प्रतापगढ़ के धोलापानी थाना पुलिस ने सिंघोडिया फला ईंटो का तालाब निवासी नारायण लाल मीणा के आवास पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में आभूषण, वाहन, कृषि यंत्र, महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी जब्त की है। थानाधिकारी पूराराम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 9 जून को सूचना मिली थी कि नारायण लाल मीणा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देता है। सूचना के अनुसार, आरोपी लोगों के सोने-चांदी के आभूषणों, वाहनों और कृषि यंत्रों को गिरवी रखकर उन्हें ऋण देता था। वह ऋण लेने वाले ग्रामीणों से खाली चेक, इकरारनामे और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने नारायण लाल मीणा के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस ने 9 किलो 265 ग्राम चांदी और 25 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। इसके साथ ही, 8 मोटरसाइकिल, 1 टीवीएस लूना, 5 ट्रैक्टर, 3 सीड ड्रिल मशीन, 1 मूंगफली निकालने की मशीन, 2 पलटी प्लो, 1 प्रेशर मशीन और 1 पानी का टैंकर भी जब्त किया गया। पुलिस को 100 और 500 रुपए मूल्य के कुल 20 स्टाम्प पेपर, 6 प्रॉमिसरी नोट और विभिन्न बैंकों के 6 हस्ताक्षरित खाली चेक भी मिले। इसके अलावा, 8 बहीखाते (लेजर) और 6 लाख 7 हजार 350 रुपए नकद भी बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी ग्रामीणों को बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के ऋण देता था और मनमाने ढंग से उनसे ब्याज वसूलता था। यदि कोई व्यक्ति समय पर ऋण का भुगतान नहीं कर पाता था, तो नारायण लाल मीणा खाली चेकों में अपनी मर्जी से राशि और दिनांक भरकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर लोगों पर दबाव बनाता था।
प्रतापगढ़ के धोलापानी थाना पुलिस ने सिंघोडिया फला ईंटो का तालाब निवासी नारायण लाल मीणा के आवास पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में आभूषण, वाहन, कृषि यंत्र, महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी जब्त की है। थानाधिकारी पूराराम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 9 जून को सूचना मिली थी कि नारायण लाल मीणा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देता है। सूचना के अनुसार, आरोपी लोगों के सोने-चांदी के आभूषणों, वाहनों और कृषि यंत्रों को गिरवी रखकर उन्हें ऋण देता था। वह ऋण लेने वाले ग्रामीणों से खाली चेक, इकरारनामे और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने नारायण लाल मीणा के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस ने 9 किलो 265 ग्राम चांदी और 25 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। इसके साथ ही, 8 मोटरसाइकिल, 1 टीवीएस लूना, 5 ट्रैक्टर, 3 सीड ड्रिल मशीन, 1 मूंगफली निकालने की मशीन, 2 पलटी प्लो, 1 प्रेशर मशीन और 1 पानी का टैंकर भी जब्त किया गया। पुलिस को 100 और 500 रुपए मूल्य के कुल 20 स्टाम्प पेपर, 6 प्रॉमिसरी नोट और विभिन्न बैंकों के 6 हस्ताक्षरित खाली चेक भी मिले। इसके अलावा, 8 बहीखाते (लेजर) और 6 लाख 7 हजार 350 रुपए नकद भी बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी ग्रामीणों को बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के ऋण देता था और मनमाने ढंग से उनसे ब्याज वसूलता था। यदि कोई व्यक्ति समय पर ऋण का भुगतान नहीं कर पाता था, तो नारायण लाल मीणा खाली चेकों में अपनी मर्जी से राशि और दिनांक भरकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर लोगों पर दबाव बनाता था।
- मंदसौर जिले के गरोठ में पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक कुख्यात तस्कर के अवैध ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, तस्कर के कब्जे से ₹5 करोड़ मूल्य की शासकीय संपत्ति को मुक्त कराया गया।1
- राजस्थान जिला राज 35 प्रतापगढ़ तहसील उदयपुर पुलिस थाना देवगढ़ मेरा गांव का नाम लोहारिया डूंगरपुर बांसवाड़ा3
- मन्दसौर धुंधडका ब्लॉक कांग्रेस ने लसुडावन फन्टा पर गोशाला के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह धरना जारी रहेगा।1
- आज की तेज-तर्रार ज़िंदगी में, जहाँ हर कोई तैयार चीज़ें चाहता है – चाहे वह खाना हो या समय – वहीं एक नए विचार ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्होंने आखिरी बार मिट्टी को कब छुआ था। अब इसी सोच को हकीकत बनाते हुए पुणे में एक अनोखा कॉन्सेप्ट सामने आया है। यह पहल शहरों में रहने वाले लोगों को अपना छोटा सा खेत रखने और खुद सब्जियां उगाने का मौका दे रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ से कुछ पल का सुकून मिल सके। इस कॉन्सेप्ट के ज़रिए खेती अब सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक नया लाइफस्टाइल बन रही है।1
- कुशलगढ़ क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की संभावित कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश डामोर, विश्वनाथ भईडा, भावेश भईडा और ग्रामीणों की सूचना पर भेरू पधाड़-घाटरी मार्ग से यूरिया से भरी एक आयशर गाड़ी को रोका गया। इस गाड़ी में कुल 300 बैग यूरिया लदा था, जिसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह के निर्देश पर सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच की। वाहन क्रमांक एमपी-15-जी-5813 के चालक दिनेश डामोर वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वाहन को कुशलगढ़ लैम्पस ले जाकर 300 बैग यूरिया को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया। जांच में यह भी पता चला कि 284 बैग आईपीएल कंपनी के थे और 16 बैग एनएफएल कंपनी के पाए गए। कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच में यह मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। इसके चलते संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पवन लबाना और शंकर सिंह के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह और सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा की निगरानी में लगातार जारी है।2
- केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना से जुड़े करोड़ों परिवारों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसके तहत अब सहायता वाले गैस सिलेंडरों की संख्या घटाकर प्रति वर्ष 4 कर दी गई है। यह फैसला उन लाभार्थियों के लिए एक झटका है, जिन्हें पहले सालाना 9 सिलेंडरों पर सहायता मिलती थी, जबकि योजना की शुरुआत में यह संख्या 12 थी। सरकार ने इस कटौती के पीछे लाभार्थियों की औसत गैस खपत को मुख्य कारण बताया है। गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण गैस की लागत बढ़ी है। इन चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता जारी रहेगी।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद में ई-रवन्ना सेवा के बंद हो जाने के कारण रेड ओकर खनन का कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ गया है। इस समस्या से परेशान खनन कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- मध्य प्रदेश की बरोठा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप सामने आया है, जहाँ फर्जी मस्टररोल के जरिए लाखों की अनियमितताएँ होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि काम मौके पर जेसीबी मशीनों से कराया गया, जबकि कागजों में मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। इसके अलावा, मजदूरों को समय से पहले ही छुट्टी दे दी जाती थी, फिर भी उनके मस्टररोल में पूरी हाजिरी लगाई जाती थी। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ न्याय की उम्मीद में एक पीड़ित किसान कलेक्ट्रेट पहुँच गया। इस किसान ने न्याय की आस में अपने गले में जूतों की माला पहन रखी थी, और इसी अवस्था में वह कलेक्ट्रेट में मौजूद रहा।1