बड़ीसादड़ी में कथित औद्योगिक और रासायनिक अपशिष्ट निस्तारण के खिलाफ चल रहा जनआंदोलन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन व सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरोध में प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' दिखाकर अपना गुस्सा जताया, आरोप लगाया कि उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलनकारियों का कहना है कि मंत्री ने अपशिष्ट हटाने के लिए एक समय सीमा का वादा किया था, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी काम संतोषजनक ढंग से आगे नहीं बढ़ पाया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्तमान में सीमित संख्या में डंपरों से कार्य हो रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर फैले अपशिष्ट को देखते हुए तेज गति से काम की जरूरत है, ताकि बारिश से पहले पूरे क्षेत्र को अपशिष्ट मुक्त किया जा सके। इस धीमी गति और अधूरे वादों से उपजे असंतोष को व्यक्त करने के लिए ही उन्होंने 'लॉलीपॉप' का प्रतीक इस्तेमाल किया। मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र बड़ीसादड़ी में यह मामला राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। संघर्ष समिति ने जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का दावा है कि अपशिष्ट हटाने का काम लगातार जारी है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने अपशिष्ट से पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि होने पर भूजल, मिट्टी और आसपास के क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारी अब आमरण अनशन की चेतावनी भी दे रहे हैं। जनता की प्रमुख मांगों में पूरे क्षेत्र से कथित औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट का शीघ्र निष्पादन, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने वाले पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई, भूजल, मिट्टी एवं पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच, तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अपशिष्ट पूरी तरह नहीं हटाया जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' विरोध अब केवल अपशिष्ट हटाने का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही की भी परीक्षा बन चुका है।
बड़ीसादड़ी में कथित औद्योगिक और रासायनिक अपशिष्ट निस्तारण के खिलाफ चल रहा जनआंदोलन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन व सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरोध में प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' दिखाकर अपना गुस्सा जताया, आरोप लगाया कि उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलनकारियों का कहना है कि मंत्री ने अपशिष्ट हटाने के लिए एक समय सीमा का वादा किया था, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी काम संतोषजनक ढंग से आगे नहीं बढ़ पाया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्तमान में सीमित संख्या में डंपरों से कार्य हो रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर फैले अपशिष्ट को देखते हुए तेज गति से काम की जरूरत है, ताकि बारिश से पहले पूरे क्षेत्र को अपशिष्ट मुक्त किया जा सके। इस धीमी गति और अधूरे वादों से उपजे असंतोष को व्यक्त करने के लिए ही उन्होंने 'लॉलीपॉप' का प्रतीक इस्तेमाल किया। मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र बड़ीसादड़ी में यह मामला राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। संघर्ष समिति ने जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का दावा है कि अपशिष्ट हटाने का काम लगातार जारी है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने अपशिष्ट से पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि होने पर भूजल, मिट्टी और आसपास के क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारी अब आमरण अनशन की चेतावनी भी दे रहे हैं। जनता की प्रमुख मांगों में पूरे क्षेत्र से कथित औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट का शीघ्र निष्पादन, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने वाले पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई, भूजल, मिट्टी एवं पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच, तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अपशिष्ट पूरी तरह नहीं हटाया जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' विरोध अब केवल अपशिष्ट हटाने का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही की भी परीक्षा बन चुका है।
- पेपर लीक की घटनाओं के बीच, जिनके प्रति निरंतर समर्थन व्यक्त किया जा रहा है, NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NTA एक ऐसे नए सिस्टम पर काम कर रही है, जिसके तहत सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह पता नहीं होगा कि उनके द्वारा तैयार किए गए प्रश्न किस विशिष्ट परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। यदि यह व्यवस्था सफल होती है, तो पेपर लीक करने वाले माफियाओं की कमर टूट सकती है और मेहनती छात्रों को उनका वास्तविक हक मिल पाएगा। इस बदलाव के साथ ही, छात्रों को किताबों पर भरोसा करने और 'जुगाड़' की बजाय अपनी मेहनत पर निर्भर रहने का संदेश दिया गया है, ताकि सफलता का रास्ता अब लीक से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत से तय हो। यह दिन-रात पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए उम्मीद की खबर है, क्योंकि इसका उद्देश्य ईमानदार तैयारी करने वालों के भविष्य को सुरक्षित करना और परीक्षा प्रणाली पर जनता का भरोसा बहाल करना है।1
