प्रतापगढ़ जिले में बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर चतरिया खेड़ी गांव के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना तब हुई जब बांसवाड़ा रोड पर यातायात पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाकाबंदी कर रही थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला यातायात प्रभारी ईश्वरलाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पाडलिया निवासी अजय मीणा और रमेश मीणा एक बाइक पर प्रतापगढ़ की ओर आ रहे थे, वहीं मकनपुरा निवासी नानालाल मीणा दूसरी बाइक से बांसवाड़ा की ओर जा रहे थे। चतरिया खेड़ी गांव से पहले दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। यातायात प्रभारी ईश्वरलाल ने एसआई सलीम खान और कॉन्स्टेबल शिवलाल के सहयोग से घायलों को तुरंत ट्रैफिक गाड़ी की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी हुई है। जिला यातायात प्रभारी ईश्वरलाल ने यह भी बताया कि उनका विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के आसपास के गांवों में सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए एक जागरूकता अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रतापगढ़ जिले में बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर चतरिया खेड़ी गांव के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना तब हुई जब बांसवाड़ा रोड पर यातायात पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाकाबंदी कर रही थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला यातायात प्रभारी ईश्वरलाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पाडलिया निवासी अजय मीणा और रमेश मीणा एक बाइक पर प्रतापगढ़ की ओर आ रहे थे, वहीं मकनपुरा निवासी नानालाल मीणा दूसरी बाइक से बांसवाड़ा की ओर जा रहे थे। चतरिया खेड़ी गांव से पहले दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। यातायात प्रभारी ईश्वरलाल ने एसआई सलीम खान और कॉन्स्टेबल शिवलाल के सहयोग से घायलों को तुरंत ट्रैफिक गाड़ी की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी हुई है। जिला यातायात प्रभारी ईश्वरलाल ने यह भी बताया कि उनका विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के आसपास के गांवों में सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए एक जागरूकता अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- प्रतापगढ़ जिले की दरियाबाद तहसील के मनिया पंचायत के मोटा वाला गांव से खबर है कि वहां एक एल्बम का ताला टूट गया है।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी में टैंकरों से तेल चोरी करने वाले चोरों को बेनकाब किया गया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मंदसौर जिले के गरोठ में पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक कुख्यात तस्कर के अवैध ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, तस्कर के कब्जे से ₹5 करोड़ मूल्य की शासकीय संपत्ति को मुक्त कराया गया।1
- नीमच जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या को कम करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने एक अभिनव पहल करते हुए "जीवन संजीवनी अभियान" की शुरुआत की है। इस अभियान का शुभारंभ ग्राम चल्दु से किया गया है। इसके तहत, जिले में सड़क दुर्घटना संभावित 22 हॉट स्पॉट क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को सीपीआर (CPR) और प्राथमिक उपचार का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके। यह नीमच पुलिस का सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार है।1
- भोपाल में एक ऑटो पलट गया, जिसके कारण मंदसौर के विधायक विपिन जैन घायल हो गए। घटना के बाद, उन्हें जयवर्धन सिंह अस्पताल लेकर पहुंचे।1
- सुखेड़ा की सुरभि और जावरा के हर्ष के प्रेम विवाह के बाद झूठे दहेज केस का मामला सामने आया है। लड़के को शादी के लिए बार-बार मनाया गया था, और लड़की पक्ष ने बिना किसी लेन-देन के लड़के वालों को राजी किया था। इसके बावजूद शादी के बाद झूठा दहेज केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, लड़की सुरभि ने परिवार के साथ मिलकर बिना लेन-देन के विवाह तय किया था, लेकिन बाद में उसने अपशब्द कहे। लड़के ने तब भी उसे माफ़ कर दिया और शादी के लिए हाँ कर दी। हालांकि, शादी के बाद लड़की और उसके परिवार ने मिलकर लड़के पर झूठा दहेज केस कर दिया। कमल किराना स्टोर के संचालक शरद जैन, निवासी सुखेड़ा, पर इस झूठे केस की नींव रखने और झूठी खबरें फैलाने का आरोप है, जिसका सच अब सामने आ गया है। बताया गया है कि 8 अक्टूबर 25 को लड़की अपने भाई के साथ गई और उसने झूठे आरोप लगाए। इस घटना ने यह चेतावनी दी है कि प्रेम विवाह से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि सभ्य जैन समाज के लोग भी झूठे आरोप लगाकर लोगों को फंसा सकते हैं। जावरा और सुखेड़ा के हर्ष और सुरभि के इस प्रेम संबंध में रोज़ नए मोड़ आ रहे हैं।4
- प्रतापगढ़ के धोलापानी थाना पुलिस ने सिंघोडिया फला ईंटो का तालाब निवासी नारायण लाल मीणा के आवास पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में आभूषण, वाहन, कृषि यंत्र, महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी जब्त की है। थानाधिकारी पूराराम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 9 जून को सूचना मिली थी कि नारायण लाल मीणा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देता है। सूचना के अनुसार, आरोपी लोगों के सोने-चांदी के आभूषणों, वाहनों और कृषि यंत्रों को गिरवी रखकर उन्हें ऋण देता था। वह ऋण लेने वाले ग्रामीणों से खाली चेक, इकरारनामे और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने नारायण लाल मीणा के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस ने 9 किलो 265 ग्राम चांदी और 25 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। इसके साथ ही, 8 मोटरसाइकिल, 1 टीवीएस लूना, 5 ट्रैक्टर, 3 सीड ड्रिल मशीन, 1 मूंगफली निकालने की मशीन, 2 पलटी प्लो, 1 प्रेशर मशीन और 1 पानी का टैंकर भी जब्त किया गया। पुलिस को 100 और 500 रुपए मूल्य के कुल 20 स्टाम्प पेपर, 6 प्रॉमिसरी नोट और विभिन्न बैंकों के 6 हस्ताक्षरित खाली चेक भी मिले। इसके अलावा, 8 बहीखाते (लेजर) और 6 लाख 7 हजार 350 रुपए नकद भी बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी ग्रामीणों को बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के ऋण देता था और मनमाने ढंग से उनसे ब्याज वसूलता था। यदि कोई व्यक्ति समय पर ऋण का भुगतान नहीं कर पाता था, तो नारायण लाल मीणा खाली चेकों में अपनी मर्जी से राशि और दिनांक भरकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर लोगों पर दबाव बनाता था।1
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद कस्बे में हुई एक दुर्घटना में हुई मौत के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश देखा गया है। इस घटना से नाराज कस्बे के लोगों ने विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन किया।1
- मध्य प्रदेश की बरोठा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप सामने आया है, जहाँ फर्जी मस्टररोल के जरिए लाखों की अनियमितताएँ होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि काम मौके पर जेसीबी मशीनों से कराया गया, जबकि कागजों में मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। इसके अलावा, मजदूरों को समय से पहले ही छुट्टी दे दी जाती थी, फिर भी उनके मस्टररोल में पूरी हाजिरी लगाई जाती थी। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1