logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यूपी में आरटीओ टीम को चकमा देकर डंपर चालक फरार आरटीओ अधिकारी की सफाई उत्तर प्रदेश में आरटीओ टीम एक डंपर का पीछा करती रही, लेकिन चालक ने चालाकी दिखाते हुए रास्ते में गिट्टी-पत्थर गिरा दिए। सड़क पर सामग्री फैलने से प्रशासन को सफाई कार्य में जुटना पड़ा। इस बीच डंपर चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना के बाद ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

2 days ago
user_एस एस मिडिया अलवर
एस एस मिडिया अलवर
Local News Reporter मालखेड़ा, अलवर, राजस्थान•
2 days ago

यूपी में आरटीओ टीम को चकमा देकर डंपर चालक फरार आरटीओ अधिकारी की सफाई उत्तर प्रदेश में आरटीओ टीम एक डंपर का पीछा करती रही, लेकिन चालक ने चालाकी दिखाते हुए रास्ते में गिट्टी-पत्थर गिरा दिए। सड़क पर सामग्री फैलने से प्रशासन को सफाई कार्य में जुटना पड़ा। इस बीच डंपर चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना के बाद ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • user_Mahesh chand patel malakhera ,alwar,Raj,,
    Mahesh chand patel malakhera ,alwar,Raj,,
    अलवर, अलवर, राजस्थान
    😡
    2 days ago
More news from राजस्थान and nearby areas
  • अलवर के थानागाजी में एससी प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर वर्मा ने अपना 36वां जन्मदिन रक्तदान शिविर का आयोजन कर मनाया। इस विशेष अवसर पर, माननीय प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने फोन के माध्यम से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने भी फोन पर धर्मवीर वर्मा को शुभकामनाएँ दीं, जबकि जिला अध्यक्ष जलाराम एससी प्रकोष्ठ ने स्वयं उपस्थित होकर उन्हें बधाई दी और सम्मानित किया। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को हेलमेट और एक प्रत्येक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकार और मानव अधिकार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी राजेंद्र जी, और अमित सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
    4
    अलवर के थानागाजी में एससी प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर वर्मा ने अपना 36वां जन्मदिन रक्तदान शिविर का आयोजन कर मनाया। इस विशेष अवसर पर, माननीय प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने फोन के माध्यम से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने भी फोन पर धर्मवीर वर्मा को शुभकामनाएँ दीं, जबकि जिला अध्यक्ष जलाराम एससी प्रकोष्ठ ने स्वयं उपस्थित होकर उन्हें बधाई दी और सम्मानित किया। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को हेलमेट और एक प्रत्येक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में पत्रकार और मानव अधिकार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी राजेंद्र जी, और अमित सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • अलवर के बगर तिराया डंपिंग यार्ड में 15-16 मृत गौवंश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना की खबर मिलते ही गौभक्तों और प्रशासन की एक टीम तत्काल मौके पर पहुँच गई। इस गंभीर मामले में अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन है।
    1
    अलवर के बगर तिराया डंपिंग यार्ड में 15-16 मृत गौवंश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना की खबर मिलते ही गौभक्तों और प्रशासन की एक टीम तत्काल मौके पर पहुँच गई। इस गंभीर मामले में अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन है।
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर बीकानेर के निदेशालय परिसर में शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा और नियमित शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के निराकरण हेतु एक विशाल प्रांतीय धरना आयोजित किया। यह धरना शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुलाया गया था। धरने को विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी, प्रदेश संयोजक जगदीश ढाका, शिवशंकर गोदारा और झालावाड़ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष भारत भूषण मीणा प्रमुख थे। वक्ताओं ने सरकार से समय रहते इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रमुख मांगों में संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण, टेट (TET) की अनिवार्यता वापस लेना, पदोन्नतियों को शीघ्र अमलीजामा पहनाना, वेतन विसंगतियों को दूर करना, वेतन वसूली पर रोक लगाना और शिक्षकों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखना शामिल था। इस दौरान निदेशक महोदय को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता है, तो संपूर्ण प्रदेश में आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। झालावाड़ जिले से भारत भूषण मीणा के नेतृत्व में जगदीश प्रसाद, मांगीलाल, रामप्रकाश, दुर्गाशंकर, दिलराज सहित दर्जनों शिक्षकों ने शिक्षक संघ प्रगतिशील की ओर से इस विशाल धरने में सक्रिय भागीदारी की।
    4
    अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर बीकानेर के निदेशालय परिसर में शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा और नियमित शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के निराकरण हेतु एक विशाल प्रांतीय धरना आयोजित किया। यह धरना शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुलाया गया था।

धरने को विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी, प्रदेश संयोजक जगदीश ढाका, शिवशंकर गोदारा और झालावाड़ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष भारत भूषण मीणा प्रमुख थे। वक्ताओं ने सरकार से समय रहते इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रमुख मांगों में संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण, टेट (TET) की अनिवार्यता वापस लेना, पदोन्नतियों को शीघ्र अमलीजामा पहनाना, वेतन विसंगतियों को दूर करना, वेतन वसूली पर रोक लगाना और शिक्षकों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखना शामिल था।

