कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सोमवार को छतरपुर शहर स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण किया और शहर से एकत्रित कचरे के प्रसंस्करण व प्रथक्करण की प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, छतरपुर सीएमओ माधुरी शर्मा सहित केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने केंद्र की कचरा क्षमता और उसके क्लीयरेंस के लिए टेंडर की जानकारी ली। उन्होंने पुराने कचरे के डंप साइट की सफाई के लिए मशीनरी व लेबर क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि पहले दिन का सूखा और गीला कचरा उसी दिन पृथक किया जाए। कलेक्टर ने पृथक हुए कचरे से निर्मित सामग्री की बिक्री के लिए एक केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र में स्थापित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) में संचालित प्लास्टिक, गत्ता एवं पॉलीथीन को उपयोगी बनाने वाली प्रक्रिया को भी देखा। गीले कचरे से बनाई जाने वाली कंपोजिट खाद की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि कचरे से तैयार कंपोजिट खाद की बिक्री हेतु समूह को रोजगार उपलब्ध कराकर एक केंद्र स्थापित करें। जिससे तैयार खाद को किसान एवं जरूरतमंद लोग खरीदकर उपयोग कर सकें। साथ ही कलेक्टर ने नगर पालिका द्वारा विकसित 3आर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) केंद्र को भी देखा और 3 आर पार्क का अवलोकन किया। उन्होंने किए गए कार्य की सराहना की और ऐसा ही पार्क शहर में विकसित करने के नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सोमवार को छतरपुर शहर स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण किया और शहर से एकत्रित कचरे के प्रसंस्करण व प्रथक्करण की प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, छतरपुर सीएमओ माधुरी शर्मा सहित केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने केंद्र की कचरा क्षमता और उसके क्लीयरेंस के लिए टेंडर की जानकारी ली। उन्होंने पुराने कचरे के डंप साइट की सफाई के लिए मशीनरी व लेबर क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि पहले दिन का सूखा और गीला कचरा उसी दिन पृथक किया जाए। कलेक्टर ने पृथक हुए कचरे से निर्मित सामग्री की बिक्री के लिए एक केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र में स्थापित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) में संचालित प्लास्टिक, गत्ता एवं पॉलीथीन को उपयोगी बनाने वाली प्रक्रिया को भी देखा। गीले कचरे से बनाई जाने वाली कंपोजिट खाद की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि कचरे से तैयार कंपोजिट खाद की बिक्री हेतु समूह को रोजगार उपलब्ध कराकर एक केंद्र स्थापित करें। जिससे तैयार खाद को किसान एवं जरूरतमंद लोग खरीदकर उपयोग कर सकें। साथ ही कलेक्टर ने नगर पालिका द्वारा विकसित 3आर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) केंद्र को भी देखा और 3 आर पार्क का अवलोकन किया। उन्होंने किए गए कार्य की सराहना की और ऐसा ही पार्क शहर में विकसित करने के नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए।
- विद्युत विभाग पलेरा ने सोमवार को बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए सरकारी विभागों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सहायक अभियंता लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा के निर्देशन में कई संस्थानों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। विभाग के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों पर करीब ₹3.90 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। इस कार्रवाई के तहत मॉडल स्कूल पलेरा, जनपद पंचायत कार्यालय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय, ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचई विभाग के वाटर बॉक्स, नल-जल योजनाओं, ग्राम पंचायतों और आंगनवाड़ी केंद्रों के विद्युत कनेक्शन काटे गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा ने बताया कि बकाया राशि जमा होने के बाद नियमानुसार बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। विद्युत विभाग ने सभी सरकारी एवं निजी उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने, अनावश्यक बकाया से बचने तथा बिजली का वैध एवं सुरक्षित उपयोग करने की अपील की है।1
- प्राचीन समय की बात है, जब आयात और निर्यात का कोई साधन उपलब्ध नहीं हुआ करता था। उसी दौर की यह कहानी है, जब एक किसान ट्रैक्टर खरीदने के लिए डीलर के पास पहुंचा।1
- छतरपुर के अजय पार धाम में दान पेटी से पैसे गायब होने का मामला सामने आया है। दान पेटी से राशि गायब मिलने पर समिति के लोगों ने जमकर हंगामा किया, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
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- मध्य प्रदेश के छतरपुर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। आज 27 जुलाई को दोपहर करीब 2:00 बजे प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई। प्रदर्शनकारी एक ठेले पर गौ माता को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को आवेदन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखती हैं। इसके बावजूद गौवंश की स्थिति कई स्थानों पर चिंताजनक बनी हुई है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने से उनके संरक्षण और संवर्धन को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान और अधिक गंभीरता से आकर्षित होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इसी मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन सौंपा गया और सरकार से जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध कार्यों के लिए दिया गया। इस उपलब्धि से न केवल पलेरा और टीकमगढ़, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव और उनके व्यावहारिक लाभों को जन-जन तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार करना था। सम्मेलन में भारत सरकार से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम तथा निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेष रूप से 'विक्रम-1' मिशन की सफलता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (सेवानिवृत्त) और आईटीयू-एपीटी के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित कई विशेषज्ञों से अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स और नवाचारों पर चर्चा की। उनके शोध और विचारों की वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि प्रखर विश्वकर्मा ने महज 15 वर्ष की आयु में मध्यप्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके नाम 400 से अधिक प्रमाण-पत्र दर्ज हैं तथा उन्हें अब तक 13 राष्ट्रीय और 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। प्रखर विश्वकर्मा की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नवाचार और सतत परिश्रम के बल पर वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।1
- निवाड़ी जिले के ओरछा में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां सातार नदी में एक अनियंत्रित कार गिर गई, लेकिन वीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिस आरक्षक और डायल 112 के जवानों की सूझबूझ से कार में सवार 6 लोगों की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, ओरछा से झांसी की तरफ जा रही एक सफेद रंग की कार सातार नदी में अनियंत्रित होकर गिर गई। कार में 2 पुरुष, 3 महिलाएं और 1 दस साल की बच्ची सहित कुल 6 लोग सवार थे। जैसे ही कार नदी में गिरी, वहां वीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिस आरक्षक जितेंद्र गुर्जर और स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। सभी को कार से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जान-माल की हानि नहीं हुई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।4