कांठ के बेगमपुर में लंबे समय से मुख्य रास्ते का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान काशीराम से कई बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद आज तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा की वजह से गांव के लोगों को हर दिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि मुख्य रास्ते पर कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों के घरों की दीवारों पर सांप और बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े दिखाई देने लगते हैं। गांव के कई परिवारों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में फिसलकर कई लोग गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इस बदहाली के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस मामले में उनकी शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।
कांठ के बेगमपुर में लंबे समय से मुख्य रास्ते का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान काशीराम से कई बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद आज तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा की वजह से गांव के लोगों को हर दिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि मुख्य रास्ते पर कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों के घरों की दीवारों पर सांप और बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े दिखाई देने लगते हैं। गांव के कई परिवारों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में फिसलकर कई लोग
गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इस बदहाली के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस मामले में उनकी शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।
- चयनित छवि में मौजूद पाठ में वर्तमान भारतीय सरकार, देश के लोकतंत्र और पुलिस की कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की गई है। इस पूरी टिप्पणी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया गया है।1
- सालारपुर की गली नंबर 10 में अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क न बनी होने के कारण इस गली से होकर आने-जाने वाले लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की खस्ताहाली की वजह से राहगीरों को आवाजाही करने में काफी असुविधा हो रही है।1
- कांठ के बेगमपुर में लंबे समय से मुख्य रास्ते का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान काशीराम से कई बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद आज तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा की वजह से गांव के लोगों को हर दिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि मुख्य रास्ते पर कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों के घरों की दीवारों पर सांप और बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े दिखाई देने लगते हैं। गांव के कई परिवारों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में फिसलकर कई लोग गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इस बदहाली के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस मामले में उनकी शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।2
- पूरे देश में छात्रों का गुस्सा उबाल पर है और इसी बीच आज बिहार से एक नई तस्वीर निकलकर सामने आई है। डबल इंजन की सरकार वाले राज्य बिहार में आक्रोशित छात्रों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यालय का घेराव कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर बिहार पुलिस और बिहार के छात्र आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत हो गई।1
- संसद के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस का भी बेहद सराहनीय कदम देखने को मिला है। प्रदर्शन के बीच पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम काफी प्रशंसनीय रहा।1
- दिल्ली के मावलंकर हॉल में बहुजन सम्यक संगठन का 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहां पूरा परिसर 'जय भीम' के उद्घोष से गूंज उठा। इस विशेष कार्यक्रम में देश के 12 अलग-अलग राज्यों से आए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- देश और समाज को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सच्चे देशभक्तों से BJKS से जुड़ने का आह्वान किया गया है। लोगों से व्हाट्सएप पर 'Join' लिखकर जुड़ने की अपील की गई है, ताकि मिलकर देश और समाज को सशक्त बनाया जा सके। इस संदेश में देशभक्ति का जज़्बा ज़ाहिर करते हुए 'जय हिंद, जय भारत' का नारा भी दिया गया है।1
- बिहार के पटना में प्रदर्शनकारियों ने झंडा लिए हुए व्यक्तियों को घेर लिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें बचाया।1