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उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।
Narendra kumawat
उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।
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- उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।1
- उदयपुर के नीमच माता रोपवे पर सोमवार सुबह 9:00 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तकनीकी खराबी के कारण सफर कर रहे यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। यह गंभीर सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, राहत टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित की गई एक मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रोपवे जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न आपदा राहत एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को परखना, त्वरित प्रतिक्रिया देना और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। इस अभ्यास के दौरान सभी संबंधित विभागों ने निर्धारित मानकों के अनुसार रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में होने वाली किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नियमित अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण और मददगार साबित होते हैं।1
- उदयपुर जिले के दरोली पंचायत में जिला प्रशासन, महिला अधिकारिता विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। रणथम्भौर सेवा संस्थान द्वारा संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की तरफ से आयोजित इस शिविर में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षात्मक उपायों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को घरेलू हिंसा, कानून, विभिन्न हेल्पलाइनों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। शिविर में ग्रामीणों और महिलाओं को जागरूक करते हुए विधिक परामर्शदाता केसी पटेल ने कहा कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक बिखराव को रोकना है। उन्होंने बताया कि केंद्र में आने वाले पति-पत्नी के विवादों और अन्य पारिवारिक झगड़ों को आपसी समझाइश तथा सकारात्मक संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है। इसके साथ ही, यदि आवश्यकता पड़ती है तो पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ न्यायालयी प्रक्रिया में भी पूरा मार्गदर्शन दिया जाता है। केसी पटेल ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि समय के साथ महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक जागरूक महिला न केवल स्वयं सशक्त बनती है, बल्कि वह पूरे समाज को भी सही दिशा देने की क्षमता रखती है।1
- राजस्थान में 13 जुलाई 2026 की 25 सबसे बड़ी, महत्वपूर्ण और ताजा खबरों का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में राजनीति, मौसम, शिक्षा, भर्ती, सरकारी योजनाएं, प्रशासनिक फैसले, अपराध और जिलेवार सभी बड़ी अपडेट्स को एक ही जगह शामिल किया गया है। राजस्थान की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए पेज को फॉलो करने तथा वीडियो पसंद आने पर लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- चेम्बूर में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्री ठाणा-६ का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस पावन अवसर पर भव्य पर्यावरण विशुद्धि रैली एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भायंदर से लेकर पनवेल तक से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। विराट स्वागत सभा को संबोधित करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री जी ने कहा कि चातुर्मास का समय अध्यात्म की आराधना के लिए सीजन का समय है। उन्होंने बच्चों, युवकों, प्रौढ़ों और कन्याओं से नए उत्साह के साथ ज्ञानाचार, दर्शनाचार एवं चारित्राचार की आराधना के लिए संकल्पित होने का आह्वान किया। वहीं, प्रबुद्ध साध्वीश्री डॉ. योगक्षेमप्रभाजी ने अपने प्रेरक संबोधन में इस भव्य समारोह को अध्यात्म के प्रति जनता के रुझान का दस्तावेज बताया। उन्होंने युवाओं को चार महीने विशेष रूप से सक्रिय रहने की प्रेरणा देते हुए अध्यात्म की 'ABCD' सीखने पर जोर दिया। इस दौरान साध्वीवृंद ने 'संघ दिवाकर की ये किरणें' गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम से पहले निकाली गई विशाल रैली उपनगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई सिग्नेचर बिजनेस पार्क के द्वितीय तल पर विशाल जनसभा में तब्दील हो गई, जिससे नवकार बेक्वेंट होल छोटा प्रतीत होने लगा। कार्यक्रम की शुरुआत 'नमस्कार महामंत्र' के उच्चारण और आचार्य श्री महाप्रज्ञ को श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए 'ॐ श्री महाप्रज्ञ गुरवे नमः' के सामूहिक जप के साथ प्रज्ञा दिवस मनाकर हुई। सभा के कर्मठ अध्यक्ष लक्ष्मण जी कोठारी ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत के इस क्रम में स्थानीय तेयुप अध्यक्ष हिमांशु गन्ना, ते. म. मं. से ममता कच्छारा, मुंबई सभाध्यक्ष सुरेन्द्र जी कोठारी, भारत जैन महामंडल के अध्यक्ष ख्यालीलालजी तातेड़, नरेन्द्रजी तातेड़, विमलजी सोनी, तेजराजजी बम्बोली, गौतमजी डांगी और नगरसेविका आशा ताई ने अपने विचार व्यक्त किए। इस समारोह में शासन सेवी विमलजी सोनी ने आचार्य प्रवर के मौखिक शुभसंदेश की प्रतिलिपि साध्वीश्री को भेंट की। साथ ही कन्यामंडल द्वारा बनाए गए पोस्टर, मुंबई तेरापंथ सभा के स्पेशल पोस्टर और तेयुप चेम्बूर के 'संयम सुपर मेराथन' के बैनर का अनावरण किया गया। मंच का कुशल संचालन पूर्व अध्यक्ष रमेशजी धोका ने किया और आभार ज्ञापन सभा मंत्री दिलीप मेहता द्वारा किया गया।1
- उदयपुर जिले के लसाड़िया अंतर्गत बेदावल से एक सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर 'यह कब तक ठीक हो जाएगी'। यहां इस बात को लेकर उत्सुकता और सवाल है कि इसे ठीक होने में और कितना वक्त लगेगा और इस स्थिति में कब तक सुधार हो पाएगा।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के डूँगला क्षेत्र के चिकारड़ा अंतर्गत पदमपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के बाहर लंबे समय से जलभराव, कीचड़ और दुर्गंध के कारण विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को प्रतिदिन इस कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे उनके आवागमन प्रभावित होने के साथ ही हर समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या के उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत पालोद ने रविवार को विद्यालय के बाहर जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ट्रैक्टर की सहायता से उसे समतल कराया, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को लंबे समय से बनी इस परेशानी से राहत मिली है। ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश डांगी ने बताया कि पदमपुरा में जर्जर सड़क, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, टूटी पुलिया और झुके हुए बिजली पोल जैसी अन्य कई समस्याएं भी मौजूद हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से इन समस्याओं का भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।3
- उदयपुर जिले के जयसमंद क्षेत्र में एक मगरमच्छ दिखाई दिया है। वहां मौजूद एक यात्री ने इस मगरमच्छ को देखकर उसका वीडियो बना लिया।1