विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य कार्यक्रम संपन्न अपनी मूल संस्कृति की धरोहर को संजोने के लिए कृत संकल्पित होने की आवश्यकता -- सुश्री मीना सिंह लोकेशन उमरिया बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर श्याम गुप्ता *बिरसिंहपुर पाली* : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बिरसिंहपुर पाली विद्यालय मैदान में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस अपनी मूल परंपराओं, के अनुरूप कार्यक्रम का आयोजन समिति द्वारा किया गया। आदिवासी समाज का यह कार्यक्रम अपनी संस्कृति और भव्यता के साथ संपंन हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज के अमर शहीदों के छायाचित्रों में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए की गयी। मालुम होवे की विश्व आदिवासी दिवस पर पाली क्षेत्र के तिवनी ग्राम से शुरू हुई आदिवासी रैली पाली नगर का भ्रमण करते हुए विद्यालय में आम सभा में तब्दील हो गयी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि गण,ग्रामीण जन, युवा, वृद्ध और महिलाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में *मुख्य अतिथि मानपुर क्षेत्र की विधायक सुश्री मीना सिंह* ने आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि *आदिवासी समाज का आजादी की लड़ाई में अक्षुण्य योगदान रहा है।* हम अंग्रेजों की हुकूमत के आगे नहीं झुके, शहीद हो गए। उन्होंनें छात्र छात्राओं के सफलता के मंत्र बतलाते हुए कहा कि आदिवासी समाज में कला, शिक्षा और साहस का अद्भुत संगम भरा हुआ है,उसे आप सतत प्रयास से निखारें। आपने आगे कहा कि मै खुद दूरस्थ गाँव में जन्म लेने वाली आदिवासी समाज की बेटी हूँ पहाड़ के नीचे मेरा गांव है। कठिन संघर्ष के बाद कक्षा आठवीं की पढ़ाई के बाद यहाँ से 200 किलोमीटर दूर *मंडला के ठाकर आश्रम* में रहकर की है। उस समय आदिवासी समाज शिक्षा से कोसों दूर था, तब भी हमारे माता पिता ने मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा को अपनाया, कितने कठिन दौर में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई गई। सुश्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है। अब *गांव की प्रतिभा को निखारने की जरूरत है।* माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। *माँ का योगदान बच्चों के लिए सर्वाधिक रहता है।* शिक्षा के लिए अपना सब कुछ लगा कर पढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि *हम प्रकृति के पूजारी हैं। अपनी परंपरा और प्रकृति को बचाएं।* हमें पूर्वजों की धरोहरों को संजोने के लिए आज संकल्प लेना चाहिए। इसी से हम जाने जाते हैं। *हमें अपनी जाति को नहीं छुपाना है, वह हमारी पहचान है। आदिवासी आदि अनादि है। अपने मूल को शान से आगे बढाने के संकल्पित है।* अंत में उन्होंने कहा *"मैं आपके समाज से हूं। मेरे लायक जो काम हो वह मुझसे कह सकती हैं, उनका हर संभव निदान करूंगी। *विशेष अतिथि गंगा धर ढोके* ने कहा कि *1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों के सम्मान के लिए यह दिवस घोषित किया।* आदिवासी समाज ही है जो प्रकृति की पूजा करते हुए उसको सुरक्षित रखा। उन्होंने चिंता जताई कि *गोडी बोली विलुप्त हो रही है। जब भाषा विलुप्त होती है तो संस्कृति भी विलुप्त हो जाती है।* उन्होंने कहा *आदिवासी समाज में एक भी दहेज हत्या नहीं होती है।