों एवं संविदा कर्मियों से अपील की है कि वे 2 अप्रैल को भोजनावकाश या कार्यालय समय के बाद अपने-अपने जनपदों में विरोध प्रदर्शन करें। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल बंद नहीं की गई और संवाद शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। उल्लेखनीय है कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन 490वें दिन में प्रवेश कर चुका है और प्रदेशभर के बिजली घरों में विरोध जारी है। बैठक में नारायण चंद्र चौरसिया, सूरज प्रजापति, श्रवण कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, आशीष कन्नौजिया, धीरेन्द्र नाथ यादव, दिलीप सिंह, वीरेंद्र निषाद, वीरेंद्र मौर्य, प्रिंस गुप्ता और आर्यन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के विरोध में बिजली कर्मियों का उबाल, 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान संतकबीरनगर । पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग नीति के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मियों में आक्रोश गहराता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, संतकबीरनगर ने अयोध्या में 52 संविदा कर्मियों की छंटनी और मेरठ में अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों के निलंबन को दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ, अयोध्या, मेरठ सहित कई शहरों में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके बावजूद प्रबंधन अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहा है। समिति के अनुसार अयोध्या में एक आदेश के तहत 52 अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया, जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं मेरठ में ट्रांसफार्मर क्षति के नाम पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, जिसका पहले से ही विरोध किया जा रहा था। संघर्ष समिति ने आशंका जताई कि आगामी गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की मंशा से यह कार्रवाई की जा रही है। समिति ने प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों एवं संविदा कर्मियों से अपील की है कि वे 2 अप्रैल को भोजनावकाश या कार्यालय समय के बाद अपने-अपने जनपदों में विरोध प्रदर्शन करें। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल बंद नहीं की गई और संवाद शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। उल्लेखनीय है कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन 490वें दिन में प्रवेश कर चुका है और प्रदेशभर के बिजली घरों में विरोध जारी है। बैठक में नारायण चंद्र चौरसिया, सूरज प्रजापति, श्रवण कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, आशीष कन्नौजिया, धीरेन्द्र नाथ यादव, दिलीप सिंह, वीरेंद्र निषाद, वीरेंद्र मौर्य, प्रिंस गुप्ता और आर्यन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
- (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य नाथनगर(संतकबीरनगर) ग्राम पंचायत गौरा में सार्वजनिक नाली निर्माण को लाठी डंडा से लैस कुछ दबंगों ने रोक दिया है। जिससे गांव के लगभग 13 लोगों को जल निकासी की समस्या पैदा हो गई है। जिसको लेकर गांव में दो पक्षों के बीच तनाव का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी पीड़ित ने तहसीलदार, एसडीएम, डी एम और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है । समय रहते मामले का निस्तारण नहीं किया गया तो बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्राम पंचायत गौरा निवासी सेतु भान पुत्र भगहू हरंगी ने बुधवार को जिला अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा कि ग्राम प्रधान लाल बहादुर यादव द्वारा 30 वर्ष पहले अपनी निजी भूमि को ग्रामीणों के जल निकासी और रास्ता की सुविधा के लिए दिया था । ग्राम पंचायत द्वारा डेढ़ सौ मीटर का भूमिगत नाली व इंटरलॉकिंग निर्माण कराया जा रहा है । जिससे गांव के लगभग 13 लोगों का पानी की निकासी होना है। लेकिन गांव के ही कुछ दबंग द्वारा लाठी डंडा के बल पर 20 मीटर नाली निर्माण को रोक दिया गया है। जिससे पानी जाम हो गया है । इसकी शिकायत उसने तहसीलदार , एसडीएम और डीएम के अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर किया है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर गांव में तनाव का माहौल है । ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से तत्काल हस्ताक्षेप कर कार्रवाई की मांग किया है।2
- संतकबीरनगर । पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग नीति के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मियों में आक्रोश गहराता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, संतकबीरनगर ने अयोध्या में 52 संविदा कर्मियों की छंटनी और मेरठ में अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों के निलंबन को दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ, अयोध्या, मेरठ सहित कई शहरों में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके बावजूद प्रबंधन अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहा है। समिति के अनुसार अयोध्या में एक आदेश के तहत 52 अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया, जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं मेरठ में ट्रांसफार्मर क्षति के नाम पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, जिसका पहले से ही विरोध किया जा रहा था। संघर्ष समिति ने आशंका जताई कि आगामी गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की मंशा से यह कार्रवाई की जा रही है। समिति ने प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों एवं संविदा कर्मियों से अपील की है कि वे 2 अप्रैल को भोजनावकाश या कार्यालय समय के बाद अपने-अपने जनपदों में विरोध प्रदर्शन करें। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल बंद नहीं की गई और संवाद शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। उल्लेखनीय है कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन 490वें दिन में प्रवेश कर चुका है और प्रदेशभर के बिजली घरों में विरोध जारी है। बैठक में नारायण चंद्र चौरसिया, सूरज प्रजापति, श्रवण कुमार प्रजापति, सुनील कुमार प्रजापति, आशीष कन्नौजिया, धीरेन्द्र नाथ यादव, दिलीप सिंह, वीरेंद्र निषाद, वीरेंद्र मौर्य, प्रिंस गुप्ता और आर्यन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।1
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- संतकबीरनगर । उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” अभियान के अंतर्गत महुली थाना पुलिस द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संपन्न हुआ। थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में ग्राम लुतुही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक नागेन्द्र पाण्डेय एवं महिला हेड कांस्टेबल पुष्पा यादव ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न योजनाओं और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस सेवा-108, चाइल्ड लाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 की जानकारी देते हुए इनके उपयोग के बारे में समझाया। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किए गए। एंटी रोमियो अभियान के तहत कार्रवाई अभियान के अंतर्गत थाना क्षेत्र में 04 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 69 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इनमें से 04 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया, जबकि 65 व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस द्वारा चलाया गया यह जागरूकता अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1