राजस्थान के गांवड़ा गांव में इन दिनों 'जीपीएल-4' (GPL-4) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है, जिसके माध्यम से एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। इस अनोखे और अद्भुत आयोजन को खेल जगत, विशेषकर ग्रामीण अंचल के लिए एक क्रांति के समान बताया जा रहा है। इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः ग्रामीण महिलाओं के लिए और वह भी पूरी तरह से रात्रिकालीन प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। संभवतः ग्रामीण स्तर पर महिलाओं का ऐसा भव्य रात्रिकालीन टूर्नामेंट दुनिया में अपनी तरह का पहला और अनूठा आयोजन माना जा रहा है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक खूबसूरत उदाहरण प्रस्तुत करता है। दिनभर घर-आंगन और चूल्हे-चौके की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं अब फ्लड लाइट्स की दूधिया रोशनी के बीच बल्ला और गेंद थामेंगी, जो एक रोमांचक दृश्य होगा। रूढ़िवादिता को पीछे छोड़कर खेल के मैदान पर हुनर दिखाने का यह जज्बा पूरे समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है और नारी शक्ति के शंखनाद का स्वागत योग्य कदम है। इस पूरे आयोजन के पीछे गांव के युवाओं की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयास है, जिन्होंने न केवल इस बड़े और लीक से हटकर टूर्नामेंट की शुरुआत की, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच भी प्रदान किया। आयोजकों का यह प्रेरणादायी कदम अन्य गांवों और कस्बों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है। 'जीपीएल-4' को लेकर पूरे गांवड़ा गांव में भारी उत्साह और विशेष जोश देखने को मिल रहा है, जहाँ गांव का बच्चा-बच्चा और बुजुर्ग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और इसे सफल बनाने के लिए खुलकर सहयोग दे रहे हैं। युवाओं की टोलियां रात-दिन मैदान को सजाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं। आयोजकों का मानना है कि नतीजे चाहे जो भी हों, मैदान पर कदम रखते ही गांवड़ा की इन बेटियों और बहुओं ने रूढ़ियों को हराकर जीत का पहला छक्का मार दिया है। गांवड़ा गांव की इस अनूठी पहल और महिलाओं के इस अभूतपूर्व साहस के लिए पूरे क्षेत्र से बधाइयां मिल रही हैं। यह आयोजन सभी को इस ऐतिहासिक 'GPL-4' का हिस्सा बनने और ग्रामीण प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता है।
राजस्थान के गांवड़ा गांव में इन दिनों 'जीपीएल-4' (GPL-4) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है, जिसके माध्यम से एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। इस अनोखे और अद्भुत आयोजन को खेल जगत, विशेषकर ग्रामीण अंचल के लिए एक क्रांति के समान बताया जा रहा है। इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः ग्रामीण महिलाओं के लिए और वह भी पूरी तरह से रात्रिकालीन प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। संभवतः ग्रामीण स्तर पर महिलाओं का ऐसा भव्य रात्रिकालीन टूर्नामेंट दुनिया में अपनी तरह का पहला और अनूठा आयोजन माना जा रहा है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक खूबसूरत उदाहरण प्रस्तुत करता है। दिनभर घर-आंगन और चूल्हे-चौके की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं अब फ्लड लाइट्स की दूधिया रोशनी के बीच बल्ला और गेंद थामेंगी, जो एक रोमांचक दृश्य होगा। रूढ़िवादिता को पीछे छोड़कर खेल के मैदान पर हुनर दिखाने का यह जज्बा पूरे समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है और नारी शक्ति के शंखनाद का स्वागत योग्य कदम है। इस पूरे आयोजन के पीछे गांव के युवाओं की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयास है, जिन्होंने न केवल इस बड़े और लीक से हटकर टूर्नामेंट की शुरुआत की, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच भी प्रदान किया। आयोजकों का यह प्रेरणादायी कदम अन्य गांवों और कस्बों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है। 'जीपीएल-4' को लेकर पूरे गांवड़ा गांव में भारी उत्साह और विशेष जोश देखने को मिल रहा है, जहाँ गांव का बच्चा-बच्चा और बुजुर्ग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और इसे सफल बनाने के लिए खुलकर सहयोग दे रहे हैं। युवाओं की टोलियां रात-दिन मैदान को सजाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं। आयोजकों का मानना है कि नतीजे चाहे जो भी हों, मैदान पर कदम रखते ही गांवड़ा की इन बेटियों और बहुओं ने रूढ़ियों को हराकर जीत का पहला छक्का मार दिया है। गांवड़ा गांव की इस अनूठी पहल और महिलाओं के इस अभूतपूर्व साहस के लिए पूरे क्षेत्र से बधाइयां मिल रही हैं। यह आयोजन सभी को इस ऐतिहासिक 'GPL-4' का हिस्सा बनने और ग्रामीण प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता है।
