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देश भर से युवाओं के एक भावुक कर देने वाले जज़्बे के साथ दिल्ली पहुँचने का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी आँखों में आँसू आ जाएँगे। पोस्ट में कहा गया है कि अगर देश का युवा इसी जुनून और हौसले के साथ दिल्ली पहुँचता रहा, तो इस आंदोलन को दुनिया की कोई भी ताक़त नहीं रोक सकती।
Anil paswan
देश भर से युवाओं के एक भावुक कर देने वाले जज़्बे के साथ दिल्ली पहुँचने का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी आँखों में आँसू आ जाएँगे। पोस्ट में कहा गया है कि अगर देश का युवा इसी जुनून और हौसले के साथ दिल्ली पहुँचता रहा, तो इस आंदोलन को दुनिया की कोई भी ताक़त नहीं रोक सकती।
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- जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद कर दिया गया है, जिसके कारण वीडियो अपलोड करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आना पड़ा है। वीडियो अपलोड का काम पूरा करने के बाद फिर से जंतर-मंतर वापस जाना होगा।1
- सोनम वांगचुक जी ने अपना अनशन तोड़ दिया है, जिसे संवेदनशील और जवाबदेह मोदी सरकार पर देश के युवाओं के अटूट भरोसे की जीत बताया गया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के वीडियो संदेश के बाद उन्होंने अपने अनशन पर विराम लगाया। सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने की यह घटना पेपर लीक के ख़िलाफ़ मोदी सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कड़े कदमों की प्रतिबद्धता और छात्र हितों के प्रति अटूट भरोसे की मिसाल है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने वीडियो संदेश में जो बातें कही हैं, वे देश की सकारात्मक युवा शक्ति के मन को छूने वाली हैं। देश के युवाओं के हितों से जुड़े विषय मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और सरकार इस प्राथमिकता से एक इंच भी पीछे नहीं हटने वाली है। सोनम वांगचुक जी द्वारा अपने अनशन पर विराम देना सरकार की संवेदनशीलता और छात्र हितों में क़दम उठाने की कटिबद्धता को और मजबूती देने का काम करता है।1
- कांठ के बेगमपुर में लंबे समय से मुख्य रास्ते का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान काशीराम से कई बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद आज तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा की वजह से गांव के लोगों को हर दिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि मुख्य रास्ते पर कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों के घरों की दीवारों पर सांप और बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े दिखाई देने लगते हैं। गांव के कई परिवारों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में फिसलकर कई लोग गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इस बदहाली के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस मामले में उनकी शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।2
- कुशीनगर कलेक्ट्रेट सभागार में 23 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) के 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) के संयुक्त तत्वावधान में हुई इस बैठक में जनपद में युवा सहभागिता बढ़ाने और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला युवा अधिकारी चन्द्रभूषण चौबे ने बताया कि बैठक के दौरान माय भारत पोर्टल पर व्यापक स्तर पर पंजीकरण अभियान चलाने तथा शैक्षणिक संस्थानों व विभिन्न विभागों के समन्वय से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर मंथन हुआ। बैठक में माय भारत की उपलब्धियों, नेतृत्व विकास, सामुदायिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।1
- पूरे देश में छात्रों का गुस्सा उबाल पर है और इसी बीच आज बिहार से एक नई तस्वीर निकलकर सामने आई है। डबल इंजन की सरकार वाले राज्य बिहार में आक्रोशित छात्रों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यालय का घेराव कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर बिहार पुलिस और बिहार के छात्र आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत हो गई।1
- संसद के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस का भी बेहद सराहनीय कदम देखने को मिला है। प्रदर्शन के बीच पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम काफी प्रशंसनीय रहा।1
- दिल्ली के वार्ड 41 स्थित अमन विहार के कृष्णा प्रधान रोड (पिन कोड 110086) पर 10 अवैध अचार की फैक्ट्रियों के संचालन से भारी प्रदूषण फैल रहा है और इलाके में प्रदूषण इमरजेंसी तथा 'प्रदूषण बम' जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इन अवैध फैक्ट्रियों के कारण बढ़ रहे प्रदूषण से परेशान होकर बेहाल जनता अब अपने घर बेचने को मजबूर हो गई है। इस गंभीर स्थिति को लेकर एमसीडी (MCD), डीपीसीसी (DPCC), दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय से तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।4
- शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे बच्चों पर आज केंद्र सरकार द्वारा क्रैकडाउन किए जाने की आशंका जताते हुए सरकार से गुहार लगाई गई है। केंद्र सरकार से साफ शब्दों में अपील की गई है कि वह प्रदर्शन कर रहे बच्चों के खिलाफ ऐसा कोई भी कदम उठाने या मिस्एडवेंचर करने से पूरी तरह बचे।1
- कांठ के गढ़ी गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। तालाब के पास खड़े बिजली के पोल से पानी में करंट फैल जाने के कारण उसमें उतरे दो पशुओं की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना के समय गढ़ी निवासी मुस्तकीम अपने दो पशुओं को पानी पीने और खड़ा होने के लिए तालाब में ले गए थे। जैसे ही पशु पानी के संपर्क में आए, वे तुरंत करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोग जब तक मदद के लिए दौड़े, तब तक दोनों पशुओं की जान जा चुकी थी। इस हादसे के बाद पूरे गांव में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल पर लाइन जोड़ने का काम लाइनमैन द्वारा किया गया था। लोगों ने पहले ही लाइनमैन को चेतावनी दी थी कि तालाब के पास इस तरह लापरवाही से तार जोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है, लेकिन उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी लापरवाही के कारण पोल में करंट उतरा और वह पूरे तालाब के पानी में फैल गया। उग्र ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी शिकायत पर ध्यान दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने दोषी लाइनमैन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई जगहों पर बिजली के पोल और तार बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे लगातार हादसे का खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच कराने और जर्जर तारों व पोलों को तुरंत सुधारने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या पशु की जान जोखिम में न पड़े।1