भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण प्रसूताओं की मौत के मामलों को लेकर सर्व समाज के बैनर तले जिला कलेक्टर कार्यालय पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के दौरान मृत महिलाओं फोरी देवी, ईशा पांडे, दिव्या सेन, संगीता जीनगर और शिमला देवी गुर्जर के पीड़ित परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिजनों ने प्रशासन के समक्ष अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए दोषी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, उचित मुआवजा देने और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। सर्व समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल आमजन के विश्वास का केंद्र होते हैं, लेकिन चिकित्सकीय लापरवाही के कारण लगातार हो रही माताओं की मौत पूरे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाती है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, केस शीट और ऑपरेशन रिकॉर्ड सहित सभी चिकित्सा अभिलेख सुरक्षित रखने व जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे भीलवाड़ा जिले में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण प्रसूताओं की मौत के मामलों को लेकर सर्व समाज के बैनर तले जिला कलेक्टर कार्यालय पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के दौरान मृत महिलाओं फोरी देवी, ईशा पांडे, दिव्या सेन, संगीता जीनगर और शिमला देवी गुर्जर के पीड़ित परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिजनों ने प्रशासन के समक्ष अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए दोषी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, उचित मुआवजा देने और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। सर्व समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल आमजन के विश्वास का केंद्र होते हैं, लेकिन चिकित्सकीय लापरवाही के कारण लगातार हो रही माताओं की मौत पूरे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाती है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, केस शीट और ऑपरेशन रिकॉर्ड सहित सभी चिकित्सा अभिलेख सुरक्षित रखने व जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे भीलवाड़ा जिले में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (MGH) के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना को लेकर सेन युवा एकता मंच ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन थिएटर (OT) में संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद लगातार सर्जरी की जाती रही, जिसके कारण महज छह दिनों में पांच प्रसूताओं की असमय मौत हो गई। मंच ने इसे बेहद गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए दोषी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने और उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मंच ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था में तत्काल सुधार, आधुनिक उपकरण व पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता, और मृत प्रसूताओं के परिजनों को उचित मुआवजा देना शामिल है। इसके साथ ही, मृतकों के आश्रित बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा के लिए विशेष सरकारी सहायता योजना चलाने तथा जांच रिपोर्ट व कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- भीलवाड़ा शहर में लगातार हो रही नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए भीमगंज थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहसिन उर्फ टिन्चा, मोहम्मद साहिल उर्फ टुटीया और सलमा बानो के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने भीमगंज और मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में दो-दो वारदातों समेत कुल चार जगह चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। यह पूरी कार्रवाई 29 जून 2026 को तिलक नगर निवासी बालमुकुंद छीपा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद शुरू हुई। बालमुकुंद अपने परिवार के साथ उज्जैन यात्रा पर गए हुए थे, तभी 27 जून की रात को अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान का ताला तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के पास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह आरोपी दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर नकदी व जेवरात लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहम्मद साहिल उर्फ टुटीया वारदात के बाद मुंबई भागने की फिराक में था, जिसे आरपीएफ और अजमेर डीएसटी के सहयोग से समय रहते पकड़ लिया गया। इस गिरोह में शामिल उसकी मां सलमा बानो चोरी के गहनों को बेचने और उन्हें ठिकाने लगाने में आरोपियों का सहयोग करती थी। भीमगंज थाना पुलिस ने मंगलवार रात करीब 8 बजे इस कार्रवाई की जानकारी दी है और फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों तथा चोरी किए गए सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है।1
- भीलवाड़ा जिले की कोटडी तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गेंदलिया की भील बस्ती के निवासी गंदगी, जलभराव और अतिक्रमण की समस्या से बेहद परेशान हैं। भील बस्ती के लोगों का कहना है कि यहाँ बड़े-बड़े गड्ढे हो रखे हैं, जिनमें हमेशा पानी भरा रहता है। इस जलभराव के कारण चारों तरफ भारी गंदगी फैली हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बस्ती में बबूल भी बहुत अधिक उग आए हैं, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भील समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से निवेदन करते हुए गुहार लगाई है कि इस भील बस्ती में जल्द से जल्द सफाई करवाई जाए और यहाँ फैले अतिक्रमण को हटवाने की कृपा की जाए।1
- भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत सातलियास में उप स्वास्थ्य केंद्र की भूमि से अवैध कब्जा और अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही है ताकि अस्पताल की भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।3
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ में पिछले कई दिनों से चल रहे काम का मलबा सड़क पर पड़ा हुआ है। इस मलबे की वजह से नाली चौक हो रही है, लेकिन इस पर कोई भी ध्यान देने को तैयार नहीं है। इस लापरवाही को लेकर न तो सफाई कर्मचारी कोई कदम उठा रहे हैं और न ही नगर पालिका की ओर से कोई सुध ली जा रही है। इस बदहाली से परेशान होकर पीड़ित ने अपनी शिकायत दर्ज करने की गुहार लगाई है।2
- Post by My Love2
- राजस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 5 दिवसीय सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच, नियमित निगरानी और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गर्भवती महिला का पहले 12 सप्ताह में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कम से कम 4 गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच और सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किए जाएं। उन्होंने एचआरपी मामलों की निगरानी के लिए एक अलग ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया है ताकि नियमित फॉलोअप और विशेषज्ञ समीक्षा सुनिश्चित हो सके। इस विशेष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आशा वर्कर, एएनएम और सीएचओ को लगाया गया है। प्रमुख शासन सचिव ने लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना की समयबद्ध समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ राजस्थान की ओर एक और सशक्त कदम है।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण प्रसूताओं की मौत के मामलों को लेकर सर्व समाज के बैनर तले जिला कलेक्टर कार्यालय पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के दौरान मृत महिलाओं फोरी देवी, ईशा पांडे, दिव्या सेन, संगीता जीनगर और शिमला देवी गुर्जर के पीड़ित परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिजनों ने प्रशासन के समक्ष अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए दोषी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, उचित मुआवजा देने और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। सर्व समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल आमजन के विश्वास का केंद्र होते हैं, लेकिन चिकित्सकीय लापरवाही के कारण लगातार हो रही माताओं की मौत पूरे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाती है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, केस शीट और ऑपरेशन रिकॉर्ड सहित सभी चिकित्सा अभिलेख सुरक्षित रखने व जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे भीलवाड़ा जिले में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।1