गांव अमावता में सुदामा चरित्र की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु. अजीतमल। अजीतमल क्षेत्र के ग्राम अमावता में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के विराम दिवस पर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की मार्मिक कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और सच्ची मित्रता का भाव रखते थे। जब सुदामा जी द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं दौड़कर अपने मित्र का स्वागत किया, उन्हें गले लगाया और उनके चरण धोकर सच्चे मित्रता धर्म का परिचय दिया। उन्होंने आगे बताया कि सुदामा जी द्वारा लाए गए सादा चावल (पोहे) को भगवान ने अत्यंत प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और बिना कुछ मांगे ही उनके जीवन की समस्त दरिद्रता को दूर कर दिया। यह प्रसंग सच्ची मित्रता, समर्पण और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। कथा के दौरान परीक्षित पार्वती देवी, जयकरण सिंह सेंगर एवं उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विराम दिवस पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पांडे ने व्यास पीठ का सम्मान कर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
गांव अमावता में सुदामा चरित्र की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु. अजीतमल। अजीतमल क्षेत्र के ग्राम अमावता में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के विराम दिवस पर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की मार्मिक कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और सच्ची मित्रता का भाव रखते थे। जब सुदामा जी द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं दौड़कर अपने मित्र का स्वागत किया, उन्हें गले लगाया और उनके चरण धोकर सच्चे मित्रता धर्म का परिचय दिया। उन्होंने आगे बताया कि सुदामा जी द्वारा लाए गए सादा चावल (पोहे) को भगवान ने अत्यंत प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और बिना कुछ मांगे ही उनके जीवन की समस्त दरिद्रता को दूर कर दिया। यह प्रसंग सच्ची मित्रता, समर्पण और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। कथा के दौरान परीक्षित पार्वती देवी, जयकरण सिंह सेंगर एवं उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विराम दिवस पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पांडे ने व्यास पीठ का सम्मान कर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
- अजीतमल। अजीतमल क्षेत्र के ग्राम अमावता में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के विराम दिवस पर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की मार्मिक कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और सच्ची मित्रता का भाव रखते थे। जब सुदामा जी द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं दौड़कर अपने मित्र का स्वागत किया, उन्हें गले लगाया और उनके चरण धोकर सच्चे मित्रता धर्म का परिचय दिया। उन्होंने आगे बताया कि सुदामा जी द्वारा लाए गए सादा चावल (पोहे) को भगवान ने अत्यंत प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और बिना कुछ मांगे ही उनके जीवन की समस्त दरिद्रता को दूर कर दिया। यह प्रसंग सच्ची मित्रता, समर्पण और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। कथा के दौरान परीक्षित पार्वती देवी, जयकरण सिंह सेंगर एवं उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विराम दिवस पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पांडे ने व्यास पीठ का सम्मान कर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।1
- विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत असदपुर में निर्माण कार्यों में लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव के जनसेवा केन्द्र के पीछे हाल ही में खड़ंजा उखाड़कर इंटरलॉकिंग ईंटें बिछाई गईं, लेकिन नाली निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नाली तो बनाई गई, लेकिन उसे दूसरी गली की नाली से जोड़ा नहीं गया। नतीजतन गंदा पानी खुली नाली से बहकर मुख्य गली में जमा हो रहा है, जिससे वहां से निकलना दूभर हो गया है। गली में बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने ग्राम सचिव से शिकायत की, तो उन्होंने बजट न होने का हवाला दिया। ग्रामीणों का सवाल है कि जब बजट ही नहीं था, तो नाली निर्माण कार्य शुरू क्यों कराया गया। अधूरी नाली छोड़कर उसे दूसरी गली में खोल देना सीधे तौर पर लोगों को गंदे पानी में चलने के लिए मजबूर करना है। ग्रामीण अजय कुमार, अविनाश कुमार, रवीश, लालाराम, प्रेमशंकर, सुनील कुमार, नारायण, गौरव और रविन्द्र कुमार समेत कई लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस मामले में पंचायत सचिव रवि शंखवार ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है और वह मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण कर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कराएंगे।1
- थ्रेसर मशीन में सावधानी से गेहूं काटे देखिए युवक मशीन में चला गया हुई मौके पर ही मौत1
- औरैया। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन जनपद औरैया के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि संगठन द्वारा शासन को भेजे गए मांग पत्र में पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में तिथि आधारित भेदभाव समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग में शामिल किया जाए। साथ ही अलग सीपीआई लागू करने, ओपीएस बहाली, राशिकरण कटौती 10 वर्ष में बंद करने, आयकर से पेंशन मुक्त करने और कोरोना काल के 18 माह के डीए एरियर भुगतान की मांग की गई है। इन मांगों को लेकर 21 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष ने सभी पेंशनरों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।1
- औरैया जनपद बिधूना सराय महाजनान में भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. #भीमराव_अम्बेडकर जी का 135वी जयंती सभी ग्राम वासिओ नें बड़ी बड़ी हर्षोल्लास से मनायी गयी और सभ सूरज बनकर चमके वो, बनकर ज्ञान का सागर आए, कलम की ताकत से जिन्होंने, सोए हुए भाग्य जगाए। नमन है उस महामानव को, जिसने झुकना नहीं, लड़ना सिखाया, अंधेरों को चीरकर जिसने, हक का सूरज दिखाया बाबा साहब डाॅ. #भीमराव_अम्बेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।4
- Post by Kanhaiya lal1
- औरैया में भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और जय भीम के नारे गूंजे। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।2
- Post by कुमार सुनील1