* युवाओं से उन्होंने *रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने समुदाय को भी रोजगार उपलब्ध कराने* का आह्वान किया। कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं में अपने अपने विचार रखते हुए *राजेश कोल* ने कहा कि जय जोहार का मतलब प्रकृति पूजा है। संयुक्त राष्ट्र ने 1984 में इसकी घोषणा की और 1995 से लागू किया। *प्रो. हर लाल अहिरवार* ने कहा कि हम प्रकृति के पूजारी हैं। प्रगति के साथ-साथ प्रकृति को आगे बढ़ाना है। *अधिवक्ता रेखा कोल* ने कहा कि आधुनिकता के दौर में संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता में आदिवासियों के लिए अलग कॉलम की मांग की। *सरपंच पुरुषोत्तम सिंह* ने कहा कि युवा शराब के नशे में पीड़ित हैं। उन्होंने "नशा छोड़ो, शिक्षा पकड़ो" का नारा दिया। *पूर्व सरपंच लोकनाथ सिंह* ने कहा कि जीवन की संस्कृति को नहीं भूलना है। सबको एक होकर समाज का काम करना चाहिए। *अंजली सिंह* ने कहा कि एकता से ही हम आगे बढ़ेंगे। शराब से दूर रहें, इससे भविष्य बरबाद हो रहा है। युवाओं से कहा कि *आप अपना भविष्य खुद गढ़ो।* *दलबीर सिंह* ने कहा कि *जल, जंगल, जमीन पर हमारा अधिकार है।* शिक्षा ही युवाओं को जोड़ेगी। समाज के मुखियाओं से छात्रावास जाकर बच्चों की देख-रेख करने की अपील की। *कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा* ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी वक्ताओं के विचारों की सराहना की और उपस्थित समुदाय का आभार व्यक्त किया। आपने कहा कि आदिवासी दिवस पर यह आदिवासियों का पर्व हैं, आदिवासी अपनी सभ्यता का पालन करते हुए अपनी मूल सर्व आदिवासी समाज हेमनाथ बैगा जिला पंचायत सदस्य,बिन्दे सिंह, राजेश कोल,विनय सिंह परस्ते अजाक्स ब्लॉक अध्यक्ष लोकनाथ सिंह मरावी,जयस जिलाध्यक्ष उमरिया दलबीर सिंह पसरते,राजेश कोल,छत्रपाल सिंह,सरपंच लक्ष्मी सिंह मरावी,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष उषा कोल,जयस कार्यवाहक जिलाध्यक्ष उमेश सिंह मरकाम, धनराज सिंह,मनोज चौधरी, संतोष मानिकपुरी, राजेन्द्र सिंह, लालमणि मालवे, राजकुमार सिंह,हरिभजन सिंह,कूपरचंद बैगा,रवि मार्को, उदय सिंह,सानू सिंह मुकेश खुरसेगा,किसन सिंह मरावी,सुखदेव सिंह, पुरुसोत्तम सिंह बड़करे,अजाक्स महासचिव इस्वर सिंह,गोविंद सिंह,बोधपाल सिंह,बालकदास टेकाम,कोमल मालवे,सुरेंद्र सिंह,वीरेंद्र सिंह,तोलाराम सिंह टेकाम,पुरुसोत्तम सिंह, रमेश सिंह परस्ते,बल्लू पेंड्राम,शिवकुमार मालवे,राजेश धुर्वे,राजेश सिंह,राकेश सिंह उइके,रोहित प्रधान,विवेकानंद सिंह, भूपत सिंह,बबलू सिंह,मनोज कोल,भागचंद कोल,रविन्द्र सिंह मार्को,रामपाल सिंह परस्ते,पवन कुमार, भइयालाल, कृष्ना बैगा,विद्या निधान,वृजभान सिंह मार्को,दसरू प्रधान,चद्रलाल प्रधान, श्याम सिंग प्रधान,चंद्रभान सिंह बिझला,नीरज सिंह अवधेश कोल,मुकेश कोल,दीपक सिंह,मना सिंह आयुष कोल आकाश कोल संजीव कोल,रेखा कोल,रामदीन बैगा,सहित हजारो आदिवासी सर्व समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।परंपराओं को आगे बढाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और उपस्थित जन समुदाय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य कार्यक्रम संपन्न अपनी मूल संस्कृति की धरोहर को संजोने के लिए कृत संकल्पित होने की आवश्यकता -- सुश्री मीना सिंह लोकेशन उमरिया बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर श्याम गुप्ता *बिरसिंहपुर पाली* : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बिरसिंहपुर पाली विद्यालय मैदान में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस अपनी मूल परंपराओं, के अनुरूप कार्यक्रम का आयोजन समिति द्वारा किया गया। आदिवासी समाज का यह कार्यक्रम अपनी संस्कृति और भव्यता के साथ संपंन हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज के अमर शहीदों के छायाचित्रों में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए की गयी। मालुम होवे की विश्व आदिवासी दिवस पर पाली क्षेत्र के तिवनी ग्राम से शुरू हुई आदिवासी रैली पाली नगर का भ्रमण करते हुए विद्यालय में आम सभा में तब्दील हो गयी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि गण,ग्रामीण जन, युवा, वृद्ध और महिलाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में *मुख्य अतिथि मानपुर क्षेत्र की विधायक सुश्री मीना सिंह* ने आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि *आदिवासी समाज का आजादी की लड़ाई में अक्षुण्य योगदान रहा है।