मांझ़ीवा गांव में दो पक्षों में चले लाठी डंडे,दोनों पक्ष से पांच लोग घायल, तीन लोगों को जिला अस्पताल किया रिफर मामला बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मांझ़ीवा गांव का है। जहां आज बुधवार की दोपहर करीब 2:00 बजे दो पक्षों में घरेलू झगड़े को लेकर विवाद हो गया, विवाद इतना तेज था कि दोनों तरफ से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमे दोनों पक्ष से मुन्ना वर्मा पुत्र गन्नी उम्र 45 वर्ष, माया पत्नी मुन्ना वर्मा उम्र 40 वर्ष, दूसरे पक्ष से गयाचरण पुत्र भाईया लाल उम्र 60 वर्ष, अशोक पुत्र गयाचरण उम्र 27 वर्ष, कलुआ पत्नी गया चरण उम्र 55 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गए, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के द्वारा सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद मुन्ना वर्मा व उसकी पत्नी माया एवं दूसरे पक्ष से गया चरण को गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। वहीं पुलिस के द्वारा इस मारपीट की घटना की जांच में जुट गई है
मांझ़ीवा गांव में दो पक्षों में चले लाठी डंडे,दोनों पक्ष से पांच लोग घायल, तीन लोगों को जिला अस्पताल किया रिफर मामला बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मांझ़ीवा गांव का है। जहां आज बुधवार की दोपहर करीब 2:00 बजे दो पक्षों में घरेलू झगड़े को लेकर विवाद हो गया, विवाद इतना तेज था कि दोनों तरफ से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमे दोनों पक्ष से मुन्ना वर्मा पुत्र गन्नी उम्र 45 वर्ष, माया पत्नी मुन्ना वर्मा उम्र 40 वर्ष, दूसरे पक्ष से गयाचरण पुत्र भाईया लाल उम्र 60 वर्ष, अशोक पुत्र गयाचरण उम्र 27 वर्ष, कलुआ पत्नी गया चरण उम्र 55 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गए, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के द्वारा सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद मुन्ना वर्मा व उसकी पत्नी माया एवं दूसरे पक्ष से गया चरण को गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। वहीं पुलिस के द्वारा इस मारपीट की घटना की जांच में जुट गई है
- परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत दतौरा मे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाँदा बबेरू कमासिन रोड के चौडीकरण एव सुंदरीकरण परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत दतौरा मे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाँदा बबेरू कमासिन रोड के चौडीकरण एव सुंदरीकरण के साथ जुड़े हुए गाँव की रोड़ों का नवीनीकरण के साथ डामरीकरण से बबेरू कमासिन के सेंटर पर ग्राम पंचायत दतौरा परसौली संपर्क मार्ग पी डब्ल्यू रोड का नवीनीकरण के साथ डामरीकरण का कार्य प्रगति पर है सभी ग्रामवासियो ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस पहल का कोटि कोटि आभार एव वंदन किया है ग्रामीणों का कहना है की धान की फ़सल की कटाई शुरू हो गई ऐसे मे इस बार अधिक बारिश से रोड खराब हो गईं थी जिनका नवीनीकरण जरूरी है ग्रामीणों ने सरकार के इस कदम को गाँव गरीब का आवागमन को सुगम सरल बनाने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के साथ है जिम्मेदार ग्रामीण सरकार से अपील की है की गाँव की रोड तो ठीक है लेकिन गाँव के विद्यालय मे कयाकल्प जैसी खूबसूरत योजना भरस्टाचार की भेंट चढ़ गई पंचायत भवन (सचिवालय ) नवीनीकरण सुंदरीकरण अभी आधुनिक सुविधाओं के लिए तरस रहे है इनकी ऒर भी ध्यान दिया जाये4
- टोला कला गांव के पास बाइक सवार दो लोग नीलगाय से टकराकर गंभीर रूप से घायल बाइक सवार एक जिला अस्पताल रिफर मामला बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत टोला कला गांव के पास का है, जहां बाइक सवार राजेश पुत्र जग्गू उम्र 25 वर्ष निवासी मंठा थाना बबेरू, चंद्रशेखर पुत्र परउना उम्र 48 वर्ष निवासी अनौसा यह दोनों एक ही बाइक में सवार होकर आज शाम करीब 7 बजे बबेरू से अनौसा गांव जा रहे थे, तभी टोला कला गांव के पास तेज रफ्तार बाइक के सामने अचानक नील गाय आ गई जिससे दोनों बाइक सवार नील गाय से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों के द्वारा दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार करने के बाद राजेश को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, वही चंद्रशेखर का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में किया गया है.1
