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चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय को शिवाड़ होते हुए जयपुर मार्ग से जोड़ने वाली डिडायच बनास नदी पर 101 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अब इसके निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिया के निर्माण कार्य में रेत की बजाय मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पास में मौजूद बनास नदी से रेत ली जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाली इस पुलिया पर इस तरह से निर्माण कार्य होगा तो पुलिया जल्दी ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पुलिया के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 101 करोड़ की लागत से बनने वाली इस पुलिया में अनियमिताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य इसी तरह से जारी रहा तो पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच करे।

21 hrs ago
user_Irfan Rajasthan patrika
Irfan Rajasthan patrika
Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
21 hrs ago

चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय को शिवाड़ होते हुए जयपुर मार्ग से जोड़ने वाली डिडायच बनास नदी पर 101 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अब इसके निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिया के निर्माण कार्य में रेत की बजाय मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पास में मौजूद बनास नदी से रेत ली जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाली इस पुलिया पर इस तरह से निर्माण कार्य होगा तो पुलिया जल्दी ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पुलिया के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 101 करोड़ की लागत से बनने वाली इस पुलिया में अनियमिताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य इसी तरह से जारी रहा तो पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच करे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून अगले 4-5 दिनों तक सक्रिय रहने वाला है। विशेष रूप से राज्य के दक्षिणी और दक्षिण पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी और अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों में बारां, बूंदी, दौसा, झालावाड़, कोटा, पाली, राजसमंद और टोंक जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बांरा जिले में तो कहीं-कहीं अतिभारी बारिश भी देखी गई है। सर्वाधिक बारिश छीपाबड़ौद, बांरा में दर्ज की गई, जहां 139 मिमी बारिश मापी गई।
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    राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून अगले 4-5 दिनों तक सक्रिय रहने वाला है। विशेष रूप से राज्य के दक्षिणी और दक्षिण पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी और अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पिछले 24 घंटों में बारां, बूंदी, दौसा, झालावाड़, कोटा, पाली, राजसमंद और टोंक जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बांरा जिले में तो कहीं-कहीं अतिभारी बारिश भी देखी गई है। सर्वाधिक बारिश छीपाबड़ौद, बांरा में दर्ज की गई, जहां 139 मिमी बारिश मापी गई।
    user_Sawai Modhapur
    Sawai Modhapur
    Department of Motor Vehicles सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सवाई माधोपुर में 27 जुलाई 2027 को शिव मंदिर बजरिया से संकीर्तन के साथ गौ सम्मान आह्वान अभियान की रैली निकाली गई। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची जहां एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस रैली का उद्देश्य गौ सम्मान की मांग को आगे बढ़ाना था।
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    सवाई माधोपुर में 27 जुलाई 2027 को शिव मंदिर बजरिया से संकीर्तन के साथ गौ सम्मान आह्वान अभियान की रैली निकाली गई। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची जहां एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस रैली का उद्देश्य गौ सम्मान की मांग को आगे बढ़ाना था।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    21 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय को शिवाड़ होते हुए जयपुर मार्ग से जोड़ने वाली डिडायच बनास नदी पर 101 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अब इसके निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिया के निर्माण कार्य में रेत की बजाय मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पास में मौजूद बनास नदी से रेत ली जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाली इस पुलिया पर इस तरह से निर्माण कार्य होगा तो पुलिया जल्दी ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पुलिया के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 101 करोड़ की लागत से बनने वाली इस पुलिया में अनियमिताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य इसी तरह से जारी रहा तो पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच करे।
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    चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय को शिवाड़ होते हुए जयपुर मार्ग से जोड़ने वाली डिडायच बनास नदी पर 101 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अब इसके निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिया के निर्माण कार्य में रेत की बजाय मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पास में मौजूद बनास नदी से रेत ली जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाली इस पुलिया पर इस तरह से निर्माण कार्य होगा तो पुलिया जल्दी ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पुलिया के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 101 करोड़ की लागत से बनने वाली इस पुलिया में अनियमिताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य इसी तरह से जारी रहा तो पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच करे।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • राजस्थान संपर्क 181 पर नहीं हो रहा है समस्याओ का समाधान ! राजस्थान संपर्क 181 पर फर्जीवाडा!
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    राजस्थान संपर्क 181 पर नहीं हो रहा है समस्याओ का समाधान ! राजस्थान संपर्क 181 पर फर्जीवाडा!
    user_राजू काँकोरिया खण्डार
    राजू काँकोरिया खण्डार
    Contractor खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के पीलवा नदी गांव में दर्जनों घरों में बिजली का करंट दौड़ने से 30 वर्षीय युवक इमरान खान की मौत हो गई और 27 वर्षीय गर्भवती महिला गुलिस्ता गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर 3 घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। तहसीलदार रामजीलाल मीणा, सहायक अभियंता ब्रजराज मीणा, जेईएन कमलेश मीणा, मलारना डूंगर थाना, बाटोदा थाना और बोली थाना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। लिखित में 5 लाख रुपए का मुआवजा और संबंधित लाइनमैन को हटाने के आश्वासन के बाद प्रशासन और परिजनों में सहमति बनी। ग्रामीण नाजिद खान ने बताया कि गांव में तीन-चार दिन पहले से ही लगातार दर्जनों घरों में करंट दौड़ रहा था। इसकी शिकायत कई बार विभाग को की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज बड़ा हादसा हो गया जिसमें इमरान खान की मौत हो गई और गर्भवती महिला गुलिस्ता घायल हो गई। लोगों ने बताया कि पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। घरेलू काम में आने वाले बिजली के उपकरण 11000 कवि उतर जाने के बाद कई उपकरण जल गए।
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    राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के पीलवा नदी गांव में दर्जनों घरों में बिजली का करंट दौड़ने से 30 वर्षीय युवक इमरान खान की मौत हो गई और 27 वर्षीय गर्भवती महिला गुलिस्ता गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर 3 घंटे तक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। तहसीलदार रामजीलाल मीणा, सहायक अभियंता ब्रजराज मीणा, जेईएन कमलेश मीणा, मलारना डूंगर थाना, बाटोदा थाना और बोली थाना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। लिखित में 5 लाख रुपए का मुआवजा और संबंधित लाइनमैन को हटाने के आश्वासन के बाद प्रशासन और परिजनों में सहमति बनी।

