अमरोहा के नौगांवा सादात तहसील स्थित गांव अव्वलपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। प्रजापति विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित इस सप्ताह भर चलने वाली कथा में कथावाचक राजकुमार सुदर्शन महाराज ने भक्तों को बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानकर उनसे विवाह का दृढ़ संकल्प लिया था। कथावाचक ने प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के जरिए श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने हरण का आग्रह किया था। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ पहुंचकर रुक्मिणी का हरण किया और विधि-विधान के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ। सुदर्शन महाराज ने कहा कि यह विवाह अटूट प्रेम, समर्पण, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस प्रसंग का श्रवण किया, जिसके बाद वहां श्रीकृष्ण के जयकारों का उद्घोष हुआ। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर रामअवतार सिंह, मदनपाल सिंह, उदल सिंह, मुरारीलाल, हरिराम सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज, सत्यप्रकाश, उर्मिला, रोशनी, शीला, मीरा, रीना, नीरज, कोमल, बीना, संतोष, कमला और जगवती समेत बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
अमरोहा के नौगांवा सादात तहसील स्थित गांव अव्वलपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। प्रजापति विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित इस सप्ताह भर चलने वाली कथा में कथावाचक राजकुमार सुदर्शन महाराज ने भक्तों को बताया कि विदर्भ की
राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानकर उनसे विवाह का दृढ़ संकल्प लिया था। कथावाचक ने प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के जरिए श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने हरण का आग्रह किया था। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ पहुंचकर रुक्मिणी का हरण किया
और विधि-विधान के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ। सुदर्शन महाराज ने कहा कि यह विवाह अटूट प्रेम, समर्पण, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस प्रसंग का श्रवण किया, जिसके बाद वहां श्रीकृष्ण के जयकारों का उद्घोष
हुआ। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर रामअवतार सिंह, मदनपाल सिंह, उदल सिंह, मुरारीलाल, हरिराम सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज, सत्यप्रकाश, उर्मिला, रोशनी, शीला, मीरा, रीना, नीरज, कोमल, बीना, संतोष, कमला और जगवती समेत बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
- अमरोहा के नौगांवा सादात तहसील स्थित गांव अव्वलपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। प्रजापति विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित इस सप्ताह भर चलने वाली कथा में कथावाचक राजकुमार सुदर्शन महाराज ने भक्तों को बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानकर उनसे विवाह का दृढ़ संकल्प लिया था। कथावाचक ने प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के जरिए श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने हरण का आग्रह किया था। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ पहुंचकर रुक्मिणी का हरण किया और विधि-विधान के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ। सुदर्शन महाराज ने कहा कि यह विवाह अटूट प्रेम, समर्पण, विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस प्रसंग का श्रवण किया, जिसके बाद वहां श्रीकृष्ण के जयकारों का उद्घोष हुआ। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर रामअवतार सिंह, मदनपाल सिंह, उदल सिंह, मुरारीलाल, हरिराम सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज, सत्यप्रकाश, उर्मिला, रोशनी, शीला, मीरा, रीना, नीरज, कोमल, बीना, संतोष, कमला और जगवती समेत बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।4
- कानपुर में कचहरी के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक अधिवक्ता और दो पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिख रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में नजर आ रहे हैं, जबकि अधिवक्ता भी अपने निर्धारित ड्रेस कोड में दिखाई दे रहे हैं। वायरल फुटेज के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट में शामिल दोनों पुलिसकर्मियों में से एक कानपुर कोतवाली का आरक्षी है, जबकि दूसरा पुलिसकर्मी 112 सेवा में कार्यरत है। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में था। खाकी और काले कोट के बीच हुई इस झड़प का वीडियो कानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- अमरोहा के हसनपुर में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दयावली खालसा गांव में मुनादी करवाई है। पुलिस ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अनीश, विक्रम और धर्मवीर नाम के तीन बदमाशों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे गांव को इन बदमाशों के जिलाबदर होने की जानकारी दी है। साथ ही, ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि यदि ये तीनों आरोपी गांव में दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।1
- अमरोहा के जिला अधिकारी नितिन गौड़ ने जिले में बाढ़ की स्थिति के संबंध में जानकारी साझा की है। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और उससे जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों पर आधिकारिक विवरण प्रस्तुत किया।1
- मेरठ के ललित गौतम हत्याकांड और बहुजन युवाओं पर दर्ज झूठे मुकदमों के विरोध में आज प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। बहुजन क्रांति युवा मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक अनुज जाटव को मुरादाबाद में प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई देर रात करीब 11 बजे की गई। अनुज जाटव आज 10 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित होने वाले एक विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले थे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ललित गौतम हत्याकांड में त्वरित न्याय की मांग करना और नवनीत जाटव सहित अन्य बहुजन युवाओं पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों का विरोध करना था।1
- अमरोहा जनपद के थाना धनौरा क्षेत्र स्थित ग्राम रसूलपुर के सीपिया घाट पर जल कटाव की गंभीर समस्या के चलते जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। दुर्गम रास्तों के कारण दोनों अधिकारियों को ट्रैक्टर का सहारा लेकर मौके तक पहुँचना पड़ा, जहाँ उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बिठाकर चल रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के कड़े निर्देश दिए। इस जल कटाव के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन बिजनौर के जिलाधिकारी से भी समन्वय स्थापित करेगा। डीएम ने ग्राम प्रधान को समय-समय पर क्षेत्र की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने को कहा ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके, साथ ही अधिकारियों को कंट्रोल रूम से संपर्क में रहने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने ग्रामीणों की सुरक्षा और आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल अस्थायी व्यवस्थाएं करने को कहा है, जबकि सिंचाई विभाग को स्थायी समाधान हेतु तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सुरक्षा एवं सहायता का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित कर्मचारी भी मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सिकरी खादर गांव में सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खस्ताहाल सड़कों के कारण स्थिति बहुत खराब है और आवागमन में परेशानी हो रही है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है। निवासियों का आरोप है कि ग्राम प्रधान इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और न ही इसे ठीक कराने की दिशा में कोई कदम उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क विभाग, जल विभाग और पीडब्ल्यूडी (PWD) से तत्काल प्रभाव से इन सड़कों को दुरुस्त करने की अपील की है।1
- अमरोहा के थाना धनौरा क्षेत्र स्थित ग्राम रसूलपुर के सीपिया घाट पर हो रहे लगातार जल कटाव ने ग्रामीणों के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव को क्षतिग्रस्त और दुर्गम रास्तों के कारण ट्रैक्टर का सहारा लेकर प्रभावित घटनास्थल तक पहुँचना पड़ा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जल कटाव का जायजा लिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बिठाकर राहत कार्यों की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए बिजनौर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए ग्राम प्रधान को समय-समय पर फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिकारियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत संपर्क में रहने और स्थायी समाधान मिलने तक ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक और अस्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।4