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कालाअंब के दवा उद्योग में ईडी की रेड, सुबह से दस्तावेज खंगाल रहे अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने कालाअंब स्थित समय फार्मा उद्योग में दबिश देकर जांच शुरू की। अधिकारी सुबह से ही उद्योग परिसर में मौजूद हैं और विभिन्न दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड को खंगालने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई और टीम ने तड़के उद्योग परिसर में पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय लेन-देन, कंपनी से संबंधित दस्तावेज, खातों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच का दायरा हिमाचल तक सीमित नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय समेत हिमाचल प्रदेश में कंपनी से जुड़े ठिकानों पर भी जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक कार्रवाई के पूरे कारणों और जांच के निष्कर्षों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को कथित टैक्स चोरी और हवाला से जुड़े मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ईडी की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंसी किन वित्तीय अनियमितताओं या लेन-देन की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिरमौर के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी हड़कंप मच गया। कालाअंब में बड़ी संख्या में दवा और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। ऐसे में केंद्रीय जांच एजेंसी की इस कार्रवाई को उद्योग जगत में गंभीरता से देखा जा रहा है। इस संबंध में एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा अपनी कार्रवाई आमतौर पर गुप्त तरीके से की जाती है। इसलिए कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकती है। फिलहाल ईडी की टीम द्वारा उद्योग परिसर में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच जारी बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है और जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं,

1 hr ago
user_सिरमौरी न्यूज
सिरमौरी न्यूज
नाहन, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
1 hr ago

कालाअंब के दवा उद्योग में ईडी की रेड, सुबह से दस्तावेज खंगाल रहे अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने कालाअंब स्थित समय फार्मा उद्योग में दबिश देकर जांच शुरू की। अधिकारी सुबह से ही उद्योग परिसर में मौजूद हैं और विभिन्न दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड को खंगालने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई और टीम ने तड़के उद्योग परिसर में पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय लेन-देन, कंपनी से संबंधित दस्तावेज, खातों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच का दायरा हिमाचल तक सीमित नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय समेत हिमाचल प्रदेश में कंपनी से जुड़े ठिकानों पर भी जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक कार्रवाई के पूरे कारणों और जांच के निष्कर्षों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को कथित टैक्स चोरी और हवाला से जुड़े मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ईडी की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंसी किन वित्तीय अनियमितताओं या लेन-देन की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिरमौर के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी हड़कंप मच गया। कालाअंब में बड़ी संख्या में दवा और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। ऐसे में केंद्रीय जांच एजेंसी की इस कार्रवाई को उद्योग जगत में गंभीरता से देखा जा रहा है। इस संबंध में एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा अपनी कार्रवाई आमतौर पर गुप्त तरीके से की जाती है। इसलिए कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकती है। फिलहाल ईडी की टीम द्वारा उद्योग परिसर में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच जारी बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है और जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं,