- आध्यात्मिक जागृति की अविरल सरिता में सम्पन्न हुआ 79वाँ निरंकारी संत समागम, ब्रह्मज्ञान की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही जागृति *- निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज* *बांदा, 29 अक्टूबर, 2026-* “ब्रह्मज्ञान की वास्तविक सार्थकता उसे जीवन में अपनाने और अपने विचारों, व्यवहार एवं कर्मों में शामिल करने में है।” ये दिव्य भाव सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के समापन दिवस पर लाखों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने पावन आशीर्वचनों द्वारा प्रदान किए। जागृति’ की आध्यात्मिक प्रेरणाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर स्वयं के उत्थान के साथ-साथ जगत कल्याण की भावना को सुदृढ़ करने वाला यह पावन संत समागम कल रात्रि प्रेमभक्ति एवं श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। समागम से आध्यात्मिक प्रेरणा और मधुर स्मृतियां लेकर श्रद्धालु भक्तजन धीरे-धीरे अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करने लगे। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने विशाल मानव परिवार को सम्बोधित करते हुए अपने पावन प्रवचनों में फरमाया कि ‘जागृति’ केवल सत्संग या समागम तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर पल में निराकार परमात्मा के अहसास के साथ जीने का नाम है। ब्रह्मज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम इसे अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों में अपनाएं। सतगुरु माता जी ने सकारात्मक सोच, प्रेम, करुणा और विनम्रता अपनाने तथा दूसरों की कमियों के बजाय उनकी खूबियों को देखने की प्रेरणा दी। सच्ची जागृति का आरंभ अपने घर-परिवार और निजी जीवन से होता है। सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग मानकर हर परिस्थिति में परमात्मा का एहसास बनाए रखना ही जीवन को सुखमय और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है। इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के सचिव आदरणीय श्री जोगिंदर सुखीजा ने सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी के पावन दर्शन कर उनके दिव्य आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही, समस्त साध-संगत तथा समागम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सरकारी विभागों का हार्दिक आभार प्रकट किया। उन्होंने इस वर्ष समागम में पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी संगत की संख्या में निरंतर वृद्धि होने की मंगलकामना की। *कवि दरबार* इस वर्ष समागम के चारों दिन आयोजित कवि दरबार में बाल कवियों सहित महिला एवं पुरुष कवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जो आकर्षण का एक मुख्य बिन्दू रहा। इस अवसर पर 80 कवियों ने ‘जागृति’ विषय पर आधारित अपनी स्वरचित कविताएँ हिंदी, राजस्थानी, पंजाबी, अंग्रेज़ी, हरियाणवी, मुल्तानी, मराठी, भोजपुरी एवं संस्कृत सहित विभिन्न भाषाओं में प्रस्तुत कीं। इन भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया और सभी ने इस आयोजन का भरपूर आनंद प्राप्त किया। इस प्रकार, 79वाँ वार्षिक निरंकारी संत समागम सतगुरु के दिव्य संदेश, प्रेम, भक्ति एवं मानवता के भावों से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। निःसंदेह, यह पावन संत समागम आध्यात्मिक जागृति एवं सद्भाव का अनुपम संगम बना, जिसने अनेकता में एकता और संपूर्ण मानवता को एक सूत्र में पिरोने का दिव्य संदेश दिया।4
- रक्तवीरों के जज्बे को सलाम, सेवर्स ऑफ लाइफ का छठा वार्षिक उत्सव संपन्न मोती माला, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर रक्तदाताओं का सम्मान बांदा।किसी अनजान की जिंदगी बचाने का जज्बा ही सच्ची मानवता है। इसी सेवाभाव को सम्मान देने के लिए सेवर्स ऑफ लाइफ ब्लड डोनेशन नेटवर्क, बांदा का छठा वार्षिक उत्सव एवं रक्तवीर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें रक्तदाताओं को मोती माला, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव, सिटी मजिस्ट्रेट दिनेश चंद्र, सीएमएस डॉ. किशुन कुमार, कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने रक्तदान को जीवनदान बताते हुए लोगों से इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की।संस्था अध्यक्ष सलमान खान ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया, जबकि महासचिव सुनील सक्सेना ने रक्तवीरों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन संजय काकोनियां ने किया।समारोह ने संदेश दिया कि रक्त की एक बूंद किसी की जिंदगी बचाकर पूरे परिवार की उम्मीदें जिंदा रख सकती है।1
- भाजपा कार्यालय में मनाई गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती, नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अरुण पटेल का नगर पालिका अध्यक्ष मालती बासू ने किया स्वागत ,दिया स्मृति चिन्ह। बांदा, लौह पुरुष, भारत रत्न एवं राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर आज भाजपा कार्यालय, कनवारा रोड, बाँदा में आयोजित गोष्ठी में सम्मिलित होकर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए एवं उन्हें कोटि-कोटि नमन किया… तत्पश्चात पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अरुण पटेल का स्वागत एवं सम्मान कर उन्हें नवीन दायित्व हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद आर.के. पटेल, राष्ट्रीय परिषद सदस्य संतोष गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव, नगर पंचायत अध्यक्ष बबेरू विवेकानंद गुप्ता , पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष अरुण पटेल , अंकित बासू प्रतिनिधि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बांदा,एवं नगर पंचायत नरैनी प्रतिनिधि हरिश्चंद्र सोनकर सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे!!4
