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*मिर्जापुर,चेरुईराम कम्पोजिट विद्यालय जाने के लिए रास्ता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर प्रशासन ने लिया एक्शन सड़क के निर्माण का कार्य हुआ शुरू, 5 फिट का पहले से है रास्ता। बरसात के कारण कीचड़ और पानी भरने से आने जाने में हो रही थी परेशानी 24 घंटे में छात्रों से रास्ते सही करने के वादे को अमल में लाते हुए निर्माण कार्य शुरू हुआ रास्ता को लेकर जेन अल्फा ने किया था प्रदर्शन, सीटी ब्लांक के चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय पर प्रदर्शन की खबर मीडिया में चलने के बाद प्रशासन ने लिया एक्शन।
Journalist S N Yadav
*मिर्जापुर,चेरुईराम कम्पोजिट विद्यालय जाने के लिए रास्ता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर प्रशासन ने लिया एक्शन सड़क के निर्माण का कार्य हुआ शुरू, 5 फिट का पहले से है रास्ता। बरसात के कारण कीचड़ और पानी भरने से आने जाने में हो रही थी परेशानी 24 घंटे में छात्रों से रास्ते सही करने के वादे को अमल में लाते हुए निर्माण कार्य शुरू हुआ रास्ता को लेकर जेन अल्फा ने किया था प्रदर्शन, सीटी ब्लांक के चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय पर प्रदर्शन की खबर मीडिया में चलने के बाद प्रशासन ने लिया एक्शन।
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- श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक स्मरण, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालु धार्मिक संवाददाता — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और भक्ति से जुड़ा एक पावन अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का पूजन कर व्रत, कथा-श्रवण एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा ने बालकृष्ण को उनकी बाल लीलाओं के दौरान रस्सी से बांधा था। इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम 'दामोदर' पड़ा। दामोदर स्वरूप भगवान की यह लीला वात्सल्य, प्रेम और भक्ति की शक्ति का संदेश देती है। व्रत कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हुए उनके चरणों में पुष्प, फल, मिष्ठान और तुलसी दल अर्पित करते हैं। भगवान का पंचामृत अभिषेक कर दीप प्रज्वलित किया जाता है तथा श्रद्धापूर्वक आरती और कथा का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया व्रत मन को शांति प्रदान करता है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सद्भाव की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति, प्रेम और मंगल की कामना की। संदेश: भगवान श्रीकृष्ण की दामोदर लीला हमें सिखाती है कि प्रेम और भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी भक्त के प्रेम से बंध जाते हैं। इसलिए जीवन में प्रेम, करुणा, सत्य और सद्भाव को अपनाना ही सच्ची भक्ति है। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- BSA अधिकारी बनकर 40 से अधिक लोगों से 50 लाख की साइबर ठगी, अंतरजनपदीय ठग गिरफ्तार BSA अधिकारी बनकर 40 से अधिक लोगों से 50 लाख की साइबर ठगी, अंतरजनपदीय ठग गिरफ्तार1
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- ग्रामीणों की सूचना के बाद भी मंगलवार दोपहर तक नही पहुंची वनविभाग की टीम, ग्रामीणों में दहशत प्रयागराज के जंगलों में तीन दिनों तक चहलकदमी के बाद फिर से लहुरियादह जंगल में लौटा हाथियों का जोड़ा सोमवार की देर रात हाथियों ने किसानों की मक्का की फसल रौंदी, तोड़ी पटिया ग्रामीणों की सूचना के बाद भी मंगलवार दोपहर तक नही पहुंची वनविभाग की टीम, ग्रामीणों में दहशत लालगंज बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से भटककर पहुंचे हाथियों का एक सप्ताह तक ड्रमंडगंज वनरेंज के विभिन्न जंगलों में चहलकदमी करने के बाद बीते चार सितंबर को प्रयागराज के जंगलों में पहुंचने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन सोमवार की रात फिर से हाथियों का जोड़ा प्रयागराज जंगलों से होते हुए लहुरियादह गांव के यादव बस्ती तक पहुंच गया।देर रात लहुरियादह गांव पहुंचे हाथियों का जोड़ा ने मक्का की फसल को रौंदते हुए किसानों की खेत के पास गाड़ी गई पटिया तोड़ दी। लहुरियादह गांव निवासी किसान राम कैलाश यादव ने बताया कि हाथियों का जोड़ा देर रात पटिया तोड़कर मक्के के खेत में घुस गया जहां मक्का की फसल को रौंदते हुए नष्ट कर दिया।