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  • *खेड़ी लक्खा सिंह मे आयोजित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह जी AICC महासचिव एवं सांसद कुमारी शैलजा जी ने ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन में शिरकत की.*
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    *खेड़ी लक्खा सिंह मे आयोजित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह जी AICC महासचिव एवं सांसद कुमारी शैलजा जी ने ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन में शिरकत की.*
    user_FAST MEDIA HEADLINES
    FAST MEDIA HEADLINES
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • यमुनानगर में हुए कांग्रेस अधिवेशन में सिरसा सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार को लिया आड़े हाथों । प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार को सुनाई खरी खोटी! यमुनानगर में हुए कांग्रेस अधिवेशन में सिरसा सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार को लिया आड़े हाथों । प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार को सुनाई खरी खोटी!
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    यमुनानगर में हुए कांग्रेस अधिवेशन में सिरसा सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार को लिया आड़े हाथों । प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार को सुनाई खरी खोटी!
यमुनानगर में हुए कांग्रेस अधिवेशन में सिरसा सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार को लिया आड़े हाथों । प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार को सुनाई खरी खोटी!
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    21 hrs ago
  • प्रेस नोट कोरोना में ‘योद्धा’ कहकर सम्मानित किए, आज उन्हीं सफाईकर्मियों की आवाज क्यों अनसुनी? : चित्रा सरवारा ‘स्वच्छ भारत’ की फोटो-रिलीज नहीं, सफाई योद्धाओं के अधिकार और सुरक्षा की गारंटी दे सरकार:- चित्रा सरवारा अंबाला छावनी:- सफाई, सीवर एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होकर वरिष्ठ नेत्री चित्रा सरवारा ने कर्मचारियों की मांगों और उनके संघर्ष के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए सरकार से सख्ती के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी भयभीत थे, तब सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों को स्वच्छ रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उस समय सरकार और उसके प्रतिनिधियों ने इन्हें कोरोना योद्धा और स्वच्छता के अग्रिम प्रहरी बताते हुए सम्मानित किया था, लेकिन आज जब यही कर्मचारी अपने अधिकारों, रोजगार की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती क्यों बरती जा रही है।इस अवसर पर चित्रा ने सभी सफाई कर्मचारी भाई व बहनों के बीच मे बैठकर लंगर भी खाया और उनकी सारी माँगो को सुनते हुए कहा की हम इसका एक ज्ञापन बनाकर सरकार को भी जल्द ही देगें। चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को इस विरोधाभास का जवाब देना चाहिए कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों के साहस और सेवाभाव की प्रशंसा की गई, आज उन्हीं कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी शहर की व्यवस्था का मामूली हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम के बिना स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को केवल हड़ताल अथवा कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय उन वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए, जिन्होंने उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लगभग 24-25 मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने इनमें से कुछ मांगों को स्वीकार करने के बाद मुख्य मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। नियमितीकरण, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जुड़ी समस्याओं, पूर्व में किए गए समझौतों को लागू करने, सेवा सुरक्षा, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे मूलभूत सवालों का स्थायी समाधान अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की प्रत्येक मांग पर स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए, ताकि बार-बार आंदोलन की नौबत ही न आए। चित्रा सरवारा ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ का नारा केवल झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जब स्वच्छता अभियानों में झाड़ू हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, तब उन्हें उन सफाई कर्मचारियों का भी स्मरण करना चाहिए जो बिना किसी दिखावे के प्रतिदिन गंदगी, कूड़े, सीवर और संक्रमण के बीच काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत तभी वास्तव में स्वच्छ भारत बनेगा, जब स्वच्छता का काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन भी सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों को केवल समारोहों में सम्मानित करने या प्रशस्ति पत्र देने के बजाय उनके जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना होगा। सीवर और सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने अनेक बार जान का जोखिम पैदा होता है। जहरीली गैस, असुरक्षित सीवर, संक्रमण और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार को जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए। किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाने के बाद मुआवजे की औपचारिकता पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है; सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे कर्मचारी काम करते समय सुरक्षित रहें और उनके