* हम अंग्रेजों की हुकूमत के आगे नहीं झुके, शहीद हो गए। उन्होंनें छात्र छात्राओं के सफलता के मंत्र बतलाते हुए कहा कि आदिवासी समाज में कला, शिक्षा और साहस का अद्भुत संगम भरा हुआ है,उसे आप सतत प्रयास से निखारें। आपने आगे कहा कि मै खुद दूरस्थ गाँव में जन्म लेने वाली आदिवासी
समाज की बेटी हूँ पहाड़ के नीचे मेरा गांव है। कठिन संघर्ष के बाद कक्षा आठवीं की पढ़ाई के बाद यहाँ से 200 किलोमीटर दूर *मंडला के ठाकर आश्रम* में रहकर की है। उस समय आदिवासी समाज शिक्षा से कोसों दूर था, तब भी हमारे माता पिता ने मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा को अपनाया, कितने कठिन दौर में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई गई। सुश्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है। अब *गांव की प्रतिभा को निखारने की जरूरत है।* माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। *माँ का योगदान बच्चों के लिए सर्वाधिक रहता है।* शिक्षा के लिए अपना सब कुछ लगा कर पढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि *हम प्रकृति के पूजारी हैं। अपनी परंपरा और प्रकृति को बचाएं।* हमें पूर्वजों की धरोहरों को संजोने के लिए आज संकल्प लेना चाहिए। इसी से हम जाने जाते हैं। *हमें अपनी जाति को नहीं छुपाना है, वह हमारी पहचान है। आदिवासी आदि अनादि है। अपने मूल को शान से आगे बढाने के संकल्पित है।* अंत में उन्होंने कहा *"मैं आपके समाज से हूं। मेरे लायक जो काम हो वह मुझसे कह सकती हैं, उनका हर संभव निदान करूंगी। *विशेष अतिथि गंगा धर ढोके* ने कहा कि *1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों के सम्मान के लिए यह दिवस घोषित
किया।* आदिवासी समाज ही है जो प्रकृति की पूजा करते हुए उसको सुरक्षित रखा। उन्होंने चिंता जताई कि *गोडी बोली विलुप्त हो रही है। जब भाषा विलुप्त होती है तो संस्कृति भी विलुप्त हो जाती है।* उन्होंने कहा *आदिवासी समाज में एक भी दहेज हत्या नहीं होती है।* युवाओं से उन्होंने *रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने समुदाय को भी रोजगार उपलब्ध कराने* का आह्वान किया। कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं में अपने अपने विचार रखते हुए *राजेश कोल* ने कहा कि जय जोहार का मतलब प्रकृति पूजा है। संयुक्त राष्ट्र ने 1984 में इसकी घोषणा की और 1995 से लागू किया। *प्रो. हर लाल अहिरवार* ने कहा कि हम प्रकृति के पूजारी हैं। प्रगति के साथ-साथ प्रकृति को आगे बढ़ाना है। *अधिवक्ता रेखा कोल* ने कहा कि आधुनिकता के दौर में संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता में आदिवासियों के लिए अलग कॉलम की मांग की। *सरपंच पुरुषोत्तम सिंह* ने कहा कि युवा शराब के नशे में पीड़ित हैं। उन्होंने "नशा छोड़ो, शिक्षा पकड़ो" का नारा दिया। *पूर्व सरपंच लोकनाथ सिंह* ने कहा कि जीवन की संस्कृति को नहीं भूलना है। सबको एक होकर समाज का काम करना चाहिए। *अंजली सिंह* ने कहा कि एकता से ही हम आगे बढ़ेंगे। शराब से दूर रहें, इससे भविष्य बरबाद हो रहा है। युवाओं से कहा कि *आप अपना भविष्य खुद गढ़ो।* *दलबीर सिंह* ने कहा कि *जल, जंगल,