- दुकानदार द्वारा ग्राहक को तौल कमकर सामान देने का उलाहना पड़ा महंगा, दुकानदार ने दलित ग्राहक से मारपीट* *दुकानदार द्वारा ग्राहक को तौल कमकर सामान देने का उलाहना पड़ा महंगा, दुकानदार ने दलित ग्राहक से मारपीट* *बांदा।* तिंदवारा निवासी फूलचंद्र पुत्र सियाराम ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दो दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित के अनुसार 10 अक्टूबर 2026 को वह कोतवाली नगर के सामने स्थित अभिषेक ओमर व निरवेश ओमर उर्फ गुड्डू की दुकान से 5 लीटर के दो दूध के डिब्बे लेकर आया था। घर आकर पानी डालकर नापने पर डिब्बे 3 लीटर के निकले। शिकायत करने पर दुकानदार ने वापस करने को कहा, लेकिन 16 अक्टूबर को शाम 4 बजे जब वह डिब्बा वापस करने गया तो दुकानदार ने वापस करने से मना कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों दुकानदारों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली-गलौज की और दुकान के बाहर मारपीट की। पीड़ित ने कोतवाली नगर, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई न होने पर एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।1
- मांझ़ीवा गांव में दो पक्षों में चले लाठी डंडे,दोनों पक्ष से पांच लोग घायल, तीन लोगों को जिला अस्पताल किया रिफर मामला बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मांझ़ीवा गांव का है। जहां आज बुधवार की दोपहर करीब 2:00 बजे दो पक्षों में घरेलू झगड़े को लेकर विवाद हो गया, विवाद इतना तेज था कि दोनों तरफ से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमे दोनों पक्ष से मुन्ना वर्मा पुत्र गन्नी उम्र 45 वर्ष, माया पत्नी मुन्ना वर्मा उम्र 40 वर्ष, दूसरे पक्ष से गयाचरण पुत्र भाईया लाल उम्र 60 वर्ष, अशोक पुत्र गयाचरण उम्र 27 वर्ष, कलुआ पत्नी गया चरण उम्र 55 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गए, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के द्वारा सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद मुन्ना वर्मा व उसकी पत्नी माया एवं दूसरे पक्ष से गया चरण को गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। वहीं पुलिस के द्वारा इस मारपीट की घटना की जांच में जुट गई है1
- Mohammed Parvez: 🔴 चित्रकूट: सुबह बच्चों को जगाकर स्कूल गए शिक्षक की नीम के पेड़ पर लटकी मिली लाश! खुदकुशी या कोई गहरा राज? चित्रकूट के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहसरिया पुरवा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्री सीताराम अनुसूचित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक 42 वर्षीय तेज बहादुर वर्मा का शव विद्यालय परिसर के बगल में नीम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। सवालों के घेरे में मौत: परिजनों के मुताबिक, तेज बहादुर सुबह अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए जगाकर खुद सामान्य दिनों की तरह स्कूल गए थे। विद्यालय का संचालन उनके पिता के हाथों में था, लिहाजा पूरी जिम्मेदारी तेज बहादुर ही संभालते थे। लेकिन दोपहर तक जब वे घर नहीं लौटे, तो खोजबीन के दौरान स्कूल के पास उनका शव फंदे से झूलता मिला। हंसते-खेलते शिक्षक की इस रहस्यमयी मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश? मृतक अपने पीछे तीन मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं (10वीं की बेटी, 7वीं का बेटा और महज 1 साल का दुधमुंहा मासूम)। परिवार के अकेले कमाऊ सहारे की मौत के बाद अब इन मासूमों का भरण-पोषण कैसे होगा? बहिलपुरवा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 📌 सच्ची, निष्पक्ष और बेबाक खबरों के लिए अभय TV को फॉलो व सब्सक्राइब करें। #ChitrakootNews #BreakingNews #AbhayTV #BahilpurwaPolice #TeacherDeathMystery #LohsariyaPurwa #SuspiciousDeath #JusticeForTejBahadur #CrimeAlert #ForensicReport #UPPolice #GroundReport #UPNews #TrendingNow #ViralVideo एंगेजमेंट बढ़ाने वाले पिन किए गए कमेंट्स (Pinned Comment Options) विकल्प 1 (पुलिस जांच और निष्पक्षता पर सवाल): 💬 जनता का सवाल: हंसते-खेलते शिक्षक का शव स्कूल के पास फंदे से मिलना क्या महज खुदकुशी है, या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा है? क्या पुलिस को इसकी हर एंगल से जांच करनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बेबाकी से दर्ज करें। 👇 विकल्प 2 (मासूम बच्चों के भविष्य और मदद पर सवाल): 💬 बड़ा सवाल: घर का इकलौता कमाऊ सहारा छिन गया और 1 साल के दुधमुंहे समेत तीन मासूम अनाथ हो गए। प्रशासन और समाज को इस पीड़ित परिवार के लिए क्या कदम उठाने चाहिए? अपने विचार साझा करें। ✍️2