रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खाटू की बारात रिपोर्टर अमित कौशिक रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खाटू की बारात मैनपुरी जनपद में होली के पावन पर्व और पूर्णमासी के अवसर पर आस्था और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यहाँ पिछले कई वर्षों से 'खाटू की बारात' निकालने की एक गौरवशाली परंपरा चली आ रही है, जो शहर के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भगवान शंकर की बारात जैसा उत्साह स्थानीय मान्यताओं और परंपरा के अनुसार जिस प्रकार महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर की बारात में भक्त उत्साह से शामिल होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर मैनपुरी में खाटू श्याम के नाम से यह बारात निकाली जाती है। इस बारात में शामिल होकर श्रद्धालु न केवल अपनी आस्था प्रकट करते हैं, बल्कि आधिकारिक रूप से होली के त्यौहार की शुरुआत भी करते हैं। सामाजिक सौहार्द और रंगों का मेल पूर्णमासी के दिन निकलने वाली यह बारात पूरे शहर का भ्रमण करती है। स्थानीय निवासी दीपू राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। मैनपुरी के इतिहास में इस बारात का अपना एक अलग और विशेष महत्व है, जहाँ रंगों की बौछार के बीच भाईचारे का संदेश दिया जाता है। बारात के साथ होली का आगाज़ बता दें कि मैनपुरी में इस बारात के निकलने के साथ ही अबीर-गुलाल उड़ने लगता है और लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह भव्य आयोजन मैनपुरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध बनाता है। वाइट दीपू राठौर
रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खाटू की बारात रिपोर्टर अमित कौशिक रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खाटू की बारात मैनपुरी जनपद में होली के पावन पर्व और पूर्णमासी के अवसर पर आस्था और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यहाँ पिछले कई वर्षों से 'खाटू की बारात' निकालने की एक गौरवशाली परंपरा चली आ रही है, जो शहर के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भगवान शंकर की बारात जैसा उत्साह स्थानीय मान्यताओं और परंपरा के अनुसार जिस प्रकार महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर की बारात में भक्त उत्साह से शामिल होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर मैनपुरी में खाटू श्याम के नाम से यह बारात निकाली जाती है। इस बारात में शामिल होकर श्रद्धालु न केवल अपनी आस्था प्रकट करते हैं,
बल्कि आधिकारिक रूप से होली के त्यौहार की शुरुआत भी करते हैं। सामाजिक सौहार्द और रंगों का मेल पूर्णमासी के दिन निकलने वाली यह बारात पूरे शहर का भ्रमण करती है। स्थानीय निवासी दीपू राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। मैनपुरी के इतिहास में इस बारात का अपना एक अलग और विशेष महत्व है, जहाँ रंगों की बौछार के बीच भाईचारे का संदेश दिया जाता है। बारात के साथ होली का आगाज़ बता दें कि मैनपुरी में इस बारात के निकलने के साथ ही अबीर-गुलाल उड़ने लगता है और लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह भव्य आयोजन मैनपुरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध बनाता है। वाइट दीपू राठौर
- मैनपुरी ब्रेकिंग न्यूज़ पत्रकार मोहित गुप्ता ब्यूरो चीफ जनपद मैनपुरी मैनपुरी में प्रत्येक वर्ष की भाती इस वर्ष भी निकाली गई खटु महाराज की बारात आपको बताते चले रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खटू की बारात मैनपुरी जनपद में होली के पावन पर्व और पूर्णमासी के अवसर पर आस्था और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यहाँ पिछले कई वर्षों से 'खटू की बारात' निकालने की एक गौरवशाली परंपरा चली आ रही है, जो शहर के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भगवान शंकर की बारात जैसा उत्साह स्थानीय मान्यताओं और परंपरा के अनुसार जिस प्रकार महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर की बारात में भक्त उत्साह से शामिल होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर मैनपुरी में खटू श्याम के नाम से यह बारात निकाली जाती है। इस बारात में शामिल होकर श्रद्धालु न केवल अपनी आस्था प्रकट करते हैं, बल्कि आधिकारिक रूप से होली के त्यौहार की शुरुआत भी करते हैं। सामाजिक सौहार्द और रंगों का मेल पूर्णमासी के दिन निकलने वाली यह बारात पूरे शहर का भ्रमण करती है। यह बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। मैनपुरी के इतिहास में इस बारात का अपना एक अलग और विशेष महत्व है, जहाँ रंगों की बौछार के बीच भाईचारे का संदेश दिया जाता है। बारात के साथ होली का आगाज़ बता दें कि मैनपुरी में इस बारात के निकलने के साथ ही अबीर-गुलाल उड़ने लगता है और लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह भव्य आयोजन मैनपुरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध बनाता है1