जमीन पर हमारा अधिकार है।* शिक्षा ही युवाओं को जोड़ेगी। समाज के मुखियाओं से छात्रावास जाकर बच्चों की देख-रेख करने की अपील की। *कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा* ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी वक्ताओं के विचारों की सराहना की और उपस्थित समुदाय का आभार व्यक्त किया। आपने कहा कि आदिवासी दिवस पर यह आदिवासियों का पर्व हैं, आदिवासी अपनी सभ्यता का पालन करते हुए अपनी मूल सर्व आदिवासी समाज हेमनाथ बैगा जिला पंचायत सदस्य,बिन्दे सिंह, राजेश कोल,विनय सिंह परस्ते अजाक्स ब्लॉक अध्यक्ष लोकनाथ सिंह मरावी,जयस जिलाध्यक्ष उमरिया दलबीर सिंह पसरते,राजेश कोल,छत्रपाल सिंह,सरपंच लक्ष्मी सिंह मरावी,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष उषा कोल,जयस कार्यवाहक जिलाध्यक्ष उमेश सिंह मरकाम, धनराज सिंह,मनोज चौधरी, संतोष मानिकपुरी, राजेन्द्र सिंह, लालमणि मालवे, राजकुमार सिंह,हरिभजन सिंह,कूपरचंद बैगा,रवि मार्को, उदय सिंह,सानू सिंह मुकेश खुरसेगा,किसन सिंह मरावी,सुखदेव सिंह, पुरुसोत्तम सिंह बड़करे,अजाक्स महासचिव इस्वर सिंह,गोविंद सिंह,बोधपाल सिंह,बालकदास टेकाम,कोमल मालवे,सुरेंद्र सिंह,वीरेंद्र सिंह,तोलाराम सिंह टेकाम,पुरुसोत्तम सिंह, रमेश सिंह परस्ते,बल्लू पेंड्राम,शिवकुमार मालवे,राजेश धुर्वे,राजेश सिंह,राकेश सिंह उइके,रोहित प्रधान,विवेकानंद सिंह, भूपत सिंह,बबलू सिंह,मनोज कोल,भागचंद कोल,रविन्द्र सिंह मार्को,रामपाल सिंह परस्ते,पवन कुमार, भइयालाल, कृष्ना बैगा,विद्या निधान,वृजभान सिंह मार्को,दसरू प्रधान,चद्रलाल प्रधान, श्याम सिंग प्रधान,चंद्रभान सिंह बिझला,नीरज सिंह अवधेश कोल,मुकेश कोल,दीपक सिंह,मना सिंह आयुष कोल आकाश कोल संजीव कोल,रेखा कोल,रामदीन बैगा,सहित हजारो आदिवासी सर्व समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।परंपराओं को आगे बढाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और उपस्थित जन समुदाय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में बने रिजॉर्ट के मेहमानों के द्वारा फैलाई गई गंदगी को रिसोर्ट मालिकों द्वारा जंगलों में फेका जाता है कचरा। जी हां हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के जिला उमरिया की सुप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व वन परिक्षेत्र जहां पर बड़ी-बड़ी होटल बड़ी-बड़ी रेस्टोरेंट है रिजॉर्ट है वहां पर देश-विदेश दूर-दूर से सैलानी आते हैं जो यहां रिसोर्ट में रुकते हैं और वन्य जीव देखने के लिए आते हैं यह एक बहुत बड़ा पर्यटक स्थल है जहां बड़े-बड़े लोग अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने आते हैं जिन्हें खाने पीने से लेकर हर नशे की चीज रिसोर्ट मलिक उपलब्ध कराते हैं के विपरीत उनके द्वारा फैलाई गई मेहमानों के द्वारा फैलाई गई गंदगी को रिजॉर्ट मलिक नष्ट करने के बजाय अपने ही आसपास एरिया जंगलों में डिस्पोजल टैबलेट की पत्ते उनके द्वारा छोड़े गए कपड़े प्लास्टिक की चीज दारू की सीसी और जो भी उसमें गंदा मटेरियल रिसोर्ट के अंदर होता है कटोरी प्लेट जो भी चीज होती हैं जो एक कचरा कहलाता है उसे नष्ट करने की बजाय रिसोर्ट के मालिक उसे आसपास के जंगलों में फेंक देते हैं अब इससे होगा क्या जंगलों में गंदगी फाइल लगी जंगली जानवर उसे हो सकता है यह सोचकर कि उनके खाने की चीज हो उसे खा ले कोई ऐसी नशे की चीज हो जिसे खा ले जिससे वह नॉर्मल से क्रूर हो जाए आसपास रहने वाले व्यक्तियों पर हमला करें अब यह किसकी लापरवाही है विभाग की लापरवाही है जो इसे ध्यान नहीं देता वन विभाग की लापरवाही है जो आसपास रिसोर्ट के ग्रस्त नहीं करता इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे से ऐसा कोई भी रिसोर्ट का मालिक या उनके कर्मचारियों द्वारा ऐसा करना किया जाए जंगल जहां लोग घूमने आते हैं जंगली जानवर देखने आते हैं उसे माहौल को साफ सुथरा रखा जाए ताकि आने वाले सैलानी अगर वहां से गुजरते हैं या गाड़ी गुजरती है तो उन्हें भी वालों की जंगल यानी जंगल नेच।र साफ सुथरा हो हम शासन प्रशासन से यही अपील करते हैं चाहे वह रिसोर्ट के मालिक हो या होमस्टे के उनके द्वारा आसपास जो भी गंदगी फैलाई जा रही है उसे वन विभाग देखें और ऐसा कुछ करने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें4
