युवा जल्दबाजी न करें, सही निर्णय लें, संकट की घड़ी में धैर्य रखें : संजीव उझानी/ भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिया में चल रहे त्रिदिवसीय दिवसीय स्काउट–गाइड शिविर के दूसरे दिन अनुशासन, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्कूली प्रांगण स्काउट–गाइड के नारों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और विभिन्न गतिविधियों से गूंज उठा। बच्चों ने पूरे उत्साह से प्राथमिक चिकित्सा, गांठें व बंधन, तंबू निर्माण, गैजेट्स निर्माण, आपदा प्रबंधन और माक ड्रिल की ट्रेनिंग ली। प्रशिक्षण के दौरान टीमों को युद्ध के समय, हवाई हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और आकस्मिक घटनाओं में स्वयं को सुरक्षित रखने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तकनीकें सिखाई गईं। इससे पूर्व प्रधानाध्यापिका गीता सिंह ने स्काउट ध्वज फहराया।उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी शक्ति और सामर्थ्य को पहचानें और राष्ट्रहित में लगाएं। जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए संकल्पित हों। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने युवाओं में जोश भरा । उन्होंने कहा कि आपातकालीन हालत में घबराहट सबसे बड़ा शत्रु है। युवा संकट की घड़ी में धैर्य रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें और उपलब्ध संसाधनों का समझदारी से प्रयोग करें। उन्होंने मॉक ड्रिल को सुरक्षा का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा कि बार–बार किया गया अभ्यास ही वास्तविक आपदा में जीवन बचाता है। शिक्षक राजीव कुमार ने कहा कि सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के बिना राष्ट्रीय प्रगति अधूरी है। स्काउटिंग युवाओं में देश के प्रति समर्पण और समाज के प्रति संवेदनशीलता का भाव जगाती है। शिक्षिका प्रतिभा सिंह ने कहा कि स्काउटिंग कम से कम संसाधनों में भी सुव्यवस्थित जीवन जीना सिखाती है। प्रशिक्षक नंदराम शाक्य ने जादुई गुलदस्ता भेंट किया। ट्रेनिंग के दौरान आग में फंसे लोगों को निकालने, डूबते व्यक्तियों को बचाने, टैंट निर्माण, भोजन बनाने, गांठें बंधन बनानें की ट्रेनिंग दी गई। इस मौके पर शिक्षिका श्वेता गुप्ता, अनुदेशक कुसुम लता, मिथलेश, करुणेश आदि मौजूद रहीं।
युवा जल्दबाजी न करें, सही निर्णय लें, संकट की घड़ी में धैर्य रखें : संजीव उझानी/ भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिया में चल रहे त्रिदिवसीय दिवसीय स्काउट–गाइड शिविर के दूसरे दिन अनुशासन, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्कूली प्रांगण स्काउट–गाइड के नारों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और विभिन्न गतिविधियों से गूंज उठा। बच्चों ने पूरे उत्साह से प्राथमिक चिकित्सा, गांठें व बंधन, तंबू निर्माण, गैजेट्स निर्माण, आपदा प्रबंधन और माक ड्रिल की ट्रेनिंग ली। प्रशिक्षण के दौरान टीमों को युद्ध के समय, हवाई हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और आकस्मिक घटनाओं में स्वयं को सुरक्षित रखने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तकनीकें सिखाई गईं। इससे पूर्व प्रधानाध्यापिका गीता सिंह ने स्काउट ध्वज फहराया।उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी शक्ति और सामर्थ्य को पहचानें और राष्ट्रहित में लगाएं। जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए संकल्पित हों। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने युवाओं में जोश भरा । उन्होंने कहा कि आपातकालीन हालत में घबराहट सबसे बड़ा शत्रु है। युवा संकट की घड़ी में धैर्य रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें और उपलब्ध संसाधनों का समझदारी से प्रयोग करें। उन्होंने मॉक ड्रिल को सुरक्षा का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा कि बार–बार किया गया अभ्यास ही वास्तविक आपदा में जीवन बचाता है। शिक्षक राजीव कुमार ने कहा कि सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के बिना राष्ट्रीय प्रगति अधूरी है। स्काउटिंग युवाओं में देश के प्रति समर्पण और समाज के प्रति संवेदनशीलता का भाव जगाती है। शिक्षिका प्रतिभा सिंह ने कहा कि स्काउटिंग कम से कम संसाधनों में भी सुव्यवस्थित जीवन जीना सिखाती है। प्रशिक्षक नंदराम शाक्य ने जादुई गुलदस्ता भेंट किया। ट्रेनिंग के दौरान आग में फंसे लोगों को निकालने, डूबते व्यक्तियों को बचाने, टैंट निर्माण, भोजन बनाने, गांठें बंधन बनानें की ट्रेनिंग दी गई। इस मौके पर शिक्षिका श्वेता गुप्ता, अनुदेशक कुसुम लता, मिथलेश, करुणेश आदि मौजूद रहीं।
- जनपद में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से आज परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गलत दिशा में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग के मामलों में कुल 49 वाहनों का चालान किया गया। संयुक्त कार्रवाई में 26 ई-रिक्शा ऐसे पाए गए, जिनकी फिटनेस समाप्त, बीमा अमान्य तथा टैक्स बकाया था। इन सभी ई-रिक्शाओं को पुलिस लाइन में खड़ा कराया गया। चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक वे अपने वाहनों का टैक्स जमा, बीमा नवीनीकरण और फिटनेस का स्लॉट नहीं ले लेते, तब तक ई-रिक्शा रिलीज नहीं किए जाएंगे। यह अभियान श्री हरिओम (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) एवं श्री आर. एल. राजपूत (उपनिरीक्षक यातायात) के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में परिवहन विभाग के चालक व सिपाही तथा यातायात पुलिस के उपनिरीक्षक एवं आरक्षी भी मौजूद रहे। 👉 अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, और अपने वाहनों के सभी दस्तावेज अद्यतन रखें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।1
- Post by राजेश कुमार वर्मा1
- म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना क्यों जरूरी है, क्योंकि यहां कुछ ही साल में आपका पैसा आपका करोड़पति बना देता है. ये पावर केवल म्यूचुअल फंड में ही है,1
- बिसौली में किसानों को किया संबोधित1
- बदायूं के थाना वजीरगंज में बीती रात एक महिला ने घर में फांसी पर लटक कर जान दे दी। थाना क्षेत्र के गांव दुगों की रहने वाली 35 वर्षीय तस्लीम पत्नी निजाकत ने अपने घर में फांसी लगा ली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पीएम करा कर परिजनों को सौंप दिया है। मृतका के पति और अन्य परिजन बिहार में रह कर कामधंधा करते है। अनुमान लगाया जा रहा है कि घर में अकेले रहने से अपवाद में आई महिला ने कांसी पर लटक कर जान दे दी।1
- Post by G M W X X X O W R GK1
- 🚨 दरगाह के पास दुकानों में भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप 🔥 दरगाह के पास स्थित दुकानों में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने भागकर जान बचाई, जबकि सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।1
- बिल्सी थाना निरीक्षण बिल्सी थाना परिसर में बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने थाने में उपलब्ध शस्त्रों का गहन परीक्षण किया और उनकी स्थिति, रख-रखाव व रजिस्टरों की जांच की। एसएसपी ने शस्त्रों की साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण और समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को शस्त्र संचालन एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान थाने की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए एसएसपी ने कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1