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पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत 9 पुलिस थानों का भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार में जगन गुर्जर के तीनों भाई पुलिस कस्टडी में शामिल होने पहुंचे, जबकि उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
पुरुषोत्तम तिवाड़ी
पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत 9 पुलिस थानों का भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार में जगन गुर्जर के तीनों भाई पुलिस कस्टडी में शामिल होने पहुंचे, जबकि उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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- एक सोशल मीडिया पोस्ट में शुभेंदु जी की ज़ोरदार प्रशंसा की गई है, यह बताते हुए कि उन्होंने वह कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है, जिसे मोदी जी केवल कहते भर थे लेकिन कभी कर नहीं पाए। पोस्ट में शुभेंदु जी के इस कदम को मोदी जी के कहे और किए के बीच के अंतर को पाटने वाला बताया गया है।1
- अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिससे जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि साथी बंदी ने गमछे या तौलिये से गला घोंटकर उसकी हत्या की है। इस घटना के बाद, जगन गुर्जर के परिजनों ने पहले तो पोस्टमार्टम कराने का विरोध करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से मामले की जांच की मांग की थी। हालांकि, बाद में प्रशासन और परिजनों के बीच हुई वार्ता के दौरान कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके उपरांत उनका धरना समाप्त हो गया। पुलिस और जेल प्रशासन वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की जा रही है।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गहलोत ने इस मामले में सीधे तौर पर भजनलाल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्ति व्यक्त की है।1
- पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि वे जमीन से जुड़े विवादों में कानून के दायरे से बाहर जाकर जल्दी कार्रवाई करते हैं। इसके विपरीत, चोरी, चकारी और दुर्घटना जैसे अन्य मामलों में पुलिस बहुत देर से पहुँचती है। इन आरोपों के अनुसार, जमीन विवादों में पुलिस की यह तत्परता इसलिए है क्योंकि इसमें 'ज्यादा पैसा मिलता है'। यह भी कहा गया है कि जमीन के विवाद इतने बड़े होते हैं कि 'ऊपर के अधिकारी भी पैसे लेते हैं', और अक्सर ऐसी स्थिति में 'ऊपर से फोन आने' की बात कही जाती है। यह पूरी स्थिति पुलिस और उच्च अधिकारियों द्वारा कानून की आड़ में पैसे के खेल को उजागर करती है।1
- जयपुर जिले के प्रांतीय वैष्णव समाज भवन में विकास समिति की एक बैठक संपन्न हुई है।1
- देशवासियों को सचेत करते हुए, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि इन दोनों दलों ने 'रामभक्तों' को बीच बाजार गोलियों से मरवाया था। संदेश में इन्हें 'मांस भक्षी भेड़िये' बताया गया है, जो अब चुनावों में वोट बटोरने के लिए रामनाम का दुपट्टा पहनकर घूम रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि ये वही दल हैं जिन्होंने पहले यह सवाल उठाया था कि राम कौन हैं। राममंदिर निर्माण में भी इन्होंने हजारों बाधाएं उत्पन्न की थीं और सुप्रीम कोर्ट में वकीलों की एक बड़ी फौज खड़ी की थी।1
- राजस्थान के जयपुर में 20 साल से चले आ रहे पांचना-बांध जल विवाद पर आखिर सहमति बन गई है। इस मामले को सुलझाने के लिए किरोड़ी सहित कुल तीन मंत्रियों ने दोनों संबंधित पक्षों से वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि 6 जुलाई तक बांध का पानी खोल दिया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो परियोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस परियोजना से जुड़े मामलों में केवल अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी और खुद का फायदा देखा।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा और भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक निजी स्लीपर बस और ट्रेलर की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर के बाद बस और ट्रेलर दोनों में आग लग गई, जिसके चलते चार लोग जिंदा जल गए। दुर्घटना में कुल सात लोगों की मौत हो गई। यह घटना दौसा के कोलवा थाना क्षेत्र में हुई है, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। बताया गया है कि यह निजी बस हरिद्वार और ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी।4