- अमेरिका से एक दुखद और बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अमेरिकी वायुसेना का एक B-52 बॉम्बर विमान कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही विमान में तकनीकी खराबी आने की आशंका थी, जिसके कारण विमान ने अपना नियंत्रण खो दिया और जमीन पर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर आग और धुएं का बड़ा गुबार देखा गया। सूचना मिलने पर तुरंत बचाव एवं राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन विमान में मौजूद किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। अमेरिकी वायुसेना और संबंधित जांच एजेंसियों ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच करेगी। B-52 विमान अमेरिकी वायुसेना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबी दूरी का रणनीतिक बॉम्बर माना जाता है, जिसका उपयोग दशकों से किया जा रहा है। इस दुखद घटना ने अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान को झकझोर दिया है। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं और अमेरिकी वायुसेना इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।1
- लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।2
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ लालसोट के तत्वावधान में बालिका विद्यालय लालसोट में एक समर कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का अवलोकन प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रवि शर्मा और पूर्व उप प्रधानाचार्य गिर्राज गुप्ता ने क्रमशः मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में किया। अवलोकन के दौरान, विद्यार्थियों ने कैंप में सिले गए ब्लाउज, फ्रॉक, गाउन और सूट जैसे परिधानों का प्रदर्शन किया और अतिथियों से संवाद भी किया। बालिकाओं ने हाथों में लाइव मेहंदी मांडना बनाकर अपनी मेहंदी फाइलों को दिखाया, जिसकी सभी ने बहुत प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त, नन्हे विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिसमें उनके डांस स्टेप्स और थिरकन ने सभी का मन मोह लिया। छात्रा प्रिया सैनी ने आइब्रो बनाने का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया। इस वर्ष बालिकाओं ने डिजाइनर ड्रेस में पारंपरिक और पश्चिमी शैली का अद्भुत संगम करके रैंप वॉक किया, जिसमें उनमें गजब का आत्मविश्वास दिखाई दिया। मुख्य अतिथि डॉ. रवि शर्मा ने इस दौरान सभी प्रतिभागियों को फिटनेस का मंत्र दिया और कहा कि भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ लालसोट शुरू से ही महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम करता आया है। उन्होंने भारत स्काउट गाइड के 'स्टॉप वायलेंस' कार्यक्रम की भी चर्चा की और उनके कार्यों की सराहना की। सियाराम शरण शर्मा और रतिराम मीणा ने समर कैंप की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला, जबकि विशिष्ट अतिथि गिर्राज गुप्ता ने विद्यार्थियों को नोटबुक और पेन भेंट किए। शिविर प्रभारी महेंद्र व्याख्याता डोब ने बताया कि यह समर कैंप अनुराग सेवा संस्थान के सौजन्य से निशुल्क आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में दीपा साहू ने दुपट्टा पहनाकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही, सिलाई प्रशिक्षक सुनीता कुमारी, निर्मला पारिक, पायल सैनी, सोनाली साहू, राधा खांडल और उमेश पहाड़िया का भी अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कुल मिलाकर, इस समर कैंप में बालिकाओं ने रैंप वॉक के माध्यम से आत्मविश्वास की मिसाल पेश करते हुए महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।4
- दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।3
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राजस्थान पुलिस के सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चलाए गए इस विशेष जांच अभियान में कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई की अगुवाई एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने की, जो राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की जा रही है। अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की गई। नियमों के विपरीत पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों, 4 ट्रैक्टरों, 2 बोलरों, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहनों पर चालान किए गए। इस विशेष जांच अभियान में, उल्लंघन करने वाले चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने सभी चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए भी जानकारी दी तथा नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया। कोलवा थाना पुलिस की इस कार्रवाई की ग्रामीणों ने भी खूब सराहना की है, इसे नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने वाली एक सराहनीय पहल बताया गया। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार होती रहेगी।2
