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मांडल उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, जिसके कारण वहां आने वाले मरीजों को गंदगी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Dev karan Mali
मांडल उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, जिसके कारण वहां आने वाले मरीजों को गंदगी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- शाहपुरा नगर में 23 जून 2026 मंगलवार को सुबह 9.15 बजे महेश नवमी के उपलक्ष्य में एक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा शाहपुरा माहेश्वरी समाज द्वारा निकाली गई थी, जिसका नेतृत्व भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी ने किया। भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक बजरंग सिंह राणावत, नगर महामंत्री जितेंद्र पाराशर, राजाराम पोरवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश मारू, कार्यक्रम सहसंयोजक नवल सोनी, मोहन गुर्जर, गोपाल घूसर, शांतिलाल मामोडिया, देवेंद्र सिंह गहलोत, मंत्री मुकेश माली, राजेंद्र बोहरा, लादूराम खटीक, प्रेमचंद मीणा, गजराज खटीक, शारदा सोनी, मिथिलेश राणावत और राधा बोहरा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।2
- बड़लियास में तहसील स्तरीय महेश नवमी महोत्सव का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कोटड़ी तहसील के विभिन्न गांवों से माहेश्वरी समाज के बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। महोत्सव से पूर्व भगवान महेश की एक भव्य शोभायात्रा बड़लियास कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसका विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया और अतिथियों व समाजबंधुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान महेश के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिला प्रतिनिधि राजेंद्र पोरवाल, महेंद्र काकाणी, रामकिशन सोनी, प्रहलाद नुवाल, मुरलीधर काबरा और रामकृष्ण पोरवाल सहित विभिन्न गांवों के समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे। तहसील अध्यक्ष महावीर काबरा (पारोली), बड़लियास माहेश्वरी सभा अध्यक्ष महावीर काबरा (बड़लियास), पूर्व तहसील अध्यक्ष शिवनारायण काबरा, कैलाश मंत्री और सी.पी. नामधराणी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित थे। समारोह के दौरान समाज के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर समाज का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप ईनाणी ने किया। इस अवसर पर सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि वर्ष 2027 का तहसील स्तरीय महेश नवमी महोत्सव कोटड़ी में आयोजित किया जाएगा। अंत में, माहेश्वरी समाज की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।4
- मांडल उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, जिसके कारण वहां आने वाले मरीजों को गंदगी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बनेड़ा तहसील के कुंडिया कला गांव में स्थित सरकारी तालाब पर 2 साल पहले बनाई गई नहर के गेट को तोड़ने का प्रयास किया गया। यह कोशिश कथित तौर पर चोरी के इरादे से की गई थी।2
- केंद्र सरकार एक ओर जहाँ स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं भीलवाड़ा के मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज यहाँ स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी है, और इसके आसपास जमा कीचड़ तथा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। परिसर में जगह-जगह उगी कंटीली झाड़ियाँ, फैला कचरा और घूमते आवारा पशु भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की ऐसी स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब क्षेत्रवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर आखिर कब तक पर्दा डाला जाएगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने और प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।4
- पूर्व डीजीपी और वर्तमान गोविंदाचार्य जैसे वरिष्ठ व्यक्तियों द्वारा एक घटना पर गंभीर सवाल उठाए जाने के बाद, उसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। यह स्वाभाविक प्रश्न है कि यदि संबंधित व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ और उस समय निहत्था था, तो उस पर गोली चलाने का निर्णय किन परिस्थितियों में और किसके आदेश पर लिया गया। जनता जानना चाहती है कि क्या इस घटना में सभी वैकल्पिक उपाय अपनाए गए थे और क्या बल प्रयोग ही अंतिम विकल्प बचा था। इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब केवल एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से ही मिल सकते हैं, क्योंकि न्याय का अर्थ केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि हर कार्रवाई का उचित और कानूनी औचित्य भी जनता के सामने प्रस्तुत करना है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा नगर में 23 जून 2026 मंगलवार को प्रातः 9:15 बजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नगर मंडल ने महेश नवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। शाहपुरा माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा पर, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी के नेतृत्व में पार्टी के सदस्यों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक बजरंग सिंह राणावत, नगर महामंत्री जितेंद्र पाराशर और राजाराम पोरवाल सहित पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश मारू मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, कार्यक्रम सहसंयोजक नवल सोनी, मोहन गुर्जर, गोपाल घूसर, शांतिलाल मामोडिया, देवेंद्र सिंह गहलोत, मंत्री मुकेश माली, राजेंद्र बोहरा, लादूराम खटीक, प्रेमचंद मीणा, गजराज खटीक, शारदा सोनी, मिथिलेश राणावत और राधा बोहरा जैसे कई सदस्य भी उपस्थित रहे।2
- मंगलवार सुबह करीब 8 बजे शहर के कोटा बाईपास स्थित टंकी के बालाजी के पास आलू से भरा एक ट्रोला अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रोले में लदी आलू की बोरियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटना में ट्रोले के चालक को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, यह ट्रोला अजमेर की ओर से भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी की तरफ आ रहा था। टंकी के बालाजी के निकट अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रोला सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला, जिसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रोले को सीधा कराया गया। यह हादसा एक बार फिर कोटा बाईपास पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि सुबह के समय यातायात कम होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन यदि यह दुर्घटना व्यस्त समय में होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।1