परिवार का भविष्य भी संरक्षित रहे। चित्रा सरवारा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लड़ाई केवल वेतन या नौकरी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और सम्मानजनक जीवन का जो अधिकार प्रत्येक नागरिक को दिया, उसकी वास्तविक कसौटी यही है कि समाज के सबसे कठिन और जोखिम भरे काम करने वाले व्यक्ति को सरकार कितना सम्मान और सुरक्षा देती है। उन्होंने सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘समरसता पखवाड़े’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समरसता का संदेश वास्तव में सरकार की नीयत और नीति का हिस्सा है तो सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करने से बेहतर इसकी मिसाल और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि समरसता केवल मंचों से भाषण देने, समारोह आयोजित करने अथवा नारे लगाने से स्थापित नहीं होती। समाज के उस वर्ग को सम्मान और अधिकार देना, जो वर्षों से दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करता आया है, ही वास्तविक समरसता है। यदि सरकार और मुख्यमंत्री का समरसता का संदेश सच्चा है तो सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान इस संदेश की सबसे बड़ी और सार्थक मिसाल होगी। चित्रा सरवारा ने धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि शहर में बढ़ती गंदगी तथा प्रभावित होती सफाई व्यवस्था चिंता का विषय है। इसके लिए केवल सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं तो सरकार और प्रशासन को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद कायम करके ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को उनका अधिकार भी मिले और शहर की सफाई व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए। नोटिस देने, वेतन रोकने या काटने अथवा किसी भी प्रकार का दबाव बनाने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। लोकतांत्रिक सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह असहमति की आवाज को कितनी गंभीरता से सुनती है और संवाद के माध्यम से उसका समाधान किस प्रकार करती है। चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को पूर्व में कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को लागू करना चाहिए और जिन मांगों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है, उन पर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। नियमितीकरण के प्रश्न पर ठोस नीति बनाई जाए, HKRN से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए तथा सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवन एवं दुर्घटना बीमा और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। इस अवसर पर टीम चित्रा सरवारा की ओर से आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया। चित्रा सरवारा ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग केवल सहायता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संघर्ष में भागीदारी और उनके प्रति संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वे अपनी जायज मांगों की लड़ाई से पीछे न हटें। जब तक उनकी मूल और न्यायसंगत मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं होता, टीम चित्रा सरवारा उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर उनके सभी पार्षद भी मौजूद रहे। चित्रा सरवारा ने कहा कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों को सरकार ने योद्धा बताया, उनके सम्मान का वास्तविक अर्थ आज उनके अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि केवल उनके चरण धोने, माला पहनाने, प्रशस्ति पत्र देने या सम्मान समारोह आयोजित करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उन कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों की वास्तविक गारंटी देनी होगी। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ भारत की झाड़ू लेकर फोटो और रील बनाने से स्वच्छता का दायित्व पूरा नहीं होता। स्वच्छ भारत का वास्तविक चेहरा वह सफाई कर्मचारी है, जो हर सुबह अपने हाथों में झाड़ू लेकर हमारे शहर को साफ करने निकलता है। सरकार को फोटो और प्रचार से आगे बढ़कर उसके अधिकार और सुरक्षा की चिंता करनी होगी।” चित्रा सरवारा ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह उनकी आवाज सुने और समाधान निकाले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकार सख्ती नहीं, सुनवाई करे; दमन नहीं, संवाद करे। कोरोना काल के इन कर्मयोद्धाओं के सम्मान को केवल शब्दों और समारोहों तक सीमित न रखे, बल्कि उनके अधिकारों को जमीन पर लागू करे।” उन्होंने कहा कि आज जब सरकार ‘समरसता पखवाड़ा’ मना रही है, तब सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करना ही समरसता की सबसे बड़ी परीक्षा है। यदि सरकार वास्तव में सामाजिक समरसता, सम्मान और समानता के अपने संकल्प को धरातल पर उतारना चाहती है तो उसे सफाई कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र, सम्मानजनक और स्थायी समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य रूप से पार्षद रणजीत कुमार सोनू गुज्जर,जीवन कुमार,संदीप शर्मा दीपी,नीलम कश्यप,राहुल सोनकर वीरू,पूर्व पार्षद सुरेश त्रेहन,गगन डांग,जय धीमान,नरेंद्र शाह,अविनाश कुमार,विजय गूम्बर,वरुण करण आनंद,मनदीप कौर,विशेष धीमान,अजय पहलवान,कमलजीत,सुरिंदर लोहट दलीपगढ़,राजकुमार सुंदरनगर,आशीष शर्मा,मोंटी ढिल्लोंड,आदित्य गोयल,गुरकिरपाल सिंह जस्सल,सुरजीत लाली सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं साथी उपस्थित रहे।
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    प्रेस नोट
कोरोना में ‘योद्धा’ कहकर सम्मानित किए, आज उन्हीं सफाईकर्मियों की आवाज क्यों अनसुनी? : चित्रा सरवारा