- चित्तौड़गढ़ पुलिस 'स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन एवं स्वस्थ समाज' के व्यापक उद्देश्य के साथ फिट इंडिया मिशन के अंतर्गत 'फिट इंडिया- सन्डे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। यह आयोजन 7 जून, रविवार को प्रातः 6:30 बजे से किया जाएगा, जिसकी जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने दी है। कार्यक्रम सुभाष चौक से शुरू होकर साइकिल रैली के रूप में इंदिरा गांधी स्टेडियम तक पहुँचेगा। इस पहल में जिले के पुलिस अधिकारी, जवान, युवा, खेल प्रेमी और आमजन उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। साइकिल रैली के साथ-साथ, नागरिकों को नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु योग और रोप स्कीपिंग जैसी फिटनेस गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएँगी। चित्तौड़गढ़ पुलिस ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने और फिट इंडिया अभियान से जुड़ने की अपील की है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा फिट एवं सक्रिय भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। 'फिट शरीर, स्वस्थ मन, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ भारत' की भावना के साथ आयोजित इस पहल में सभी नागरिकों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया है।1
- साड़ास मंडल के युवा नेता और भाजपा के ऊर्जावान श्री मोनू सोमानी को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ दी गई हैं। उन्हें हंसमुख स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और मिलनसार व्यवहार के धनी व्यक्ति के रूप में सराहा गया है। शुभकामना देने वालों ने ईश्वर से उनके सदैव स्वस्थ, प्रसन्न और यशस्वी रहने की प्रार्थना की है। उनके जीवन में निरंतर सुख, समृद्धि, सम्मान और खुशियों के वास की कामना की गई है। साथ ही, यह भी प्रार्थना की गई है कि श्री सांवलिया सेठ जी की असीम कृपा उन पर और उनके परिवार पर सदैव बनी रहे, और उनके जीवन का प्रत्येक क्षण आनंद, सफलता तथा मंगलमय उपलब्धियों से परिपूर्ण हो।1
- भीलवाड़ा शहर में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए सुभाषनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर गोपाल लाल कीर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर चोरी की कुल 18 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा (आईपीएस) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारसमल जैन एवं वृत्ताधिकारी हरजीराम के सुपरविजन में थाना प्रभारी कैलाश कुमार के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल कर आरोपियों तक पहुँच बनाई। मामला तब दर्ज हुआ था जब 05/06/2026 को मोतीनगर निवासी शंभूदयाल उपाध्याय ने अपनी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट सुभाषनगर थाने में दर्ज कराई थी। जाँच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखी, दबिश दी और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातें कबूल कर लीं। गिरफ्तार आरोपियों में सुवाणा निवासी 37 वर्षीय गोपाल लाल कीर शामिल है, जो सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे आरोपी की पहचान सुवाणा निवासी 29 वर्षीय भैरूलाल बैरवा के रूप में हुई है, जिस पर दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है और जल्द ही इस संबंध में और खुलासे हो सकते हैं। इस विशेष टीम में थाना प्रभारी कैलाश कुमार के साथ एचसी भैरूलाल, कांस्टेबल सोनू, सुनील, कन्हैया, अशोक और कैलाश शामिल थे। यह जानकारी सुभाषनगर पुलिस ने शनिवार शाम करीब 7:30 बजे दी।1
- मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना पुलिस ने अपने नशा मुक्ति अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर डिगांव-बसई रोड स्थित बोलिया फंटा पर नाकाबंदी की थी। इस नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें 13 प्लास्टिक कट्टों में कुल 260 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा भरा पाया गया। इस बरामद डोडाचूरा की कीमत करीब 5 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने न केवल अवैध डोडाचूरा जब्त किया, बल्कि इस घटना में इस्तेमाल किए गए पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी राजस्थान के झालावाड़ जिले का निवासी बताया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में हाल ही में विकास, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां देखी गईं। इनमें गंगरार ओवरब्रिज पर वाहनों का आवागमन शुरू होना प्रमुख है, जो क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाता है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने राज्यसभा प्रत्याशियों से मुलाकात की। समाजसेवा के क्षेत्र में प्रताप ग्रुप ने 'मानव सेवा-जीव दया सप्ताह' का आयोजन किया, जिसके माध्यम से समूह ने समाज और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। इसी क्रम में, कुमावत युवा शक्ति समिति का विस्तार किया गया, जिससे उनकी संगठनात्मक शक्ति में वृद्धि हुई। छात्र राजनीति के तहत, एनएसयूआई ने एक 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया।1
