“राशन पर रिश्वत का खेल” — बेगूसराय में आपूर्ति पदाधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, ": प्रखंड मुख्यालयों में सड़ांध मारता सिस्टम और 'साहब' का सफेदपोश भ्रष्टाचार! विजय कुमार , वरिष्ठ पत्रकार बिहार के प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा प्रमाण बेगूसराय के मंसूरचक प्रखंड से सामने आया है। निगरानी विभाग की टीम ने प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) शैलेन्द्र कुमार और उनके 'वसूली एजेंट' सह दलाल विद्या सागर को ₹12,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचकर यह साबित कर दिया है कि गरीबों के अनाज पर कुंडली मारकर बैठे ये 'सरकारी अजगर' बिना चढ़ावे के एक पत्ता भी नहीं हिलने देते। कमीशन का 'फिक्स रेट': गरीबों की थाली पर डाका यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस पूरे सिंडिकेट की पोल खोलती है जो प्रखंड स्तर पर फल-फूल रहा है। सोचिए, जहाँ प्रति क्विंटल 25 रूपये का 'कमीशन' सरकारी अधिकारियों द्वारा तय कर दिया गया हो, वहां आम जनता और गरीबों को मिलने वाले राशन की गुणवत्ता और मात्रा क्या होगी? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और जन वितरण प्रणाली (PDS) जैसा संवेदनशील विभाग 'उगाही केंद्र' में तब्दील हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि सिस्टम सड़ चुका है। अधिकारी-दलाल नेक्सस: भ्रष्टाचार का नया मॉडल इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू है 'अधिकारी-दलाल' का अटूट गठबंधन। अब 'साहब' सीधे पैसे नहीं लेते, इसके लिए उन्होंने 'विद्या सागर' जैसे बिचौलियों की फौज पाल रखी है। यह दलाल न सिर्फ वसूली का जरिया बनते हैं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के लिए 'सुरक्षा कवच' का भी काम करते हैं। लेकिन निगरानी की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और भ्रष्टाचार के इस नेक्सस को तोड़ा जा सकता है। सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं, इलाज जरूरी है! सवाल यह है कि क्या एक बीसो (BSO) की गिरफ्तारी से व्यवस्था सुधर जाएगी? बिल्कुल नहीं। जेल जाने के कुछ महीनों बाद ये फिर जमानत पर बाहर आएंगे और शायद किसी दूसरे प्रखंड में यही खेल शुरू करेंगे। ज़रूरत है इनके खिलाफ 'फास्ट ट्रैक' सुनवाई की और इनकी अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने की। जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के मन में नौकरी जाने और सामाजिक बहिष्कार का डर नहीं होगा, तब तक बेगूसराय हो या बिहार का कोई अन्य जिला, भ्रष्टाचार की यह गंगा बहती रहेगी। जनता की जागृति ही अंतिम हथियार पप्पू पासवान जैसे सजग नागरिकों की हिम्मत को सलाम, जिन्होंने घुटने टेकने के बजाय लड़ने का फैसला किया। एक स्वतंत्र पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता होने के नाते मेरा मानना है कि जब तक हम और आप इन सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक ये सिस्टम हमें दीमक की तरह चाटता रहेगा। निगरानी विभाग की यह कार्रवाई एक चेतावनी है उन तमाम कुर्सियों के लिए, जो जनता की सेवा के लिए बनी थीं लेकिन अब 'मलाई' काटने का अड्डा बन गई हैं। वक़्त आ गया है, इस सड़ांध मारते सिस्टम की सफाई का
“राशन पर रिश्वत का खेल” — बेगूसराय में आपूर्ति पदाधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, ": प्रखंड मुख्यालयों में सड़ांध मारता सिस्टम और 'साहब' का सफेदपोश भ्रष्टाचार! विजय कुमार , वरिष्ठ पत्रकार बिहार के प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा प्रमाण बेगूसराय के मंसूरचक प्रखंड से सामने आया है। निगरानी विभाग की टीम ने प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) शैलेन्द्र कुमार और उनके 'वसूली एजेंट' सह दलाल विद्या सागर को ₹12,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचकर यह साबित कर दिया है कि गरीबों के अनाज पर कुंडली मारकर बैठे ये 'सरकारी अजगर' बिना चढ़ावे के एक पत्ता भी नहीं हिलने देते। कमीशन का 'फिक्स रेट': गरीबों की थाली पर डाका यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस पूरे सिंडिकेट की पोल खोलती है जो प्रखंड स्तर पर फल-फूल रहा है। सोचिए, जहाँ प्रति क्विंटल 25 रूपये का 'कमीशन' सरकारी अधिकारियों द्वारा तय कर दिया गया हो, वहां आम जनता और गरीबों को मिलने वाले राशन की गुणवत्ता और मात्रा क्या होगी? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और जन वितरण प्रणाली (PDS) जैसा संवेदनशील विभाग 'उगाही केंद्र' में तब्दील हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि सिस्टम सड़ चुका है। अधिकारी-दलाल नेक्सस: भ्रष्टाचार का नया मॉडल इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू है 'अधिकारी-दलाल' का अटूट गठबंधन। अब 'साहब' सीधे पैसे नहीं लेते, इसके लिए उन्होंने 'विद्या सागर' जैसे बिचौलियों की फौज पाल रखी है। यह दलाल न सिर्फ वसूली का जरिया बनते हैं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के लिए 'सुरक्षा कवच' का भी काम करते हैं। लेकिन निगरानी की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और भ्रष्टाचार के इस नेक्सस को तोड़ा जा सकता है। सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं, इलाज जरूरी है! सवाल यह है कि क्या एक बीसो (BSO) की गिरफ्तारी से व्यवस्था सुधर जाएगी? बिल्कुल नहीं। जेल जाने के कुछ महीनों बाद ये फिर जमानत पर बाहर आएंगे और शायद किसी दूसरे प्रखंड में यही खेल शुरू करेंगे। ज़रूरत है इनके खिलाफ 'फास्ट ट्रैक' सुनवाई की और इनकी अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने की। जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के मन में नौकरी जाने और सामाजिक बहिष्कार का डर नहीं होगा, तब तक बेगूसराय हो या बिहार का कोई अन्य जिला, भ्रष्टाचार की यह गंगा बहती रहेगी। जनता की जागृति ही अंतिम हथियार पप्पू पासवान जैसे सजग नागरिकों की हिम्मत को सलाम, जिन्होंने घुटने टेकने के बजाय लड़ने का फैसला किया। एक स्वतंत्र पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता होने के नाते मेरा मानना है कि जब तक हम और आप इन सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक ये सिस्टम हमें दीमक की तरह चाटता रहेगा। निगरानी विभाग की यह कार्रवाई एक चेतावनी है उन तमाम कुर्सियों के लिए, जो जनता की सेवा के लिए बनी थीं लेकिन अब 'मलाई' काटने का अड्डा बन गई हैं। वक़्त आ गया है, इस सड़ांध मारते सिस्टम की सफाई का
- गया शहर के बड़े हनुमान मंदिर नारायणी पुल बाईपास रोड गयाजी के पास हनुमान जयंती के अवसर पर भंडारा एवं भजन कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- रफीगंज शहर के किराना पट्टी स्थित नरसिंह स्थान में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर विशेष सजावट कर भक्ति का माहौल बनाया गया। पूरे क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं द्वारा 11 बार हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। पाठ के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भगवान हनुमान की भक्ति में लीन नजर आए। संध्या में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नरसिंह स्थान के अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ सज्जन सिंह, संचालक राज कुमार गुप्ता, धनराज विश्वकर्मा, धीरज सोनी, अमन विश्वकर्मा, अरुण गुप्ता, सत्येंद्र शौंडिक, कुंदन खत्री, अमन शौंडिक सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- प्रतापपुर थाना पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब के साथ दो शराब माफियाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कौरी उपस्वास्थ्य केंद्र के समीप चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। इस संबंध में थाना प्रभारी आलोक कुमार रंजन ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वरीय पदाधिकारी, चतरा को सूचना मिली थी कि चक से कौरा मार्ग के रास्ते शराब माफिया वाहनों के माध्यम से अवैध शराब बिहार भेजने का काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर प्रतापपुर पुलिस लगातार सक्रिय थी और संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी जा रही थी। गुरुवार को कौरा मोड़ पर गश्ती के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन में भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। मौके से शराब ले जा रहे दो आरोपियों—सोनू कुमार और वाहन चालक प्रिंस कुमार (साकिन थाना मनातु, पलामू) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में थाना कांड संख्या 32/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जप्त की गई शराब में विभिन्न ब्रांड शामिल हैं, जिनमें आईकोनिक (375 एमएल 23 बोतल, 180 एमएल 24 बोतल), स्टर्लिंग रिजर्व (180 एमएल 22 बोतल, 375 एमएल 24 बोतल), ब्लेंडर प्राइड (375 एमएल 7 बोतल), किंगफिशर स्ट्रॉन्ग (500 एमएल 4 कार्टन), किंगफिशर अल्ट्रा (500 एमएल 24 बोतल) तथा रॉयल स्टैग (375 एमएल 2 कार्टन) शामिल हैं। छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी के अलावा कई पुलिस जवान भी शामिल थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।1
- प्रतापपुर पुलिस की नाकेबंदी में फंसी अवैध शराब से भरी गाड़ी; 10 पेटी अंग्रेजी शराब और बीयर के साथ दो शातिर दबोचे गए!1
- गया मे ward नो 37 मे बना सडक 6 महीने मे जहाँ तहा टुटा1
- Gandhinagar1
- Post by जन सेवक1
- रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र अंतर्गत पाती गांव में जल संकट की समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। गुरुवार की संध्या करीब 6:00 बजे चेंव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाती गांव के ग्रामीण महेंद्र महतो सहित अन्य लोगों ने विधायक प्रमोद कुमार सिंह को अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई है और जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही उन्हें इस जल संकट से राहत मिलेगी।1