Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज की तेज-तर्रार ज़िंदगी में, जहाँ हर कोई तैयार चीज़ें चाहता है – चाहे वह खाना हो या समय – वहीं एक नए विचार ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्होंने आखिरी बार मिट्टी को कब छुआ था। अब इसी सोच को हकीकत बनाते हुए पुणे में एक अनोखा कॉन्सेप्ट सामने आया है। यह पहल शहरों में रहने वाले लोगों को अपना छोटा सा खेत रखने और खुद सब्जियां उगाने का मौका दे रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ से कुछ पल का सुकून मिल सके। इस कॉन्सेप्ट के ज़रिए खेती अब सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक नया लाइफस्टाइल बन रही है।
ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
आज की तेज-तर्रार ज़िंदगी में, जहाँ हर कोई तैयार चीज़ें चाहता है – चाहे वह खाना हो या समय – वहीं एक नए विचार ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्होंने आखिरी बार मिट्टी को कब छुआ था। अब इसी सोच को हकीकत बनाते हुए पुणे में एक अनोखा कॉन्सेप्ट सामने आया है। यह पहल शहरों में रहने वाले लोगों को अपना छोटा सा खेत रखने और खुद सब्जियां उगाने का मौका दे रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ से कुछ पल का सुकून मिल सके। इस कॉन्सेप्ट के ज़रिए खेती अब सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक नया लाइफस्टाइल बन रही है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- डांसर डिंपल चौधरी ने स्टेज पर हुई कथित बदसलूकी के एक मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने पुलिस पर सीधा तंज कसते हुए कहा है कि 'मां-बाप को तुम पालोगे', जो उनकी ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के प्रति गहरी निराशा को दर्शाता है।1
- राजस्थान की चौमहला मंडी से दिनांक 13 जून 2026, शनिवार के सोयाबीन और गेहूं के ताजा भाव उपलब्ध हैं। यह जानकारी किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें मंडी में आज के भाव और बाजार में तेजी या मंदी की स्थिति शामिल है।1
- जय माँ वैष्णो इंटरनेशनल स्कूल का शुभारंभ संतों के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है। इस आयोजन में संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिससे यह महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सका।1
- बड़ोद नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथावाचक संत अभिराम दास महाराज ने इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भावविभोर हो उठे। महाराजश्री ने इस विवाह को प्रेम, समर्पण और धर्म की विजय का प्रतीक बताया, जिसके बाद पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों और नृत्य के साथ उत्सव का भरपूर आनंद लिया। कथा के दौरान, महाराजश्री ने माता शकुंतला बाई, संत भक्त मीरा बाई और गोमाता के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि गोसेवा भारतीय संस्कृति की पहचान है और इससे जीवन में सुख, समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उन्होंने सत्संग की कमी के कारण परिवारों में बढ़ती दूरियों का भी जिक्र किया और बातचीत तथा सबको साथ लेकर चलने वाले मुखिया के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, पुरुषोत्तम मास में किए गए जप, तप, दान और भक्ति के विशेष फल की बात कही। संत अभिराम दास महाराज ने श्रद्धालुओं की भक्ति और श्रद्धा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बड़ोद को वृंदावन जैसा आध्यात्मिक वातावरण प्रदान कर दिया है। कथा का समापन राष्ट्र भक्ति के गीत के साथ हुआ, जिसने उपस्थित भक्तों में जोश भर दिया। बाहर से आए भक्तों ने महाराजश्री का स्वागत-सत्कार किया। कथा के अंतिम दिन, यानी 13 जून को, एक भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा।4
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से अपनी एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक विशेष रिपोर्ट में हिंदुओं को आगाह करते हुए जल्द से जल्द सच्चाई को समझने का आह्वान किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम अभिनेता पूरी तरह से लक्षित तरीके से 'लव जिहाद' को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि पूरा बॉलीवुड ही 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने में जुटा हुआ है।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक नवजात बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना से उपजे तनाव के बीच, हिंदू संगठनों ने इस पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, सतत कृषि, नवाचार और समावेशी विकास को लेकर अपना स्पष्ट तथा मजबूत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस संदर्भ में, शिवराज सिंह चौहान ने ज़ोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसान कल्याण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं। भारत प्राकृतिक एवं जैविक खेती, डिजिटल कृषि समाधान, आधुनिक तकनीक और समावेशी नीतियों का उपयोग करते हुए एक जलवायु-अनुकूल तथा किसान-केंद्रित कृषि व्यवस्था के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1