_जोरी में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत_ _आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ किया जाम, मुआवजे और चालक की गिरफ्तारी की मांग_ जोरी (चतरा): थाना क्षेत्र के काली मंदिर के समीप शुक्रवार अहले सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जोरी निवासी प्रेम साव की मां के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय सड़क पर आवागमन कम था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर जोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने फरार ट्रक की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि समस्या के निदान नहीं करते, मरने के बाद सांत्वना देने घर आते हैं।
_जोरी में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत_ _आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ किया जाम, मुआवजे और चालक की गिरफ्तारी की मांग_ जोरी (चतरा): थाना क्षेत्र के काली मंदिर के समीप शुक्रवार अहले सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जोरी निवासी प्रेम साव की मां के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय सड़क पर आवागमन कम था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर जोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने फरार ट्रक की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि समस्या के निदान नहीं करते, मरने के बाद सांत्वना देने घर आते हैं।
- झारखंड के अनगड़ा प्रखंड के बूढ़ीबेड़ा गांव में, सरकारी उपेक्षा के चलते वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क को ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर और श्रमदान कर खुद ही मरम्मत कर डाली। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतें और एम्बुलेंस के गांव न पहुंचने जैसी समस्याओं से जूझने के बाद ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। यह घटना राज्य में विकास के सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है, जहाँ आदिवासी बहुल गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।1
- गया के टेकारी में पुलिस ने एक मैरिज हॉल पर छापेमारी कर बड़े देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया। मैरिज हॉल संचालक सहित एक दर्जन लड़के-लड़कियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- गया नगर निगम में गरिमा तार-तार! उपनगर आयुक्त शशिकांत की कथित अमर्यादित भाषा कैमरे में कैद गया नगर निगम में हाई-वोल्टेज ड्रामा—उपनगर आयुक्त की कथित अभद्रता पर उठे सवाल1
- झारखंड के मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कैंसर मरीज को रेफर करने आई 108 एंबुलेंस का पिछला दरवाजा नहीं खुला, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार की लचर व्यवस्था की कड़ी निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है।1
- रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने बिहार मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले सभी मंत्रियों को बधाई दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के विकास और जनसेवा की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का विश्वास जताया। विधायक ने कहा कि नई टीम जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और विकास कार्यों को गति देगी।1
- _जोरी में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत_ _आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ किया जाम, मुआवजे और चालक की गिरफ्तारी की मांग_ जोरी (चतरा): थाना क्षेत्र के काली मंदिर के समीप शुक्रवार अहले सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जोरी निवासी प्रेम साव की मां के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय सड़क पर आवागमन कम था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गया-चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर जोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने फरार ट्रक की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि समस्या के निदान नहीं करते, मरने के बाद सांत्वना देने घर आते हैं।1
- भ्रष्टाचारी देखना है तो यहां देखिए कितना आराम से किया जा रहा है1
- पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने पश्चिम बंगाल की घटना पर जताई कड़ी नाराजगी पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने पश्चिम बंगाल की घटना पर जताई कड़ी नाराजगी लातेहार। मनिका विधानसभा के पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने शुक्रवार को लातेहार सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शिवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पूर्व विधायक ने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद या विचारधारात्मक टकराव का समाधान हिंसा के माध्यम से नहीं किया जा सकता। इस प्रकार की घटनाएं लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करती हैं और समाज में भय व असुरक्षा का माहौल उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद, सहमति और असहमति के शांतिपूर्ण तरीके ही स्वीकार्य होने चाहिए। हरिकृष्ण सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में घबराहट देखी जा रही है, जिसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा और दमन की प्रवृत्ति किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। उनका कहना था कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान हरिकृष्ण सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के बावजूद उनका इस्तीफा न देना एक हास्यास्पद बयान प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए। पूर्व विधायक ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती शांतिपूर्ण राजनीतिक वातावरण पर निर्भर करती है। सभी राजनीतिक दलों को मिलकर ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए और हिंसा मुक्त राजनीति के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि आम जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।2