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आबादी वाले क्षेत्र के बीच स्थित एक टावर को हटाने की मांग की गई है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को दो बार ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।
तेजल सरकार
आबादी वाले क्षेत्र के बीच स्थित एक टावर को हटाने की मांग की गई है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को दो बार ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।
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- भीलवाड़ा के उपनगर पुर में तालाब की पाल पर स्थित डूंगरी के बालाजी मंदिर के ट्रस्ट का विधिवत गठन किया गया है। इस नवगठित मंदिर ट्रस्ट में मुकेश पलौड़ को अध्यक्ष, छोटू लाल सेन को मंत्री और सीए आलोक पलौड़ को कोषाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया है। संरक्षक मंडल में गणपत लाल सेन, सत्यनारायण पलौड़, पंडित अशोक कुमार व्यास, श्रवण कुमार सेन और पूरण मल छिपा को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, निर्मल जोशी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पंकज कुमार पलौड़ को उपाध्यक्ष, मुकेश कुमार सोनी (पुर गणेश मंडल अध्यक्ष) को संगठन मंत्री और रमेश चंद्र सेन पुर को सह सचिव नियुक्त किया गया है। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर सुरेश सेन हठीला ने संगठन में और सदस्य जोड़ने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए प्रत्येक सदस्य से ग्यारसों रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया। बैठक में सभी सदस्यों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। मंदिर के रखरखाव के साथ-साथ भोजन धर्मशाला और सड़क के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। बुजुर्गों के लिए मंदिर में चढ़ने-उतरने हेतु विशेष लिफ्ट लगाने का भी प्रस्ताव सामने आया। ट्रस्ट ने यह भी निर्णय लिया कि वर्ष में हिंदू धर्म के सभी आयोजनों को मंदिर परिसर में किया जाएगा। इसके तहत, दोनों नवरात्रि में सुचारु रूप से रामायण पाठ और शनिवार व मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया जाएगा। साथ ही, बच्चों को संस्कृति और धार्मिक पुस्तकें पढ़ाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।1
- भीलवाड़ा शहर के एक पुराने क्षेत्र, जुनावास कॉलोनी के निवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे हैं। यहां की प्रमुख समस्या सड़कों की बदहाली है, जिन्हें केवल खानापूर्ति के तौर पर बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनी में न तो समय पर पानी की आपूर्ति होती है और न ही नालियों की नियमित रूप से सफाई की जाती है। इन समस्याओं के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर सड़कें जहाँ हादसों को न्योता दे रही हैं, वहीं बारिश का पानी सीधा घरों में घुस जाता है। निवासियों ने इन मुद्दों को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, परंतु तमाम शिकायतों के बावजूद अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और न ही कोई समाधान निकल पाया है।1
- पंचायत पारसोली से एक निवेदन किया गया है कि बारिश के मौसम में उनके घर के आगे भारी जलभराव हो जाता है। इस परेशानी को देखते हुए, उनसे गुहार लगाई गई है कि इस स्थान पर नाला निर्माण कार्य तुरंत शुरू करवाया जाए ताकि यह समस्या दूर हो सके।1
- पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मेंद्र सिंह यादव ने दोहरी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों पर शिकंजा कसा है और साथ ही लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता भी फैलाई है। अपनी एक कार्रवाई में, एसपी यादव ने नशा तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर वार किया है, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को बड़ा झटका लगा है। दूसरी ओर, उन्होंने जनता को फिटनेस का संदेश देने के लिए साइकिल रैली और योग का आयोजन भी किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।1
- बड़ीसादड़ी में कथित औद्योगिक और रासायनिक अपशिष्ट निस्तारण के खिलाफ चल रहा जनआंदोलन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन व सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरोध में प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' दिखाकर अपना गुस्सा जताया, आरोप लगाया कि उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलनकारियों का कहना है कि मंत्री ने अपशिष्ट हटाने के लिए एक समय सीमा का वादा किया था, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी काम संतोषजनक ढंग से आगे नहीं बढ़ पाया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्तमान में सीमित संख्या में डंपरों से कार्य हो रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर फैले अपशिष्ट को देखते हुए तेज गति से काम की जरूरत है, ताकि बारिश से पहले पूरे क्षेत्र को अपशिष्ट मुक्त किया जा सके। इस धीमी गति और अधूरे वादों से उपजे असंतोष को व्यक्त करने के लिए ही उन्होंने 'लॉलीपॉप' का प्रतीक इस्तेमाल किया। मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र बड़ीसादड़ी में यह मामला राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। संघर्ष समिति ने जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का दावा