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बापी में मंगलवार, 16 जून को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में प्रभारी सचिव ने लाभार्थियों को स्वामित्व योजना के तहत भूमि के पट्टे और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसियां वितरित कीं। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी भी ली। इसी क्रम में, ग्राम बापी निवासी रिकी देवी बंजारा पत्नी कालूराम बंजारा को स्वामित्व योजना के अंतर्गत उनकी भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। रिकी देवी ने बताया कि इस पट्टे से उनकी वर्षों पुरानी भूमि स्वामित्व से संबंधित समस्या का समाधान हो गया है, जिससे उन्हें अपनी भूमि का कानूनी अधिकार मिल गया है और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने उन्हें उनका अधिकार दिलाने का काम किया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और उपखंड अधिकारी सैंथल अमृता खंडेलवाल भी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव पीसी किशन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ उनके गाँव में ही पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ हल किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ उठाया।1
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ लालसोट द्वारा आयोजित समर कैंप में बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का एक शानदार संदेश रैंप वॉक के माध्यम से दिया। इस कार्यक्रम का अवलोकन प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रवि शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया, वहीं पूर्व उपप्रधानाचार्य गिर्राज गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। शिविर के दौरान बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सिले गए आकर्षक ब्लाउज, फ्रॉक, गाउन और सूट का प्रदर्शन रैंप वॉक पर किया। छात्राओं ने मेहंदी कला का जीवंत प्रदर्शन करते हुए अपनी मेहंदी फाइलों को भी दिखाया, जिसकी अतिथियों ने सराहना की। वहीं, छोटे बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रा प्रिया सैनी ने आइब्रो बनाने का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया। इस दौरान डिजाइनर परिधानों में पारंपरिक और पश्चिमी संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें बालिकाओं का आत्मविश्वास और प्रस्तुति सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रही। मुख्य अतिथि डॉ. रवि शर्मा ने प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मंत्र देते हुए फिटनेस का संदेश दिया। उन्होंने भारत स्काउट एवं गाइड के महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की, साथ ही संगठन के "स्टॉप वायलेंस" अभियान को भी सराहा। इस अवसर पर सियाराम शरण शर्मा और रतिराम मीणा ने शिविर की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि गिर्राज गुप्ता ने विद्यार्थियों को नोटबुक एवं पेन वितरित किए, जबकि शिविर प्रभारी महेन्द्र डोब ने बताया कि इस वर्ष समर कैंप अनुराग सेवा संस्थान के सहयोग से निशुल्क आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में दीपा साहू ने अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया, और सिलाई प्रशिक्षक सुनीता कुमारी, निर्मला पारीक, पायल सैनी, सोनाली साहू, राधा खांडल के साथ उमेश पहाड़िया का भी सम्मान किया गया।1
- राजस्थान के लालसोट में बुधवार को एक पाँच साल पुराने वैवाहिक विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। ग्राम पंचायत खटवा में पंचायत समिति कार्यालय के पास स्थित एक ऊँची पानी की टंकी पर आरती मीणा नाम की एक महिला चढ़ गई, जिससे क्षेत्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरती मीणा और उनके पति राजूलाल मीणा, जो पिछले पाँच साल से बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी गृहस्थी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी। आरती मीणा का पीहर ग्राम कोड्याई में है, जबकि उनका विवाह खटवा में हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि उनका पति उन्हें ठीक से नहीं रखता और उनसे बातचीत भी नहीं करता। आरती का कहना था कि वह अपने पति के साथ खटवा में रहकर ही जीवन बिताना चाहती हैं और अपने वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए ही पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। ससुराल पक्ष में पति, सास और आरती मीणा सहित केवल तीन सदस्य बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस जाप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। घंटों चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया और उसे लालसोट थाने ले जाया गया। थाने में उसके पीहर पक्ष, पति और अधिकारियों की मौजूदगी में समझाइश और बातचीत का दौर चला। प्रशिक्षु आरपीएस कैलाश मीणा ने बताया कि महिला आपसी विवाद के कारण टंकी पर चढ़ी थी और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने जानकारी दी कि महिला द्वारा अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई समझाइश से एक बड़ा हादसा टल गया।1