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उदयपुर जिले के लसाड़िया अंतर्गत बेदावल से एक सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर 'यह कब तक ठीक हो जाएगी'। यहां इस बात को लेकर उत्सुकता और सवाल है कि इसे ठीक होने में और कितना वक्त लगेगा और इस स्थिति में कब तक सुधार हो पाएगा।

8 hrs ago
user_Kartik Singh Meena
Kartik Singh Meena
सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
8 hrs ago

उदयपुर जिले के लसाड़िया अंतर्गत बेदावल से एक सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर 'यह कब तक ठीक हो जाएगी'। यहां इस बात को लेकर उत्सुकता और सवाल है कि इसे ठीक होने में और कितना वक्त लगेगा और इस स्थिति में कब तक सुधार हो पाएगा।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • उदयपुर जिले के घणोली रामकाज गौशाला में गौसेवा कर सुखदेव सिंह गोगामेडी की जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत गढ़पुरा के नेतृत्व में करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता रामकाज गौशाला पहुंचे। यहां करणी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौमाता को हरी घास खिलाकर गौसेवा की और सुखदेव सिंह गोगामेडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम गौशाला के अनुज महाराज के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस दौरान पूरा गौशाला परिसर 'सुखदेव सिंह गोगामेडी अमर रहें', 'जिंदाबाद', 'सांवरिया सेठ की जय' और 'सनातन संस्कृति की जय' के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित करणी सैनिकों और समाजबंधुओं ने समाज की एकता, गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया। अनुज महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौ सेवा सनातन धर्म की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है।
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    उदयपुर जिले के घणोली रामकाज गौशाला में गौसेवा कर सुखदेव सिंह गोगामेडी की जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत गढ़पुरा के नेतृत्व में करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता रामकाज गौशाला पहुंचे। यहां करणी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौमाता को हरी घास खिलाकर गौसेवा की और सुखदेव सिंह गोगामेडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

यह कार्यक्रम गौशाला के अनुज महाराज के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस दौरान पूरा गौशाला परिसर 'सुखदेव सिंह गोगामेडी अमर रहें', 'जिंदाबाद', 'सांवरिया सेठ की जय' और 'सनातन संस्कृति की जय' के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित करणी सैनिकों और समाजबंधुओं ने समाज की एकता, गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया। अनुज महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौ सेवा सनातन धर्म की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के डूँगला क्षेत्र के चिकारड़ा अंतर्गत पदमपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के बाहर लंबे समय से जलभराव, कीचड़ और दुर्गंध के कारण विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को प्रतिदिन इस कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे उनके आवागमन प्रभावित होने के साथ ही हर समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या के उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत पालोद ने रविवार को विद्यालय के बाहर जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ट्रैक्टर की सहायता से उसे समतल कराया, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को लंबे समय से बनी इस परेशानी से राहत मिली है। ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश डांगी ने बताया कि पदमपुरा में जर्जर सड़क, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, टूटी पुलिया और झुके हुए बिजली पोल जैसी अन्य कई समस्याएं भी मौजूद हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से इन समस्याओं का भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के डूँगला क्षेत्र के चिकारड़ा अंतर्गत पदमपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के बाहर लंबे समय से जलभराव, कीचड़ और दुर्गंध के कारण विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को प्रतिदिन इस कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे उनके आवागमन प्रभावित होने के साथ ही हर समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या के उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत पालोद ने रविवार को विद्यालय के बाहर जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ट्रैक्टर की सहायता से उसे समतल कराया, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को लंबे समय से बनी इस परेशानी से राहत मिली है।

ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश डांगी ने बताया कि पदमपुरा में जर्जर सड़क, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, टूटी पुलिया और झुके हुए बिजली पोल जैसी अन्य कई समस्याएं भी मौजूद हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से इन समस्याओं का भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • bitcoin trending marketing business work from home work business
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    bitcoin trending marketing business work from home work 
business
    user_Magan lal buj
    Magan lal buj
    घाटोल, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।
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    उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।
    user_Narendra kumawat
    Narendra kumawat
    गिर्वा, उदयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • उदयपुर के नीमच माता रोपवे पर सोमवार सुबह 9:00 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तकनीकी खराबी के कारण सफर कर रहे यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। यह गंभीर सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, राहत टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित की गई एक मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रोपवे जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न आपदा राहत एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को परखना, त्वरित प्रतिक्रिया देना और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। इस अभ्यास के दौरान सभी संबंधित विभागों ने निर्धारित मानकों के अनुसार रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में होने वाली किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नियमित अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण और मददगार साबित होते हैं।
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    उदयपुर के नीमच माता रोपवे पर सोमवार सुबह 9:00 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तकनीकी खराबी के कारण सफर कर रहे यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। यह गंभीर सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।

हालांकि, राहत टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित की गई एक मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रोपवे जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न आपदा राहत एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को परखना, त्वरित प्रतिक्रिया देना और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था।

