स्कूल की स्थिति हुई जर्जर,कभी रंगमंच तो कभी पेड़ के नीचे बैठकर अध्ययन करने को मजबूर हैं बच्चे जिले के ग्राम कन्हारी कला के पोषक ग्राम चौकी टोला में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय की भवन स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों में दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और कमरों में असुरक्षित माहौल के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि विद्यार्थियों को कभी स्कूल के रंगमंच पर तो कभी पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बरसात और तेज धूप के दिनों में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को दोपहर 2:00 बजे स्कूल की शिक्षिका शशि कला परते ने दी जानकारी
स्कूल की स्थिति हुई जर्जर,कभी रंगमंच तो कभी पेड़ के नीचे बैठकर अध्ययन करने को मजबूर हैं बच्चे जिले के ग्राम कन्हारी कला के पोषक ग्राम चौकी टोला में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय की भवन स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों में दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और कमरों में असुरक्षित माहौल के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि विद्यार्थियों को कभी स्कूल के रंगमंच पर तो कभी पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बरसात और तेज धूप के दिनों में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को दोपहर 2:00 बजे स्कूल की शिक्षिका शशि कला परते ने दी जानकारी
- निराहार नर्मदा परिक्रमा कर रहे दादा गुरु महाराज मंडला पहुंचे। शुक्रवार को शाम 5:00 बजे प्रवचन में कहा की ईसा मसीह से हमें कोई दिक्कत नहीं है उन्होंने कहा कि हम खुलकर बोलते हैं । जिसकी सामर्थ्य है वह सामने आ जाए। हमने भी सेवा दी है। सेवा के बदले में जहां राम की चर्चा होती थी। जहां पेड़ पहाड़ और प्रकृति को पूछते थे। जिस नर्मदा के पथ पर मठ और मंदिर शोभायमान होते थे। उन्हें जंगलों में 20 सालों में हमने चच्चो का निर्माण होते हुए देखा है।1
- Mandla1
- प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके ने 'मिलेट रोड शो' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।1
- मोहगांव बड़ चौराहा में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू घुघरी (जिला मंडला) – विकासखंड मोहगांव के बड़ चौराहा में आज से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ हो गया है। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आयोजकों ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि धरना प्रदर्शन को सफल बनाने एवं क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन दें। प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है।1
- Post by Pankaj Jhariya1
- *जिले में प्रवेश की धर्मपुरी महाराज की अधोमुखी पैदल यात्रा* *मोहगांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने किया स्वागत* मंडला। धर्मपुरी महाराज मां नर्मदा की 3500 किलोमीटर लंबी यात्रा कर रहे है। महाराज जी की यह यात्रा बीते 11 दिसंबर को मां नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से प्रारंभ की गई है। इस बीच धर्मपुरी महाराज प्रतिरोज तीन से चार किलोमीटर पैदल हाथों के बल यात्रा कर रहे है। इनके साथ उनके नर्मदा परिक्रमा के दौरान धर्मपूरी महाराज अनुयायी भी शामिल है। इसी दौरान नर्मदे हर के जयकारों के बीच (अनन्य) संकल्पित लेकर निकले *संत धर्मपुरी महाराज विगत बुधवार को डिंडोरी जिले की सीमा समाप्त कर मंडला जिले में प्रवेश कर गए है।* *बचपन से साधु-संतों का संग* धर्मपुरी महाराज सात वर्ष की आयु से ही साधु-संतों के साथ रहने लगे थे। यह उनकी चौथी नर्मदा परिक्रमा है. लेकिन पहली बार वे हाथों के बल अधोमुखी परिक्रमा कर रहे हैं। उनकी इस असाधारण साधना को देखकर लोग आश्चर्यचकित होने के साथ प्रेरित भी हो रहे हैं। धर्मपुरी महाराज की उनके प्रथम आगमन पर विकासखंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम आडियामाल में ग्रामीणों ने विधि-विधान से स्वागत, वंदन और पूजन-अर्चन किया यह अधोमुखी परिक्रमा यात्रा आमजन के लिए आस्था, समर्पण और दृढ़ संकल्प का अनूठा उदाहरण बन गई है। उनकी इस कठिन साधना ने मां नर्मदा के करोड़ों भक्तों के बीच गहरा प्रभाव छोड़ा है। डिंडोरी से मंडला मार्ग पर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। आगे महाराज की परिक्रमा यात्रा चाबी के लिए निकल गई। उनकी इस अनूठी और कठिन साधना को देखने व दर्शन करने के लिए मार्ग में बसे गांवों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिले के करजिया विकासखंड के निवासी धर्मपुरी महाराज इन दिनों मां नर्मदा की 3500 किलोमीटर लंबी यात्रा कर रहे है। हाथों के बल यात्रा कर रहे है। आडियामाल गांव में पहुंचते ही यहां के ग्रामीणों ने अद्भुत तरीके से उनकी आगुवाई की। उन्होंने (बंबुलिया) भजन के साथ परिक्रमा पथ पर पुष्पवर्षों के साथ महाराज की परिक्रमा यात्रा का गर्मजोशी स्वागत किया गया। स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि (बंबुलिया) भजन बुदेलखंडी लोकगीत से संबंध रखता है, इसे नर्मदाचंल क्षेत्रों में पारंपारिक रूप से मां नर्मदा की महिमा का बखान करते हुए तीर्थयार्थियों के लिए गाया जाता हैं। है। गुरुवार गुरुवार को द्वितीय दिवस यह यात्रा ग्राम चाबी स्थित उपकेश्वरी केश्वरी नर्मदा कुंड राधा कृष्ण मंदिर में विश्राम की है। शुक्रवार को मोहगांव के लिए चल पड़ेगी। जैसे-जैसे यह यात्रा मंडला की ओर बढ़ रही है। वैसे ही ग्रामीण उनके दर्शन के लिए सड़क किनारे एकत्रित हो रहे है। कई गांवों में लोग घंटों पहले से सड़क पर बैठकर उनके आगमन की प्रतीक्षा करते देखे गए है।1
- sukhloo tola vad no.14 gram rajma post kareli t.s .baihar jila balaghat kafi din se kha rab h pr koi sunwae nhi ho rha h sarpach .sachiv .sb ke ps gy pr bn nhi rha h6
- जिले के ग्राम कन्हारी कला के पोषक ग्राम चौकी टोला में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय की भवन स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों में दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और कमरों में असुरक्षित माहौल के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि विद्यार्थियों को कभी स्कूल के रंगमंच पर तो कभी पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बरसात और तेज धूप के दिनों में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को दोपहर 2:00 बजे स्कूल की शिक्षिका शशि कला परते ने दी जानकारी1