इंदौर नगर निगम में जनवरी से मार्च के बीच रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच करीब 370 संपत्तिकर खातों में मालिकों के नाम बदले जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद निगम प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि रिकॉर्ड में ये बदलाव देर रात दो उपायुक्तों की लॉगिन आईडी का उपयोग करके किए गए थे। फिलहाल, यह पता लगाया जा रहा है कि इन आईडी का इस्तेमाल किसने किया और क्या नामांतरण की पूरी प्रक्रिया वैधानिक नियमों के तहत हुई थी। इसी बीच, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने एक प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के सैकड़ों संपत्तियों का नामांतरण करके करोड़ों रुपये की बड़ी अनियमितता की गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह पूरा "खेल" अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है, और वर्तमान में जो जांच चल रही है, वह केवल दोषियों को बचाने का एक प्रयास मात्र है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच लोकायुक्त से कराने की कड़ी मांग की है और साथ ही यह भी कहा है कि इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इंदौर नगर निगम में जनवरी से मार्च के बीच रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच करीब 370 संपत्तिकर खातों में मालिकों के नाम बदले जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद निगम प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि रिकॉर्ड में ये बदलाव देर रात दो उपायुक्तों की लॉगिन आईडी का उपयोग करके किए गए थे। फिलहाल, यह पता लगाया जा रहा है कि इन आईडी का इस्तेमाल किसने किया और क्या नामांतरण की पूरी प्रक्रिया वैधानिक नियमों के तहत हुई थी। इसी बीच, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने एक प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के सैकड़ों संपत्तियों का नामांतरण करके करोड़ों रुपये की बड़ी अनियमितता की गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह पूरा "खेल" अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है, और वर्तमान में जो जांच चल रही है, वह केवल दोषियों को बचाने का एक प्रयास मात्र है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच लोकायुक्त से कराने की कड़ी मांग की है और साथ ही यह भी कहा है कि इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- भारत सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और रिन्यू कराने की फीस में ₹1,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी ये नए नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगे, जिसमें इंदौर (मध्य प्रदेश) सहित सभी शहर शामिल हैं। जो लोग पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, उन्हें अब दोगुनी रकम तक चुकानी पड़ सकती है। नई दरें विभिन्न पासपोर्ट श्रेणियों के लिए इस प्रकार हैं: 36 पन्नों का सामान्य पासपोर्ट अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 में मिलेगा। इसी तरह, 26 पन्नों के सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹2,000 से बढ़कर ₹3,500 हो गई है। तत्काल सेवा के तहत, 36 पन्नों वाले तत्काल पासपोर्ट के लिए अब ₹3,500 के बजाय ₹5,000 चुकाने होंगे, और 60 पन्नों वाले तत्काल पासपोर्ट की फीस ₹4,000 से बढ़कर ₹6,000 कर दी गई है। पासपोर्ट आवेदन, फीस से जुड़ी विस्तृत जानकारी, अपॉइंटमेंट बुक करने या आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानने के लिए, इच्छुक आवेदक Passport Seva वेबसाइट पर जा सकते हैं। यह वेबसाइट सामान्य (Normal) और तत्काल (Tatkal) आवेदन प्रक्रियाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।1
- इंदौर नगर निगम में जनवरी से मार्च के बीच रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच करीब 370 संपत्तिकर खातों में मालिकों के नाम बदले जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद निगम प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि रिकॉर्ड में ये बदलाव देर रात दो उपायुक्तों की लॉगिन आईडी का उपयोग करके किए गए थे। फिलहाल, यह पता लगाया जा रहा है कि इन आईडी का इस्तेमाल किसने किया और क्या नामांतरण की पूरी प्रक्रिया वैधानिक नियमों के तहत हुई थी। इसी बीच, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने एक प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के सैकड़ों संपत्तियों का नामांतरण करके करोड़ों रुपये की बड़ी अनियमितता की गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह पूरा "खेल" अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है, और वर्तमान में जो जांच चल