इस दौरान निदेशक महोदय को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता है, तो संपूर्ण प्रदेश में आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। झालावाड़ जिले से भारत भूषण मीणा के नेतृत्व में जगदीश प्रसाद, मांगीलाल, रामप्रकाश, दुर्गाशंकर, दिलराज सहित दर्जनों शिक्षकों ने शिक्षक संघ प्रगतिशील की ओर से इस विशाल धरने में सक्रिय भागीदारी की।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • अलवर जिले के मुबारिकपुर गाँव के ग्रामीणों ने अपनी दैनिक आवागमन की समस्या को उजागर करते हुए मुबारिकपुर से अलवर के लिए बंद पड़ी बस सेवा को तुरंत फिर से शुरू करने की जोरदार मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि मुबारिकपुर से बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी सहित अन्य लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, और बस सुविधा के अभाव में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया है। इन समस्याओं के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मत्स्यनगर आगार के मुख्य प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बस संचालन को तत्काल बहाल करने और बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण कराने की अपील की गई है।
    1
    अलवर जिले के मुबारिकपुर गाँव के ग्रामीणों ने अपनी दैनिक आवागमन की समस्या को उजागर करते हुए मुबारिकपुर से अलवर के लिए बंद पड़ी बस सेवा को तुरंत फिर से शुरू करने की जोरदार मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि मुबारिकपुर से बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी सहित अन्य लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, और बस सुविधा के अभाव में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया है। इन समस्याओं के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मत्स्यनगर आगार के मुख्य प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बस संचालन को तत्काल बहाल करने और बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण कराने की अपील की गई है।
    user_R Balvinder Singh
    R Balvinder Singh
    Court reporter रामगढ़, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • अलवर जिले के माचड़ी गांव में 20 जून 2026 को इब्तिदा संस्था द्वारा चलाए जा रहे किशोरी शिक्षा एवं सशक्तिकरण प्रोग्राम के तहत एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक संकल्प किशोर संदर्भ केंद्र माचड़ी में 'बदलाव के राही' के लिए रखी गई थी। इस आयोजन में पाँच गांवों से आए 'बदलाव के राहियों' ने भाग लिया, जहाँ संकल्प किशोर संदर्भ पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी साझा की गई। बैठक का मुख्य जोर बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने तथा गांव में स्कूल छोड़ चुके किशोर-किशोरियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा में लाने पर रहा। सभी 'बदलाव के राहियों' ने अपने-अपने गांवों में ऐसे ड्रॉप आउट किशोर-किशोरियों को शिक्षा से जोड़ने का काम करने का संकल्प लिया। गांव माचड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता श्री मंगल राम जी ने बाहर से आए किशोरों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इब्तिदा संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों से समाज में लिंग आधारित भेदभाव को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता आई है, जिसके कारण अब भेदभाव में कमी होने लगी है।
    2
    अलवर जिले के माचड़ी गांव में 20 जून 2026 को इब्तिदा संस्था द्वारा चलाए जा रहे किशोरी शिक्षा एवं सशक्तिकरण प्रोग्राम के तहत एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक संकल्प किशोर संदर्भ केंद्र माचड़ी में 'बदलाव के राही' के लिए रखी गई थी।

इस आयोजन में पाँच गांवों से आए 'बदलाव के राहियों' ने भाग लिया, जहाँ संकल्प किशोर संदर्भ पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी साझा की गई। बैठक का मुख्य जोर बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने तथा गांव में स्कूल छोड़ चुके किशोर-किशोरियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा में लाने पर रहा। सभी 'बदलाव के राहियों' ने अपने-अपने गांवों में ऐसे ड्रॉप आउट किशोर-किशोरियों को शिक्षा से जोड़ने का काम करने का संकल्प लिया।

