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उत्तर प्रदेश के एटा रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम में करीब 4.98 करोड़ रुपये मूल्य की 24,900 क्विंटल मक्का से भरी एक मालगाड़ी पर हुई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि मक्का की यह खेप बिना अनिवार्य मंडी गेटपास के ही लोड की गई थी, जिससे मंडी शुल्क के नियमों के खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस मामले में निर्धारित जुर्माने की राशि को लेकर भी गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि नियमों के तहत जहां भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए था, वहीं बहुत कम राशि जमा कराकर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। गड़बड़ी की सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। इस पूरे खेल में मंडी सचिव और कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इससे पहले भी कई मक्का की खेपें बिना मंडी शुल्क चुकाए निकाली गई हो सकती हैं, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिबद्धता जताई है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

1 hr ago
user_AIB Hindi
AIB Hindi
Media house चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश के एटा रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम में करीब 4.98 करोड़ रुपये मूल्य की 24,900 क्विंटल मक्का से भरी एक मालगाड़ी पर हुई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि मक्का की यह खेप बिना अनिवार्य मंडी गेटपास के ही लोड की गई थी, जिससे मंडी शुल्क के नियमों के खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस मामले में निर्धारित जुर्माने की राशि को लेकर भी गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि नियमों के तहत जहां भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए था, वहीं बहुत कम राशि जमा कराकर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। गड़बड़ी की सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। इस पूरे खेल में मंडी सचिव और कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इससे पहले भी कई मक्का की खेपें बिना मंडी शुल्क चुकाए निकाली गई हो सकती हैं, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिबद्धता जताई है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • दिल्ली के छतरपुर में कदम रखते ही मोटू पतलू ने यहाँ की समस्या को जान लिया है। इनके यहाँ पहुँचते ही तुरंत ही छतरपुर की परेशानी को समझ लेने की बात सामने आई है।
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    दिल्ली के छतरपुर में कदम रखते ही मोटू पतलू ने यहाँ की समस्या को जान लिया है। इनके यहाँ पहुँचते ही तुरंत ही छतरपुर की परेशानी को समझ लेने की बात सामने आई है।
    user_Kishanveer Rajput
    Kishanveer Rajput
    Auto parts store महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    58 min ago
  • सेंट्रल दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में प्रभु श्री जगन्नाथ जी भगवान की जयकार लगाते हुए लोगों से जुड़ने की अपील की गई है। इस संदेश में कहा गया है कि यदि आप सच्चे देशभक्त हैं, तो आगे आकर इसके सदस्य बनें।
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    सेंट्रल दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में प्रभु श्री जगन्नाथ जी भगवान की जयकार लगाते हुए लोगों से जुड़ने की अपील की गई है। इस संदेश में कहा गया है कि यदि आप सच्चे देशभक्त हैं, तो आगे आकर इसके सदस्य बनें।
    user_Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Political party office करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ₹9,585 करोड़ की 'नया सफर योजना' शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पुराने व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा दिया जाएगा। पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए, पर्यावरण-अनुकूल वाहन खरीदने वालों को सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण रियायतें दी जाएंगी। इस योजना के तहत नए BS-VI और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की खरीद पर 100% मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाएगी और रजिस्ट्रेशन फीस को भी पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन मालिकों को रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी से भी राहत मिलेगी। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और बिना किसी झंझट के संपन्न करने की तैयारी में है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर अग्रसर करना है, जिससे नागरिकों को बेहतर वायु गुणवत्ता और सुरक्षित परिवहन मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो इससे न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग भी काफी तेजी से बढ़ेगा।
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    दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ₹9,585 करोड़ की 'नया सफर योजना' शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पुराने व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा दिया जाएगा। पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए, पर्यावरण-अनुकूल वाहन खरीदने वालों को सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण रियायतें दी जाएंगी।

इस योजना के तहत नए BS-VI और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की खरीद पर 100% मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाएगी और रजिस्ट्रेशन फीस को भी पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन मालिकों को रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी से भी राहत मिलेगी। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और बिना किसी झंझट के संपन्न करने की तैयारी में है।

सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर अग्रसर करना है, जिससे नागरिकों को बेहतर वायु गुणवत्ता और सुरक्षित परिवहन मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो इससे न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग भी काफी तेजी से बढ़ेगा।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के एटा रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम में करीब 4.98 करोड़ रुपये मूल्य की 24,900 क्विंटल मक्का से भरी एक मालगाड़ी पर हुई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि मक्का की यह खेप बिना अनिवार्य मंडी गेटपास के ही लोड की गई थी, जिससे मंडी शुल्क के नियमों के खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस मामले में निर्धारित जुर्माने की राशि को लेकर भी गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि नियमों के तहत जहां भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए था, वहीं बहुत कम राशि जमा कराकर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। गड़बड़ी की सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। इस पूरे खेल में मंडी सचिव और कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इससे पहले भी कई मक्का की खेपें बिना मंडी शुल्क चुकाए निकाली गई हो सकती हैं, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिबद्धता जताई है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के एटा रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम में करीब 4.98 करोड़ रुपये मूल्य की 24,900 क्विंटल मक्का से भरी एक मालगाड़ी पर हुई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि मक्का की यह खेप बिना अनिवार्य मंडी गेटपास के ही लोड की गई थी, जिससे मंडी शुल्क के नियमों के खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है।

इस मामले में निर्धारित जुर्माने की राशि को लेकर भी गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि नियमों के तहत जहां भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए था, वहीं बहुत कम राशि जमा कराकर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। गड़बड़ी की सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। इस पूरे खेल में मंडी सचिव और कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि इससे पहले भी कई मक्का की खेपें बिना मंडी शुल्क चुकाए निकाली गई हो सकती हैं, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिबद्धता जताई है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_AIB Hindi
    AIB Hindi
    Media house चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • कर्नाटक के चिकबल्लापुर में अंधविश्वास का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सिविल कोर्ट के मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए एक बुजुर्ग महिला को जज की कुर्सी पर टोटका करना भारी पड़ गया। आरोपी महिला ने कोर्ट के जज की कुर्सी और मेज (डायस) पर सरसों छिड़ककर काला जादू करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार की गई महिला की पहचान चिकबल्लापुर शहर की रहने वाली 65 वर्षीय मंजुला के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार, 9 जुलाई की सुबह 9:30 बजे चिकबल्लापुर शहर के प्रथम अतिरिक्त सिविल और जेएमएफसी (JMFC) कोर्ट में हुई। आरोपी महिला ने उस जगह सरसों डाल दी थी जहां जज बैठते हैं। जब कोर्ट के कर्मचारियों की नजर इस पर पड़ी, तो उन्होंने फौरन सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी महिला सरसों डालती हुई कैद पाई गई। इस घटना के बाद कोर्ट प्रशासक ने चिकबल्लापुर थाने में आरोपी महिला के खिलाफ 'कर्नाटक अमानवीय दुराचार और अंधविश्वास निवारण एवं उन्मूलन अधिनियम' (काला जादू विरोधी कानून) के तहत मामला दर्ज कराया। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कुशल चौकसे ने बताया कि मंजुला का कोर्ट में एक जमीन का विवाद चल रहा था, जिसकी उसी दिन सुनवाई होनी थी। पूछताछ के दौरान महिला ने कबूल किया कि वह जमीन का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए यह टोटका कर रही थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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    कर्नाटक के चिकबल्लापुर में अंधविश्वास का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सिविल कोर्ट के मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए एक बुजुर्ग महिला को जज की कुर्सी पर टोटका करना भारी पड़ गया। आरोपी महिला ने कोर्ट के जज की कुर्सी और मेज (डायस) पर सरसों छिड़ककर काला जादू करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार की गई महिला की पहचान चिकबल्लापुर शहर की रहने वाली 65 वर्षीय मंजुला के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार, 9 जुलाई की सुबह 9:30 बजे चिकबल्लापुर शहर के प्रथम अतिरिक्त सिविल और जेएमएफसी (JMFC) कोर्ट में हुई। आरोपी महिला ने उस जगह सरसों डाल दी थी जहां जज बैठते हैं। जब कोर्ट के कर्मचारियों की नजर इस पर पड़ी, तो उन्होंने फौरन सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी महिला सरसों डालती हुई कैद पाई गई।

