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धौरहरा रेन बसेरे बना भ्रष्टाचार्यों की संलिप्त के कारण सब्जी मंडी लखीमपुर खीरी संपादक महेश कुमार पांडे धौरहरा खीरी नगर पंचायत व तहसील धौरहरा गरीबों के लिए बनाए गए रंग बसेरे को संबंधित अधिकारी ने बनाया मजाक रैन बसेरे में रुकने के लिए यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं शासन द्वारा की गई थी मगर हकीकत तो यह है कि भ्रष्टाचार में संलिप्प्ट होकर अधिकारियों ने रैन बसेरे को सब्जी मंडी के रूप में संचालित करने का मन बना लिया है जिससे दूर दराज से आने वाले लोगों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तहसील प्रशासन से भी इस विषय पर संपर्क करने पर बताया गया कि जैसे चल रहा है वैसे चलने दीजिएगा जिससे प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी अपनी जेबों को भरने का कार्य कर रहे हैं
जनकल्याण न्यूज JK NEWS
धौरहरा रेन बसेरे बना भ्रष्टाचार्यों की संलिप्त के कारण सब्जी मंडी लखीमपुर खीरी संपादक महेश कुमार पांडे धौरहरा खीरी नगर पंचायत व तहसील धौरहरा गरीबों के लिए बनाए गए रंग बसेरे को संबंधित अधिकारी ने बनाया मजाक रैन बसेरे में रुकने के लिए यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं शासन द्वारा की गई थी मगर हकीकत तो यह है कि भ्रष्टाचार में संलिप्प्ट होकर अधिकारियों ने रैन बसेरे को सब्जी मंडी के रूप में संचालित करने का मन बना लिया है जिससे दूर दराज से आने वाले लोगों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तहसील प्रशासन से भी इस विषय पर संपर्क करने पर बताया गया कि जैसे चल रहा है वैसे चलने दीजिएगा जिससे प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी अपनी जेबों को भरने का कार्य कर रहे हैं
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- लखीमपुर खीरी संपादक महेश कुमार पांडे धौरहरा खीरी नगर पंचायत व तहसील धौरहरा अमेठी रोड पर स्थित माननीय काशीराम कॉलोनी पानी की टंकी ध्वस्त होने के कारण गरीब मजलूम व्यक्तियों को स्वच्छ जल की कोई व्यवस्था नहीं है प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं दिख रही ध्वस्त टंकियां सरकार के करोड़ों रुपए को बंदर किया जा रहा है1
- एनीमिया (खून की कमी) को लेकर जागरूकता जरूरी, समय पर इलाज से बच सकती है जान लखीमपुर खीरी। आजकल तेजी से बढ़ती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण एनीमिया (खून की कमी) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। यह एक ऐसा रक्त विकार है, जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी हो जाती है, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।विशेषज्ञों के अनुसार, एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं—जैसे शरीर में आयरन की कमी, अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भावस्था, पोषण की कमी, या कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में इसका खतरा अधिक देखा जाता है।लक्षणों को न करें नजरअंदाज एनीमिया के प्रमुख लक्षणों में लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना, सांस लेने में परेशानी और दिल की धड़कन का अनियमित होना शामिल हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है। गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है डॉक्टरों का कहना है कि एनीमिया सिर्फ कमजोरी नहीं बल्कि कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। खासकर पाचन तंत्र में छिपा रक्तस्राव, अल्सर या अन्य रोग इसकी वजह बन सकते हैं। समय पर जांच और इलाज जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार, एनीमिया का सही कारण जानने के लिए जांच बेहद जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के स्वयं उपचार करना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर इलाज और संतुलित आहार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में खून की कमी का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें नियमित जांच और आयरन युक्त आहार लेना जरूरी है। इस संबंध में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अंशुल गुप्ता (MBBS, MD, गोल्ड मेडलिस्ट) का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक कमजोरी, चक्कर या थकान की शिकायत रहे तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। 🏥 जीवन हेल्थ केयर, अस्पताल रोड (अग्रवाल ज्वैलर्स के सामने), लखीमपुर-खीरी में एनीमिया सहित विभिन्न बीमारियों का विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध है।एनीमिया एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। सही समय पर पहचान और इलाज से इससे बचा जा सकता है, इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।2
