फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज कार्रवाई और सटीक पैरवी के बल पर कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके आरोपी को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा का ऐलान किया। इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 5 घंटे के अंदर आरोपी विराज को एक मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना की पृष्ठभूमि में पारिवारिक विवाद था। मृत बच्चे आरव की मां रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर रति के देवर विराज पाठक ने तलाक दिलाने में मदद के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जब डेढ़ साल का आरव इस एकतरफा संबंध में बाधा बनने लगा, तो विराज उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को एक टेडी बियर की तरह जमीन पर 8 बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने इस बर्बर और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज कार्रवाई और सटीक पैरवी के बल पर कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके आरोपी को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा का ऐलान किया। इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 5 घंटे के अंदर आरोपी विराज को एक मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना की पृष्ठभूमि में पारिवारिक विवाद था। मृत बच्चे आरव की मां रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर रति के देवर विराज पाठक ने तलाक दिलाने में मदद के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जब डेढ़ साल का आरव इस एकतरफा संबंध में बाधा बनने लगा, तो विराज उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को एक टेडी बियर की तरह जमीन पर 8 बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने इस बर्बर और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज कार्रवाई और सटीक पैरवी के बल पर कोर्ट ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके आरोपी को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा का ऐलान किया। इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 5 घंटे के अंदर आरोपी विराज को एक मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना की पृष्ठभूमि में पारिवारिक विवाद था। मृत बच्चे आरव की मां रति का अपने पति सुमित से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर रति के देवर विराज पाठक ने तलाक दिलाने में मदद के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जब डेढ़ साल का आरव इस एकतरफा संबंध में बाधा बनने लगा, तो विराज उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को एक टेडी बियर की तरह जमीन पर 8 बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने इस बर्बर और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।1
- सिंगरौली में टीएचडीसी अंडर ब्रिज में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर उपखंड अधिकारी ने पूर्व में सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए थे कि जलभराव की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए। उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि निर्देशों का पालन न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, इन सख्त निर्देशों और चेतावनी के बावजूद कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी सुध नहीं ले रहे हैं। अंडर ब्रिज में पानी का भराव अब भी लगातार जारी है, जिससे प्रशासन के आदेशों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उपखंड अधिकारी इस निरंतर लापरवाही पर वास्तविक कार्रवाई करते हैं या मामला केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह जाता है।1
- उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के रीवा जिले के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए बस से सफर कर कूडी ग्राम पंचायत पहुंचे और वहां चौपाल लगाई। कलेक्टर ने जनता की समस्याओं का उनके पास जाकर तुरंत निपटारा करने के लिए फिर से बस से यात्रा शुरू कर दी है। इस मुहिम के तहत अब हर विभाग के अधिकारी भी कलेक्टर के साथ रहेंगे और काम को लेकर कोई बहाना नहीं चलेगा। जब से रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जिले का कार्यभार संभाला है, तब से सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी काम करना सीख गए हैं। कलेक्टर की इस सक्रिय कार्यशैली से आम जनता में बेहद खुशी का माहौल है।1
- सिंगरौली नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में बैढ़न मेन रोड पर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़कों पर बैठे और घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजा गया। निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से दुर्घटनाओं का निरंतर खतरा बना रहता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू मवेशियों को खुला न छोड़ें ताकि शहर में यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के पवरी गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 60 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। पवरी गांव की रहने वाली रामपति (पत्नी स्वर्गीय लाल जी) शनिवार शाम करीब 3:30 बजे घरेलू सामान खरीदने के लिए सुक्खू का पूरा बाजार जा रही थीं। जैसे ही वह बड़े तारा तालाब के पास पहुंचीं, तभी गौहनिया की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि गंभीर चोटें आने के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही घूरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में ले लिया है। इस हादसे के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है, जो अपने पीछे चार बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गई हैं। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।1