ग्रामीण नाजिद खान ने बताया कि गांव में तीन-चार दिन पहले से ही लगातार दर्जनों घरों में करंट दौड़ रहा था। इसकी शिकायत कई बार विभाग को की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज बड़ा हादसा हो गया जिसमें इमरान खान की मौत हो गई और गर्भवती महिला गुलिस्ता घायल हो गई। लोगों ने बताया कि पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। घरेलू काम में आने वाले बिजली के उपकरण 11000 कवि उतर जाने के बाद कई उपकरण जल गए।
    user_दैनिक भास्कर संवाददाता
    दैनिक भास्कर संवाददाता
    Video Creator मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • पत्रकार संदीप गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, टोंक जिले के ऊनियारा उपखंड में मानसून की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कृषि मंडी कार्यालय परिसर में सोमवार की दोपहर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी सुमन गुर्जर ने की। इस बैठक में संभावित जलभराव, नालों की सफाई, गांवों में अतिक्रमण हटाने और आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर चर्चा की गई। उपखंड अधिकारी सुमन गुर्जर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि गलवा बांध में जलस्तर बढ़ने और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका है, वहां के प्रभावित परिवारों को समय रहते सतर्क किया जाए। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही किए गए कार्यों की जियो टेकिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी बाधित नहीं हो। बैठक में यह भी बताया गया कि एसडीआरएफ मद से उपखंड क्षेत्र के 65 जर्जर विद्यालय भवनों की छतों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे मानसून में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उपखंड अधिकारी ने पुलिस थाना एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित भूमि पट्टा प्रकरणों तथा संपर्क पोर्टल पर लंबित जनसुनवाई प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के आदेश भी दिए गए। बैठक में कार्यवाहक विकास अधिकारी विजय सिंह, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सीताराम मीणा, तहसीलदार प्रभु दयाल, पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    पत्रकार संदीप गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, टोंक जिले के ऊनियारा उपखंड में मानसून की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कृषि मंडी कार्यालय परिसर में सोमवार की दोपहर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी सुमन गुर्जर ने की। इस बैठक में संभावित जलभराव, नालों की सफाई, गांवों में अतिक्रमण हटाने और आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर चर्चा की गई।