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही बताया जा रहा है कि एसडीएम द्वारा पहले पैमाइश के आदेश दिए गए थे, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया, जिस पर विधायक ने एक किसान के पक्ष में पैमाइश कराने की सिफारिश की मौके पर पहुंची टीम को भी एसडीएम द्वारा फोन कर वापस बुला लिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया जनसुनवाई के दौरान हुई बहस में नायब तहसीलदार के हस्तक्षेप पर विधायक ने उन्हें भी फटकार लगाई1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- थाना कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*1
- पसगवां: मौत को मात देकर लौटी दो साल की मासूम, टब में डूबने से थम गई थीं सांसें, डॉक्टर ने दिखाया चमत्कार पसगवां (खीरी): कस्बे में शनिवार को एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने 'डॉक्टर को धरती का भगवान क्यों कहा जाता है' इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया। घर के कोने में खेल रही दो वर्षीय मासूम बच्ची अचानक पानी से भरे टब में गिर गई। काफी देर तक पानी में रहने के कारण बच्ची का शरीर नीला पड़ चुका था और सांसें लगभग थम चुकी थीं, लेकिन सीएचसी के डॉक्टर की मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद ने बच्ची को नई जिंदगी दे दी। खेल-खेल में हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बे के निवासी सचिन मिश्रा की दो वर्षीय पुत्री सानिया घर के कोने में खेल रही थी। पास में ही पानी से भरा एक टब रखा हुआ था। खेलते-खेलते सानिया अचानक टब में गिर गई और औंधे मुंह पानी में डूब गई। घर के लोग अपने कामों में व्यस्त थे, जिसके चलते काफी देर तक किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। परिजनों के उड़े होश, जब टब में तैरती मिली बच्ची काफी समय तक जब सानिया की आवाज नहीं सुनाई दी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। जब परिजन टब के पास पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नन्ही सानिया टब में उल्टा पड़ी हुई पानी के ऊपर तैर रही थी आनन फानन में उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मासूम के पेट में काफी पानी भर चुका था और ऑक्सीजन की कमी के कारण उसके हाथ-पैर नीले पड़ गए थे। डॉक्टर कुलदीप ने नहीं हारी हिम्मत, मिली कामयाबी परिजनों ने बिना समय गंवाए बच्ची को लेकर पसगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की ओर दौड़ लगा दी। अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर कुलदीप ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी और वह अचेत अवस्था में थी। डॉक्टर कुलदीप ने बिना हार माने अथक प्रयास शुरू किए। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची के पेट से पानी बाहर निकाला और उसे प्राथमिक उपचार दिया। काफी देर तक चले जीवन और मृत्यु के संघर्ष के बाद, आखिरकार नन्ही सानिया को होश आ गया। परिजनों ने ली राहत की सांस जैसे ही बच्ची की आंखों में हरकत हुई और उसने रोना शुरू किया, अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने डॉक्टर कुलदीप का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें 'देवदूत' बताया। फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों ने उसे निगरानी में रखा है। सावधानी की अपील: यह घटना उन सभी अभिभावकों के लिए एक सबक है जिनके घरों में छोटे बच्चे हैं। घर में बाल्टी या टब में भरा पानी छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों पर हर पल नजर रखना अत्यंत आवश्यक है।1
- लखीमपुर खीरी संपादक महेश कुमार पांडे धौरहरा खीरी नगर पंचायत व तहसील धौरहरा गरीबों के लिए बनाए गए रंग बसेरे को संबंधित अधिकारी ने बनाया मजाक रैन बसेरे में रुकने के लिए यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं शासन द्वारा की गई थी मगर हकीकत तो यह है कि भ्रष्टाचार में संलिप्प्ट होकर अधिकारियों ने रैन बसेरे को सब्जी मंडी के रूप में संचालित करने का मन बना लिया है जिससे दूर दराज से आने वाले लोगों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तहसील प्रशासन से भी इस विषय पर संपर्क करने पर बताया गया कि जैसे चल रहा है वैसे चलने दीजिएगा जिससे प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी अपनी जेबों को भरने का कार्य कर रहे हैं1