logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कुशलगढ़ क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की संभावित कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश डामोर, विश्वनाथ भईडा, भावेश भईडा और ग्रामीणों की सूचना पर भेरू पधाड़-घाटरी मार्ग से यूरिया से भरी एक आयशर गाड़ी को रोका गया। इस गाड़ी में कुल 300 बैग यूरिया लदा था, जिसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह के निर्देश पर सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच की। वाहन क्रमांक एमपी-15-जी-5813 के चालक दिनेश डामोर वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वाहन को कुशलगढ़ लैम्पस ले जाकर 300 बैग यूरिया को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया। जांच में यह भी पता चला कि 284 बैग आईपीएल कंपनी के थे और 16 बैग एनएफएल कंपनी के पाए गए। कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच में यह मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। इसके चलते संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पवन लबाना और शंकर सिंह के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह और सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा की निगरानी में लगातार जारी है।

2 hrs ago
user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago
18714973-0f75-4267-a582-bdb7f090631b

कुशलगढ़ क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की संभावित कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश डामोर, विश्वनाथ भईडा, भावेश भईडा और ग्रामीणों की सूचना पर भेरू पधाड़-घाटरी मार्ग से यूरिया से भरी एक आयशर गाड़ी को रोका गया। इस गाड़ी में कुल 300 बैग यूरिया लदा था, जिसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह के निर्देश पर सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच की। वाहन क्रमांक एमपी-15-जी-5813 के चालक दिनेश डामोर वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके

बाद वाहन को कुशलगढ़ लैम्पस ले जाकर 300 बैग यूरिया को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया। जांच में यह भी पता चला कि 284 बैग आईपीएल कंपनी के थे और 16 बैग एनएफएल कंपनी के पाए गए। कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच में यह मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। इसके चलते संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पवन लबाना और शंकर सिंह के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह और सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा की निगरानी में लगातार जारी है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • कुशलगढ़ क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की संभावित कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश डामोर, विश्वनाथ भईडा, भावेश भईडा और ग्रामीणों की सूचना पर भेरू पधाड़-घाटरी मार्ग से यूरिया से भरी एक आयशर गाड़ी को रोका गया। इस गाड़ी में कुल 300 बैग यूरिया लदा था, जिसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह के निर्देश पर सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच की। वाहन क्रमांक एमपी-15-जी-5813 के चालक दिनेश डामोर वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वाहन को कुशलगढ़ लैम्पस ले जाकर 300 बैग यूरिया को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया। जांच में यह भी पता चला कि 284 बैग आईपीएल कंपनी के थे और 16 बैग एनएफएल कंपनी के पाए गए। कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच में यह मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। इसके चलते संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पवन लबाना और शंकर सिंह के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह और सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा की निगरानी में लगातार जारी है।
    2
    कुशलगढ़ क्षेत्र में किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की संभावित कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतेश डामोर, विश्वनाथ भईडा, भावेश भईडा और ग्रामीणों की सूचना पर भेरू पधाड़-घाटरी मार्ग से यूरिया से भरी एक आयशर गाड़ी को रोका गया। इस गाड़ी में कुल 300 बैग यूरिया लदा था, जिसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई।

उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह के निर्देश पर सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जांच की। वाहन क्रमांक एमपी-15-जी-5813 के चालक दिनेश डामोर वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वाहन को कुशलगढ़ लैम्पस ले जाकर 300 बैग यूरिया को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया। जांच में यह भी पता चला कि 284 बैग आईपीएल कंपनी के थे और 16 बैग एनएफएल कंपनी के पाए गए।

कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच में यह मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के उल्लंघन और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। इसके चलते संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पवन लबाना और शंकर सिंह के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह और सहायक निदेशक कृषि छगनलाल दामा की निगरानी में लगातार जारी है।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना से जुड़े करोड़ों परिवारों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसके तहत अब सहायता वाले गैस सिलेंडरों की संख्या घटाकर प्रति वर्ष 4 कर दी गई है। यह फैसला उन लाभार्थियों के लिए एक झटका है, जिन्हें पहले सालाना 9 सिलेंडरों पर सहायता मिलती थी, जबकि योजना की शुरुआत में यह संख्या 12 थी। सरकार ने इस कटौती के पीछे लाभार्थियों की औसत गैस खपत को मुख्य कारण बताया है। गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण गैस की लागत बढ़ी है। इन चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता जारी रहेगी।
    1
    केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना से जुड़े करोड़ों परिवारों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसके तहत अब सहायता वाले गैस सिलेंडरों की संख्या घटाकर प्रति वर्ष 4 कर दी गई है। यह फैसला उन लाभार्थियों के लिए एक झटका है, जिन्हें पहले सालाना 9 सिलेंडरों पर सहायता मिलती थी, जबकि योजना की शुरुआत में यह संख्या 12 थी।

सरकार ने इस कटौती के पीछे लाभार्थियों की औसत गैस खपत को मुख्य कारण बताया है। गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण गैस की लागत बढ़ी है।

इन चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता जारी रहेगी।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान जिला राज 35 प्रतापगढ़ तहसील उदयपुर पुलिस थाना देवगढ़ मेरा गांव का नाम लोहारिया डूंगरपुर बांसवाड़ा
    3
    राजस्थान जिला राज 35 प्रतापगढ़ तहसील उदयपुर पुलिस थाना देवगढ़ मेरा गांव का नाम लोहारिया डूंगरपुर बांसवाड़ा
    user_Vikram Singh
    Vikram Singh
    घाटोल, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मानसून से पहले 375 जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया है। इन केंद्रों के खस्ताहाल होने के कारण मासूम बच्चों की जान को खतरा बताया जा रहा है, और इन्हें खंडहर में तब्दील हो चुके भवनों के रूप में चिन्हित किया गया था। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक को इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग इन वर्षों पुराने खतरनाक भवनों को गिराएगा। इसमें कुशलगढ़ ब्लॉक के 43 आंगनबाड़ी भवन भी शामिल हैं। ध्वस्तिकरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता उपखंड अधिकारी करेंगे और सीडीपीओ तथा पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता इसके सदस्य होंगे। ध्वस्त करते समय जन-धन हानि न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, इसी जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रुपगढ़ में स्थित सातलिया की टोडी का आंगनबाड़ी केंद्र पिछले सात वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसे पूर्व सरपंच द्वारा पूरा बनाया जाना था, लेकिन समाचार लिखे जाने तक यह केंद्र अधूरा ही है। इस पर जिला प्रशासन, एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन सात सालों में यह अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी भवन उनकी नज़र में क्यों नहीं आया। अब देखना यह होगा कि इस बार सातलिया की टोडी के इस अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र को पूरा करने और उस पर जिला प्रशासन ध्यान देगा या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा।
    3
    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मानसून से पहले 375 जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया है। इन केंद्रों के खस्ताहाल होने के कारण मासूम बच्चों की जान को खतरा बताया जा रहा है, और इन्हें खंडहर में तब्दील हो चुके भवनों के रूप में चिन्हित किया गया था। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक को इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग इन वर्षों पुराने खतरनाक भवनों को गिराएगा। इसमें कुशलगढ़ ब्लॉक के 43 आंगनबाड़ी भवन भी शामिल हैं। ध्वस्तिकरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता उपखंड अधिकारी करेंगे और सीडीपीओ तथा पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता इसके सदस्य होंगे। ध्वस्त करते समय जन-धन हानि न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।

