जालौर के रामसीन क्षेत्र के निकटवर्ती गांव लेदरमेर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही विज्ञान विषय के वरिष्ठ अध्यापक की कमी अब दूर हो गई है। वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह राव ने 9 जुलाई 2026 को विद्यालय में आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनका स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दासपां से लेदरमेर विद्यालय में किया गया है। महेंद्र सिंह राव के पदभार ग्रहण करने से विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। इस कार्यभार ग्रहण के अवसर पर भीनमाल ब्लॉक से बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षाविद विद्यालय पहुंचे। सभी ने महेंद्र सिंह राव का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर दासपां के पीईईओ सांवलराम पालीवाल, गौतम राज आचार्य, दिनेश कुमार, गजेंद्र सुखाड़िया, महेंद्र जीनगर, महेंद्र सिंह राठौड़, प्रवीण सिंह भाटी, प्रकाश कुमार, Arvind सांगवान, अशोक पूनिया, तिलोक जी, नरेश कुमार, ओमप्रकाश बॉस, नरेंद्र सिंह राव, जितेश सिधावत, बालक नाथ, उदाराम, विक्रम कुमार तथा लेदरमेर से महेंद्र जी, चेलाराम, खियाराम पुनिया, ममता धाबाई, रविंद्र कुमार, मुकेश कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जालौर के रामसीन क्षेत्र के निकटवर्ती गांव लेदरमेर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही विज्ञान विषय के वरिष्ठ अध्यापक की कमी अब दूर हो गई है। वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह राव ने 9 जुलाई 2026 को विद्यालय में आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनका स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दासपां से लेदरमेर विद्यालय में किया गया है। महेंद्र सिंह राव के पदभार ग्रहण करने से विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। इस कार्यभार ग्रहण के अवसर पर भीनमाल ब्लॉक से बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षाविद विद्यालय पहुंचे। सभी ने महेंद्र सिंह राव का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर दासपां के पीईईओ सांवलराम पालीवाल, गौतम राज आचार्य, दिनेश कुमार, गजेंद्र सुखाड़िया, महेंद्र जीनगर, महेंद्र सिंह राठौड़, प्रवीण सिंह भाटी, प्रकाश कुमार, Arvind सांगवान, अशोक पूनिया, तिलोक जी, नरेश कुमार, ओमप्रकाश बॉस, नरेंद्र सिंह राव, जितेश सिधावत, बालक नाथ, उदाराम, विक्रम कुमार तथा लेदरमेर से महेंद्र जी, चेलाराम, खियाराम पुनिया, ममता धाबाई, रविंद्र कुमार, मुकेश कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- जालोर में अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सहयोगिनियों (साथिनों) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय, न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन का भुगतान, पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा सुरक्षा सहित अपनी विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की पुरजोर मांग उठाई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन और राज्य सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांगों का जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो वे इस आंदोलन को और भी तेज करेंगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि भविष्य में आंदोलन उग्र होता है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।1
- मास शिवरात्रि और आर्द्रा नक्षत्र एक ही दिन पड़ने से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रीशैलम ज्योतिर्लिंग में तड़के से ही श्रद्धालु पातालगंगा में पवित्र स्नान कर रहे हैं और भ्रामरांबा समेत मल्लिकार्जुन स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। यहाँ भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने वीआईपी ब्रेक दर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं वेमुलवाड़ा राजराजेश्वर मंदिर में भी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि यहाँ आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस शुभ संयोग के अवसर पर सभी शिवालयों में घंटों की गूंज और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।1
- पाली के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बलाना में '1 करोड़ 1 सीड बॉल क्रांति शंखनाद' और 'एक व्यक्ति-एक पौधा मिशन राजस्थान' के तहत सीड बॉल महाअभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान स्कूल परिवार द्वारा तैयार की गई 3,600 सीड बॉल की जमकर सराहना की गई और स्कूल को 'सीड बॉल वीर प्रशस्ति-पत्र' देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी मैन और पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा और समाजसेवी रावाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीए चेतन अरोड़ा ने विद्यार्थियों को ध्यान और योग का अभ्यास कराया। ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने 'घर का बीज, जंगल पहुंचाओ' महाअभियान के तहत राजस्थान और देशभर में कार्यशालाओं के जरिए लोगों को सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ 1 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने पाली, सिरोही और जालोर जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही। मिशन के तहत अब तक 8 हजार से अधिक बीज सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बलाना स्कूल परिवार ने भी 21 हजार सीड बॉल तैयार कर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा, पिंटू कुमार, गौरव सहित स्कूल परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।3
