**फरीदाबाद में होली पर बंद कमरे में अशोभनीय डांस का वीडियो वायरल, भोजपुरी गानों पर नग्नता के साथ प्रदर्शन पर उठे सवाल, त्योहार की गरिमा पर पड़ा असर, सामाजिक मर्यादा और जिम्मेदारी निभाने की उठी मांग, लोगों ने कहा—ऐसी हरकतों से गलत संदेश जाता है, संस्कृति और सम्मान बनाए रखना जरूरी** **होली जैसे पवित्र त्योहार पर अशोभनीय व्यवहार से समाज में गलत संदेश, जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना जरूरी** देशभर में मनाया जाने वाला रंगों का त्योहार होली खुशियों, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग आपसी मतभेद भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशी मनाते हैं। लेकिन हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग होली के मौके पर अशोभनीय तरीके से नाचते हुए नजर आ रहे हैं। इस तरह की गतिविधियां समाज में गलत संदेश फैलाती हैं और त्योहार की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। समाज के हर वर्ग की अपनी पहचान और सम्मान होता है, और हर किसी को अपनी अभिव्यक्ति का अधिकार है। लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार करना, खासकर ऐसे त्योहार पर जो सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। बच्चों और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे समाज में गलत उदाहरण स्थापित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और मर्यादा का पालन करना चाहिए। स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं होता कि हम सामाजिक सीमाओं को नजरअंदाज करें। बल्कि हमें ऐसा आचरण करना चाहिए जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और हमारी संस्कृति की गरिमा बनी रहे। आखिरकार, यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम त्योहारों को शालीनता और सम्मान के साथ मनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा मिल सके और हमारी परंपराएं सुरक्षित रह सकें।
**फरीदाबाद में होली पर बंद कमरे में अशोभनीय डांस का वीडियो वायरल, भोजपुरी गानों पर नग्नता के साथ प्रदर्शन पर उठे सवाल, त्योहार की गरिमा पर पड़ा असर, सामाजिक मर्यादा और जिम्मेदारी निभाने की उठी मांग, लोगों ने कहा—ऐसी हरकतों से गलत संदेश जाता है, संस्कृति और सम्मान बनाए रखना जरूरी** **होली जैसे पवित्र त्योहार पर अशोभनीय व्यवहार से समाज में गलत संदेश, जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना जरूरी** देशभर में मनाया जाने वाला रंगों का त्योहार होली खुशियों, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग आपसी मतभेद भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशी मनाते हैं। लेकिन हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग होली के मौके पर अशोभनीय तरीके से नाचते हुए नजर आ रहे हैं। इस तरह की गतिविधियां समाज में गलत संदेश फैलाती हैं और त्योहार की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। समाज के हर वर्ग की अपनी पहचान और सम्मान होता है, और हर किसी को अपनी अभिव्यक्ति का अधिकार है। लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार करना, खासकर ऐसे त्योहार पर जो सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। बच्चों और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे समाज में गलत उदाहरण स्थापित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और मर्यादा का पालन करना चाहिए। स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं होता कि हम सामाजिक सीमाओं को नजरअंदाज करें। बल्कि हमें ऐसा आचरण करना चाहिए जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और हमारी संस्कृति की गरिमा बनी रहे। आखिरकार, यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम त्योहारों को शालीनता और सम्मान के साथ मनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा मिल सके और हमारी परंपराएं सुरक्षित रह सकें।
- कॉर्पोरेट जगत में नारी उत्पीड़न व धर्मांतरण के षड्यंत्रों पर लगे लगाम : बजरंग बागड़ा*, टीसीएस जैसे मामलों से आहत विहिप ने भेजा फिक्की जैसे प्रमुख व्यावसायिक संघों को पत्र विश्व हिंदू परिषद के महासचिव श्री बजरंग बागड़ा ने व्यापार और उद्योग से जुड़े शीर्ष निकायों से कॉर्पोरेट जगत में काम कर रही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....1
- Post by Harshikesh Raj1
- Post by Pro hindustan tv1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके की एक मार्केट में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही इलाके में धुआं फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। राहत और बचाव कार्य जारी है।1
- अब किसी भी उम्र में बनवाएं जन्म प्रमाण पत्र, जानें घर बैठे आवेदन करने का आसान तरीका अक्सर लोगों को लगता है कि जन्म प्रमाण पत्र केवल बचपन में ही बन सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर किसी कारण से आपका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है, तो आप बड़ी उम्र में भी इसे बनवा सकते हैं। अब सरकार की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी है, जिनमें अब जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) बनवाना भी शामिल है। पहले जहां इस काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब आप घर बैठे ही आसानी से आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि अब किसी भी उम्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? अगर आप भी अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए नीचे बताए गए इन आसान से स्टेप्स को फॉलों करें... सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। फिर आपको Apply for Birth Certificate का ऑप्शन दिखेगा, उसपर क्लिक करें। अब फॉर्म में जरूरी जानकारी जैसे जन्म तिथि, स्थान, माता-पिता की जानकारी वगैरा भरें। फिर जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करें और रेफरेंस नंबर नोट कर लें। इस रेफरेंस नंबर से आप अपने आवेदन का स्टेटस भी चेक कर सकते हैं। अगर कोई 21 दिन से कम उम्र के बच्चे के लिए बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना चाहता है, तो उसके लिए प्रक्रिया थोड़ी अलग है, इसके लिए अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप, जच्चा-बच्चा कार्ड का होना जरूरी है। लेकिन अगर बच्चा 21 दिन से ज्यादा का है या वयस्क है, तो उसके लिए SDM ऑर्डर (नोटरी ) जरूरी होगा। इसके साथ ही आपको एफिडेविट (शपथ पत्र) और पहचान पत्र (आधार, पैन या पासपोर्ट) की भी जरूरत पड़ सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, दस्तावेजों की जरूरत भी बढ़ती जाती है।1
- Bishnupur Rally: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP को मिल रहा अपार समर्थन West Bengal के बिष्णुपुर में BJP की ऐतिहासिक रैली, दिखा जनता का भारी उत्साह1
- Post by MOHD Ahsan. 95406238261
- Post by Harshikesh Raj1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में IIMT यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को लेकर आज उपराष्ट्रपति के दौरे से शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई। आवासीय कॉलोनियों वाले क्षेत्र में आवाजाही पर पाबंदियां लगाए जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज धूप और करीब 37 डिग्री तापमान के बीच आम लोग लंबे समय तक जाम और ट्रैफिक रोक के कारण सड़कों पर फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने आवाजाही प्रभावित होने पर नाराजगी भी जताई। जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति दोपहर करीब ढाई बजे कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं। उनके दौरे को देखते हुए अगले कुछ घंटों तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना जताई गई है।1