15 दिन से ज़मीन पर रखा है नया ट्रांसफॉर्मर, एक महीने से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण। इमलिया गांव में बिजली न मिलने से भड़के किसान, 24 घंटे में समाधान न होने पर गोला पावर हाउस के घेराव की दी चेतावनी गोला गोकर्णनाथ खीरी। बांकेगंज रोड स्थित इमलिया गांव के ग्रामीण पिछले एक महीने से बिजली की भीषण किल्लत झेलने को मजबूर हैं। गांव में लगा ट्रांसफॉर्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है। विद्युत विभाग ने 10 केवी के दो छोटे ट्रांसफॉर्मरों को हटाकर उनकी जगह 25 केवी का नया ट्रांसफॉर्मर गांव में भेज तो दिया, लेकिन पिछले 15 दिनों से वह ज़मीन पर ही रखा हुआ है। विभाग की लापरवाही के कारण नया ट्रांसफॉर्मर अब तक चालू नहीं किया जा सका, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जंगली जानवरों और चोरों का खौफ, गर्मी से बेहाल लोग भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से ग्रामीण तड़पने को मजबूर हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही और चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में हर समय भय का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्जनों बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और समस्या जस की तस बनी हुई है। मुर्दाबाद के लगाए नारे, अनिश्चितकालीन धरने का अल्टीमेटम विद्युत विभाग की इस उपेक्षा से आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने गांव में ही एकत्रित होकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर चालू कर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले गोला विद्युत उपकेंद्र का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद रहे मुख्य ग्रामीण प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से शंकर लाल वर्मा, श्रवण कुमार यादव, देव कुमार वर्मा, तुलसीराम, कलामुद्दीन, प्रदीप शर्मा, इरफान अली, कुलदीप यादव, राहुल शर्मा, मोरध्वज और माता प्रसाद सहित बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण मौजूद रहे।
15 दिन से ज़मीन पर रखा है नया ट्रांसफॉर्मर, एक महीने से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण। इमलिया गांव में बिजली न मिलने से भड़के किसान, 24 घंटे में समाधान न होने पर गोला पावर हाउस के घेराव की दी चेतावनी गोला गोकर्णनाथ खीरी। बांकेगंज रोड स्थित इमलिया गांव के ग्रामीण पिछले एक महीने से बिजली की भीषण किल्लत झेलने को मजबूर हैं। गांव में लगा ट्रांसफॉर्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है। विद्युत विभाग ने 10 केवी के दो छोटे ट्रांसफॉर्मरों को हटाकर उनकी जगह 25 केवी का नया ट्रांसफॉर्मर गांव में भेज तो दिया, लेकिन पिछले 15 दिनों से वह ज़मीन पर ही रखा हुआ है। विभाग की लापरवाही के कारण नया ट्रांसफॉर्मर अब तक चालू नहीं किया जा सका, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जंगली जानवरों और चोरों का खौफ, गर्मी से बेहाल लोग भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से ग्रामीण तड़पने को मजबूर हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही और चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा
है, जिससे ग्रामीणों में हर समय भय का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्जनों बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और समस्या जस की तस बनी हुई है। मुर्दाबाद के लगाए नारे, अनिश्चितकालीन धरने का अल्टीमेटम विद्युत विभाग की इस उपेक्षा से आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने गांव में ही एकत्रित होकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर चालू कर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले गोला विद्युत उपकेंद्र का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद रहे मुख्य ग्रामीण प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से शंकर लाल वर्मा, श्रवण कुमार यादव, देव कुमार वर्मा, तुलसीराम, कलामुद्दीन, प्रदीप शर्मा, इरफान अली, कुलदीप यादव, राहुल शर्मा, मोरध्वज और माता प्रसाद सहित बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण मौजूद रहे।
- तीज के रंग में रंगा अग्रवाल महिला संघ का भव्य महोत्सव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और आकर्षक स्टॉलों ने बांधा समां, महिलाओं व बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा तीज के रंग में रंगा अग्रवाल महिला संघ का भव्य महोत्सव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और आकर्षक स्टॉलों ने बांधा समां, महिलाओं व बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा लखीमपुर खीरी। अग्रवाल महिला संघ द्वारा आयोजित "तीज महोत्सव–2026 : तीज के रंग, सखियों के संग" का आयोजन रविवार को हर्षोल्लास, पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। सावन और तीज की मनमोहक छटा से सजे इस महोत्सव में महिलाओं, युवतियों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की। महोत्सव में विभिन्न शहरों से आई महिला उद्यमियों ने साड़ियाँ, सूट, ज्वेलरी, राखियाँ, होम डेकोर, डेकोरेटिव आइटम्स, वास्तु, न्यूमेरोलॉजी, अचार तथा गिफ्ट आइटम्स सहित अनेक आकर्षक स्टॉल लगाए। खरीदारी के साथ आगंतुकों ने इन स्टॉलों की विविधता और गुणवत्ता की जमकर सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। नव्या गोयल, कायरा खंडेलवाल, मान्या मित्तल, आरोही मिश्रा, सौम्या अग्रवाल, वंशिका, अनुष्का, प्रत्युषा सिंह, पद्मा अग्रवाल एवं समृद्धि अग्रवाल ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। इसके बाद कविता अग्रवाल एंड फ्रेंड्स, ईशा अग्रवाल तथा मेघा खंडेलवाल की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। महोत्सव के दौरान आयोजित मनोरंजक प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। 'सून बनाओ' प्रतियोगिता में चंचल अग्रवाल ने प्रथम, ममता अग्रवाल ने द्वितीय तथा निधि मित्तल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पूरे आयोजन में फ्रेंडशिप डे का उत्साह, सावन की हरियाली और तीज की पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं एवं बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने महोत्सव को यादगार बना4