- पाली जिले के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बलाना में आयोजित सीड बॉल महाअभियान के दौरान विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रीन आर्मी मैन एवं पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा तथा समाजसेवी रावाराम रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सीए चेतन अरोड़ा द्वारा विद्यार्थियों को ध्यान एवं योग का अभ्यास करवाकर की गई। इसके पश्चात ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने विद्यालय परिवार द्वारा तैयार किए गए 3,600 सीड बॉल की सराहना करते हुए "घर का बीज, जंगल पहुँचाओ" महाअभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि इस महाअभियान के तहत राजस्थान सहित पूरे भारत में कार्यशालाएँ आयोजित कर लोगों को सीड बॉल निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान के तहत आगामी पाँच वर्षों में एक करोड़ एक सीड बॉल क्रांति संकल्प को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने कहा कि पाली, सिरोही एवं जालोर जिले के समस्त सरकारी व निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सीड बॉल निर्माण की तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि यह जनआंदोलन प्रत्येक विद्यालय तक पहुँचे। मिशन की ओर से अब तक 8,000 से अधिक बीजों को सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुँचाया जा चुका है। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने कहा कि उनके विद्यालय में भी सीड बॉल क्रांति का शुभारंभ हुआ है और विद्यालय परिवार ने 21,000 सीड बॉल बनाकर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा मैडम, पिंटू कुमार एवं गौरव सहित विद्यालय परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।1
- कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर निर्माण और इसके ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिर की निर्माण लागत, दान में मिली वस्तुओं और ट्रस्ट के ढांचे पर कई तीखे आरोप लगाए। राजपूत ने दावा किया कि राजस्थान के व्यवसायी दिलीप सिंह राठौड़ ने राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने की पेशकश की थी, लेकिन मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और बाद में ₹500 प्रति स्क्वायर फीट की दर से पत्थर खरीदे। निर्माण लागत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने पहले ₹1 में मंदिर बनाने की बात कही थी, लेकिन अब इसका खर्च ₹2100 करोड़ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुरेंद्र राजपूत ने इस भारी अंतर पर स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने दान किए गए आभूषणों पर सवाल दागते हुए पूछा कि सिंधी समाज द्वारा दी गई 200 किलो चांदी की ईंटें और अन्य छोटे आभूषण कहां हैं। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के उन पुराने आरोपों का भी हवाला दिया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर आंदोलन के दौरान ₹1500 करोड़ का चंदा हड़पने का आरोप लगाया गया था। सुरेंद्र राजपूत ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस (RSS) ने मिलकर राम मंदिर ट्रस्ट को एक राजनीतिक अड्डा बना दिया है, जिसमें धर्माचार्यों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शायद धर्माचार्यों को ट्रस्ट में इसलिए जगह नहीं दी गई क्योंकि इन्हें "लूट" मचानी थी।1
- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- तेलंगाना में देर रात सफर करने वाली एक महिला यात्री द्वारा रापिडो राइडर को किराया देने से इंकार करने और उसके साथ गाली-गलौज करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महिला ने देर रात राइड ली थी, लेकिन सफर पूरा होने के बाद महज ₹100 का किराया देने से बचने के लिए वह तरह-तरह के बहाने बनाने लगी। जब रापिडो राइडर ने अपने पैसे मांगे, तो महिला भड़क गई और उसने न केवल राइडर को अपशब्द कहे, बल्कि "पुलिस केस डाल दूंगी" कहकर उसे डराने-धमकाने की कोशिश भी की। इस पर राइडर ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया और महिला से सीधे पूछा कि वह बिना पैसे दिए उसका अपमान क्यों कर रही है। जब महिला वहां से भागने लगी, तो राइडर ने उसका पीछा किया और उससे पुलिस स्टेशन चलने की मांग की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेटिजन्स महिला के इस खराब व्यवहार पर तीखी नाराजगी जता रहे हैं। यह घटना न केवल राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि यात्रियों और ड्राइवरों के बीच भरोसे की भारी कमी को भी सामने लाती है।1
- सिरोही के रावण दशहरा मैदान के मुख्य मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच एक मरा हुआ कुत्ता दिनभर पड़ा रहा, जिससे नगर परिषद की शिथिल और लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को आयोजित सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के कारण इस मार्ग से सैकड़ों परीक्षार्थी, उनके अभिभावक, अधिकारी और राहगीर दिनभर आते-जाते रहे। सड़क पर पड़े मृत कुत्ते से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण इन सभी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की गंभीर लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने आरोप लगाया कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। सड़कों पर बेसहारा गौवंश घूमता रहता है, सांडों की आपस में होने वाली लड़ाई से कई राहगीर घायल हो चुके हैं और आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिक डरे हुए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। गोपाल सिंह राव ने बताया कि इस समस्या की जानकारी देने के लिए उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को दो बार फोन किया, लेकिन दोनों ही बार फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे जनता की शिकायतों के प्रति प्रशासन की उदासीनता साफ उजागर होती है। समाजसेवी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने मांग उठाई है कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, मृत पशुओं को तुरंत हटाने की कोई ठोस और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा आवारा पशुओं व कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कर सिरोही के निवासियों को राहत दी जाए।1