रही है, वह केवल दोषियों को बचाने का एक प्रयास मात्र है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच लोकायुक्त से कराने की कड़ी मांग की है और साथ ही यह भी कहा है कि इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- इंदौर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एक्टिवा वाहन को पकड़ा है। विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पलसीकर मेन रोड पर यह कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत, बीयर से भरी एक्टिवा से 24 बोतल बीयर जब्त की गईं और वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया गया। बरामद किए गए माल की कुल कीमत ₹76 हजार से अधिक बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- मध्यप्रदेश राजीव विकास केंद्र लगातार कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनसंवाद स्थापित करने के उद्देश्य से संगठन विस्तार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में, इंदौर शहर में विभिन्न प्रकोष्ठों के सक्रिय युवाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में, तौसीफ मुल्तानी को राजीव विकास केंद्र अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, इंदौर का शहर महासचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश राजीव विकास केंद्र के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह यादव की सहमति और कांग्रेस नेता तथा पूर्व पार्षद सादिक खान की अनुशंसा पर राजीव विकास केंद्र अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष सद्दाम मंसूरी ने की है। गांधी भवन स्थित इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह यादव और शहर अध्यक्ष सद्दाम मंसूरी ने तौसीफ मुल्तानी को नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल संगठनात्मक कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर देवेन्द्र सिंह यादव के साथ, इंदौर शहर कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय बकलीवाल, अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष वीरू झांझोट, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जतिन थारोट, शहर अध्यक्ष सद्दाम मंसूरी और सेहजाद हुसैन लोहार ने पुष्पमाला पहनाकर तौसीफ मुल्तानी का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई व शुभकामनाएँ दीं। नव नियुक्त शहर महासचिव तौसीफ मुल्तानी ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण से काम करेंगे। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि वे आम जनता के अधिकारों की आवाज़ को मजबूती से उठाएंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। तौसीफ मुल्तानी की नियुक्ति पर वाहिद हुसैन, शरीफ मुल्तानी, जाकिर मुल्तानी, अयान मुल्तानी, नावेद मुल्तानी, जुनेद मुल्तानी, इशफाक मुल्तानी, अज्जू मुल्तानी, करीम पठान, जैद खोकर सहित कई सामाजिक और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।1
- इंदौर के ऐतिहासिक कर्बला मेले को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। कर्बला मैदान में अब झूले स्थापित हो चुके हैं और दुकानों का संचालन भी शुरू हो गया है, जिससे मेले की भव्य रौनक लौट आई है और वह देखते ही बन रही है। इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए कर्बला कमेटी के उपाध्यक्ष मुस्ताक हाफीज ने न्यायालय, शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सभी के सहयोग से इस वर्ष भी यह ऐतिहासिक कर्बला मेला पूरी शानो-शौकत के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान वक्फ बोर्ड के जिला अध्यक्ष मोहम्मद रेहान शेख, कर्बला कमेटी के अध्यक्ष हामिद नियारगर खान, हाजी जुनैद खान, रिजवान पटेल और अशफाक हुसैन (गोलू) सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- नगर निगम और एक पार्षद पर अतिक्रमण हटाने के मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। यह देखा गया है कि जहाँ पूरे रोड पर अतिक्रमण फैला हुआ है, वहीं कार्रवाई केवल कुछ ही स्थानों पर की जा रही है, जिससे यह कदम पक्षपाती प्रतीत होता है।1
- इंदौर में हाल ही में सरकारी हुए राजवाड़े पर लाखों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। इस नए सरकारी स्थल पर भारी जनसमूह एकत्रित हुआ।1
- इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र स्थित वीआईपी ढाबे में पानी लाने की बात को लेकर ग्राहकों और ढाबे के कर्मचारियों के बीच भीषण विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चलने लगे, जिससे पूरे ढाबे में हाई-वोल्टेज ड्रामे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस मामले में भंवरकुआ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।1