*एमसीबी जिले की पुरातात्विक धरोहरों को सहेजने संग्रहालय की आवश्यकतार - डॉ. विनोद पांडेय* *रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न* *जिला पुरातत्व संघों के गठन, दायित्वों और विरासत संरक्षण में उनकी भूमिका पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* छत्तीसगढ़ शासन के पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, रायपुर के तत्वावधान में “जिला पुरातत्व संघों के निर्माण एवं कार्य विधियां” विषय पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्व संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों तथा पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण में उनकी भूमिका को स्पष्ट करना था। कार्यशाला के दौरान पुरातत्व, संग्रहालय प्रबंधन एवं विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से जिला पुरातत्व संघ के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर.एन. विश्वकर्मा, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ तथा राहुल सिंह, प्रमुख धरोहर परियोजना (बायोडायवर्सिटी एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च) उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुरातत्व विभाग के उप संचालक पी.सी. पारख भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पुरातत्व संघ के समन्वयक सदस्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय ने परिचर्चा में भाग लेते हुए जिले में पुरातत्व संघ के गठन तथा जिले के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में स्थित घाघरा का शिव मंदिर, सीतामढ़ी हरचौका, धवलपुर की गढ़ी, छिपछिपी में विष्णु की प्रतिमा, रॉक पेंटिंग तथा बरतुंगा का सती मंदिर महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहरें हैं। इन स्थलों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी उन्होंने जानकारी दी। डॉ. पांडेय ने कहा कि जिले की समृद्ध पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संरक्षित रखने के लिए जिले में एक संग्रहालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है, जिससे इन अमूल्य धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में विभाग द्वारा पुरातात्विक नियमों एवं संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी सभी सदस्यों को दी गई। कार्यशाला में प्रभात कुमार सिंह, डॉ. मोहन साहू, डॉ. विनय तिवारी, वृषोत्तम साहू, प्रवीण तिर्की, अमर भारद्वाज सहित छत्तीसगढ़ के 25 जिलों से आए पुरातत्व संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
*एमसीबी जिले की पुरातात्विक धरोहरों को सहेजने संग्रहालय की आवश्यकतार - डॉ. विनोद पांडेय* *रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न* *जिला पुरातत्व संघों के गठन, दायित्वों और विरासत संरक्षण में उनकी भूमिका पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* छत्तीसगढ़ शासन के पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, रायपुर के तत्वावधान में “जिला पुरातत्व संघों के निर्माण एवं कार्य विधियां” विषय पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्व संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों
तथा पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण में उनकी भूमिका को स्पष्ट करना था। कार्यशाला के दौरान पुरातत्व, संग्रहालय प्रबंधन एवं विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से जिला पुरातत्व संघ के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर.एन. विश्वकर्मा, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ तथा राहुल सिंह, प्रमुख धरोहर परियोजना (बायोडायवर्सिटी एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च) उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुरातत्व विभाग के उप संचालक पी.सी. पारख भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के
पुरातत्व संघ के समन्वयक सदस्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय ने परिचर्चा में भाग लेते हुए जिले में पुरातत्व संघ के गठन तथा जिले के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में स्थित घाघरा का शिव मंदिर, सीतामढ़ी हरचौका, धवलपुर की गढ़ी, छिपछिपी में विष्णु की प्रतिमा, रॉक पेंटिंग तथा बरतुंगा का सती मंदिर महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहरें हैं। इन स्थलों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी उन्होंने जानकारी दी। डॉ. पांडेय ने कहा कि जिले की समृद्ध
पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संरक्षित रखने के लिए जिले में एक संग्रहालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है, जिससे इन अमूल्य धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में विभाग द्वारा पुरातात्विक नियमों एवं संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी सभी सदस्यों को दी गई। कार्यशाला में प्रभात कुमार सिंह, डॉ. मोहन साहू, डॉ. विनय तिवारी, वृषोत्तम साहू, प्रवीण तिर्की, अमर भारद्वाज सहित छत्तीसगढ़ के 25 जिलों से आए पुरातत्व संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
- कोयला तस्करी मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार1
- इस दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह अपने दल-बल के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर निकलीं और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी या नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए समझाइश भी दी गई। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी तथा झगराखांड थाना प्रभारी रामनयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि शहर में ट्रैफिक समस्या काफी पुरानी है और कई लोग बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस टीम शहर के मुख्य मार्गों पर चेकिंग अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक अपने वाहनों पर अनिवार्य रूप से नंबर प्लेट लगवाएं और सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।4
- बेटियों की सेहत और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव1
- जनकपुर:-आप को बता दें कि कल दोपहर लगभग 3:30 बजे शहडोल रोड बिहारी टायर के पास अचानक अज्ञात ट्रक के नीचे आ जाने से एक बंदर की दर्दनाक मौत।2
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क....... फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- वीडियो बनाकर सशस्त्र सीमा बल में तैनात पत्नी और उसके लवर सहित ससुराल वालों को ठहराया जिम्मेदार !1
- सरगुजा मैनपाट में हाथियों का आतंक मचाया उत्पात1