सिंगरौली में कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशन में मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गोंदवाली के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया को तत्काल बंद करने का प्रस्ताव बोर्ड मुख्यालय, भोपाल को भेजा है। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को किए गए एक संयुक्त निरीक्षण के बाद अमल में लाई गई है। निरीक्षण में उद्योग के भीतर गंभीर पर्यावरणीय अनियमितताएं पाई गईं, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था का अभाव और वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव मुख्य हैं। जांच के दौरान सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली में पीएम-10 एवं पीएम-2.5 का स्तर तय सीमा से अधिक पाया गया और पावर प्लांट के पास लगा पीएम-10 एनालाइजर भी बंद मिला। इसके अलावा, डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन संयंत्र में ईएसपी और एयर कंप्रेसर के पूर्ण क्षमता पर संचालित न होने से चिमनी से काला धुआं निकलने, फ्लाई आयरन डस्ट के खुले भंडारण और खतरनाक अपशिष्ट के निस्तारण में लापरवाही जैसी खामियां उजागर हुईं। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने इन उल्लंघनों के आधार पर उद्योग प्रबंधन पर 19.80 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने का प्रस्ताव भी दिया है। उद्योग प्रबंधन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने पूर्व में जारी क्लोजर नोटिस के निर्देशों का पालन नहीं किया है। वर्तमान में इस उद्योग के खिलाफ वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एक मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
सिंगरौली में कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशन में मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गोंदवाली के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया को तत्काल बंद करने का प्रस्ताव बोर्ड मुख्यालय, भोपाल को भेजा है। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को किए गए एक संयुक्त निरीक्षण के बाद अमल में लाई गई है। निरीक्षण में उद्योग
के भीतर गंभीर पर्यावरणीय अनियमितताएं पाई गईं, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था का अभाव और वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव मुख्य हैं। जांच के दौरान सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली में पीएम-10 एवं पीएम-2.5 का स्तर तय सीमा से अधिक पाया गया और पावर प्लांट के पास लगा पीएम-10 एनालाइजर भी बंद मिला। इसके अलावा, डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन संयंत्र में ईएसपी और एयर कंप्रेसर के पूर्ण क्षमता पर संचालित न होने से चिमनी से काला धुआं निकलने, फ्लाई आयरन डस्ट के
खुले भंडारण और खतरनाक अपशिष्ट के निस्तारण में लापरवाही जैसी खामियां उजागर हुईं। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने इन उल्लंघनों के आधार पर उद्योग प्रबंधन पर 19.80 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने का प्रस्ताव भी दिया है। उद्योग प्रबंधन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने पूर्व में जारी क्लोजर नोटिस के निर्देशों का पालन नहीं किया है। वर्तमान में इस उद्योग के खिलाफ वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एक मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
- सिंगरौली में टीएचडीसी अंडर ब्रिज में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर उपखंड अधिकारी ने पूर्व में सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए थे कि जलभराव की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए। उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि निर्देशों का पालन न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, इन सख्त निर्देशों और चेतावनी के बावजूद कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी सुध नहीं ले रहे हैं। अंडर ब्रिज में पानी का भराव अब भी लगातार जारी है, जिससे प्रशासन के आदेशों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उपखंड अधिकारी इस निरंतर लापरवाही पर वास्तविक कार्रवाई करते हैं या मामला केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह जाता है।1
- सिंगरौली नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में बैढ़न मेन रोड पर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़कों पर बैठे और घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजा गया। निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से दुर्घटनाओं का निरंतर खतरा बना रहता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू मवेशियों को खुला न छोड़ें ताकि शहर में यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज कार्रवाई और सटीक पैरवी के बल पर कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके आरोपी को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा का ऐलान किया। इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 5 घंटे के अंदर आरोपी विराज को एक मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना की पृष्ठभूमि में पारिवारिक विवाद था। मृत बच्चे आरव की मां रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर रति के देवर विराज पाठक ने तलाक दिलाने में मदद के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जब डेढ़ साल का आरव इस एकतरफा संबंध में बाधा बनने लगा, तो विराज उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को एक टेडी बियर की तरह जमीन पर 8 बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने इस बर्बर और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।1
- जापानी स्कूल में एक दिन की व्यवस्था के अंतर्गत वहां पढ़ाए जाने वाले एक खास विषय के बारे में बताया गया है। जापान के इन स्कूलों में 'जीवन शिक्षा' नाम का एक विषय शामिल है, जिसे वहां के छात्रों को पढ़ाया जाता है।1
- सोनभद्र के अनपरा थाना क्षेत्र के टैगोर नगर में 22 वर्षीय युवक अक्षय कुमार ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया है। युवक द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।1
- सोनभद्र के ओबरा थाने में मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क भवन का लोकार्पण किया गया है। इस लोकार्पण के संबंध में सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने बाइट जारी कर अपनी बात रखी है।1
- सोनभद्र के घोरावल तहसील के ग्राम पंचायत भैसवार में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना प्रदर्शन 418वें दिन में पहुंच गया है। इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।1