- सावन के दूसरे सोमवार उमरिया में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर सावन के दूसरे सोमवार उमरिया में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर सगरा मंदिर समेत नगर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जगह-जगह लगे भंडारे, भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक उमरिया। सावन के पावन दूसरे सोमवार को जिला मुख्यालय उमरिया पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह से ही नगर के प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष सुनाई दिए। भक्तों ने भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सावन सोमवार के अवसर पर सगरा मंदिर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। शिवालयों में लगी भक्तों की कतार सगरा मंदिर के साथ ही जिला मुख्यालय के विभिन्न मंदिरों में भी सावन सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। कई मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह भंडारे, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद सावन सोमवार के अवसर पर नगर में जगह-जगह भंडारे का आयोजन भी किया गया। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और राहगीरों को भोजन एवं प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने उत्साहपूर्वक भंडारे में सेवा की और श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया। धार्मिक आयोजन के चलते पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। आस्था और भक्ति में डूबा उमरिया सावन के दूसरे सोमवार को उमरिया की गलियां और मंदिर परिसर भगवान शिव की भक्ति से सराबोर दिखाई दिए। सुबह से शुरू हुआ पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला दिनभर जारी रहा। श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और उत्साह साफ नजर आया। जगह-जगह धार्मिक आयोजनों ने सावन की आस्था को और भी जीवंत कर दिया। सावन सोमवार के इस पावन अवसर पर उमरिया में आस्था, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।2
- माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा संस्कार धानी जबलपुर में दिव्या कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया l माननीय मुख्यमंत्री महोदय डॉ मनमोहन यादव द्वारा आज दिनांक को जबलपुर से दिव्या कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया जिसमें समस्त शिवभक्त एवं बीजेपी कमेटी कार्यकर्ता एवं अन्य नागरिक गण उपस्थित रहे है ।2
- हर घर तिरंगा अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ की उपस्थिति में 🇮🇳 हर घर तिरंगा अभियान 🇮🇳 मध्य प्रदेश, उमरिया हर घर तिरंगा अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय से भव्य तिरंगा यात्रा निकालाकर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़कर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करने का गया संदेश1
