दलदल में फंसी गाय को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला।। रामपुरा (जालौन)। विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत बिलोंड में मानवता और एकजुटता की मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को गांव के पास बह रही नदी के किनारे एक गाय अचानक दलदल में फंस गई। बताया गया कि गाय रोज की तरह चरते-चरते नदी किनारे पहुंच गई थी, जहां जमीन दलदली होने के कारण वह धीरे-धीरे कीचड़ में धंसती चली गई। कुछ ग्रामीणों की नजर जब गाय पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल रस्सियों और बांस-बल्ली की व्यवस्था की और गाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन दलदल गहरा होने के कारण मंगलवार को सफलता नहीं मिल सकी। रात भर गाय को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने पास में निगरानी की व्यवस्था की, ताकि कोई जंगली जानवर या अन्य खतरा न हो। बुधवार सुबह फिर से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों से बांधकर और कई लोगों के संयुक्त प्रयास से गाय को धीरे-धीरे दलदल से बाहर खींच लिया गया। गाय के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने तुरंत पानी पिलाया और उसके शरीर पर लगे कीचड़ को साफ किया। कुछ समय आराम करने के बाद गाय सामान्य स्थिति में दिखाई दी। ग्रामीण आशीष सिंह चौहान सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे कई स्थानों पर दलदली जमीन है, जिससे मवेशियों के फंसने का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों की सराहना की जा रही है। सामूहिक प्रयास से एक बेजुबान जानवर की जान बचाकर ग्रामीणों ने मानवता का परिचय दिया।
दलदल में फंसी गाय को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला।। रामपुरा (जालौन)। विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत बिलोंड में मानवता और एकजुटता की मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को गांव के पास बह रही नदी के किनारे एक गाय अचानक दलदल में फंस गई। बताया गया कि गाय रोज की तरह चरते-चरते नदी किनारे पहुंच गई थी, जहां जमीन दलदली होने के कारण वह धीरे-धीरे कीचड़ में धंसती चली गई। कुछ ग्रामीणों की नजर जब गाय पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल रस्सियों और बांस-बल्ली की व्यवस्था की और गाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन दलदल गहरा होने के कारण मंगलवार को सफलता नहीं मिल सकी। रात भर गाय को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने पास में निगरानी की व्यवस्था की, ताकि कोई जंगली जानवर या अन्य खतरा न हो। बुधवार सुबह फिर से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों से बांधकर और कई लोगों के संयुक्त प्रयास से गाय को धीरे-धीरे दलदल से बाहर खींच लिया गया। गाय के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने तुरंत पानी पिलाया और उसके शरीर पर लगे कीचड़ को साफ किया। कुछ समय आराम करने के बाद गाय सामान्य स्थिति में दिखाई दी। ग्रामीण आशीष सिंह चौहान सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे कई स्थानों पर दलदली जमीन है, जिससे मवेशियों के फंसने का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों की सराहना की जा रही है। सामूहिक प्रयास से एक बेजुबान जानवर की जान बचाकर ग्रामीणों ने मानवता का परिचय दिया।
- रामपुरा (जालौन)। विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत बिलोंड में मानवता और एकजुटता की मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को गांव के पास बह रही नदी के किनारे एक गाय अचानक दलदल में फंस गई। बताया गया कि गाय रोज की तरह चरते-चरते नदी किनारे पहुंच गई थी, जहां जमीन दलदली होने के कारण वह धीरे-धीरे कीचड़ में धंसती चली गई। कुछ ग्रामीणों की नजर जब गाय पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल रस्सियों और बांस-बल्ली की व्यवस्था की और गाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन दलदल गहरा होने के कारण मंगलवार को सफलता नहीं मिल सकी। रात भर गाय को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने पास में निगरानी की व्यवस्था की, ताकि कोई जंगली जानवर या अन्य खतरा न हो। बुधवार सुबह फिर से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों से बांधकर और कई लोगों के संयुक्त प्रयास से गाय को धीरे-धीरे दलदल से बाहर खींच लिया गया। गाय के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने तुरंत पानी पिलाया और उसके शरीर पर लगे कीचड़ को साफ किया। कुछ समय आराम करने के बाद गाय सामान्य स्थिति में दिखाई दी। ग्रामीण आशीष सिंह चौहान,संजीव राजावत, रामखिलावन चौहान,मुन्ना सिंह राजावत,संजय,अंकुश जायगा सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे कई स्थानों पर दलदली जमीन है, जिससे मवेशियों के फंसने का खतरा बना रहता2 है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों की सराहना की जा रही है। सामूहिक प्रयास से एक बेजुबान जानवर की जान बचाकर ग्रामीणों ने मानवता का परिचय दिया।1
- जनपद जालौन में हिट एंड रन फॉर्च्यूनर की टक्कर से बाइक सवार गंभीर से घायल1
- जालौन शमशान में मिले युवक के शव का मामला-- मृतक के परिजनों ने लगाया युवक की हत्या का आरोप, घर से ले जाकर शराब पिलाकर हत्या का आरोप, मुहल्ले के ही युवक व साथियों पर हत्या का आरोप, मृतक के परिजनों ने एएसपी को सौंपा शिकायती पत्र, बीती 13 फरवरी को शमशान में मिला था युवक का शव, उरई कोतवाली क्षेत्र के बघौरा इलाके का मामला। सुनिए क्या कह रहे हैं लोग2
- *🌿 श्री कृष्ण कहते हैं 🌿* ✨ "*आशा* और *विश्वास* कभी गलत नहीं होते..!! ये हम पर निर्भर करता है कि, हमने *आशा* किससे की और *विश्वास* किस पर किया..!!" 🌸 *--------------------------------* *❤️ True 👍 False*1
- लखनऊ विधानसभा में गूंजे उरई-जालौन की समस्याओं के मुद्दे लखनऊ। आज विधानसभा सदन में उरई-जालौन विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं और विकास कार्यों को लेकर जोरदार ढंग से आवाज उठाई गई। गौरी शंकर वर्मा ने सदन में अपने विचार रखते हुए क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने कहा कि उरई-जालौन क्षेत्र के समुचित विकास के लिए ठोस एवं त्वरित कदम उठाए जाना आवश्यक है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सदन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सरकार से मांग की कि क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं को गति दी जाए तथा लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। विधायक के इस प्रयास से क्षेत्रवासियों में आशा की नई किरण जगी है और लोगों ने उम्मीद जताई है कि विधानसभा में उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी।1
- स्थान -जालौन रिपोर्ट -सुनील सिंह उर्फ़ भीम राजावत Mo. 9628800458 स्लग -72 घंटे में हत्या का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार भाई निकला हत्यारा एंकर -नदीगांव पुलिस व एसओजी/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर एवं पुलिस महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र, झांसी के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक जालौन के कुशल नेतृत्व में एसओजी/सर्विलांस टीम व थाना नदीगांव पुलिस ने हत्या की सनसनीखेज घटना का 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मामला क्या था? दिनांक 14 फरवरी 2026 को थाना नदीगांव में वादिनी श्रीमती रामवती ने अपने पुत्र राघवेन्द्र के अपहरण कर हत्या किए जाने के संबंध में 8 आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी थी। इस पर मु0अ0सं0 21/2026 धारा 140(1)/103(1)/238/61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। मृतक के शव का पंचायतनामा एवं भौतिक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई फील्ड यूनिट टीम द्वारा की गई। तीन टीमों का गठन, त्वरित कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा तीन टीमों का गठन किया गया। विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर कृष्णपाल उर्फ कुलदीप पुत्र घनश्याम निवासी ग्राम सराय थाना पूंछ, जिला झांसी सहित 6 आरोपियों की संलिप्तता पाई गई। बरामदगी गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से— एक हुण्डई औरा कार (सफेद रंग) एक एक्टिवा स्कूटी एक अवैध पिस्टल व दो जिंदा कारतूस (.32 बोर) दो डाटा केबल एक मफलर एक थैला जिसमें SIR से संबंधित सरकारी दस्तावेज बरामद होने पर मुकदमे में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है। पूछताछ में हुआ खुलासा मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार उर्फ कुलदीप ने पूछताछ में बताया कि वह जुआ खेलने का आदी है और उस पर कई लोगों का कर्ज हो गया था। मृतक राघवेन्द्र से भी उसने रुपये उधार लिए थे, जिसे लेकर मृतक लगातार पैसे वापस मांग रहा था। आरोपियों ने पैसे देने के बहाने राघवेन्द्र को बुलाया और कार से अपने साथ ले गए। वहां एक महिला मित्र के साथ मृतक के आपत्तिजनक वीडियो/फोटो बनाकर उसे दबाव में लाने की कोशिश की गई, ताकि वह उधार की मांग न करे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आवेश में आकर आरोपियों ने मोबाइल डाटा केबल व मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को दतिया-सेवड़ा मार्ग पर झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है। बाईट -sp दुर्गेश कुमार सिंह1
- ब्रेकिगं जालौन क्षेत्र के ग्राम लहचूरा मे पँचायत सदस्य ब ग्राम प्रधान ने मरघट की जगह पर जाली लगाकर अतिक्रमण कर लेने की सिकायत तहसीलदार ब उपजिलाधिकारी जालौन से की बता दे कि मरघट निर्माण कार्य के लिऐ उत्तर प्रदेश शासन ने पैसा स्बीकृत कर दिया है लेकिन जिस गाटा सं.मे मरघट की करीब एक एकड जमीन लेखपाल अनिल राजपूत ने बताया कि सरकारी भूमि का रकबा मरघट के नाम अंकित है जिस पर उक्त गावं के दबंग ने अतिक्रमण कर लिया है जिससे मरघट कार्य बाधित है ग्राम प्रधान ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कई बार लिखित सिकायत करने के बाद भी साशन प्रसाशन मौन है बडा सबाल कब हटाया जायगा कब्जा कब होगा पक्का मरघट का निर्माण कार्य क्या दबंग की ऊची पकड से नही हटाया जा रहा कब्जा या और कुछ बने रहे हमारे साथ अखिलेश सिंह पत्रकार1
- रामपुरा (जालौन)। विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत बिलोंड में मानवता और एकजुटता की मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को गांव के पास बह रही नदी के किनारे एक गाय अचानक दलदल में फंस गई। बताया गया कि गाय रोज की तरह चरते-चरते नदी किनारे पहुंच गई थी, जहां जमीन दलदली होने के कारण वह धीरे-धीरे कीचड़ में धंसती चली गई। कुछ ग्रामीणों की नजर जब गाय पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल रस्सियों और बांस-बल्ली की व्यवस्था की और गाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन दलदल गहरा होने के कारण मंगलवार को सफलता नहीं मिल सकी। रात भर गाय को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने पास में निगरानी की व्यवस्था की, ताकि कोई जंगली जानवर या अन्य खतरा न हो। बुधवार सुबह फिर से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सामूहिक प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों से बांधकर और कई लोगों के संयुक्त प्रयास से गाय को धीरे-धीरे दलदल से बाहर खींच लिया गया। गाय के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने तुरंत पानी पिलाया और उसके शरीर पर लगे कीचड़ को साफ किया। कुछ समय आराम करने के बाद गाय सामान्य स्थिति में दिखाई दी। ग्रामीण आशीष सिंह चौहान सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे कई स्थानों पर दलदली जमीन है, जिससे मवेशियों के फंसने का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों की सराहना की जा रही है। सामूहिक प्रयास से एक बेजुबान जानवर की जान बचाकर ग्रामीणों ने मानवता का परिचय दिया।1