है कि अपशिष्ट हटाने का काम लगातार जारी है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने अपशिष्ट से पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि होने पर भूजल, मिट्टी और आसपास के क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारी अब आमरण अनशन की चेतावनी भी दे रहे हैं। जनता की प्रमुख मांगों में पूरे क्षेत्र से कथित औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट का शीघ्र निष्पादन, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने वाले पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई, भूजल, मिट्टी एवं पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच, तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अपशिष्ट पूरी तरह नहीं हटाया जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' विरोध अब केवल अपशिष्ट हटाने का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही की भी परीक्षा बन चुका है।1
- एक तीखी चेतावनी जारी की गई है, जिसमें उन सभी को 'खबरदार' किया गया है जो देश को नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसी आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता की राह पर ले जाने का प्रयास करेंगे। इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत करोड़ों देशभक्तों की कड़ी मेहनत, त्याग और बलिदान से बना एक राष्ट्र है। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि भले ही लोगों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश की एकता, अखंडता और विकास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।1
- भीलवाड़ा में पतंजलि योग समिति ने 21 जून 2026 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम की तैयारी में पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है। पतंजलि परिवार भीलवाड़ा द्वारा यह मुख्य कार्यक्रम अहिंसा सर्किल के पास जांगिड़ समाज कन्या छात्रावास के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए, प्रोटोकॉल के अनुसार सामान्य योग अभ्यासक्रम का प्रशिक्षण पतंजलि परिवार द्वारा संचालित निःशुल्क योग कक्षाओं में आज से प्रारंभ कर दिया गया है। भारत स्वाभिमान न्यास के जिला महामंत्री प्रेम शंकर जोशी के अनुसार, शहर के विभिन्न स्थानों पर यह पूर्वाभ्यास चल रहा है। इन स्थानों में ग्रामीण हाट, शिवाजी पार्क, आदर्श नगर, सुभाष नगर बड़ा पार्क, विजय सिंह पथिक नगर बड़ा पार्क, आरके कॉलोनी स्थित गौतम शिक्षण संस्थान, आजाद नगर डी सेक्टर, बापू नगर और साधना मंदिर, वरिष्ठ नागरिक भवन शामिल हैं। इन कक्षाओं में सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक योग दिवस के सामान्य योग अभ्यासक्रम का पूर्वाभ्यास मुख्य योग शिक्षकों द्वारा करवाया जा रहा है, जिनमें दुर्गा लाल जोशी, नीरा मेहता, ममता शर्मा, स्नेहलता राणावत, प्रेम शंकर जोशी, भंवरलाल शर्मा, पीयूष शर्मा, छोटू सिंह, अशोक कनौजिया, प्रदीप कुमार शर्मा और प्रेम प्रकाश पुरोहित प्रमुख हैं। शहरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने आसन के साथ इन स्थानों पर पहुंचकर अभ्यास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में नई निःशुल्क योग कक्षाएं शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति पतंजलि परिवार के संरक्षक भूपेंद्र मोगरा, गोविंद सोडाणी, जिला प्रभारी भंवरलाल शर्मा, नीरा मेहता, पीयूष शर्मा, भीमाराम और धर्मपाल सिंह से संपर्क कर सकते हैं।3
- चित्तौड़गढ़ जिले में हाल ही में विकास, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां देखी गईं। इनमें गंगरार ओवरब्रिज पर वाहनों का आवागमन शुरू होना प्रमुख है, जो क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाता है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने राज्यसभा प्रत्याशियों से मुलाकात की। समाजसेवा के क्षेत्र में प्रताप ग्रुप ने 'मानव सेवा-जीव दया सप्ताह' का आयोजन किया, जिसके माध्यम से समूह ने समाज और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। इसी क्रम में, कुमावत युवा शक्ति समिति का विस्तार किया गया, जिससे उनकी संगठनात्मक शक्ति में वृद्धि हुई। छात्र राजनीति के तहत, एनएसयूआई ने एक 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया।1
- पेपर लीक की घटनाओं के बीच, जिनके प्रति निरंतर समर्थन व्यक्त किया जा रहा है, NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NTA एक ऐसे नए सिस्टम पर काम कर रही है, जिसके तहत सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह पता नहीं होगा कि उनके द्वारा तैयार किए गए प्रश्न किस विशिष्ट परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। यदि यह व्यवस्था सफल होती है, तो पेपर लीक करने वाले माफियाओं की कमर टूट सकती है और मेहनती छात्रों को उनका वास्तविक हक मिल पाएगा। इस बदलाव के साथ ही, छात्रों को किताबों पर भरोसा करने और 'जुगाड़' की बजाय अपनी मेहनत पर निर्भर रहने का संदेश दिया गया है, ताकि सफलता का रास्ता अब लीक से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत से तय हो। यह दिन-रात पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए उम्मीद की खबर है, क्योंकि इसका उद्देश्य ईमानदार तैयारी करने वालों के भविष्य को सुरक्षित करना और परीक्षा प्रणाली पर जनता का भरोसा बहाल करना है।1