इस घटना के बाद कोर्ट प्रशासक ने चिकबल्लापुर थाने में आरोपी महिला के खिलाफ 'कर्नाटक अमानवीय दुराचार और अंधविश्वास निवारण एवं उन्मूलन अधिनियम' (काला जादू विरोधी कानून) के तहत मामला दर्ज कराया। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कुशल चौकसे ने बताया कि मंजुला का कोर्ट में एक जमीन का विवाद चल रहा था, जिसकी उसी दिन सुनवाई होनी थी। पूछताछ के दौरान महिला ने कबूल किया कि वह जमीन का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए यह टोटका कर रही थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    7 hrs ago
  • अमेरिका और ईरान के बीच जंग लगातार और भी खतरनाक होती जा रही है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर एक बार फिर बड़ा हमला किया है, जिसके बाद चाबहार, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, सीरिक, कोनारक, रास्क, खोंदाब, खुर्रमाबाद और सेमनान समेत कई शहरों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। पहली बार उत्तरी ईरान के कुछ इलाकों में भी धमाके हुए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, राजधानी तेहरान, पकदश्त और परचिन के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए थे। वहीं सेमनान एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को भी निशाना बनाया गया, हालांकि ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और सिर्फ एक शेड तथा टर्मिनल की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पहुंचाने वाली ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से बढ़ रहे एक ईरानी ऑयल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे रोकने और दो अन्य जहाजों का रास्ता बदलने का भी दावा किया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी खाड़ी मुल्कों में हमले तेज कर दिए हैं। ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के तहत कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक, कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर अमेरिकी रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर संचार प्रणाली और रडार ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। इस बीच, जॉर्डन ने अपनी वायुसेना द्वारा आठ ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराने की पुष्टि की है, जबकि ईरान ने दक्षिण-पश्चिमी शहर अंदिमेश्क के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात के मद्देनजर अहवाज के शहीद बघाई अस्पताल से 211 मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। इस जंग का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर भी दिख रहा है। समुद्री व्यापार संस्था लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गैर-ईरानी जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 85.28 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
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    अमेरिका और ईरान के बीच जंग लगातार और भी खतरनाक होती जा रही है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर एक बार फिर बड़ा हमला किया है, जिसके बाद चाबहार, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, सीरिक, कोनारक, रास्क, खोंदाब, खुर्रमाबाद और सेमनान समेत कई शहरों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। पहली बार उत्तरी ईरान के कुछ इलाकों में भी धमाके हुए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, राजधानी तेहरान, पकदश्त और परचिन के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए थे। वहीं सेमनान एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को भी निशाना बनाया गया, हालांकि ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और सिर्फ एक शेड तथा टर्मिनल की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पहुंचाने वाली ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से बढ़ रहे एक ईरानी ऑयल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे रोकने और दो अन्य जहाजों का रास्ता बदलने का भी दावा किया है।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी खाड़ी मुल्कों में हमले तेज कर दिए हैं। ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के तहत कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक, कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर अमेरिकी रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर संचार प्रणाली और रडार ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। इस बीच, जॉर्डन ने अपनी वायुसेना द्वारा आठ ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराने की पुष्टि की है, जबकि ईरान ने दक्षिण-पश्चिमी शहर अंदिमेश्क के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात के मद्देनजर अहवाज के शहीद बघाई अस्पताल से 211 मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। इस जंग का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर भी दिख रहा है। समुद्री व्यापार संस्था लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गैर-ईरानी जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 85.28 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Teacher सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • दिल्ली के बेर सराय में पुलिस की खुली गुंडागर्दी देखने को मिली है, जहां चालान के नाम पर एक बाइक सवार को थप्पड़ मारना बेहद शर्मनाक है। पुलिस के इस शर्मनाक रवैये पर मौके पर ही मौजूद वकील साहब ने पुलिसकर्मियों की बिल्कुल सही क्लास लगाई।
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    दिल्ली के बेर सराय में पुलिस की खुली गुंडागर्दी देखने को मिली है, जहां चालान के नाम पर एक बाइक सवार को थप्पड़ मारना बेहद शर्मनाक है। पुलिस के इस शर्मनाक रवैये पर मौके पर ही मौजूद वकील साहब ने पुलिसकर्मियों की बिल्कुल सही क्लास लगाई।
    user_Nirmal Kumar
    Nirmal Kumar
    Voice of people महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
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