‘स्वच्छ भारत’ की फोटो-रिलीज नहीं, सफाई योद्धाओं के अधिकार और सुरक्षा की गारंटी दे सरकार:-  चित्रा सरवारा

अंबाला छावनी:- सफाई, सीवर एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होकर वरिष्ठ नेत्री चित्रा सरवारा ने कर्मचारियों की मांगों और उनके संघर्ष के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए सरकार से सख्ती के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी भयभीत थे, तब सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों को स्वच्छ रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उस समय सरकार और उसके प्रतिनिधियों ने इन्हें कोरोना योद्धा और स्वच्छता के अग्रिम प्रहरी बताते हुए सम्मानित किया था, लेकिन आज जब यही कर्मचारी अपने अधिकारों, रोजगार की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती क्यों बरती जा रही है।इस अवसर पर चित्रा ने सभी सफाई कर्मचारी भाई व बहनों के बीच मे बैठकर लंगर भी खाया और उनकी सारी माँगो को सुनते हुए कहा की हम इसका एक ज्ञापन बनाकर सरकार को भी जल्द ही देगें।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को इस विरोधाभास का जवाब देना चाहिए कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों के साहस और सेवाभाव की प्रशंसा की गई, आज उन्हीं कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी शहर की व्यवस्था का मामूली हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम के बिना स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को केवल हड़ताल अथवा कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय उन वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए, जिन्होंने उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर किया है।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लगभग 24-25 मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने इनमें से कुछ मांगों को स्वीकार करने के बाद मुख्य मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। नियमितीकरण, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जुड़ी समस्याओं, पूर्व में किए गए समझौतों को लागू करने, सेवा सुरक्षा, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे मूलभूत सवालों का स्थायी समाधान अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की प्रत्येक मांग पर स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए, ताकि बार-बार आंदोलन की नौबत ही न आए।

चित्रा सरवारा ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ का नारा केवल झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जब स्वच्छता अभियानों में झाड़ू हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, तब उन्हें उन सफाई कर्मचारियों का भी स्मरण करना चाहिए जो बिना किसी दिखावे के प्रतिदिन गंदगी, कूड़े, सीवर और संक्रमण के बीच काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत तभी वास्तव में स्वच्छ भारत बनेगा, जब स्वच्छता का काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन भी सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-संपन्न होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों को केवल समारोहों में सम्मानित करने या प्रशस्ति पत्र देने के बजाय उनके जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना होगा। सीवर और सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने अनेक बार जान का जोखिम पैदा होता है। जहरीली गैस, असुरक्षित सीवर, संक्रमण और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार को जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए। किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाने के बाद मुआवजे की औपचारिकता पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है; सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे कर्मचारी काम करते समय सुरक्षित रहें और उनके परिवार का भविष्य भी संरक्षित रहे।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लड़ाई केवल वेतन या नौकरी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और सम्मानजनक जीवन का जो अधिकार प्रत्येक नागरिक को दिया, उसकी वास्तविक कसौटी यही है कि समाज के सबसे कठिन और जोखिम भरे काम करने वाले व्यक्ति को सरकार कितना सम्मान और सुरक्षा देती है।

उन्होंने सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘समरसता पखवाड़े’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समरसता का संदेश वास्तव में सरकार की नीयत और नीति का हिस्सा है तो सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करने से बेहतर इसकी मिसाल और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि समरसता केवल मंचों से भाषण देने, समारोह आयोजित करने अथवा नारे लगाने से स्थापित नहीं होती। समाज के उस वर्ग को सम्मान और अधिकार देना, जो वर्षों से दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करता आया है, ही वास्तविक समरसता है। यदि सरकार और मुख्यमंत्री का समरसता का संदेश सच्चा है तो सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान इस संदेश की सबसे बड़ी और सार्थक मिसाल होगी।

चित्रा सरवारा ने धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि शहर में बढ़ती गंदगी तथा प्रभावित होती सफाई व्यवस्था चिंता का विषय है। इसके लिए केवल सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं तो सरकार और प्रशासन को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद कायम करके ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को उनका अधिकार भी मिले और शहर की सफाई व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए। नोटिस देने, वेतन रोकने या काटने अथवा किसी भी प्रकार का दबाव बनाने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। लोकतांत्रिक सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह असहमति की आवाज को कितनी गंभीरता से सुनती है और संवाद के माध्यम से उसका समाधान किस प्रकार करती है।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को पूर्व में कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को लागू करना चाहिए और जिन मांगों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है, उन पर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। नियमितीकरण के प्रश्न पर ठोस नीति बनाई जाए, HKRN से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए तथा सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवन एवं दुर्घटना बीमा और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।

इस अवसर पर टीम चित्रा सरवारा की ओर से आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया। चित्रा सरवारा ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग केवल सहायता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संघर्ष में भागीदारी और उनके प्रति संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वे अपनी जायज मांगों की लड़ाई से पीछे न हटें। जब तक उनकी मूल और न्यायसंगत मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं होता, टीम चित्रा सरवारा उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर उनके सभी पार्षद भी मौजूद रहे।

चित्रा सरवारा ने कहा कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों को सरकार ने योद्धा बताया, उनके सम्मान का वास्तविक अर्थ आज उनके अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि केवल उनके चरण धोने, माला पहनाने, प्रशस्ति पत्र देने या सम्मान समारोह आयोजित करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उन कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों की वास्तविक गारंटी देनी होगी।