इस अभ्यास के दौरान सभी संबंधित विभागों ने निर्धारित मानकों के अनुसार रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में होने वाली किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नियमित अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण और मददगार साबित होते हैं।
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र के पीठ में स्थित विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय में एक दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। महावीर इंटरनेशनल पीठ एवं भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित की गई, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने संस्था के इस कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो जाएंगी। इस मौके पर भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के अध्यक्ष महेंद्र जैन और महावीर इंटरनेशनल पीठ के अध्यक्ष डॉ. निखिल जैन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन को सहज और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले फरवरी महीने में भी आयोजित सहायता शिविर के दौरान 50 से अधिक दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की सहायक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। इस अवसर पर पीठ उपसरपंच गोवर्धन डेचिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अनिल मिश्रा, मंडल अध्यक्ष गजराज सिंह, महिपाल सिंह, भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र पंड्या, शाखा सचिव डायालाल कलाल, गोपाल पंड्या, अशोक वी. कलाल, भंवरलाल डेचिया, महावीर इंटरनेशनल के आईटी संयोजक मयंक जैन, सचिव यतिन जैन, पीयूष जैन, दीपक जैन, अखिल जैन और तलवार सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र के पीठ में स्थित विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय में एक दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। महावीर इंटरनेशनल पीठ एवं भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित की गई, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने संस्था के इस कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो जाएंगी।

इस मौके पर भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के अध्यक्ष महेंद्र जैन और महावीर इंटरनेशनल पीठ के अध्यक्ष डॉ. निखिल जैन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन को सहज और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले फरवरी महीने में भी आयोजित सहायता शिविर के दौरान 50 से अधिक दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की सहायक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर पीठ उपसरपंच गोवर्धन डेचिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अनिल मिश्रा, मंडल अध्यक्ष गजराज सिंह, महिपाल सिंह, भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र पंड्या, शाखा सचिव डायालाल कलाल, गोपाल पंड्या, अशोक वी. कलाल, भंवरलाल डेचिया, महावीर इंटरनेशनल के आईटी संयोजक मयंक जैन, सचिव यतिन जैन, पीयूष जैन, दीपक जैन, अखिल जैन और तलवार सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान के तहत खेरवाड़ा थाना पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा अंजना सुखवाल एवं वृत्ताधिकारी राजीव राहर के सुपरविजन में खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट की टीम द्वारा अंजाम दी गई। थानाधिकारी करनाराम जाट ने बताया कि पुलिस टीम ने अभियान के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 13 नियमों के उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की। इसमें बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के 6 चालान बनाकर कुल ₹6,000 का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 7 पावर व मॉडिफाइड बाइकों को 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किया गया है।
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    उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान के तहत खेरवाड़ा थाना पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा अंजना सुखवाल एवं वृत्ताधिकारी राजीव राहर के सुपरविजन में खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट की टीम द्वारा अंजाम दी गई।

थानाधिकारी करनाराम जाट ने बताया कि पुलिस टीम ने अभियान के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 13 नियमों के उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की। इसमें बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के 6 चालान बनाकर कुल ₹6,000 का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 7 पावर व मॉडिफाइड बाइकों को 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किया गया है।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां वात्रक एनीकट में नहाने गए चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने बाबू सिंह डामोर के पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला असहनीय दर्द दिया है। माता-पिता ने एक ही झटके में अपने तीनों बच्चों को खो दिया, जबकि उनके साथ उनकी मासी की बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिना डामोर (24), प्रतीक डामोर (20), इशिता डामोर (15) और पालनपुर निवासी रौनक (20) के रूप में हुई है। हिना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर चुकी थीं, प्रतीक ने हाल ही में 12वीं में 88 प्रतिशत और एसटीसी प्रवेश परीक्षा में 340 अंक पाकर शिक्षक बनने का सपना संजो रखा था, वहीं सबसे छोटी इशिता कक्षा 11वीं की छात्रा थी। यह हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब चारों युवक-युवतियां वात्रक एनीकट पर नहाने गए थे। पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वहां मौजूद दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका। जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और माता-पिता का विलाप सुनकर हर आंख नम हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, थानाधिकारी देवेंद्र देवल, एसआई अशोक मीणा, एएसआई सोहनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, लिखी बड़ी उपसरपंच राजेश प्रजापत, तहसीलदार राजेश मीणा, कानूनगो सुहाग पंचाल, पटवारी गोकुल मनात, भरत पग्गी और सुरेश भोई सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। इस भयानक हादसे से पूरे चौरासी क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
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    डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां वात्रक एनीकट में नहाने गए चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने बाबू सिंह डामोर के पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला असहनीय दर्द दिया है। माता-पिता ने एक ही झटके में अपने तीनों बच्चों को खो दिया, जबकि उनके साथ उनकी मासी की बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिना डामोर (24), प्रतीक डामोर (20), इशिता डामोर (15) और पालनपुर निवासी रौनक (20) के रूप में हुई है। हिना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर चुकी थीं, प्रतीक ने हाल ही में 12वीं में 88 प्रतिशत और एसटीसी प्रवेश परीक्षा में 340 अंक पाकर शिक्षक बनने का सपना संजो रखा था, वहीं सबसे छोटी इशिता कक्षा 11वीं की छात्रा थी।