उपखंड अधिकारी सुमन गुर्जर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि गलवा बांध में जलस्तर बढ़ने और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका है, वहां के प्रभावित परिवारों को समय रहते सतर्क किया जाए। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही किए गए कार्यों की जियो टेकिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा, सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी बाधित नहीं हो। बैठक में यह भी बताया गया कि एसडीआरएफ मद से उपखंड क्षेत्र के 65 जर्जर विद्यालय भवनों की छतों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे मानसून में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

उपखंड अधिकारी ने पुलिस थाना एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित भूमि पट्टा प्रकरणों तथा संपर्क पोर्टल पर लंबित जनसुनवाई प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के आदेश भी दिए गए। बैठक में कार्यवाहक विकास अधिकारी विजय सिंह, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सीताराम मीणा, तहसीलदार प्रभु दयाल, पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Sandeep Gupta
    Sandeep Gupta
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • 167 करोड़ की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की टेस्टिंग व भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर किसानों का धरना 1 अगस्त तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा तो 2 अगस्त से उग्र आंदोलन होगा – राधेश्याम मीणा मूंड़ला श्योपुर, 27 जुलाई। श्योपुर जिले के 35 गांवों के किसानों के हित में लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की तत्काल टेस्टिंग कराकर किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने तथा परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी कंपनी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को ग्राम चंद्रपुरा में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजना की शीघ्र टेस्टिंग, तकनीकी खामियों को दूर करने, भ्रष्टाचार की जांच तथा किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने कलेक्टर, श्योपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि 35 गांवों के किसानों के लिए बनाई गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन सही एवं प्रभावी ढंग से नहीं किया गया। निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के कारण आज तक किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जल संसाधन विभाग ने जून माह में परियोजना की टेस्टिंग कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक परीक्षण प्रारंभ नहीं किया गया। वर्तमान में चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त जल प्रवाह होने के बावजूद किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों ने मांग की कि परियोजना की टेस्टिंग तत्काल प्रारंभ कराई जाए, सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा 35 गांवों के किसानों को शीघ्र सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। धरना स्थल पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ आर.एन. तिवारी पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परियोजना की टेस्टिंग शीघ्र कराकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी एवं संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि 167 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ आज तक किसानों को नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते परियोजना का परीक्षण कर उसे चालू नहीं किया गया और किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 1 अगस्त तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा, तो 2 अगस्त से किसान पुनः धरना-प्रदर्शन शुरू कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसानों का यह संघर्ष केवल सिंचाई का पानी प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए भी है। धरना-प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, अखिलेश मीणा लूंड, धर्मेंद्र सिंह चंद्रपुरा, मुकेश मीणा हिरनीखेड़ा, सरपंच धर्मराज मीणा लूंड, पूर्व सरपंच शिशुपाल मीणा भसुंदर, शुभम नागर, धर्म सिंह, शंकरलाल भसुंदर, रामभरत रामगांवाड़ी, मानसिंह बैरवा, महावीर सेन, गोकर्ण धाकड़, कुंज बिहारी, रोशन मीणा, गिर्राज मीणा, मनोहर, पवन, गिरिराज, बेनी प्रसाद, प्रदीप धाकड़, रुकमल, चेतन, जुगल किशोर, नंदबिहारी, दादा तिवारी, काशीराम, श्याम गुर्जर, दीनदयाल सेन, राम अवतार, रामसिंह, परीक्षित, दीनबंधु, दीपांशु, शिवचरण, केदार, रामप्रसाद, बिहारीलाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे। 1 अगस्त तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा तो 2 अगस्त से उग्र आंदोलन होगा – राधेश्याम मीणा मूंड़ला श्योपुर, 27 जुलाई। श्योपुर जिले के 35 गांवों के किसानों के हित में लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की तत्काल टेस्टिंग कराकर किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने तथा परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी कंपनी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को ग्राम चंद्रपुरा में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजना की शीघ्र टेस्टिंग, तकनीकी खामियों को दूर करने, भ्रष्टाचार की जांच तथा किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने कलेक्टर, श्योपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि 35 गांवों के किसानों के लिए बनाई गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन सही एवं प्रभावी ढंग से नहीं किया गया। निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के कारण आज तक किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जल संसाधन विभाग ने जून माह में परियोजना की टेस्टिंग कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक परीक्षण प्रारंभ नहीं किया गया। वर्तमान में चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त जल प्रवाह होने के बावजूद किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों ने मांग की कि परियोजना की टेस्टिंग तत्काल प्रारंभ कराई जाए, सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा 35 गांवों के किसानों को शीघ्र सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। धरना स्थल पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ आर.एन. तिवारी पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परियोजना की टेस्टिंग शीघ्र कराकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी एवं संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि 167 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ आज तक किसानों को नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते परियोजना का परीक्षण कर उसे चालू नहीं किया गया और किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 1 अगस्त तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा, तो 2 अगस्त से किसान पुनः धरना-प्रदर्शन शुरू कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसानों का यह संघर्ष केवल सिंचाई का पानी प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए भी है। धरना-प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, अखिलेश मीणा लूंड, धर्मेंद्र सिंह चंद्रपुरा, मुकेश मीणा हिरनीखेड़ा, सरपंच धर्मराज मीणा लूंड, पूर्व सरपंच शिशुपाल मीणा भसुंदर, शुभम नागर, धर्म सिंह, शंकरलाल भसुंदर, रामभरत रामगांवाड़ी, मानसिंह बैरवा, महावीर सेन, गोकर्ण धाकड़, कुंज बिहारी, रोशन मीणा, गिर्राज मीणा, मनोहर, पवन, गिरिराज, बेनी प्रसाद, प्रदीप धाकड़, रुकमल, चेतन, जुगल किशोर, नंदबिहारी, दादा तिवारी, काशीराम, श्याम गुर्जर, दीनदयाल सेन, राम अवतार, रामसिंह, परीक्षित, दीनबंधु, दीपांशु, शिवचरण, केदार, रामप्रसाद, बिहारीलाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
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    167 करोड़ की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की टेस्टिंग व भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर किसानों का धरना

