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लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।

6 hrs ago
user_Girdhari lal Sahu
Girdhari lal Sahu
लालसोट, दौसा, राजस्थान•
6 hrs ago

लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की

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हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।

More news from Rajasthan and nearby areas
  • दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।
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    दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।

पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।
    user_पत्रकार दीपक सैनी
    पत्रकार दीपक सैनी
    Court reporter Dausa, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। कोलवा थाना पुलिस ने इस अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की। ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह की अगुवाई में हुई यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की गई। इस विशेष जांच अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कई मामले सामने आए, जिनमें 9 मोटरसाइकिल, 4 ट्रैक्टर, 2 बोलेरो, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहन शामिल थे, जिनके चालान किए गए। सभी संबंधित चालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। अभियान के दौरान ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह ने चालकों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने का अनुरोध करते हुए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। कोलवा थाना पुलिस की इस विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई की ग्रामीणों ने बहुत सराहना की है। ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास को सराहनीय पहल बताया, जिसमें नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए।

कोलवा थाना पुलिस ने इस अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की। ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह की अगुवाई में हुई यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की गई। इस विशेष जांच अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कई मामले सामने आए, जिनमें 9 मोटरसाइकिल, 4 ट्रैक्टर, 2 बोलेरो, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहन शामिल थे, जिनके चालान किए गए। सभी संबंधित चालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई।

अभियान के दौरान ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह ने चालकों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने का अनुरोध करते हुए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया।

कोलवा थाना पुलिस की इस विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई की ग्रामीणों ने बहुत सराहना की है। ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास को सराहनीय पहल बताया, जिसमें नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।
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    राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया।

दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • कैमला कोढयाई और नयागांव के किसानों ने लगातार चौथे दिन दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। किसानों ने इस ट्रैक को एक घंटे तीस मिनट तक अवरुद्ध रखा, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ।
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    कैमला कोढयाई और नयागांव के किसानों ने लगातार चौथे दिन दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। किसानों ने इस ट्रैक को एक घंटे तीस मिनट तक अवरुद्ध रखा, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    13 min ago
  • किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
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    किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
    user_Gangapur ki Aabaj
    Gangapur ki Aabaj
    गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा में मंगलवार, 16 जून को जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा करना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था, ताकि आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। प्रभारी सचिव ने उपखंड अधिकारियों से पिछले तीन दिनों में आयोजित शिविरों का फीडबैक लिया और राजस्व संबंधी प्रकरणों में त्वरित राहत प्रदान करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शिविरों के आयोजन के साथ-साथ विभागों के नियमित कार्य भी प्रभावित न हों। विभागवार प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए, उन्होंने शिविरों के सफल संचालन के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने और उन्हें निर्धारित समय पर प्रारंभ कर तय समय तक नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान देखे गए शिविरों की प्रगति पर प्रभारी सचिव ने संतोष व्यक्त किया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि शिविरों से कम से कम 10 दिन पहले प्री-कैंप गतिविधियां आयोजित की जाएं, जिससे आमजन को योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष बल दिया, साथ ही घुमंतू, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। वन विभाग को शिविरों में आने वाले लोगों को पौधों का वितरण करने के लिए भी कहा गया। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि शिविरों के प्रभावी आयोजन हेतु प्री-कैंप गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिन स्थानों पर प्री-कैंप आयोजित नहीं हो पाए, वहां फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंचायतवार ऑनलाइन प्राप्त लंबित आवेदनों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निस्तारण के प्रयास जारी हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    दौसा में मंगलवार, 16 जून को जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा करना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था, ताकि आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

प्रभारी सचिव ने उपखंड अधिकारियों से पिछले तीन दिनों में आयोजित शिविरों का फीडबैक लिया और राजस्व संबंधी प्रकरणों में त्वरित राहत प्रदान करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शिविरों के आयोजन के साथ-साथ विभागों के नियमित कार्य भी प्रभावित न हों। विभागवार प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए, उन्होंने शिविरों के सफल संचालन के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने और उन्हें निर्धारित समय पर प्रारंभ कर तय समय तक नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान देखे गए शिविरों की प्रगति पर प्रभारी सचिव ने संतोष व्यक्त किया।

प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि शिविरों से कम से कम 10 दिन पहले प्री-कैंप गतिविधियां आयोजित की जाएं, जिससे आमजन को योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष बल दिया, साथ ही घुमंतू, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। वन विभाग को शिविरों में आने वाले लोगों को पौधों का वितरण करने के लिए भी कहा गया।

जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि शिविरों के प्रभावी आयोजन हेतु प्री-कैंप गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिन स्थानों पर प्री-कैंप आयोजित नहीं हो पाए, वहां फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंचायतवार ऑनलाइन प्राप्त लंबित आवेदनों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निस्तारण के प्रयास जारी हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार दीपक सैनी
    पत्रकार दीपक सैनी
    Court reporter Dausa, Rajasthan•
    15 hrs ago
  • जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में झर के पास आगरा रोड पर एक गौ माता दुर्घटना का शिकार हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नई नाथ गौ रक्षा दल को इसकी सूचना दी। गौ रक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुँचे और टोल प्रशासन की गाड़ी में गौ माता का इलाज करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।
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    जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में झर के पास आगरा रोड पर एक गौ माता दुर्घटना का शिकार हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नई नाथ गौ रक्षा दल को इसकी सूचना दी। गौ रक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुँचे और टोल प्रशासन की गाड़ी में गौ माता का इलाज करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।
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    पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे।

आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।
    user_Bsmeena
    Bsmeena
    Local News Reporter गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • रायसेन में एक आशिक बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ गया और उसने यह धमकी दी कि अगर उसकी शादी उसी व्यक्ति से नहीं कराई गई जिससे वह चाहता है, तो वह अपनी जान दे देगा। इस घटना से जहाँ ग्रामीण और पुलिस परेशान हैं, वहीं आशिक के परिजनों की जान हलक में अटकी हुई है और वे उसकी सलामती को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं।
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    रायसेन में एक आशिक बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ गया और उसने यह धमकी दी कि अगर उसकी शादी उसी व्यक्ति से नहीं कराई गई जिससे वह चाहता है, तो वह अपनी जान दे देगा। इस घटना से जहाँ ग्रामीण और पुलिस परेशान हैं, वहीं आशिक के परिजनों की जान हलक में अटकी हुई है और वे उसकी सलामती को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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