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आज सुबह कौशांबी में एक भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। एक एलपीजी गैस टैंकर टोल प्लाजा से टकरा गया, जिससे तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते, पूरा इलाका आग के एक विशाल गोले में तब्दील हो गया। इस भीषण हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए, और आग तथा धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दिया।
Awaaz -e-Bharat
आज सुबह कौशांबी में एक भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। एक एलपीजी गैस टैंकर टोल प्लाजा से टकरा गया, जिससे तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते, पूरा इलाका आग के एक विशाल गोले में तब्दील हो गया। इस भीषण हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए, और आग तथा धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दिया।
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- चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड के अंतर्गत बन रही बेन रजवाहा आदर्श नहर के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश पनप रहा है। किसान विकास मंच के पदाधिकारियों ने बटौवा फाल से डिहरी फाल तक स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण में कई गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। निरीक्षण के दौरान, किसान विकास मंच के पदाधिकारियों ने बटौवा फाल क्षेत्र में नहर में पानी आने पर लटक रही साइड वॉल को रात के अंधेरे में कथित तौर पर गिरा देने का आरोप लगाया, जिसका उद्देश्य निर्माण संबंधी खामियों के निशान मिटाना बताया जा रहा है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। डिहरी फाल पर किसानों ने सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए छह-छह इंच के दो नए कुलवों के आगे पक्की नाली का निर्माण न होने की शिकायत की। किसान विकास मंच के सदस्य सूर्य नारायण चौबे ने बताया कि डिहरी फाल के पश्चिम दिशा में लिंक नाली के अभाव के कारण तियरी और डिहरी के लगभग 150 बीघा कृषि क्षेत्र की सिंचाई प्रभावित होती है, क्योंकि नहर का पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय बीच रास्ते में ही बह जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि डिहरी पुल के पास बनी साइड वॉल पहली सिंचाई के दौरान ही धंस गई थी जिसकी मरम्मत अब तक नहीं की गई है, और नए पुल की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त होने लगी है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। इस निरीक्षण में किसान विकास मंच के राम अवध सिंह, सूर्य नारायण चौबे (डब्बू चौबे), लक्ष्मण प्रसाद चौहान, मान सिंह चौहान, सुरेश मौर्य सहित अन्य किसान एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने बताया कि निरीक्षण में मिली सभी कमियों से अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार एवं अवर अभियंता दीपक मिश्रा को अवगत करा दिया गया है। इस पर अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि संबंधित निर्माण एजेंसी, शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन, ने निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया है और अभी भी कई कार्य शेष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में पाई गई कमियों के कारण कंपनी का भुगतान रोका गया है और अब तक लगभग 1.25 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। अधिशासी अभियंता ने जिला प्रशासन से निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा उस पर आर्थिक दंड लगाने की संस्तुति भी की है। किसान विकास मंच के मंत्री सुरेश मौर्य ने मांग की है कि यदि निर्माण में लापरवाही या साक्ष्य मिटाने जैसी गतिविधियां हुई हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बेन रजवाहा नहर निर्माण कार्य को लेकर लगाए गए इन आरोपों के बीच, अब किसानों की निगाहें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जांच में निर्माण संबंधी अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।1
- चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक अंतर्गत बेन रजवाहा में चल रहे आदर्श नहर निर्माण कार्य में गंभीर खामियां सामने आई हैं। किसानों और किसान नेता राम अवध सिंह ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसमें भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।1
- चंदौली जिले के धीना स्थित गुरैनी गांव में अंत्येष्टि स्थल के पास चल रहे गंगा कटान रोकने के कार्य को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों के अनुसार बोल्डर लगाने के बजाय ठेकेदार द्वारा बालू भरकर बोरे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि ठीक एक वर्ष पहले भी इसी स्थान पर गंगा कटान रोकने के लिए बोल्डर लगाए गए थे, लेकिन कार्य में अनियमितता के कारण वे सभी गंगा में समाहित हो गए थे। उनका कहना है कि अब दोबारा किए जा रहे इस कार्य में भी बोल्डरों के ऊपर बालू से भरे बोरे रखे जा रहे हैं, जो भविष्य में फिर से कटान रोकने में विफल हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की है कि लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुआ तो यह सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ क्षेत्र को एक बार फिर से गंगा कटान का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने इस बात पर भी असंतोष व्यक्त किया कि हाल ही में चंदौली के जिलाधिकारी किसानों के धरना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे, जो कटानरोधी कार्यस्थल से महज एक किलोमीटर दूर था। ग्रामीणों द्वारा बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद, जिलाधिकारी ने समयाभाव का हवाला देते हुए कार्यस्थल का निरीक्षण नहीं किया। इसके बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की गहन जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण हरिओम मिश्रा ने भी बताया कि गंगा कटान रोकने के लिए लगाए जा रहे बोल्डरों के कार्य में भारी अनियमितता दिखाई दे रही है और चेतावनी दी कि यदि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है। इस विरोध प्रदर्शन में बसदेव निषाद, संतोष निषाद, खरपत निषाद, राजेश निषाद, बब्लू, दशमी, महेंद्र, दिलीप, जोखन, रामशकल, रामअवध तथा बालकिशुन यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- जनपद चंदौली की तहसील नौगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में दस मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले इस पर्व ने क्षेत्र में भाईचारे और आपसी सद्भाव का एक उत्कृष्ट प्रतीक प्रस्तुत किया। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) के दिन, बरबसपुर के स्थानीय निवासियों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए गमजदा माहौल में मातमी जुलूस निकाला। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चकरघट्टा थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने स्वयं पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का जायजा लिया। ग्राम पंचायत बरबसपुर के निवासियों ने इस दौरान पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिससे धार्मिक जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होते हुए पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुआ। गांव के कर्बला परिसर में ताजियों का मिलान किया गया, जहां बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर इमाम हुसैन के त्याग और बलिदान को याद करते हुए तकरीरें की गईं और उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को 'गंगा-जमुनी तहजीब' का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जहां सभी समुदायों ने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया। बरबसपुर के नागरिकों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि इमाम हुसैन की शहादत का संदेश केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि मानवता और सच्चाई के लिए खड़े होने का संदेश है। जैसा कि कहा गया है: "कुफ्र का इंकार नहीं मानते हैं / दुश्मन-ए-शाह को सरदार नहीं मानते हैं / एक प्यासे ने किया प्यास पर ऐसा हमला / लोग पानी को भी मेयार नहीं मानते हैं।"3
- चंदौली जिले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से कुल 5800 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है।1
- रामनगर (वाराणसी) में मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद और स्थानीय लोग शामिल हुए। जुलूस के निर्धारित मार्गों पर भारी भीड़ देखने को मिली, जिसकी पुष्टि स्थानीय वीडियो और समाचारों में आई जानकारियों से हुई है। प्रशासन ने इस भीड़ और संवेदनशील मौके को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी; इसके तहत अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन तथा अन्य निगरानी व्यवस्थाएं तैनात की गई थीं। यह मुहर्रम जुलूस 250 साल पुरानी रवायत का हिस्सा है, जिसमें दुलदुल और ताबूत का पारंपरिक जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान शहनाई पर मातमी धुनें बजाई गईं और नौहाख्वानों ने अपने दर्द भरे नौहों से माहौल को गमगीन कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर से सामने आए कथित बंधुआ मजदूरी मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, एक फैक्ट्री से कुल 13 मज़दूरों को मुक्त कराया गया है। मुक्त कराए गए मज़दूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें उन्हें बंधक बनाकर रखना, मारपीट करना, मोबाइल फ़ोन और अन्य दस्तावेज़ छीनना, तथा अमानवीय व्यवहार करना शामिल है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई और मज़दूरों द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है, और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।1
- चन्दौली पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए पंजाब से बिहार तस्करी कर ले जाई जा रही 663 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है, जिसकी कुल मात्रा 5898.600 लीटर है। इस दौरान पुलिस ने दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। यह अवैध शराब लोहे के एक गुप्त केबिन में और चारों ओर लकड़ी के बुरादे की आड़ में छिपाई गई थी, जिससे पुलिस ने तस्करों के 'मास्टर प्लान' को विफल कर दिया। दिनांक 25.06.2026 को चन्दौली थाना के प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय और सर्विलांस टीम प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में नवीन मंडी समिति गेट के पास वाराणसी-बिहार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सघन वाहन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान संदिग्ध ट्रक संख्या JH16K6822 को रोका गया, जिसके चालक और सहचालक ने पहले वाहन में लकड़ी का बुरादा लदा होने की बात कही। जांच में पता चला कि ट्रक के भीतर विशेष रूप से बने लोहे के केबिन में अवैध अंग्रेजी शराब छुपाई गई थी। गिरफ्तार तस्करों की पहचान गुजरात के अहमदाबाद निवासी हितेश (लगभग 42 वर्ष) और उमेश (लगभग 26 वर्ष) के रूप में हुई। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब ₹58 लाख है। इस संबंध में थाना चन्दौली में मु.अ.स. 344/2026 धारा 60/63 आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे पंजाब से अवैध अंग्रेजी शराब लाकर बिहार में ऊँचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजर से बचने के लिए उन्होंने ट्रक में लोहे का गुप्त केबिन बनवाया था और उसे लकड़ी के बुरादे से भर दिया था, ताकि चेकिंग के दौरान किसी को संदेह न हो और शराब की गंध व आवाज बाहर न जा सके। अभियुक्तों ने यह भी खुलासा किया कि शराब की खेप को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाने के एवज में उन्हें प्रति चक्कर ₹50,000 और बिक्री पर 2 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस इस अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ताओं ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में भाकपा नेता डॉक्टर उमानंद भी मौजूद थे।1