यह हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब चारों युवक-युवतियां वात्रक एनीकट पर नहाने गए थे। पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वहां मौजूद दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका।

जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और माता-पिता का विलाप सुनकर हर आंख नम हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, थानाधिकारी देवेंद्र देवल, एसआई अशोक मीणा, एएसआई सोहनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, लिखी बड़ी उपसरपंच राजेश प्रजापत, तहसीलदार राजेश मीणा, कानूनगो सुहाग पंचाल, पटवारी गोकुल मनात, भरत पग्गी और सुरेश भोई सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। इस भयानक हादसे से पूरे चौरासी क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • सीमलवाड़ा के धंबोला थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में रविवार को भूमि विवाद को लेकर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। चाड़ोली पंचायत के नागरिया गांव में जमीन विवाद का समाधान करने पहुंचे ग्रामीणों और पंचों पर दूसरे पक्ष ने धारदार हथियारों, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। वहीं, दूसरी तरफ खरपेड़ा गांव में सीमांकन को लेकर हुए विवाद में पिता-पुत्र के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। दोनों ही मामलों के सभी घायलों का सीमलवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी है। नागरिया गांव में कल्याण पुत्र अखमना भगोरा के परिवार का अपने ही कुटुंबियों के साथ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को इस विवाद का आपसी स्तर पर निपटारा करने के लिए गांव के सरपंच रमेश भगोरा, पूर्व सरपंच नानूराम रोत, वार्ड पंच वासु भाई, कैलाश भाई, हुरजी भाई और सूखा भगोरा सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के मानशंकर पुत्र बापू, सुखराम पुत्र बापू, शंकर पुत्र बापू, धना पुत्र बापू, जयंतीलाल, बापू पुत्र सरदारा, वासुदेव पुत्र जीवराम और नारायण पुत्र जीवराम सहित करीब 15 लोगों ने अचानक लाठियों, पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में कल्याण भगोरा के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि नेहरू पुत्र अर्जन भगोरा, अर्जन पुत्र सरदारा, अखमना पुत्र सरदारा, प्रकाश पुत्र अर्जन और विरजी पुत्र सेंगा भी घायल हो गए। दूसरी ओर, खरपेड़ा गांव में भी भूमि सीमांकन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बाबूलाल कटारा अपने पुत्र मुकेश कटारा के साथ खेत पर पहुंचे थे, जहां पूर्व में सीमांकन के दौरान लगाए गए पत्थरों के निशान उखाड़ दिए जाने की जानकारी लेने पर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान कांति पुत्र शंकर कटारा, नरेश पुत्र कांति, कन्हैयालाल पुत्र काला कटारा और सविता पत्नी कांति सहित अन्य लोगों ने उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर पिता-पुत्र को बचाया। इस हमले में मुकेश कटारा को गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके पिता बाबूलाल भी घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस घायलों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुट गई है।
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    सीमलवाड़ा के धंबोला थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में रविवार को भूमि विवाद को लेकर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। चाड़ोली पंचायत के नागरिया गांव में जमीन विवाद का समाधान करने पहुंचे ग्रामीणों और पंचों पर दूसरे पक्ष ने धारदार हथियारों, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। वहीं, दूसरी तरफ खरपेड़ा गांव में सीमांकन को लेकर हुए विवाद में पिता-पुत्र के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। दोनों ही मामलों के सभी घायलों का सीमलवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी है।

नागरिया गांव में कल्याण पुत्र अखमना भगोरा के परिवार का अपने ही कुटुंबियों के साथ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को इस विवाद का आपसी स्तर पर निपटारा करने के लिए गांव के सरपंच रमेश भगोरा, पूर्व सरपंच नानूराम रोत, वार्ड पंच वासु भाई, कैलाश भाई, हुरजी भाई और सूखा भगोरा सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के मानशंकर पुत्र बापू, सुखराम पुत्र बापू, शंकर पुत्र बापू, धना पुत्र बापू, जयंतीलाल, बापू पुत्र सरदारा, वासुदेव पुत्र जीवराम और नारायण पुत्र जीवराम सहित करीब 15 लोगों ने अचानक लाठियों, पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में कल्याण भगोरा के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि नेहरू पुत्र अर्जन भगोरा, अर्जन पुत्र सरदारा, अखमना पुत्र सरदारा, प्रकाश पुत्र अर्जन और विरजी पुत्र सेंगा भी घायल हो गए।

दूसरी ओर, खरपेड़ा गांव में भी भूमि सीमांकन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बाबूलाल कटारा अपने पुत्र मुकेश कटारा के साथ खेत पर पहुंचे थे, जहां पूर्व में सीमांकन के दौरान लगाए गए पत्थरों के निशान उखाड़ दिए जाने की जानकारी लेने पर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान कांति पुत्र शंकर कटारा, नरेश पुत्र कांति, कन्हैयालाल पुत्र काला कटारा और सविता पत्नी कांति सहित अन्य लोगों ने उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर पिता-पुत्र को बचाया। इस हमले में मुकेश कटारा को गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके पिता बाबूलाल भी घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस घायलों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुट गई है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
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