- ब्योहारी में 80 घनमीटर अवैध रेत भंडारण का किया गया विनष्टीकरण === शहडोल 10 अगस्त 2026_ कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देशन में खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 09 अगस्त 2026 को तहसील ब्योहारी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में खनिज रेत के अवैध भंडारण की जांच की गई। जिला खनिज अधिकारी श्री राहुल शांडिल्य ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम देवगांव में 30 घनमीटर खनिज रेत का अवैध भंडारण पाया गया। इसी प्रकार ग्राम झारौसी में रेलवे ब्रिज के पास 30 घनमीटर तथा झारौसी में ही गौशाला के पास 20 घनमीटर खनिज रेत का अवैध भंडारण पाया गया। इस प्रकार संयुक्त टीम द्वारा कुल 80 घनमीटर खनिज रेत का अवैध भंडारण पाए जाने पर कार्रवाई की गई। अवैध रूप से भंडारित खनिज रेत को जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी मिलाकर विनष्टीकरण की कार्रवाई की गई। खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की लगातार जांच की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- बारिश की मार से जूझते किसानों की सुध लेगा प्रशासन, क्षतिग्रस्त फसलों का होगा तत्काल सर्वे बारिश की मार से जूझते किसानों की सुध लेगा प्रशासन, क्षतिग्रस्त फसलों का होगा तत्काल सर्वे समय-सीमा बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने दिए संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश; कहा—प्रभावित किसानों तक समय पर पहुंचे सहायता, जनहित के मामलों में न हो अनावश्यक विलंब डिंडौरी, 10 अगस्त 2026। लगातार बरसते मेघों के बीच खेतों में खड़ी फसलों पर मंडरा रहे संकट को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा बैठक में बारिश से प्रभावित फसलों, मकानों, सड़कों और अन्य परिसंपत्तियों की क्षति की स्थिति पर विस्तार से मंथन हुआ। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षति का आंकलन कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें, ताकि प्रभावित किसानों और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता समय पर मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रशासन की संवेदनशीलता ही उसकी वास्तविक कसौटी होती है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ किया जाए। साथ ही बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं मार्गों का निरीक्षण कर उनकी शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण अंचलों में आवागमन की राह बाधित न हो। लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त, 50 से 100 दिन पुराने प्रकरण पहले निपटाने के निर्देश बैठक में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा भी हुई। लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 50 से 100 दिवस से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और कार्यालयीन प्रक्रियाओं का अंतिम उद्देश्य आम नागरिक को राहत पहुंचाना है। किसी शिकायत का लंबे समय तक लंबित रहना केवल एक फाइल का अटकना नहीं, बल्कि उससे जुड़े व्यक्ति की उम्मीद का इंतजार में बदल जाना है। इसलिए शिकायतों का निराकरण त्वरित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए। 14 अगस्त को शाहपुर में गूंजेगा ‘जन विश्वास’ का संदेश बैठक में 14 अगस्त 2026 को विकासखंड डिंडौरी के ग्राम शाहपुर में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूर्ण करने तथा अभियान को जनहितकारी और व्यवस्थित स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। किसानों को फसल बीमा का कवच दिलाने पर जोर पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान, किसान क्रेडिट कार्ड, क्षीरधारा ग्राम अभियान और संक्रामक पशु रोगों की रोकथाम के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि फसल बीमा योजना के आवेदन की अंतिम तिथि 17 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना की जानकारी देकर उन्हें फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की कवायद स्वरोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत और समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। वहीं समग्र ई-केवाईसी, आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी सार्थक है, जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसलिए मैदानी अमला सक्रिय होकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़े और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को सरल एवं शीघ्र पूरा कराए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जे.