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किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
Gangapur ki Aabaj
किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।
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- कैमला कोढयाई और नयागांव के किसानों ने लगातार चौथे दिन दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। किसानों ने इस ट्रैक को एक घंटे तीस मिनट तक अवरुद्ध रखा, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ।1
- किरवाड़ा के युवाओं ने नरेश मीणा के खिलाफ़ विरोध जताते हुए एक बोर्ड पर कालिख पोत दी है। युवाओं ने इस कार्य को किसान हित में एक जनसंदेश के रूप में अंजाम दिया।1
- पाँचना बाँध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने की मांग को लेकर गाँव खंडीप में चल रहा किसानों का विशाल धरना मंगलवार को 12वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में युवा, बच्चे, महिलाएँ, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। धरनार्थियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अविलंब नहरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों का आरोप है कि भीषण गर्मी में हजारों किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आज महस्वा गाँव के किसानों और ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को समर्थन दिया, वहीं कल कैमला गाँव के किसान भी खंडीप धरना स्थल पर पहुँचेंगे। आज खंडीप के राजीव गांधी सेवा केंद्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पाँचना कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में गंगापुर सिटी विधायक श्री रामकेश मीणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, 88 गाँवों के पंच-पटेल और कमांड क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया। प्रशासनिक पक्ष से जिला कलेक्टर श्री कानाराम, पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश राजौरा और एसडीएम वजीरपुर श्रीमती सुधारानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल सरकार स्तर के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करेंगे, क्योंकि निचले स्तर पर पहले भी कई वार्ताएँ हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समिति ने सरकार को 27 जून तक का समय देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो 28 जून से यह जन आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर हो चुकी है, और किसान, पशुपालक व आमजन पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार पानी जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और पाँचना बाँध पर बैठे लोगों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती दोपहरी में 35 से 40 हजार महिला-पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। धरनार्थियों ने एक बार फिर मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कराकर पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत मिल सके।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।1
- करौली में प्रजापति छात्रावास रणगमा ताल में दक्ष प्रजापति विकास संस्थान की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन संयोजक छीतर लाल प्रजापति ने किया, जिसमें छात्रावास में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। सचिव गंगाराम प्रजापत ने मंगलवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि बैठक के दौरान संरक्षक रामेश्वर ठेकेदार ने छात्रावास परिसर के लिए एक मुख्य द्वार और चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने को आवश्यक बताया। बैठक में यह भी तय किया गया कि भवन की छत की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, दक्ष प्रजापति की जयंती के अवसर पर करौली स्थित छात्रावास में एक संगोष्ठी का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, कई भामाशाहों ने छात्रावास के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। इस बैठक में छोटे लाल, मलुआ, छात्रावास अध्यक्ष माधु लाल, रमेश महू, दुर्गा लाल ठेकेदार, भोले, धनसिंह, श्री भगवान, भंवर, लक्ष्मी, रामेश्वर ठेकेदार, छीतर लाल प्रजापति, गंगाराम प्रजापत और कल्याण हलवाई सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित किसान धरना स्थल पर, उपनेता प्रतिपक्ष विधायक राम के जी मीणा ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है।1
- महसूआ गांव से निकली एक रैली खानदीप गांव में पहुंची। यह रैली मां पंचायत में भी आई।1