इसी तरह से जीवन लाल यादव व मुन्नन लाल यादव की मक्का की फसल को रौंदते हुए नष्ट कर दिया। देर रात हाथियों के दोबारा लहुरियादह गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। इससे पूर्व हाथियों का जोड़ा 2 सितम्बर की रात में लहुरियादह गांव में पहुंचकर उत्पात मचाया था। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वनविभाग की टीम लहुरियादह गांव में दोपहर तक नही पहुंच सकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों हाथियों का जोड़ा भोर में टकटइया बंधी के पीछे की ओर जंगल में चला गया। बीते 29 अगस्त की रात को ड्रमंण्डगंज के बबुरा रघुनाथ सिंह जंगल में पहुंचे हाथी और हथिनी ने महुगढ़ी,लहुरियादह व कटरा जंगल में डेरा डाल दिया था। इसके बाद चार सितंबर की रात हाथियों का जोड़ा प्रयागराज के बैठकवा जंगल में पहुंच गया जहां अंतरेंजी,संसारपुर व महुली पियरी जंगल में तीन दिनों तक चहलकदमी करते हुए फिर से लहुरियादह में पहुंच गया है। हाथियों के जोड़ा के समीप स्थित जंगल में डेरा जमाने पर लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव के लोगों दहशत व्याप्त हैं। इस संबंध में रेंजर रविशंकर शर्मा ने बताया कि प्रयागराज के जंगलों से लौटे दोनों हाथियों का जोड़े की मंगलवार दोपहर में मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव के जंगल में पाया गया है। लहुरियादह गांव में देर रात हाथियों के जोड़ा के पहुंचने की जानकारी नही है।3
- जलभराव, ग्रामीण परेशान बेलहुआ में तीन महीने से सड़क पर जलभराव, ग्रामीण परेशान भदोही। ग्राम सभा बेलहुआ में सड़क पर पिछले करीब तीन महीने से पानी भरा हुआ है। लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क पर पानी जमा रहने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों और अन्य राहगीरों को भी इसी रास्ते से गुजरने में मुश्किल हो रही है। जलभराव के कारण सड़क की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। लोगों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने तथा सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है। जलभराव, ग्रामीण परेशान बेलहुआ में तीन महीने से सड़क पर जलभराव, ग्रामीण परेशान भदोही। ग्राम सभा बेलहुआ में सड़क पर पिछले करीब तीन महीने से पानी भरा हुआ है। लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क पर पानी जमा रहने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों और अन्य राहगीरों को भी इसी रास्ते से गुजरने में मुश्किल हो रही है। जलभराव के कारण सड़क की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। लोगों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने तथा सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बच्चों और राहगीरों को आवागमन में और अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन4
- मिर्ज़ापुर: चेरुवीराम में रास्ते की मांग को लेकर फूटा आक्रोश, अधिकारी बोले 24 घंटे में शुरू होगा काम।1
- नेत्रदान दिवस: किसी के जीवन में रोशनी भरने का संकल्प नई पहल, नई उम्मीद — नेत्रदान से किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला नेत्रदान दिवस के अवसर पर समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। नेत्रदान एक ऐसा महान कार्य है, जिसके माध्यम से किसी दिवंगत व्यक्ति की आंखों के कॉर्निया जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं। मानव जीवन में आंखों का विशेष महत्व है। किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी आंखें किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में रोशनी और नई उम्मीद ला सकती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक को नेत्रदान के महत्व को समझते हुए इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी ने नेत्रदान दिवस पर लोगों से अपील करते हुए कहा कि नेत्रदान मानवता की सेवा का एक महान माध्यम है। हमें अंधविश्वास और भ्रांतियों को दूर कर लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि “हमारे जाने के बाद भी हमारी आंखें किसी के जीवन को रोशन कर सकती हैं। इससे बड़ा मानवता का उपहार और क्या हो सकता है।” इस अवसर पर सभी नागरिकों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने, परिवार एवं समाज में इसकी जानकारी फैलाने और मानव सेवा के इस महान संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1