- लखनऊ...इसको कहते हैं पुलिसिंग... बात किसी की जान पर आए तो अपनी जान की परवाह न करो.. ऐसे ही कुछ मिसाल मड़ियांव थाने पर तैनात दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने किया.. वाह विमलेश जी वाह 👍👍👍 एक मासूम को बचाने के लिए खुद की जान पर खेल गए दरोगा...📍1
- मामूली बारिश ने खोली पालिका प्रशासन की पोल नाली के गंदे पानी से होकर मंदिर पहुंचने को मजबूर शिवभक्त, सावन के पहले सोमवार को पांडे बाबा मंदिर मार्ग पर जलभराव मामूली बारिश ने ही पलिया पालिका प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। पवित्र सावन माह के पहले सोमवार को प्रसिद्ध पांडेय बाबा मंदिर तक शिवभक्तों को पहुंचना मुश्किल हो गया। बरसात का सारा पानी मुख्य मार्ग पर भर गया, जिसमें नालियों का गंदा और बदबूदार पानी भी शामिल रहा। हालात ऐसे बन गये कि हाथों में पूजा की थाली और गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए निकले श्रद्धालुओं को इसी दूषित पानी के बीच से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ा। जिससे लोगों में नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर काफी आक्रोश दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि खासकर सावन के पहले सोमवार जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर मंदिर के प्रमुख मार्ग पर नाली का पानी भरा होना नगर पालिका की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने पालिका प्रशासन से मंदिर मार्ग पर तत्काल जल निकासी कराने के साथ-साथ नालियों की सफाई कराने मांग की है, ताकि आने वाले सावन के अन्य सोमवारों पर शिवभक्तों को मन्दिर तक पहुंचने में परेशानियों का सामना न करना पड़े।3
- स्कूल के पास दिखा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू कई दिनों से दहशत का कारण बना था मगरमच्छ, पकड़ने के बाद लोगों ने ली राहत की सांस मझगई कस्बे में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बने मगरमच्छ को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए सुरक्षित पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कस्बेवासियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि जामा मस्जिद के पीछे बहने वाले नाले में मगरमच्छ काफी समय से दिखाई दे रहा था। नाले के पास स्कूल और घनी आबादी होने के कारण लोगों में भय का माहौल था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मगरमच्छ कई आवारा कुत्तों एवं एक सियार सहित कई जानवरों को अपना शिकार बना चुका था। मझगई रेंज की वन विभाग टीम पिछले एक सप्ताह से मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। आखिरकार टीम ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए राहत महसूस की।3
- गाजियाबाद - नोएडा के मन्नू गुर्जर 221 लीटर की विश्व की सबसे बड़ी बताई जा रही कांवड़ लेकर आ रहे थे, कांवड़ के काफिले में शामिल ट्रैक्टर से एक एम्बुलेंस टकरा गई, जिससे कांवड़ खंडित हो गई, नाराज कांवड़ियों ने सड़क जाम कर दी, बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गाजियाबाद - नोएडा के मन्नू गुर्जर 221 लीटर की विश्व की सबसे बड़ी बताई जा रही कांवड़ लेकर आ रहे थे, कांवड़ के काफिले में शामिल ट्रैक्टर से एक एम्बुलेंस टकरा गई, जिससे कांवड़ खंडित हो गई, नाराज कांवड़ियों ने सड़क जाम कर दी, बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया1
- चोरों के हौसले बुलंद एक हफ्ते में फिर स्कूल बना निशाना पुलिस गश्त पर उठे सवाल लखीमपुर खीरी। पलिया थाना क्षेत्र में चोरों के बेखौफ हौसलों ने एक बार फिर पुलिस की चौकसी को चुनौती दे दी। बीती रात प्राथमिक विद्यालय पट्टी पटवारा को निशाना बनाते हुए चोरों ने रसोई का दरवाजा काट डाला और अंदर रखा दो भरे गैस सिलेंडर, गैस भट्ठी, बर्तन समेत रसोई का अन्य सामान लेकर फरार हो गए। सोमवार सुबह जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो रसोई का दरवाजा कटा मिला और पूरा सामान गायब देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चोर इतने बेखौफ क्यों हैं? क्योंकि यह कोई पहली घटना नहीं है। महज एक सप्ताह पहले पास स्थित प्राथमिक विद्यालय धौबिनपुरवा में भी चोरी हुई थी, लेकिन उस घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका। इसी बीच दूसरी वारदात ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहली चोरी का समय रहते खुलासा हो जाता और चोरों पर कार्रवाई होती, तो शायद दूसरी घटना न होती। लगातार स्कूलों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में डर और नाराजगी दोनों हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार चोर सलाखों के पीछे पहुंचेंगे या यह मामला भी पहली चोरी की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? ग्रामीणों ने दोनों घटनाओं का जल्द खुलासा कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है1