गांव माचड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता श्री मंगल राम जी ने बाहर से आए किशोरों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इब्तिदा संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों से समाज में लिंग आधारित भेदभाव को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता आई है, जिसके कारण अब भेदभाव में कमी होने लगी है।
    user_रोहिताश कुमार जाटव
    रोहिताश कुमार जाटव
    Farmer Ramgarh Alwar, Rajasthan•
    22 hrs ago
  • दौसा जिले के मंडावर क्षेत्र के ग्राम उकरूंद में करीब 50 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क अब गंभीर विवादों में घिर गई है। शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने एक दिन पहले बनी सड़क के हिस्से को खुद तोड़कर उसकी गुणवत्ता की पोल खोल दी, जिसके बाद सड़क निर्माण स्थल आंदोलन का केंद्र बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है और निर्माण में गंभीर अनियमितताएं, घटिया सामग्री का उपयोग और तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों तक टिकाऊ रहने वाली यह सड़क निर्माण के अगले ही दिन टूटने लगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा; इसमें घटिया बजरी, डस्ट और कम मात्रा में सीमेंट का प्रयोग हो रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने शिकायत की कि सड़क निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है, फिर भी काम अधूरा है और इसमें तेजी दिखाने के बजाय गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। एक और गंभीर आरोप यह है कि जल निकासी के लिए हर निर्धारित दूरी पर पाइप लाइन डालने का नियम है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में जलभराव और सड़क के क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। इन गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत पर ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एईएन) को मौके पर बुलाया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी फैल गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर जमा हो गए और ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसमें निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच, नमूने लैब में भेजना, जिम्मेदारी तय करना और जल निकासी की उचित व्यवस्था शामिल है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। उकरूंद में यह 50 लाख रुपये की सड़क अब केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और सरकारी धन के उपयोग पर एक बड़ा सवाल बन गई है। ग्रामीणों द्वारा नई बनी सड़क को तोड़ा जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब सभी की नजर प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर 50 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी कमजोर क्यों बनी?
    2
    दौसा जिले के मंडावर क्षेत्र के ग्राम उकरूंद में करीब 50 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क अब गंभीर विवादों में घिर गई है। शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने एक दिन पहले बनी सड़क के हिस्से को खुद तोड़कर उसकी गुणवत्ता की पोल खोल दी, जिसके बाद सड़क निर्माण स्थल आंदोलन का केंद्र बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है और निर्माण में गंभीर अनियमितताएं, घटिया सामग्री का उपयोग और तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों तक टिकाऊ रहने वाली यह सड़क निर्माण के अगले ही दिन टूटने लगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा; इसमें घटिया बजरी, डस्ट और कम मात्रा में सीमेंट का प्रयोग हो रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने शिकायत की कि सड़क निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है, फिर भी काम अधूरा है और इसमें तेजी दिखाने के बजाय गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। एक और गंभीर आरोप यह है कि जल निकासी के लिए हर निर्धारित दूरी पर पाइप लाइन डालने का नियम है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में जलभराव और सड़क के क्षतिग्रस्त होने का खतरा है।

इन गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत पर ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एईएन) को मौके पर बुलाया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी फैल गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर जमा हो गए और ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसमें निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच, नमूने लैब में भेजना, जिम्मेदारी तय करना और जल निकासी की उचित व्यवस्था शामिल है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

उकरूंद में यह 50 लाख रुपये की सड़क अब केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और सरकारी धन के उपयोग पर एक बड़ा सवाल बन गई है। ग्रामीणों द्वारा नई बनी सड़क को तोड़ा जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब सभी की नजर प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर 50 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी कमजोर क्यों बनी?
    user_Rajasthan lok news 24x7
    Rajasthan lok news 24x7
    Court reporter मंडावर, दौसा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाने में विशेष समुदाय के चार लोगों पर एक नाबालिग से रातभर सामूहिक दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित के परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए बाहर जाने के बाद, पीछे से नाबालिग से यह कथित वारदात हुई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
    1
    राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाने में विशेष समुदाय के चार लोगों पर एक नाबालिग से रातभर सामूहिक दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित के परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए बाहर जाने के बाद, पीछे से नाबालिग से यह कथित वारदात हुई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ की सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि माननीय अध्यक्ष, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़, जिला अलवर के निर्देशानुसार 20 जून 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजगढ़ मुख्यालय स्थित करोठ, काली पहाड़ी और बड़ला गांवों में मोबाइल वैन के माध्यम से आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया था। इस शिविर में पीएलवी श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी ने उपस्थित नागरिकों को नालसा (मानव-वन्यजीव संघर्ष से पीड़ित के लिए विधिक सेवाएँ) योजना 2025 और नालसा वीर परिवार सहायता योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, बाल विवाह उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम और बाल विवाह निषेध अधिनियम से संबंधित विषयों पर भी महत्वपूर्ण विधिक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने NALSA योजना के तहत निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह पर प्रतिबंध, विवाह की कानूनी आयु, बाल विवाह के प्रतिकूल सामाजिक परिणाम, बच्चों के अधिकार और उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया। शिविर के दौरान विशेष योग्यजनों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 के विषय में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया गया।
    4
    तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ की सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि माननीय अध्यक्ष, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़, जिला अलवर के निर्देशानुसार 20 जून 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजगढ़ मुख्यालय स्थित करोठ, काली पहाड़ी और बड़ला गांवों में मोबाइल वैन के माध्यम से आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया था।

इस शिविर में पीएलवी श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी ने उपस्थित नागरिकों को नालसा (मानव-वन्यजीव संघर्ष से पीड़ित के लिए विधिक सेवाएँ) योजना 2025 और नालसा वीर परिवार सहायता योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, बाल विवाह उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम और बाल विवाह निषेध अधिनियम से संबंधित विषयों पर भी महत्वपूर्ण विधिक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने NALSA योजना के तहत निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह पर प्रतिबंध, विवाह की कानूनी आयु, बाल विवाह के प्रतिकूल सामाजिक परिणाम, बच्चों के अधिकार और उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया।

शिविर के दौरान विशेष योग्यजनों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 के विषय में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया गया।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.