NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर कटिहार में गुरुवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय का घेराव करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। शुरुआत में शांतिपूर्ण चल रहा यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब कुछ लोगों ने समाहरणालय का मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिसके जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे समाहरणालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार सबको है, लेकिन बिना अनुमति उग्र प्रदर्शन करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने जानकारी दी कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर कटिहार में गुरुवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय का घेराव करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। शुरुआत में शांतिपूर्ण चल रहा यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब कुछ लोगों ने समाहरणालय का मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिसके जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे समाहरणालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार सबको है, लेकिन बिना अनुमति उग्र प्रदर्शन करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने जानकारी दी कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
- समस्तीपुर के मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मध निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे नामजद अभियुक्त प्रमोद दास (पिता- स्वर्गीय रघु दास) को मंगलवार की देर रात उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अपर थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि पूर्व में पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान प्रमोद दास के घर से 50 लीटर देसी शराब बरामद की गई थी। इस मामले में उसके खिलाफ थाना कांड संख्या-113/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। मंगलवार की देर रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहनपुर गांव स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया। अपर थानाध्यक्ष ने कहा कि शराब कारोबारियों, फरार अभियुक्तों और वारंटियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by As Na1
- बिहार विधानसभा में दो पत्रकारों के प्रवेश पास रद्द किए जाने के विरोध में पटना के पत्रकारों ने अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया है। विधानसभा परिसर के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों ने अपने-अपने चैनलों के माइक ज़मीन पर रखकर प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी पत्रकारों का कहना है कि यह कदम सिर्फ दो पत्रकारों का नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक सवालों से बचना चाहती है और केवल अपनी उपलब्धियों की प्रशंसा सुनना चाहती है। पत्रकारों ने माँग की है कि दोनों पत्रकारों के पास तत्काल बहाल किए जाएं और मीडिया को बिना किसी दबाव या भेदभाव के अपना काम करने दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने लोकतंत्र में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के महत्व को भी रेखांकित किया।1
- पटना ग्रामीण-2 कांग्रेस के प्रवक्ता धर्मवीर कुमार ने दिल्ली और पटना में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं, विपक्षी नेताओं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए। इसके बाद पटना के गांधी मैदान में छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जिस तरह पुलिस ने कथित बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया, उसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक बताया। धर्मवीर कुमार ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और छात्रों के लगातार विरोध के बीच सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और सरकार द्वारा छात्रों की मांगों पर तुरंत संवाद शुरू करने की मांग की है।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अस्पताल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के पानी ने अस्पताल के जर्जर ढर्रे और स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल की छत से लगातार बारिश का पानी टपक रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली और दुर्दशा को देखते हुए पटोरी के एसडीएम विकास पांडे ने अस्पताल का जायजा लिया और इस जनसमस्या को लेकर अपनी बात रखी।1
- NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर कटिहार में गुरुवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय का घेराव करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। शुरुआत में शांतिपूर्ण चल रहा यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब कुछ लोगों ने समाहरणालय का मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिसके जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर पूरे समाहरणालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार सबको है, लेकिन बिना अनुमति उग्र प्रदर्शन करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने जानकारी दी कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।1