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राजस्थान के जयपुर में 20 साल से चले आ रहे पांचना-बांध जल विवाद पर आखिर सहमति बन गई है। इस मामले को सुलझाने के लिए किरोड़ी सहित कुल तीन मंत्रियों ने दोनों संबंधित पक्षों से वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि 6 जुलाई तक बांध का पानी खोल दिया जाएगा।
Vivek singh jadoun
राजस्थान के जयपुर में 20 साल से चले आ रहे पांचना-बांध जल विवाद पर आखिर सहमति बन गई है। इस मामले को सुलझाने के लिए किरोड़ी सहित कुल तीन मंत्रियों ने दोनों संबंधित पक्षों से वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि 6 जुलाई तक बांध का पानी खोल दिया जाएगा।
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- एक सोशल मीडिया पोस्ट में शुभेंदु जी की ज़ोरदार प्रशंसा की गई है, यह बताते हुए कि उन्होंने वह कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है, जिसे मोदी जी केवल कहते भर थे लेकिन कभी कर नहीं पाए। पोस्ट में शुभेंदु जी के इस कदम को मोदी जी के कहे और किए के बीच के अंतर को पाटने वाला बताया गया है।1
- राजस्थान के जयपुर में 20 साल से चले आ रहे पांचना-बांध जल विवाद पर आखिर सहमति बन गई है। इस मामले को सुलझाने के लिए किरोड़ी सहित कुल तीन मंत्रियों ने दोनों संबंधित पक्षों से वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि 6 जुलाई तक बांध का पानी खोल दिया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो परियोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस परियोजना से जुड़े मामलों में केवल अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी और खुद का फायदा देखा।1
- जयपुर में अक्सर यह देखने को मिलता है कि नगर निगम के वाहन व्यस्त सड़कों पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। इसके कारण आम जनता को अपने दफ्तरों, अस्पतालों और अन्य जरूरी कामों के लिए समय पर पहुँचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जस्ट जयपुर लाइव 24×7 ने इस पर सवाल उठाया है कि क्या ट्रैफिक नियम सभी के लिए समान हैं, और पूछा है कि यदि ऐसी गलती कोई आम नागरिक करता है तो उसका चालान क्यों काटा जाता है, जबकि सरकारी वाहनों पर यही नियम लागू नहीं होते। यह रिपोर्ट आम जनता से इस विषय पर अपनी राय कमेंट में साझा करने का आग्रह करती है कि क्या यातायात नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए।1
- देशवासियों को सचेत करते हुए, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि इन दोनों दलों ने 'रामभक्तों' को बीच बाजार गोलियों से मरवाया था। संदेश में इन्हें 'मांस भक्षी भेड़िये' बताया गया है, जो अब चुनावों में वोट बटोरने के लिए रामनाम का दुपट्टा पहनकर घूम रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि ये वही दल हैं जिन्होंने पहले यह सवाल उठाया था कि राम कौन हैं। राममंदिर निर्माण में भी इन्होंने हजारों बाधाएं उत्पन्न की थीं और सुप्रीम कोर्ट में वकीलों की एक बड़ी फौज खड़ी की थी।1
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- पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि वे जमीन से जुड़े विवादों में कानून के दायरे से बाहर जाकर जल्दी कार्रवाई करते हैं। इसके विपरीत, चोरी, चकारी और दुर्घटना जैसे अन्य मामलों में पुलिस बहुत देर से पहुँचती है। इन आरोपों के अनुसार, जमीन विवादों में पुलिस की यह तत्परता इसलिए है क्योंकि इसमें 'ज्यादा पैसा मिलता है'। यह भी कहा गया है कि जमीन के विवाद इतने बड़े होते हैं कि 'ऊपर के अधिकारी भी पैसे लेते हैं', और अक्सर ऐसी स्थिति में 'ऊपर से फोन आने' की बात कही जाती है। यह पूरी स्थिति पुलिस और उच्च अधिकारियों द्वारा कानून की आड़ में पैसे के खेल को उजागर करती है।1
- सोमवार दोपहर उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक बड़ा विमान हादसा हो गया। अलीगढ़ की फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण उड़ान पर निकला एक ट्रेनी विमान पुलिस लाइन के पीछे 6-लेन हाईवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान का संतुलन बिगड़ने के बाद वह बिजली के तारों से टकरा गया और हाईवे किनारे जा गिरा, जिससे विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में 27 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फ्लाइंग ट्रेनिंग अकादमी की टीम मौके पर पहुंच गई। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।1