पी. यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, एसडीएम बजाग श्री अक्षय डिगरसे, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का संदेश स्पष्ट—बारिश हो या जनसमस्या, राहत की राह में देरी नहीं लगातार बारिश के बीच हुई इस बैठक में प्रशासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट दिखाई दीं—खेत में संकट से जूझ रहे किसान को समय पर सहायता, क्षतिग्रस्त रास्तों को शीघ्र राहत, लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ। अब इन निर्देशों का असर मैदानी स्तर पर कितना दिखाई देता है, यह आने वाले दिनों में प्रशासनिक अमले की सक्रियता से तय होगा।1
- मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर, उमरिया में जोहिला डैम के 5 गेट खुले मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर, उमरिया में जोहिला डैम के 5 गेट खुले उमरिया। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई इलाकों में घरों और सड़कों तक पानी पहुंच गया है। वहीं उमरिया जिले में भारी बारिश के बीच जोहिला डैम के 5 गेट खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर और नदी-नालों के बहाव को लेकर लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। बारिश का असर नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, मंडला, विदिशा और उमरिया सहित कई जिलों में देखने को मिल रहा है। मंडला में नर्मदा नदी उफान पर है और कुछ परिवारों का रेस्क्यू किया गया है। वहीं ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। भोपाल में बड़ा तालाब, कोलार, कलियासोत और केरवा डैम में भी पानी की आवक बढ़ी है। इसके अलावा आगर-मालवा के कुंडलिया डैम के भी गेट खोले गए हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी, नाले, डैम और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।1
- • *उमरिया पुलिस को मिली सफलताः मानव दुर्व्यापार के प्रकरण में 01 वर्ष से फरार 05 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार, चौकी अमरपुर पुलिस टीम ने किया गिरफ्तार* उमरिया/ पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया आलोक शर्मा के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) उमरिया श्री पी.एस. परस्ते के नेतृत्व में चौकी अमरपुर थाना इंदवार पुलिस द्वारा मानव दुर्व्यापार के गंभीर प्रकरण में करीब 01 वर्ष से फरार चल रहे 05 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है। विदित हो कि चौकी अमरपुर थाना इंदवार में अपराध क्रमांक 154/2025, धारा 137(2), 64(2), 65(1), 96, 98, 142, 143(4), 144(1), 70(2) बीएनएस, 5/6 पॉक्सो अधिनियम एवं 3(2), 5 एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण में 01 आरोपी घटना दिनांक से फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक उमरिया द्वारा 05 हजार रुपये का इनाम उद्घोषित किया गया था। प्रकरण की विवेचना धारा 173(8) जाफौ के अंतर्गत लंबित थी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश एवं तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पतारसी की जा रही थी। पुलिस टीम के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आरोपी को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। चौकी अमरपुर थाना इंदवार पुलिस टीम द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।1