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सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?
SIROHI TODAY NEWS
सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?
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- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- पाली के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बलाना में '1 करोड़ 1 सीड बॉल क्रांति शंखनाद' और 'एक व्यक्ति-एक पौधा मिशन राजस्थान' के तहत सीड बॉल महाअभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान स्कूल परिवार द्वारा तैयार की गई 3,600 सीड बॉल की जमकर सराहना की गई और स्कूल को 'सीड बॉल वीर प्रशस्ति-पत्र' देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी मैन और पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा और समाजसेवी रावाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीए चेतन अरोड़ा ने विद्यार्थियों को ध्यान और योग का अभ्यास कराया। ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने 'घर का बीज, जंगल पहुंचाओ' महाअभियान के तहत राजस्थान और देशभर में कार्यशालाओं के जरिए लोगों को सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ 1 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने पाली, सिरोही और जालोर जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही। मिशन के तहत अब तक 8 हजार से अधिक बीज सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बलाना स्कूल परिवार ने भी 21 हजार सीड बॉल तैयार कर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा, पिंटू कुमार, गौरव सहित स्कूल परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।3
- कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर निर्माण और इसके ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिर की निर्माण लागत, दान में मिली वस्तुओं और ट्रस्ट के ढांचे पर कई तीखे आरोप लगाए। राजपूत ने दावा किया कि राजस्थान के व्यवसायी दिलीप सिंह राठौड़ ने राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने की पेशकश की थी, लेकिन मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और बाद में ₹500 प्रति स्क्वायर फीट की दर से पत्थर खरीदे। निर्माण लागत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने पहले ₹1 में मंदिर बनाने की बात कही थी, लेकिन अब इसका खर्च ₹2100 करोड़ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुरेंद्र राजपूत ने इस भारी अंतर पर स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने दान किए गए आभूषणों पर सवाल दागते हुए पूछा कि सिंधी समाज द्वारा दी गई 200 किलो चांदी की ईंटें और अन्य छोटे आभूषण कहां हैं। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के उन पुराने आरोपों का भी हवाला दिया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर आंदोलन के दौरान ₹1500 करोड़ का चंदा हड़पने का आरोप लगाया गया था। सुरेंद्र राजपूत ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस (RSS) ने मिलकर राम मंदिर ट्रस्ट को एक राजनीतिक अड्डा बना दिया है, जिसमें धर्माचार्यों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शायद धर्माचार्यों को ट्रस्ट में इसलिए जगह नहीं दी गई क्योंकि इन्हें "लूट" मचानी थी।1
- आबूरोड के सांतपुर स्थित एक स्कूल के सामने बने गैरेज में रविवार को अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण वहाँ खड़ी एक बाइक में आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका के दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से कार्रवाई करते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग को अन्य वाहनों और आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस दमकल अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में फायर कर्मी जितेन्द्र खराड़िया, नवीन कुमार, गौतम बंजारा एवं कमलेश मारू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।4
- पाली जिले के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बलाना में आयोजित सीड बॉल महाअभियान के दौरान विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रीन आर्मी मैन एवं पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा तथा समाजसेवी रावाराम रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सीए चेतन अरोड़ा द्वारा विद्यार्थियों को ध्यान एवं योग का अभ्यास करवाकर की गई। इसके पश्चात ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने विद्यालय परिवार द्वारा तैयार किए गए 3,600 सीड बॉल की सराहना करते हुए "घर का बीज, जंगल पहुँचाओ" महाअभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि इस महाअभियान के तहत राजस्थान सहित पूरे भारत में कार्यशालाएँ आयोजित कर लोगों को सीड बॉल निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान के तहत आगामी पाँच वर्षों में एक करोड़ एक सीड बॉल क्रांति संकल्प को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने कहा कि पाली, सिरोही एवं जालोर जिले के समस्त सरकारी व निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सीड बॉल निर्माण की तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि यह जनआंदोलन प्रत्येक विद्यालय तक पहुँचे। मिशन की ओर से अब तक 8,000 से अधिक बीजों को सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुँचाया जा चुका है। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने कहा कि उनके विद्यालय में भी सीड बॉल क्रांति का शुभारंभ हुआ है और विद्यालय परिवार ने 21,000 सीड बॉल बनाकर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा मैडम, पिंटू कुमार एवं गौरव सहित विद्यालय परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।1
- उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।1
- सिरोही के रावण दशहरा मैदान के मुख्य मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच एक मरा हुआ कुत्ता दिनभर पड़ा रहा, जिससे नगर परिषद की शिथिल और लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को आयोजित सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के कारण इस मार्ग से सैकड़ों परीक्षार्थी, उनके अभिभावक, अधिकारी और राहगीर दिनभर आते-जाते रहे। सड़क पर पड़े मृत कुत्ते से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण इन सभी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की गंभीर लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने आरोप लगाया कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। सड़कों पर बेसहारा गौवंश घूमता रहता है, सांडों की आपस में होने वाली लड़ाई से कई राहगीर घायल हो चुके हैं और आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिक डरे हुए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। गोपाल सिंह राव ने बताया कि इस समस्या की जानकारी देने के लिए उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को दो बार फोन किया, लेकिन दोनों ही बार फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे जनता की शिकायतों के प्रति प्रशासन की उदासीनता साफ उजागर होती है। समाजसेवी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने मांग उठाई है कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, मृत पशुओं को तुरंत हटाने की कोई ठोस और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा आवारा पशुओं व कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कर सिरोही के निवासियों को राहत दी जाए।1