1 अगस्त तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा तो 2 अगस्त से उग्र आंदोलन होगा – राधेश्याम मीणा मूंड़ला

श्योपुर, 27 जुलाई।
श्योपुर जिले के 35 गांवों के किसानों के हित में लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की तत्काल टेस्टिंग कराकर किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने तथा परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई  अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी कंपनी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को ग्राम चंद्रपुरा में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया।

दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजना की शीघ्र टेस्टिंग, तकनीकी खामियों को दूर करने, भ्रष्टाचार की जांच तथा किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने कलेक्टर, श्योपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि 35 गांवों के किसानों के लिए बनाई गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन सही एवं प्रभावी ढंग से नहीं किया गया। निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के कारण आज तक किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जल संसाधन विभाग ने जून माह में परियोजना की टेस्टिंग कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक परीक्षण प्रारंभ नहीं किया गया। वर्तमान में चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त जल प्रवाह होने के बावजूद किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

किसानों ने मांग की कि परियोजना की टेस्टिंग तत्काल प्रारंभ कराई जाए, सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा 35 गांवों के किसानों को शीघ्र सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए।

धरना स्थल पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ आर.एन. तिवारी पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परियोजना की टेस्टिंग शीघ्र कराकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी एवं संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि 167 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ आज तक किसानों को नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते परियोजना का परीक्षण कर उसे चालू नहीं किया गया और किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 1 अगस्त तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा, तो 2 अगस्त से किसान पुनः धरना-प्रदर्शन शुरू कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसानों का यह संघर्ष केवल सिंचाई का पानी प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए भी है।