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक नए सिस्टम पर काम कर रही है, जिसके तहत सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं होगी कि उनके द्वारा बनाए गए प्रश्न किस परीक्षा में इस्तेमाल किए जाएंगे। NEET पेपर लीक की घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य पेपर लीक को नामुमकिन बनाना है। यदि यह नई व्यवस्था सफल होती है, तो पेपर लीक करने वाले माफियाओं की कमर टूट जाएगी और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों को उनका वास्तविक हक मिल पाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सफलता का रास्ता अब 'लीक' से नहीं, बल्कि केवल कड़ी मेहनत से तय हो, और छात्रों को 'जुगाड़' की बजाय किताबों पर भरोसा करने के लिए प्रेरित किया जा सके। ईमानदार तैयारी करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो और जनता का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा भी बहाल हो, यही इस बदलाव से उम्मीद की जा रही है। इसका अंतिम लक्ष्य पेपर लीक की संस्कृति को खत्म कर मेहनत और योग्यता की जीत सुनिश्चित करना है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत 6 जून 2026 को निकुंभ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में संलिप्त तस्कर रतनलाल जाट की लगभग ₹1 करोड़ मूल्य की अवैध चल एवं अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से स्थायी अनुमोदन मिलने के बाद आरोपी के एक आलीशान मकान सहित चार वाहनों को फ्रीज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक, उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी बड़ीसादड़ी देशराज कुलदीप के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि निकुंभ थाना क्षेत्र के उठेंल गांव निवासी रतनलाल पुत्र जमनालाल जाट के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत उदयपुर के डबोक, सिरोही के रेवदर, बाड़मेर के गुड़ामालानी और चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा पुलिस थानों में विभिन्न प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों की जांच के दौरान ही उसकी अवैध मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित संपत्तियों का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि रतनलाल ने पिण्ड पटवार हल्का क्षेत्र के खाता संख्या 184 और खसरा संख्या 210 में स्थित एक आवासीय भवन तथा अपने पुत्र राजमल के नाम पर पंजीकृत एक स्कॉर्पियो, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक ट्रैक्टर अवैध कमाई से खरीदा था। इन संपत्तियों को फ्रीज कराने के लिए 4 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित Competent Authority & Administrator, SAFEM (FOP)A एवं NDPS Act को प्रस्ताव भेजा गया था। सुनवाई के बाद, भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी ने उक्त मकान और चारों वाहनों को स्थायी रूप से फ्रीज करने के आदेश जारी किए, जिसके उपरांत स्थानीय पुलिस ने विधिवत कार्रवाई कर संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹1 करोड़ आंकी गई है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामसिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल उगमाराम तथा कांस्टेबल योगेश, प्रहलाद, थानसिंह, सूर्यपाल एवं टंवरसिंह की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की मादक पदार्थ तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल निकटतम पुलिस थाने, पुलिस कंट्रोल रूम या नारकोटिक्स टिप हेल्पलाइन नंबर 94604-25643 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया थाना क्षेत्र स्थित गवारिया मोहल्ले में शनिवार सुबह एक 40 वर्षीय युवक का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान यशवंत पुत्र सुखलाल गवारिया के रूप में हुई है। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह यशवंत के मकान का मुख्य दरवाजा खुला था और एक गाय घर में घुस गई थी। पड़ोस की एक महिला जब गाय को बाहर निकालने के लिए घर में गई, तो उसने यशवंत को फ्रिज के सहारे खड़ा देखा। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर महिला ने जब उसे छुआ, तो वह नीचे गिर गया, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई और आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही चंदेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गंगरार पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश टेलर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और एमओबी (मोडस ऑपरेंडी ब्यूरो) की टीम ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर से रक्तस्राव तथा शरीर पर चोट एवं लाल निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शव को सांवलिया चिकित्सालय की मोर्चरी में भिजवाया, जहां मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। चंदेरिया थाने के कार्यवाहक थाना अधिकारी चंपाराम ने बताया कि प्रथम दृष्टया सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। पुलिस अनुसंधान में यह भी सामने आया है कि मृतक शराब का सेवन करता था और शुक्रवार शाम लगभग 7:30 बजे तक उसे घर पर देखा गया था, उस समय टेलीविजन भी चल रहा था। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि इसके बाद वह किसी परिचित के संपर्क में आया हो या कोई उसके घर आया हो। इसी क्रम में, पुलिस ने पूछताछ के लिए मृतक के कुछ परिचितों को हिरासत में लिया है। पारिवारिक जानकारी के अनुसार, यशवंत की पत्नी और पुत्र भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में चूड़ियों की दुकान चलाते हैं, जबकि चंदेरिया स्थित पैतृक मकान में उसकी मां और बेटी रहती हैं। बताया गया है कि घटना के समय उसकी मां धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार गई हुई थीं। फिलहाल पुलिस हत्या, दुर्घटना अथवा अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही घटना के संबंध में आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकेगा।1