उन्होंने कहा कि “स्वच्छ भारत की झाड़ू लेकर फोटो और रील बनाने से स्वच्छता का दायित्व पूरा नहीं होता। स्वच्छ भारत का वास्तविक चेहरा वह सफाई कर्मचारी है, जो हर सुबह अपने हाथों में झाड़ू लेकर हमारे शहर को साफ करने निकलता है। सरकार को फोटो और प्रचार से आगे बढ़कर उसके अधिकार और सुरक्षा की चिंता करनी होगी।”

चित्रा सरवारा ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह उनकी आवाज सुने और समाधान निकाले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकार सख्ती नहीं, सुनवाई करे; दमन नहीं, संवाद करे। कोरोना काल के इन कर्मयोद्धाओं के सम्मान को केवल शब्दों और समारोहों तक सीमित न रखे, बल्कि उनके अधिकारों को जमीन पर लागू करे।”

उन्होंने कहा कि आज जब सरकार ‘समरसता पखवाड़ा’ मना रही है, तब सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करना ही समरसता की सबसे बड़ी परीक्षा है। यदि सरकार वास्तव में सामाजिक समरसता, सम्मान और समानता के अपने संकल्प को धरातल पर उतारना चाहती है तो उसे सफाई कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र, सम्मानजनक और स्थायी समाधान करना चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य रूप से पार्षद रणजीत कुमार सोनू गुज्जर,जीवन कुमार,संदीप शर्मा दीपी,नीलम कश्यप,राहुल सोनकर वीरू,पूर्व पार्षद सुरेश त्रेहन,गगन डांग,जय धीमान,नरेंद्र शाह,अविनाश कुमार,विजय गूम्बर,वरुण करण आनंद,मनदीप कौर,विशेष धीमान,अजय पहलवान,कमलजीत,सुरिंदर लोहट दलीपगढ़,राजकुमार सुंदरनगर,आशीष शर्मा,मोंटी ढिल्लोंड,आदित्य गोयल,गुरकिरपाल सिंह जस्सल,सुरजीत लाली सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं साथी उपस्थित रहे।
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    31 min ago
  • प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो एक्शन तो वन विभाग कार्यालय हुआ सील! #Ambala #AmbalaNews #AmbalaCity #NagarNigamAmbala #Tax #TaxRecovery #ForestDepartment #HaryanaNews #BreakingNews प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो एक्शन तो वन विभाग कार्यालय हुआ सील! #Ambala #AmbalaNews #AmbalaCity #NagarNigamAmbala #Tax #TaxRecovery #ForestDepartment #HaryanaNews #BreakingNews
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    प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो एक्शन तो वन विभाग कार्यालय हुआ सील!
#Ambala #AmbalaNews #AmbalaCity #NagarNigamAmbala #Tax #TaxRecovery #ForestDepartment #HaryanaNews #BreakingNews
प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो एक्शन तो वन विभाग कार्यालय हुआ सील!
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    user_N R Rahul Jakhar
    N R Rahul Jakhar
    Local News Reporter अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी का सरकार से अनुरोध,, धान की ख़रीद 15 सितंबर से शुरू करें और जो राईस मिलर वालो की मांग है वो भी जायज़ है करिपया सरकार उनकी बात पर ध्यान दे किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी का सरकार से अनुरोध,, धान की ख़रीद 15 सितंबर से शुरू करें और जो राईस मिलर वालो की मांग है वो भी जायज़ है करिपया सरकार उनकी बात पर ध्यान दे
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    किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी का सरकार से अनुरोध,, धान की 
ख़रीद 15 सितंबर से शुरू करें और जो राईस मिलर वालो की मांग है वो भी जायज़ है करिपया सरकार उनकी बात पर ध्यान दे 
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी का सरकार से अनुरोध,, धान की 
ख़रीद 15 सितंबर से शुरू करें और जो राईस मिलर वालो की मांग है वो भी जायज़ है करिपया सरकार उनकी बात पर ध्यान दे
    user_Dharamvir Singh
    Dharamvir Singh
    Shahbad, Kurukshetra•
    2 hrs ago
  • मंडी समिति के खंडहर के पास चेकिंग में दो युवक गिरफ्तार, दोनों के कब्जे से अवैध चाकू बरामद, आर्म्स एक्ट में केस सहारनपुर में मंडी थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को अवैध चाकू रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब दो बजे मंडी समिति के पीछे स्थित खंडहर के पास की गई।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर जिले में अवैध असलहों की तस्करी, बिक्री और उनके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंडी थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोककर तलाशी ली तो उनके पास से दो चाकू बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    मंडी समिति के खंडहर के पास चेकिंग में दो युवक गिरफ्तार, दोनों के कब्जे से अवैध चाकू बरामद, आर्म्स एक्ट में केस