धरना-प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, अखिलेश मीणा लूंड, धर्मेंद्र सिंह चंद्रपुरा, मुकेश मीणा हिरनीखेड़ा, सरपंच धर्मराज मीणा लूंड, पूर्व सरपंच शिशुपाल मीणा भसुंदर, शुभम नागर, धर्म सिंह, शंकरलाल भसुंदर, रामभरत रामगांवाड़ी, मानसिंह बैरवा, महावीर सेन, गोकर्ण धाकड़, कुंज बिहारी, रोशन मीणा, गिर्राज मीणा, मनोहर, पवन, गिरिराज, बेनी प्रसाद, प्रदीप धाकड़, रुकमल, चेतन, जुगल किशोर, नंदबिहारी, दादा तिवारी, काशीराम, श्याम गुर्जर, दीनदयाल सेन, राम अवतार, रामसिंह, परीक्षित, दीनबंधु, दीपांशु, शिवचरण, केदार, रामप्रसाद, बिहारीलाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
1 अगस्त तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा तो 2 अगस्त से उग्र आंदोलन होगा – राधेश्याम मीणा मूंड़ला
श्योपुर, 27 जुलाई।
श्योपुर जिले के 35 गांवों के किसानों के हित में लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की तत्काल टेस्टिंग कराकर किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने तथा परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई  अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी कंपनी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को ग्राम चंद्रपुरा में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया।
दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजना की शीघ्र टेस्टिंग, तकनीकी खामियों को दूर करने, भ्रष्टाचार की जांच तथा किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने कलेक्टर, श्योपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि 35 गांवों के किसानों के लिए बनाई गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन सही एवं प्रभावी ढंग से नहीं किया गया। निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के कारण आज तक किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जल संसाधन विभाग ने जून माह में परियोजना की टेस्टिंग कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक परीक्षण प्रारंभ नहीं किया गया। वर्तमान में चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त जल प्रवाह होने के बावजूद किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
किसानों ने मांग की कि परियोजना की टेस्टिंग तत्काल प्रारंभ कराई जाए, सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, निर्माण एवं क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा 35 गांवों के किसानों को शीघ्र सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए।
धरना स्थल पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ आर.एन. तिवारी पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परियोजना की टेस्टिंग शीघ्र कराकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी एवं संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि 167 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ आज तक किसानों को नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते परियोजना का परीक्षण कर उसे चालू नहीं किया गया और किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो क्षेत्र के किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 1 अगस्त तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा, तो 2 अगस्त से किसान पुनः धरना-प्रदर्शन शुरू कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसानों का यह संघर्ष केवल सिंचाई का पानी प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए भी है।
धरना-प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, अखिलेश मीणा लूंड, धर्मेंद्र सिंह चंद्रपुरा, मुकेश मीणा हिरनीखेड़ा, सरपंच धर्मराज मीणा लूंड, पूर्व सरपंच शिशुपाल मीणा भसुंदर, शुभम नागर, धर्म सिंह, शंकरलाल भसुंदर, रामभरत रामगांवाड़ी, मानसिंह बैरवा, महावीर सेन, गोकर्ण धाकड़, कुंज बिहारी, रोशन मीणा, गिर्राज मीणा, मनोहर, पवन, गिरिराज, बेनी प्रसाद, प्रदीप धाकड़, रुकमल, चेतन, जुगल किशोर, नंदबिहारी, दादा तिवारी, काशीराम, श्याम गुर्जर, दीनदयाल सेन, राम अवतार, रामसिंह, परीक्षित, दीनबंधु, दीपांशु, शिवचरण, केदार, रामप्रसाद, बिहारीलाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पांचों आरोपियों को जयपुर से एक साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 100 CCTV फुटेज की सहायता से आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आशीष सैन निवासी अरनिया, रवि मीणा निवासी पट्टी कलां, दिलखुश मीणा निवासी गढ़खेड़ा, अशोक कुमार मीणा निवासी जोड़ली और प्रशांत कांवटया निवासी कैमी शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर चोरी हुए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में साइबर सेल इंचार्ज अजीत मोगा की विशेष भूमिका रही। पुलिस उपाधीक्षक शहर राजेन्द्र मीणा और मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने वारदात का खुलासा किया। यह कार्रवाई एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देश पर की गई।
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    सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पांचों आरोपियों को जयपुर से एक साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 100 CCTV फुटेज की सहायता से आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आशीष सैन निवासी अरनिया, रवि मीणा निवासी पट्टी कलां, दिलखुश मीणा निवासी गढ़खेड़ा, अशोक कुमार मीणा निवासी जोड़ली और प्रशांत कांवटया निवासी कैमी शामिल हैं।

पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर चोरी हुए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में साइबर सेल इंचार्ज अजीत मोगा की विशेष भूमिका रही। पुलिस उपाधीक्षक शहर राजेन्द्र मीणा और मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने वारदात का खुलासा किया। यह कार्रवाई एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देश पर की गई।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    22 hrs ago
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