नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान मीडिया के प्रति गहरी नाराज़गी खुलकर सामने आई। इस घटनाक्रम में प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने एक टीवी चैनल के पत्रकार की मौजूदगी में 'गोदी मीडिया हाय-हाय' के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और इस पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह घटना कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान घटी बताई जा रही है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी मीडिया के एक हिस्से के प्रति अपनी स्पष्ट नाराज़गी व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स ने इस घटना को टीवी स्टूडियो में होने वाली बहसों और कुछ चर्चित एंकरों की कार्यशैली के प्रभाव से जोड़ा है, जिसका असर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों पर भी पड़ रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग इसे मीडिया और आम जनता के बीच बढ़ती दूरी और भरोसे के संकट का संकेत मान रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर संबंधित टीवी चैनल या पत्रकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हो सकी है। यह घटना एक बार फिर मीडिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी चर्चा को तेज़ कर रही है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान मीडिया के प्रति गहरी नाराज़गी खुलकर सामने आई। इस घटनाक्रम में प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने एक टीवी चैनल के पत्रकार की मौजूदगी में 'गोदी मीडिया हाय-हाय' के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और इस पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह घटना कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान घटी बताई जा रही है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी मीडिया के एक हिस्से के प्रति अपनी स्पष्ट नाराज़गी व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स ने इस घटना को टीवी स्टूडियो में होने वाली बहसों और कुछ चर्चित एंकरों की कार्यशैली के प्रभाव से जोड़ा है, जिसका असर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों पर भी पड़ रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग इसे मीडिया और आम जनता के बीच बढ़ती दूरी और भरोसे के संकट का संकेत मान रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर संबंधित टीवी चैनल या पत्रकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हो सकी है। यह घटना एक बार फिर मीडिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी चर्चा को तेज़ कर रही है।
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान मीडिया के प्रति गहरी नाराज़गी खुलकर सामने आई। इस घटनाक्रम में प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने एक टीवी चैनल के पत्रकार की मौजूदगी में 'गोदी मीडिया हाय-हाय' के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और इस पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह घटना कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान घटी बताई जा रही है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी मीडिया के एक हिस्से के प्रति अपनी स्पष्ट नाराज़गी व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स ने इस घटना को टीवी स्टूडियो में होने वाली बहसों और कुछ चर्चित एंकरों की कार्यशैली के प्रभाव से जोड़ा है, जिसका असर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों पर भी पड़ रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग इसे मीडिया और आम जनता के बीच बढ़ती दूरी और भरोसे के संकट का संकेत मान रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर संबंधित टीवी चैनल या पत्रकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हो सकी है। यह घटना एक बार फिर मीडिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी चर्चा को तेज़ कर रही है।1
- मध्य प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष और पूर्व सांसद केपी यादव के गुना आगमन पर स्थानीय नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर, यादव कृष्णानी कॉलोनी स्थित केशव शर्मा के निवास पर पहुँचे, जहाँ स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनका जोरदार अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान, क्षेत्र के नागरिकों ने उनसे विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा भी की।1
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के मार्गदर्शन में, गुना पुलिस अस्पताल में 06 जून 2026 को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में विशेष रूप से 45 वर्ष से अधिक आयु के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस बल के स्वास्थ्य संरक्षण और फिटनेस को प्राथमिकता देना है, क्योंकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे कर्तव्य निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों को अनियमित दिनचर्या, अत्यधिक कार्यभार और निरंतर तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान देने का अवसर नहीं मिल पाता, जिससे सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं अक्सर गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती हैं। शिविर में जिला चिकित्सालय गुना से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने पुलिस फोर्स का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस चिकित्सा दल में मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोबरन राय, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप कोली, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जलज वर्मा, डेंटल सर्जन डॉ. अन्नु कुमार और नर्सिंग ऑफिसर डॉ. गजेन्द्र वर्मा व डॉ. सुश्री नमिता खादीकर सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पुलिस अस्पताल में सेवा दे रहे डॉ. आर.डी शर्मा तथा उनके सहायक महेन्द्र सिंह रघुवंशी एवं देवेन्द्र सिंह जाटव (डीएमएलटी) ने भी योगदान दिया। शिविर के दौरान बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, थायराइड, सीबीसी, ईसीजी, बीएमआई आदि विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। आवश्यकतानुसार दवाइयां प्रदान की गईं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित कर्मचारियों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए आवश्यक परामर्श दिया गया। चिकित्सक दल प्रभारी डॉ. सोबरन राय ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनावश्यक तनाव से दूर रहने, संतुलित खान-पान अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहने की सलाह दी, यह कहते हुए कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही बेहतर कार्यक्षमता एवं प्रभावी सेवा का आधार है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने कहा कि पुलिस कर्मियों को विषम परिस्थितियों, मौसम की प्रतिकूलताओं और लंबे समय तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है, ऐसे में उनका शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के माध्यम से न केवल संभावित बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाती है, बल्कि पुलिस कर्मी अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक भी होते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को स्वस्थ, फिट एवं कार्यक्षम बनाए रखना है ताकि वे बेहतर ढंग से जनसेवा कर सकें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर, डीएसपी मुख्यालय श्री जमीलउद्दीन सिद्दीकी, रक्षित निरीक्षक श्रीमती पूजा उपाध्याय, निरीक्षक प्रमोद साहू, सूबेदार यशवंत रघुवंशी, सूबेदार स्मृति दोहरे आदि सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ प्राप्त किया। यह पूरा आयोजन इस सिद्धांत पर केंद्रित था कि 'स्वस्थ पुलिस बल ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव है', जो नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर स्वयं को और समाज को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।2
- मुनि सुधासागर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में जैन समाज ने एक ज्ञापन सौंपा है, जिस पर अशोकनगर के SP ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। SP ने बताया कि इस संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- छबड़ा कस्बे से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर, धरनावदा रोड़ स्थित उदपुरिया ग्राम के नजदीक बालाजी उदपुरिया (भीलवाड़ा नीचा) में एक रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, ग्रामीणजनों ने रात्रि जागरण का भरपूर आनंद लिया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज अशोकनगर स्थित अमेरिका मैरिज गार्डन में 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता, मंडल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती अनीता जैन की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान, सभी प्रतिभागियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर पर्यावरण सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया।3
- जेसीआई स्पोर्ट्स फेस्ट के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने रिंग थ्रो, नंबर जंबल और क्रिकेट जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखाया। इस आयोजन में खेल भावना का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिसमें बच्चों के लिए 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' एक विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इसके साथ ही, महिला बॉक्स क्रिकेट प्रतियोगिता ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।1
- शनिवार को गुना में प्लॉट विवाद को लेकर हुए हमले के मामले में पीड़ित परिवार और समाजजनों ने पुलिस अधीक्षक हितिका वासल को ज्ञापन सौंपा। परिजनों ने बताया कि बमोरी निवासी नरेश चौकसे पर गुरुवार सुबह मंदिर से लौटते समय हमला किया गया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इंदौर रेफर करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि इससे पहले भी 25 मई को चौकसे पर हमला हुआ था, लेकिन पुलिस ने तब कोई कार्रवाई नहीं की थी। समाजजनों ने अब सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1