सहारनपुर में मंडी थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को अवैध चाकू रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब दो बजे मंडी समिति के पीछे स्थित खंडहर के पास की गई।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर जिले में अवैध असलहों की तस्करी, बिक्री और उनके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंडी थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोककर तलाशी ली तो उनके पास से दो चाकू बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नाहन में अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अवैध खोखे और रैंप हटाए  सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वीरवार को नगर परिषद, प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया।कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर लगाए गए अवैध खोखे और अस्थायी ढांचों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क किनारे बनाए गए अवैध रैंप को भी जेसीबी की मदद से तोड़ा गया।अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लंबे समय से खड़े कबाड़नुमा और खतरनाक वाहनों को भी हटाया गया। इन वाहनों को ट्रकों में लोड कर मौके से बाहर भेजा गया।प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़क किनारे मौजूद संभावित खतरों को दूर करना है।कार्रवाई के दौरान एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान और नगर परिषद के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार सहित पुलिस, नगर परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और सड़क किनारे जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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    नाहन में अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अवैध खोखे और रैंप हटाए 
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वीरवार को नगर परिषद, प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया।कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर लगाए गए अवैध खोखे और अस्थायी ढांचों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क किनारे बनाए गए अवैध रैंप को भी जेसीबी की मदद से तोड़ा गया।अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लंबे समय से खड़े कबाड़नुमा और खतरनाक वाहनों को भी हटाया गया। इन वाहनों को ट्रकों में लोड कर मौके से बाहर भेजा गया।प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़क किनारे मौजूद संभावित खतरों को दूर करना है।कार्रवाई के दौरान एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान और नगर परिषद के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार सहित पुलिस, नगर परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और सड़क किनारे जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    user_सिरमौरी न्यूज
    सिरमौरी न्यूज
    नाहन, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • यमुनानगर के खेड़ी लक्खा सिंह में हुआ कांग्रेस अधिवेशन! ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुज्जर ने किया सभी का धन्यवाद और साथ ही मौजूदा सरकार को घेरा,जमकर कसे तंज !! यमुनानगर के खेड़ी लक्खा सिंह में हुआ कांग्रेस अधिवेशन! ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुज्जर ने किया सभी का धन्यवाद और साथ ही मौजूदा सरकार को घेरा,जमकर कसे तंज !!
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    यमुनानगर के खेड़ी लक्खा सिंह में हुआ कांग्रेस अधिवेशन! ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुज्जर ने किया सभी का धन्यवाद और साथ ही मौजूदा सरकार को घेरा,जमकर कसे तंज !!
यमुनानगर के खेड़ी लक्खा सिंह में हुआ कांग्रेस अधिवेशन! ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुज्जर ने किया सभी का धन्यवाद और साथ ही मौजूदा सरकार को घेरा,जमकर कसे तंज !!
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    22 hrs ago
  • 95 साल की उम्र में एक बुजुर्ग महिला ने हाई स्कूल ट्रैक मीट में पहुंचकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हाथ में पोल और चेहरे पर जोश लिए उन्होंने ट्रैक पर कदम रखा। अमेरिकी झंडे वाली टी-शर्ट और स्पोर्ट्स शॉर्ट्स में उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। उम्र को मात देता उनका उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया।
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    95 साल की उम्र में एक बुजुर्ग महिला ने हाई स्कूल ट्रैक मीट में पहुंचकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हाथ में पोल और चेहरे पर जोश लिए उन्होंने ट्रैक पर कदम रखा। अमेरिकी झंडे वाली टी-शर्ट और स्पोर्ट्स शॉर्ट्स में उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। उम्र को मात देता उनका उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया।
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    43 min ago
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