- Post by India TV news reporter surjeet1
- रिपोर्टर अमित कौशिक रंगों के उत्सव की अनूठी शुरुआत, शहर में धूमधाम से निकली खाटू की बारात मैनपुरी जनपद में होली के पावन पर्व और पूर्णमासी के अवसर पर आस्था और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यहाँ पिछले कई वर्षों से 'खाटू की बारात' निकालने की एक गौरवशाली परंपरा चली आ रही है, जो शहर के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भगवान शंकर की बारात जैसा उत्साह स्थानीय मान्यताओं और परंपरा के अनुसार जिस प्रकार महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर की बारात में भक्त उत्साह से शामिल होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर मैनपुरी में खाटू श्याम के नाम से यह बारात निकाली जाती है। इस बारात में शामिल होकर श्रद्धालु न केवल अपनी आस्था प्रकट करते हैं, बल्कि आधिकारिक रूप से होली के त्यौहार की शुरुआत भी करते हैं। सामाजिक सौहार्द और रंगों का मेल पूर्णमासी के दिन निकलने वाली यह बारात पूरे शहर का भ्रमण करती है। स्थानीय निवासी दीपू राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है। मैनपुरी के इतिहास में इस बारात का अपना एक अलग और विशेष महत्व है, जहाँ रंगों की बौछार के बीच भाईचारे का संदेश दिया जाता है। बारात के साथ होली का आगाज़ बता दें कि मैनपुरी में इस बारात के निकलने के साथ ही अबीर-गुलाल उड़ने लगता है और लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह भव्य आयोजन मैनपुरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध बनाता है। वाइट दीपू राठौर2
- Post by Devendra Kumar1
- सैफई होली के अवसर पर सैफई पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बार आज होली का पर्व नहीं मनाया। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण की वजह से आज होली नहीं खेली जा रही है। अखिलेश यादव ने सैफई स्थित पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से मुलाकात की और सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कल पार्टी कार्यालय के मैदान में धूमधाम से होली खेली जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री एक दिन पहले ही सैफई पहुंच गए थे। इटावा, मैनपुरी सहित कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर उनके साथ शिवपाल सिंह यादव, सांसद डिम्पल यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।4
- जनपद मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औडेन्य पडरिया निवासी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी बैनामा शुदा भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि उसने संबंधित भूमि का विधिवत बैनामा कराया था, लेकिन आरोपियों द्वारा उस पर अवैध निर्माण और कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में उसने पहले भी थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी, साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल और आपातकालीन सेवा 112 पर भी सूचना दी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उपेंद्र चौहान उर्फ लाला कन्ही चौहान मुन्ना चौहान दशरथ चोहान आदि लोगों पर कब्जा करने की कोशिश का लगाया आरोप उसने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने और उसकी भूमि को कब्जा न करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।1
- सैफई की होली में सियासत के रंग — पार्टी कार्यालय पर लोगों से मिले अखिलेश यादव, दिखा जनसमर्थन का जोश!रंग, रिश्ते और राजनीति — सैफई से दिया एकता और संवाद का संदेश।#सैफई #होली2026 #अखिलेश_यादव #SamajwadiParty #सपा #HoliCelebration #UPPolitics #Saifai #FestivalOfColors1
- इजराइल में फंसे मैनपुरी के तीन सगे भाई, युवकों के परिजन होली के त्यौहार पर हुए मायूस । परिजनों के अनुसार सरकार की ओर से काम करने के लिए भेजे गए इजराइल। परिजनों से तीनों भाइयों की वीडियो कॉल पर हो रही बातचीत। युवकों ने अपने आप को बताया सुरक्षित। परिजनों ने मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार। थाना कुर्रा क्षेत्र के ग्राम गढ़ी के निवासी हे तीनों युवक। वमैनपुरी के कुर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी निवासी सोवरन सिंह के पुत्र सोनू आकाश ओमकार सिंह तीनों पुत्र इजराइल में भारत सरकार की योजना के तहत बाहर इजराइल में शटरिंग और लोहे के पाइप बनाने का काम करते हैं वहीं इजराइल और ईरान के बीच में हो रहे युद्ध को लेकर मैनपुरी के तीनों भाई वहां फंसे हुए हैं लेकिन तीनों से परिजनों के द्वारा मोबाइल से वीडियो कॉल करके बात की जा रही है और उनका कहना है कि हालत अभी ज्यादा खराब नही है, जब कोई अटैक वगैरह होता है तो हम लोग बकरों में चले जाते हैं वैसे हम लोग काम कर रहे हैं अभी फिलहाल कोई ज्यादा परेशानी की बात नहीं है लेकिन कई भारतीय नागरिक घबराए हुए भी हैं। परिजनों ने मोदी सरकार से मांग की है कि जैसे ही हालात1