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दिल्ली के मावलंकर हॉल में बहुजन सम्यक संगठन का 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहां पूरा परिसर 'जय भीम' के उद्घोष से गूंज उठा। इस विशेष कार्यक्रम में देश के 12 अलग-अलग राज्यों से आए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Vinod Rastogi
दिल्ली के मावलंकर हॉल में बहुजन सम्यक संगठन का 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहां पूरा परिसर 'जय भीम' के उद्घोष से गूंज उठा। इस विशेष कार्यक्रम में देश के 12 अलग-अलग राज्यों से आए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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- पूरे देश में छात्रों का गुस्सा उबाल पर है और इसी बीच आज बिहार से एक नई तस्वीर निकलकर सामने आई है। डबल इंजन की सरकार वाले राज्य बिहार में आक्रोशित छात्रों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यालय का घेराव कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर बिहार पुलिस और बिहार के छात्र आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत हो गई।1
- संसद के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस का भी बेहद सराहनीय कदम देखने को मिला है। प्रदर्शन के बीच पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम काफी प्रशंसनीय रहा।1
- दिल्ली के मावलंकर हॉल में बहुजन सम्यक संगठन का 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहां पूरा परिसर 'जय भीम' के उद्घोष से गूंज उठा। इस विशेष कार्यक्रम में देश के 12 अलग-अलग राज्यों से आए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- देश और समाज को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सच्चे देशभक्तों से BJKS से जुड़ने का आह्वान किया गया है। लोगों से व्हाट्सएप पर 'Join' लिखकर जुड़ने की अपील की गई है, ताकि मिलकर देश और समाज को सशक्त बनाया जा सके। इस संदेश में देशभक्ति का जज़्बा ज़ाहिर करते हुए 'जय हिंद, जय भारत' का नारा भी दिया गया है।1
- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों को साफ संदेश देते हुए उनके समर्थन का ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा कि जब छात्र सड़क पर हैं, तो विपक्ष का सड़क पर होना भी ज़रूरी है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं और पूरा विपक्ष आपके साथ खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ हो रही हिंसा को पूरी तरह गलत बताया है।1
- आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने NEET पेपर लीक स्कैम और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा तभी संभव है जब पहले इस्तीफा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिना इस्तीफे के कोई वार्ता स्वीकार नहीं होगी। चंद्रशेखर आज़ाद ने सरकार के संवाद के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि अगर वे इतने ही संवादप्रिय हैं तो उन्होंने 20 तारीख से पहले बच्चों से बात क्यों नहीं की। उन्होंने दोहराया कि संसद में बातचीत का रास्ता तभी खुलेगा जब पहले इस्तीफा होगा।1
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इन प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस कार्रवाई के बाद यह विरोध प्रदर्शन चंडीगढ़ और पटना सहित अन्य भारतीय शहरों में भी फैल गए हैं।1