हालांकि, इसी जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रुपगढ़ में स्थित सातलिया की टोडी का आंगनबाड़ी केंद्र पिछले सात वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसे पूर्व सरपंच द्वारा पूरा बनाया जाना था, लेकिन समाचार लिखे जाने तक यह केंद्र अधूरा ही है। इस पर जिला प्रशासन, एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन सात सालों में यह अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी भवन उनकी नज़र में क्यों नहीं आया। अब देखना यह होगा कि इस बार सातलिया की टोडी के इस अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र को पूरा करने और उस पर जिला प्रशासन ध्यान देगा या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • जेठाना में मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत बस स्टैंड से सीताराम आश्रम वाया पाडाकला सड़क निर्माण कार्य के मार्ग में हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर हटा दिया है। यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा के निवेदन पर तथा उपखंड अधिकारी, सागवाड़ा के आदेशों की पालना में की गई। दरअसल, मौजा जेठाना में प्रस्तावित 5.50 मीटर चौड़ी सड़क के रास्ते पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और पुलिस जाप्ते की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम से भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त जेठाना यशपाल सिंह पंवार और पटवारी हल्का जेठाना पूनम सेवक उपस्थित रहे। सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा से अधिशासी अभियंता माधव जोरवाल और कनिष्ठ अभियंता कीर्तेश पाटीदार भी मौजूद थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। तहसीलदार डॉ. रमेश चन्द्र वडेरा ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत स्वीकृत परियोजना समय पर पूरी हो सके, इसी उद्देश्य से यह अतिक्रमण हटाया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सार्वजनिक विकास कार्यों में सहयोग करें।
    1
    जेठाना में मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत बस स्टैंड से सीताराम आश्रम वाया पाडाकला सड़क निर्माण कार्य के मार्ग में हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर हटा दिया है। यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा के निवेदन पर तथा उपखंड अधिकारी, सागवाड़ा के आदेशों की पालना में की गई। दरअसल, मौजा जेठाना में प्रस्तावित 5.50 मीटर चौड़ी सड़क के रास्ते पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

शिकायत के आधार पर, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और पुलिस जाप्ते की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम से भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त जेठाना यशपाल सिंह पंवार और पटवारी हल्का जेठाना पूनम सेवक उपस्थित रहे। सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा से अधिशासी अभियंता माधव जोरवाल और कनिष्ठ अभियंता कीर्तेश पाटीदार भी मौजूद थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

तहसीलदार डॉ. रमेश चन्द्र वडेरा ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत स्वीकृत परियोजना समय पर पूरी हो सके, इसी उद्देश्य से यह अतिक्रमण हटाया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सार्वजनिक विकास कार्यों में सहयोग करें।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • प्रतापगढ़ में कार चालक से हुई मारपीट के एक मामले को लेकर ग्वाला समाज और सर्व समाज ने मिलकर प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन कार चालक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में किया गया, जिसमें दोनों समाजों ने अपनी आपत्ति और रोष व्यक्त किया।
    1
    प्रतापगढ़ में कार चालक से हुई मारपीट के एक मामले को लेकर ग्वाला समाज और सर्व समाज ने मिलकर प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन कार चालक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में किया गया, जिसमें दोनों समाजों ने अपनी आपत्ति और रोष व्यक्त किया।
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में रात्रि 12 बजे से विद्युत आपूर्ति बंद होने से आमजन भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बिजली गुल होने के कारण पूरा आसपुर क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है। इस समस्या को देखते हुए, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की है और उनसे तत्काल विद्युत सप्लाई सुचारु करने की मांग की है ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
    1
    डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में रात्रि 12 बजे से विद्युत आपूर्ति बंद होने से आमजन भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बिजली गुल होने के कारण पूरा आसपुर क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है। इस समस्या को देखते हुए, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की है और उनसे तत्काल विद्युत सप्लाई सुचारु करने की मांग की है ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए एक दुष्कर्म के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार, कांकईडूंगरी निवासी दिनेश पुत्र जीवनलाल पर आरोप था कि उसने महिला के पति की आवाज लगाकर घर का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद आरोपी घर में घुस गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बताया गया कि आरोपी ने महिला को दोबारा अकेला पाकर दूसरी बार भी दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील योगेश सोमपुरा ने अदालत के समक्ष 8 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 28 दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और यह सजा सुनाई।
    1
    बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए एक दुष्कर्म के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले के अनुसार, कांकईडूंगरी निवासी दिनेश पुत्र जीवनलाल पर आरोप था कि उसने महिला के पति की आवाज लगाकर घर का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद आरोपी घर में घुस गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बताया गया कि आरोपी ने महिला को दोबारा अकेला पाकर दूसरी बार भी दुष्कर्म किया।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील योगेश सोमपुरा ने अदालत के समक्ष 8 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 28 दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और यह सजा सुनाई।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.