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मिस्टर एक्स द्वारा बनाई गई एक शॉर्ट फिल्म, जिसका शीर्षक 'सुहागरात' है, उसमें उनकी पत्नी मंजुलेका को दिखाया गया है। यह फिल्म मिस्टर एक्स और उनकी पत्नी मंजुलेका के इर्द-गिर्द घूमती है।
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मिस्टर एक्स द्वारा बनाई गई एक शॉर्ट फिल्म, जिसका शीर्षक 'सुहागरात' है, उसमें उनकी पत्नी मंजुलेका को दिखाया गया है। यह फिल्म मिस्टर एक्स और उनकी पत्नी मंजुलेका के इर्द-गिर्द घूमती है।
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- पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र के चंडासी गांव में निर्मित विश्व की सबसे बड़ी 108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा और भव्य मंदिर परिसर में मंगलवार को प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। श्रद्धा, आस्था और उत्साह से भरे इस ऐतिहासिक आयोजन में संपतचक, गौरीचक, पुनपुन, फतुहा समेत आसपास के सैकड़ों गांवों से 20 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। इनमें लगभग 11 हजार महिलाओं, युवतियों और कन्याओं ने अपने सिर पर कलश रखकर यात्रा में भाग लिया। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर लगभग छह किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पुनपुन नदी तट पहुंची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में जल भरा गया, जिसके बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे और विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई, जबकि हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे, धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और शिव भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई, और बड़ी संख्या में लोग नंगे पांव यात्रा में शामिल हुए। आयोजन समिति एवं स्थानीय लोगों ने पूरे मार्ग पर पानी का छिड़काव करवाया और जगह-जगह शरबत, पेयजल व जलपान की व्यवस्था की। मंदिर परिसर पहुंचने पर श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन भी उपलब्ध कराया गया। लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह भव्य धार्मिक परिसर कई वर्षों की सतत मेहनत और जनसहयोग का परिणाम है, जिसके निर्माण में बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों के अनुभवी कारीगरों और शिल्पकारों ने योगदान दिया है। 108 फीट की अर्धनारीश्वर प्रतिमा (आधार सहित कुल 143 फीट) के अलावा, परिसर में भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की विशाल प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं, जो इसे देश ही नहीं, बल्कि विश्व की सबसे बड़ी अर्धनारीश्वर प्रतिमा बनाती हैं। मंदिर परिसर में 17 जून से 25 जून तक 1008 हवन कुंडों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न तीर्थस्थलों और धार्मिक संस्थानों से पहुंचे लगभग एक हजार विद्वान ब्राह्मण एवं आचार्य शामिल हो रहे हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश से आए वैदिक विद्वानों की है। इस दौरान पूरे यज्ञ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में 'हर-हर महादेव' टीम के सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं, जो श्रद्धालुओं की सेवा, यज्ञशाला की व्यवस्था, भोजन, आवास, पेयजल और यातायात संचालन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आयोजन समिति के प्रमुख एवं समाजसेवी शत्रुंजय कुमार सिंह उर्फ सातों सिंह मुखिया ने बताया कि यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, जनसहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक भी है, और आने वाले दिनों में यह बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। कलश यात्रा और महायज्ञ को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे, जिसके तहत गौरीचक थानाध्यक्ष सुमन कुमार और अपर थानाध्यक्ष रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने लगातार कलश यात्रा के साथ रहकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा और मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी की ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन समिति के अनुसार, 26 जून को वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच अर्धनारीश्वर, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय सहित मंदिर परिसर में स्थापित सभी प्रतिमाओं का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।2
- पटना के फतुहा स्थित आशीष मैरेज हॉल में सोमवार को भाजपा संगठन जिला बाढ़ के तत्वावधान में विकसित भारत सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन जिलाध्यक्ष शैलेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुआ, जिसका संचालन महामंत्री गजेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद और बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने विकसित भारत संकल्प को दोहराते हुए नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मोदी सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं। इस दौरान, सांसद रविशंकर प्रसाद ने भाजपा समर्थक राम स्वार्थ प्रसाद को भाजपा का सक्रिय सदस्य बनाकर सम्मानित भी किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाजपा के प्रदेश महामंत्री सरोज रंजन पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सिंह, जिला प्रभारी धर्मेंद्र कुमार, विकास गोल्डी यादव, कुंवर विजय पासवान, राणा राजेंद्र पासवान, मुन्ना सिंह, अरविंद यादव, शोभा देवी, प्रतिमा पांडेय, भाजपा नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, सुनील वर्मा सहित सैकड़ों भाजपा नेता, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।4
- जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में किसी भी स्थानीय कलाकार का कोई पता उपलब्ध नहीं है।1
- एक वीडियो सामने आया है जिसमें राष्ट्रीय गान की धुन पर एक पाकिस्तानी व्यक्ति को झूमते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पूरा घटनाक्रम दर्शाता है।1
- 15 जून 2026 को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार की प्रदेश टीम, अपने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में, लोक भवन में बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त, पीवीएसएम, एवीएसएम, यूवाईएसएम, एसएम, वीएसएम) से मिली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार के पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों को राज्यपाल महोदय के समक्ष प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार के सदस्य, पूर्व सैनिक शैलेश कुमार धीरज भी उपस्थित थे।1
- बिहार में एक विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसे राज्य की सबसे बड़ी कलश यात्रा बताया जा रहा है। चंदासी में आयोजित इस यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं की कतार 15 किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई।1
- जगदेव के अनुसार, जो व्यक्ति अपने माता-पिता को छोड़कर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं, वे ही 'असली ढोंगी' हैं। इस विचार को विस्तार से जानने के लिए 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखें।1
- बिहार के चंदासी में राज्य की सबसे बड़ी कलश यात्रा का आयोजन किया गया है। इस भव्य यात्रा में कुल पचास हज़ार कलश शामिल हुए, जिसे बिहार की अब तक की सबसे विशाल कलश यात्रा बताया जा रहा है।1
- चंडासी गाँव में स्थित 108 फीट ऊँचे अर्धनारीश्वर मंदिर में एक विशाल महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। इस भव्य महायज्ञ की शुरुआत एक कलश यात्रा के साथ हुई, जिसे भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम बताया गया है। इस दौरान 'हर हर महादेव' का जयघोष किया गया।1